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बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड क्षेत्र में अफीम की खेती किए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड क्षेत्र में अफीम की खेती किए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने इस संबंध में कई तमाम जानकारियों को साझा किया है.. और क्या कुछ कहा सुनिए..

1 hr ago
user_Vijay Singh
Vijay Singh
बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड क्षेत्र में अफीम की खेती किए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड क्षेत्र में अफीम की खेती किए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने इस संबंध में कई तमाम जानकारियों को साझा किया है.. और क्या कुछ कहा सुनिए..

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  • बलरामपुर ब्रेकिंग वाड्राफनगर के मोहाली रोड पर सुबह दो ट्रकों की भीषण टक्कर हो गई। टक्कर के बाद एक ट्रक में आग लग गई और वह धू-धू कर जलने लगा। ट्रक के अंदर फंसे ड्राइवर की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के समय दमकल वाहन मौके पर समय पर नहीं पहुंच सका। मामला बसंतपुर थाना क्षेत्र का है, पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है।
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    बलरामपुर ब्रेकिंग 
वाड्राफनगर के मोहाली रोड पर सुबह दो ट्रकों की भीषण टक्कर हो गई।
टक्कर के बाद एक ट्रक में आग लग गई और वह धू-धू कर जलने लगा।
ट्रक के अंदर फंसे ड्राइवर की जलकर दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के समय दमकल वाहन मौके पर समय पर नहीं पहुंच सका।
मामला बसंतपुर थाना क्षेत्र का है, पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • बलरामपुर में फिर उजागर हुई अफीम की खेती: दूरस्थ पंचायतों में बाहरी लोगों का नेटवर्क, जांच की मांग तेज बलरामपुर। जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस बार मामला करौंदा थाना क्षेत्र के तुरा पानी पंचायत का है, जहां पहाड़ियों की तराई में बसे एक सुदूर गांव में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिली है। यह गांव झारखंड सीमा से महज करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है और यहां तक पहुंचना भी काफी मुश्किल माना जाता है। बताया जा रहा है कि यह गांव पूरी तरह ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र में आता है, जहां आज तक विकास की खास पहुंच नहीं है। यहां के लोगों को आज भी सड़क, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। इसी दूरस्थता और प्रशासनिक पहुंच की कमी का फायदा उठाकर बाहरी क्षेत्र से आए कुछ लोगों ने ग्रामीणों को झांसे में लेकर जमीन लीज पर ली और वहां अफीम की खेती शुरू कर दी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि उनके इलाके में अफीम की खेती की जा रही है। आसपास के खेतों में काम करने वाले किसानों ने बताया कि जिन लोगों ने खेती की थी, उन्होंने इसे मसाले की फसल बताकर लगाया था। खेत के बगल में गेहूं की खेती करने वाले एक किसान ने बताया कि “हमें तो आज तक पता ही नहीं था कि यह अफीम है। उसने हमें बताया था कि यह कोई मसाले की खेती है।” ग्रामीणों का आरोप है कि भोले-भाले आदिवासियों को बहला-फुसलाकर उनकी जमीन लीज पर ली गई और उसके बाद बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की गई। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में बाहरी लोगों का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है, जो दूर-दराज के इलाकों को निशाना बनाकर अवैध खेती करा रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में बलरामपुर जिले के समरी थाना क्षेत्र में भी अवैध अफीम की खेती को लेकर कार्रवाई की गई थी। उस कार्रवाई में भी बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे नष्ट किए गए थे। अब करौंदा थाना क्षेत्र के तुरा पानी पंचायत में इसी तरह का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि यदि इन मामलों की बारीकी से जांच की जाए तो संभव है कि अलग-अलग क्षेत्रों में सामने आए इन मामलों के पीछे एक ही गिरोह या नेटवर्क का हाथ हो। सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर ऐसे लोग लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हों, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन इन सभी मामलों को जोड़कर व्यापक स्तर पर जांच करे, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर अवैध अफीम की खेती का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाई जाए और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में भोले-भाले ग्रामीणों को इस तरह के अवैध कामों में इस्तेमाल न किया जा सके।
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    बलरामपुर में फिर उजागर हुई अफीम की खेती: दूरस्थ पंचायतों में बाहरी लोगों का नेटवर्क, जांच की मांग तेज
बलरामपुर। जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस बार मामला करौंदा थाना क्षेत्र के तुरा पानी पंचायत का है, जहां पहाड़ियों की तराई में बसे एक सुदूर गांव में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिली है। यह गांव झारखंड सीमा से महज करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है और यहां तक पहुंचना भी काफी मुश्किल माना जाता है।
बताया जा रहा है कि यह गांव पूरी तरह ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र में आता है, जहां आज तक विकास की खास पहुंच नहीं है। यहां के लोगों को आज भी सड़क, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। इसी दूरस्थता और प्रशासनिक पहुंच की कमी का फायदा उठाकर बाहरी क्षेत्र से आए कुछ लोगों ने ग्रामीणों को झांसे में लेकर जमीन लीज पर ली और वहां अफीम की खेती शुरू कर दी।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि उनके इलाके में अफीम की खेती की जा रही है। आसपास के खेतों में काम करने वाले किसानों ने बताया कि जिन लोगों ने खेती की थी, उन्होंने इसे मसाले की फसल बताकर लगाया था। खेत के बगल में गेहूं की खेती करने वाले एक किसान ने बताया कि “हमें तो आज तक पता ही नहीं था कि यह अफीम है। उसने हमें बताया था कि यह कोई मसाले की खेती है।”
ग्रामीणों का आरोप है कि भोले-भाले आदिवासियों को बहला-फुसलाकर उनकी जमीन लीज पर ली गई और उसके बाद बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की गई। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में बाहरी लोगों का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है, जो दूर-दराज के इलाकों को निशाना बनाकर अवैध खेती करा रहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में बलरामपुर जिले के समरी थाना क्षेत्र में भी अवैध अफीम की खेती को लेकर कार्रवाई की गई थी। उस कार्रवाई में भी बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे नष्ट किए गए थे। अब करौंदा थाना क्षेत्र के तुरा पानी पंचायत में इसी तरह का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि यदि इन मामलों की बारीकी से जांच की जाए तो संभव है कि अलग-अलग क्षेत्रों में सामने आए इन मामलों के पीछे एक ही गिरोह या नेटवर्क का हाथ हो। सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर ऐसे लोग लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हों, इससे इनकार नहीं किया जा सकता।
अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन इन सभी मामलों को जोड़कर व्यापक स्तर पर जांच करे, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर अवैध अफीम की खेती का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाई जाए और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में भोले-भाले ग्रामीणों को इस तरह के अवैध कामों में इस्तेमाल न किया जा सके।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • Post by Sunil singh
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    Post by Sunil singh
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    Ranka, Garhwa•
    19 hrs ago
  • निदेशक श्री धर्मेंद्र देव ने किया सम्मानित
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    निदेशक श्री धर्मेंद्र देव ने किया सम्मानित
    user_Shital vishwakarma
    Shital vishwakarma
    पत्रकार बिश्नुनपुर, गढवा•
    2 hrs ago
  • झारखंड में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल। मुख्यमंत्री @hemantsorenjmm जी के नेतृत्व में पुलिस विभाग को आज 636 चार पहिया और 849 दो पहिया नई गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इन नए वाहनों के शामिल होने से पुलिस की त्वरित कार्रवाई क्षमता बढ़ेगी एवं राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। @jharkhand_police @kalpanamurmusoren
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    झारखंड में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल। मुख्यमंत्री @hemantsorenjmm जी के नेतृत्व में पुलिस विभाग को आज 636 चार पहिया और 849 दो पहिया नई गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इन नए वाहनों के शामिल होने से पुलिस की त्वरित कार्रवाई क्षमता बढ़ेगी एवं राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। @jharkhand_police @kalpanamurmusoren
    user_Active line News
    Active line News
    Court reporter गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • न्यूज स्क्रिप्ट: अंबिकापुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 5 गोधनपुर में बिजली विभाग की लापरवाही से वार्डवासी लंबे समय से अघोषित बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं। कभी ट्रांसफार्मर खराब होने का बहाना बनाया जाता है तो कभी केबल खराब होने की बात कहकर बिजली आपूर्ति घंटों बंद कर दी जाती है। लगातार हो रही इस समस्या से आम लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में बार-बार बिजली गुल होने से वार्डवासियों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। फिलहाल बिजली विभाग के कर्मचारी खराब केबल को बदलने का काम कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर इतनी बड़ी समस्या को पहले क्यों नहीं सुधारा गया। बिजली विभाग की लापरवाही और लेटलतीफी का खामियाजा आखिर कब तक आम जनता भुगतती रहेगी? अब देखना होगा कि केबल बदलने के बाद वार्ड क्रमांक 5 गोधनपुर की बिजली व्यवस्था में कितना सुधार होता है या फिर वार्डवासियों को इसी तरह अघोषित कटौती से जूझना पड़ेगा। — हिमांशु राज वाइस ब्यूरो चीफ, एमडी न्यूज़ अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)7805838076
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    न्यूज स्क्रिप्ट:
अंबिकापुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 5 गोधनपुर में बिजली विभाग की लापरवाही से वार्डवासी लंबे समय से अघोषित बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं। कभी ट्रांसफार्मर खराब होने का बहाना बनाया जाता है तो कभी केबल खराब होने की बात कहकर बिजली आपूर्ति घंटों बंद कर दी जाती है।
लगातार हो रही इस समस्या से आम लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में बार-बार बिजली गुल होने से वार्डवासियों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।
फिलहाल बिजली विभाग के कर्मचारी खराब केबल को बदलने का काम कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर इतनी बड़ी समस्या को पहले क्यों नहीं सुधारा गया। बिजली विभाग की लापरवाही और लेटलतीफी का खामियाजा आखिर कब तक आम जनता भुगतती रहेगी?
अब देखना होगा कि केबल बदलने के बाद वार्ड क्रमांक 5 गोधनपुर की बिजली व्यवस्था में कितना सुधार होता है या फिर वार्डवासियों को इसी तरह अघोषित कटौती से जूझना पड़ेगा।
— हिमांशु राज
वाइस ब्यूरो चीफ, एमडी न्यूज़
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)7805838076
    user_Himanshu raj
    Himanshu raj
    Social Media Manager अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • करौंदा थाना में अफीम का हुआ खुलासा न्यायालय निर्माण पर जेल भेजा गया सभी अपराधी को
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    करौंदा थाना में अफीम का हुआ खुलासा न्यायालय निर्माण पर जेल भेजा गया सभी अपराधी को
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने बुधवार देर रात में प्रदेश में अफीम की खेती होने का खुलासा किया है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कल देर रात ये जानकारी देते हुए लिखा कि बलरामपुर जिले में एक और खेत में अफीम मिली है। उन्होंने बताया कि करौंधा के पास खजुरी पंचायत में डेढ़ एकड़ भूमि पर अफीम की खेती की गई है। टी.एस. सिंहदेव ने अधिक विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि खजुरी के तुर्रीपनी में लगभग दो एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे लहलहा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे संबंधित तस्वीर बुधवार शाम चार बजे की है, जिसमें अफीम के पौधे स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आना बेहद चिंताजनक है।
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    छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने बुधवार देर रात में प्रदेश में अफीम की खेती होने का खुलासा किया है।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कल देर रात ये जानकारी देते हुए लिखा कि बलरामपुर जिले में एक और खेत में अफीम मिली है। उन्होंने बताया कि करौंधा के पास खजुरी पंचायत में डेढ़ एकड़ भूमि पर अफीम की खेती की गई है।
टी.एस. सिंहदेव ने अधिक विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि खजुरी के तुर्रीपनी में लगभग दो एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे लहलहा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे संबंधित तस्वीर बुधवार शाम चार बजे की है, जिसमें अफीम के पौधे स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने  कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आना बेहद चिंताजनक है।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • Post by Santosh.singj
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    Post by Santosh.singj
    user_Santosh.singj
    Santosh.singj
    चैनपुर, पलामू, झारखंड•
    5 hrs ago
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