कन्नौज के कस्बा ठठिया में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मुहर्रम के अवसर पर अकीदत और पारंपरिक श्रद्धा के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। "या हुसैन" की सदाओं और मातमी माहौल के बीच यह ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जिसमें अमन और शांति का माहौल बना रहा। जुलूस के दौरान पूरे कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद रही। ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार पुलिस बल के साथ लगातार भ्रमण करते रहे और हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए रखी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई, जिससे पूरा जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होता रहा। आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम 6 बजे शुरू हुआ यह ताजिया जुलूस विभिन्न मार्गों से होकर देर रात तक चलता रहा। रात करीब 12 बजे के बाद, ताजिया को कर्बला में पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और अकीदत के साथ दफन (सुपुर्द-ए-खाक) किया जाएगा। इस दौरान रिजवान, सानू, गुड्डू, लल्ला, शमीम बकील, फैयाज, रानू, हनीफ, मुईन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कन्नौज के कस्बा ठठिया में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मुहर्रम के अवसर पर अकीदत और पारंपरिक श्रद्धा के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। "या हुसैन" की सदाओं और मातमी माहौल के बीच यह ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जिसमें अमन और शांति का माहौल बना रहा। जुलूस के दौरान पूरे कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद रही। ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार पुलिस बल के साथ लगातार भ्रमण करते रहे और हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए रखी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई, जिससे पूरा जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होता रहा। आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम 6 बजे शुरू हुआ यह ताजिया जुलूस विभिन्न मार्गों से होकर देर रात तक चलता रहा। रात करीब 12 बजे के बाद, ताजिया को कर्बला में पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और अकीदत के साथ दफन (सुपुर्द-ए-खाक) किया जाएगा। इस दौरान रिजवान, सानू, गुड्डू, लल्ला, शमीम बकील, फैयाज, रानू, हनीफ, मुईन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
- कन्नौज जिले के ठठिया थाना क्षेत्र के खग्गापुरवा गांव में शुक्रवार दोपहर एक छप्पर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण आग में एक बकरी की मौत हो गई, जबकि घरेलू उपयोग का करीब ₹35 हजार मूल्य का सामान जलकर राख हो गया। जानकारी के अनुसार, खग्गापुरवा निवासी मनोज कुमार पुत्र घसीटेलाल के मकान के बाहर बना यह छप्पर परिवार के बैठने और आराम करने के लिए उपयोग में लाया जाता था। शुक्रवार दोपहर अचानक लगी आग ने देखते ही देखते पूरे छप्पर को अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के प्रयास में मनोज कुमार की पत्नी अनीता देवी भी झुलस गईं। आग में एक बकरी, पंखा, चारपाई, कपड़े, रजाई-गद्दे सहित अन्य घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे पीड़ित परिवार को करीब ₹35 हजार का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आग आसपास के मकानों तक फैलने से बच गई। घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन कर अपनी रिपोर्ट तैयार की। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।2
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- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के बिलग्राम में आठ मोहर्रम के मौके पर कुदरती आलम वाली गली से हुसैनी ताज़िया बड़े अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। यह ताज़िया नमाज़-ए-ईशा के बाद बबलू मिस्त्री के मकान से उठाया गया, जिसका आगाज़ बादशाह हुसैन वस्ती की सरपरस्ती में हुआ। इस अवसर पर इमाम हुसैन की याद में विशेष रूप से नौहा-ख्वानी और नातिया कलाम पेश किए गए। नातिया कलाम अनवार हुसैन द्वारा प्रस्तुत किए गए, जबकि नौहा-ख्वानी में शजर हुसैन, हाफ़िज़ अयान, हाफ़िज़ अदनान, हाफ़िज़ असर, काशिफ, ओसामा और नूरेन समेत कई हुसैनियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ताज़िया का यह जुलूस मोहल्ला मैदानपुरा, कटरा हैदराबाद और आस्ताना नसीरिया से होकर अपने गंतव्य पर पहुँचा। इस पूरे कार्यक्रम का समापन सलातो-सलाम के साथ हुआ, जहाँ इमाम हुसैन के बताए हुए रास्ते पर चलने और देशवासियों की सलामती व खुशहाली के लिए विशेष दुआएँ माँगी गईं। इस मौके पर मोहम्मद रईस मियां एडवोकेट की ओर से तबर्रुक के तौर पर शर्बत का वितरण किया गया और उपस्थित सभी लोगों में तबर्रुक तकसीम किया गया। इस भावपूर्ण कार्यक्रम में माज़ू मिस्त्री, राशिद, सईद, दीदार, रिहान, सुफियान, अयान, सलीम, निगरिश, इशरत, वकार और सलमान सहित बड़ी संख्या में हुसैनी मौजूद रहे।4
- कानपुर के बिल्हौर स्थित जी.टी. रोड पर जूनियर हाईस्कूल प्रांगण में श्री बाँके बिहारी सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के पंचम दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। इस दौरान कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान श्रीराम की दिव्य लीलाओं का रसपान किया। कथा व्यास पूज्य जगद्गुरु श्रीमद् हरि प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, संस्कार और सदाचार पर आधारित प्रेरणादायी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भागवत एवं श्रीमद्भगवद्गीता के प्रसंगों का सस्वर गायन करते हुए कहा कि कलियुग में भगवान के नाम, गुण और लीलाओं का स्मरण ही मानव जीवन के कल्याण का सर्वोत्तम मार्ग है। महाराज श्री ने श्रीरामचरितमानस की चौपाई "गुरुगृह पढ़न गए रघुराई, अल्पकाल विद्या सब आई" का भावार्थ समझाते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला, यह भी बताया कि स्वयं भगवान श्रीराम ने भी गुरु आश्रम में शिक्षा ग्रहण कर समाज को आदर्श शिक्षा का संदेश दिया। कथा के दौरान गंगा अवतरण, भगवान वामन और राजा बलि के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया, जिससे त्याग, समर्पण और धर्मनिष्ठा का संदेश प्रवाहित हुआ। वहीं, पुष्प वाटिका में श्रीराम और माता सीता के प्रथम मिलन, धनुष यज्ञ तथा सीता-राम विवाह के प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर हो गए। उन्होंने चौपाई "प्रात काल उठि कै रघुनाथा, मातु पिता गुरु नावहि माथा" का उल्लेख करते हुए माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान को भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान बताया। साथ ही, सात्विक आहार और शुद्ध जीवनशैली अपनाने का आह्वान भी किया, जिससे मन, विचार और आचरण पवित्र होते हैं तथा ईश्वर की कृपा सहज रूप से प्राप्त होती है। इस कथा महोत्सव में अवधेश त्रिवेदी, अखिलेश अग्निहोत्री, राजीव शुक्ला, हरिओम सिंह भदौरिया, सुमित गुप्ता, अमित मिश्रा, अनिल पाण्डेय, विशाल चतुर्वेदी, राजीव त्रिपाठी, राजेश त्रिपाठी, नन्द किशोर शुक्ला, पंकज शुक्ला, सुनील शर्मा, रिंकू अग्निहोत्री, डॉ. संजय त्रिपाठी, अनिल यादव, नवले मिश्र, राजकुमार सिंह भदौरिया, अजयकान्त बाजपेई सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान कथा स्थल भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा।4
- उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत हरदोई-उन्नाव मार्ग पर स्थित हरियाली पेट्रोल पंप के पास आज शुक्रवार शाम करीब 6:00 बजे एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, बेटा मुजावर थाना क्षेत्र के मतूंकरी गांव निवासी 23 वर्षीय तत्वीर अली पुत्र फरजान अली और 34 वर्षीय रफीक पुत्र पीरगुलाम किसी काम से हाफिजाबाद गांव गए थे, और वापस अपने गांव लौटते समय यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और घटना की जाँच पड़ताल में जुट गई है।1
- छिबरामऊ के रहने वाले एक वीर जवान ने सीमा पर देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीद हो गए। इस वीर जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे छिबरामऊ में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस हृदय विदारक क्षण में शहीद जवान की मां का रो-रोकर बुरा हाल था।1
- मोहर्रम पर्व के दृष्टिगत, कानपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक ने जनपद औरैया का भ्रमण किया। अपने दौरे के दौरान, उन्होंने एक बाइट भी दी।1
- कन्नौज के कस्बा ठठिया में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मुहर्रम के अवसर पर अकीदत और पारंपरिक श्रद्धा के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। "या हुसैन" की सदाओं और मातमी माहौल के बीच यह ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जिसमें अमन और शांति का माहौल बना रहा। जुलूस के दौरान पूरे कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद रही। ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार पुलिस बल के साथ लगातार भ्रमण करते रहे और हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए रखी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई, जिससे पूरा जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होता रहा। आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम 6 बजे शुरू हुआ यह ताजिया जुलूस विभिन्न मार्गों से होकर देर रात तक चलता रहा। रात करीब 12 बजे के बाद, ताजिया को कर्बला में पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और अकीदत के साथ दफन (सुपुर्द-ए-खाक) किया जाएगा। इस दौरान रिजवान, सानू, गुड्डू, लल्ला, शमीम बकील, फैयाज, रानू, हनीफ, मुईन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1