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कौशाम्बी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र के तरसौरा गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ मोबाइल चार्ज करते समय करंट लगने से एक दिव्यांग व्यक्ति की मौत हो गई। इस आकस्मिक मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
Journalist Shubham Pandey
कौशाम्बी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र के तरसौरा गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ मोबाइल चार्ज करते समय करंट लगने से एक दिव्यांग व्यक्ति की मौत हो गई। इस आकस्मिक मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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- सूरत में चल रही ऑटो रिक्शा चालकों की हड़ताल के कारण गुजरात सरकार को एक अहम फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ा है। इस विरोध प्रदर्शन के बाद, गुजरात सरकार ने ऑटो रिक्शा के किराए में बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया है।1
- कौशांबी के मंझनपुर स्थित एक पावर हाउस में कर्मचारियों की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया गया कि पावर हाउस के कर्मचारियों ने रात 11 बजे बिजली आपूर्ति बंद कर दी और कूलर चलाकर चैन की नींद सो गए। इस दौरान, पावर हाउस का सीयूजी नंबर भी बंद कर दिया गया था, जिससे प्रभावित फीडर के लोग रातभर बिजली न होने के कारण परेशान रहे। रात 2 बजे, उमेश नाम का एक युवक पावर हाउस पहुंचा तो उसने देखा कि वहां बिजली होने के बावजूद सभी कर्मचारी सो रहे थे। युवक ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाया और उसे वायरल कर दिया। युवक ने इस मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की ग्राम सभा मुहर में गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि पूरे ग्राम सभा में भ्रष्टाचार फैला हुआ है और प्रधान अपनी मनमानी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सरकार द्वारा अंत्येष्टि भवन के निर्माण के लिए जारी किए गए पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है। दावा किया गया है कि अंत्येष्टि भवन के नाम पर लाखों रुपये का गबन कर लिया गया है, जिससे सरकारी धन का गलत इस्तेमाल हो रहा है।2
- कौशाम्बी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत खिजिरपुर कैलई उर्फ इमली गांव में शुक्रवार शाम एक महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। मृतक महिला की पहचान मनीता देवी के रूप में हुई है, जो दशरथ लाल की पत्नी थीं। घटना के समय मनीता देवी अपने पति को गोडा में खाना देने जा रही थीं। कथित तौर पर अज्ञात लोगों ने उनका गला दबाकर हत्या कर दी। परिजनों ने इस घटना के लिए अज्ञात व्यक्तियों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले का अनावरण करने और दोषियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है।1
- कौशांबी में टेवां से ओसा होते हुए मंझनपुर तक बनाए गए राम वन गमन मार्ग (NH-731A) का निर्माण होने के कुछ ही महीनों बाद इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस आरसीसी सड़क पर दरारें उभरने लगी हैं, जिससे इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। जिस सड़क को वर्षों तक मजबूत रहने और यातायात का भार सहने के लिए बनाया गया था, वह शुरुआती चरण में ही कमजोर होती दिख रही है। सड़क पर आई ये दरारें केवल तकनीकी खामी नहीं हैं, बल्कि पूरे निर्माण तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी नई सड़क इतनी जल्दी क्यों क्षतिग्रस्त हो रही है। क्या निर्माण सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं थी, क्या गुणवत्ता की जांच केवल कागजों तक ही सीमित रही, या फिर निर्माण कार्य में जल्दबाजी और लापरवाही बरती गई? जनता इन सवालों के जवाब जानना चाहती है। विडंबना यह है कि विकास कार्यों के नाम पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जब ऐसी परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं तो जिम्मेदारी तय करने वाला कोई नजर नहीं आता। यदि सड़क का यह हाल कुछ ही महीनों में है, तो आने वाले वर्षों में इसकी स्थिति क्या होगी, इसका अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में मरम्मत और पुनर्निर्माण के नाम पर सरकारी धन फिर खर्च किया जाएगा, जबकि मूल निर्माण की गुणवत्ता पर कभी गंभीरता से सवाल नहीं उठाए जाएंगे। यह मुद्दा केवल सड़क में आई दरारों तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक धन के उपयोग, निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही और सरकारी निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता से भी जुड़ा है। जनता यह जानना चाहती है कि इस सड़क के निर्माण में कितनी लागत आई, निर्माण किस ठेकेदार द्वारा कराया गया और कार्य की गुणवत्ता की जांच किन अधिकारियों ने की थी। यदि सड़क समय से पहले क्षतिग्रस्त हो रही है, तो उसकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। ऐसे में, पूरे निर्माण कार्य की एक स्वतंत्र और उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की आवश्यकता है। सड़क की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और भुगतान से संबंधित सभी पहलुओं की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए, और यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मानकों की अनदेखी या वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, अभियंताओं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। यह केवल एक सड़क का नहीं, बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये का सवाल है।1
- कौशांबी के मनौरी बाजार में 29 मई को एक वृहद भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन नवनिर्मित मंदिर में भगवान शिव जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर किया गया था। मनौरी बाजार के व्यापारियों और ग्रामवासियों द्वारा किए गए इस भव्य कार्यक्रम के दौरान शिव बारात भी निकाली गई। ग्राम प्रधान कुबेर केसरवानी ने इस अवसर पर कहा कि यह नवनिर्मित मंदिर सभी ग्रामवासियों की देन है और सभी का सहयोग अतुलनीय रहा। यह नवनिर्मित मंदिर चरवा रोड पर मनौरी ट्रांसफार्मर के पीछे स्थित है।1
- कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में एक कथित पत्रकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पांडे मऊ गांव निवासी रिंकू राज नामक इस कथित पत्रकार पर आरोप है कि वह एक हिस्ट्रीशीटर को संरक्षण दे रहा था और एक पीड़िता से मामले में कार्रवाई कराने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। पीड़िता के अनुसार, कथित पत्रकार हिस्ट्रीशीटर के पक्ष में स्थानीय स्तर पर दबाव बनाने का काम भी कर रहा था। इन आरोपों को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा है, और ये बातें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- कौशाम्बी जिले में कुदरत के कहर से एक दुखद हादसा हुआ, जहाँ मंगल पासी के घर पर नीम का पेड़ गिरने से उनकी पत्नी, बेटे और बेटी सहित तीन लोगों की जान चली गई। यह घटना उस समय हुई जब परिवार के सदस्य घर में सो रहे थे। भाजपा नगर पालिका अध्यक्ष बीरेंद्र सरोज फौजी ने इस घटना का संज्ञान लेते ही तुरंत पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और जिलाधिकारी अमित पाल से बात कर दैवीय आपदा राहत कोष से पीड़ित परिवार को भुगतान कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, अध्यक्ष ने एक निजी अस्पताल में भर्ती 7 वर्षीय आकाश से भी मुलाकात की, जिसका इलाज चल रहा है।1