logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

2 hrs ago
user_Gfhh Hn
Gfhh Hn
शमा, बागेश्वर, उत्तराखंड•
2 hrs ago

More news from उत्तराखंड and nearby areas
  • चम्पावत: निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण किया #thepublicmatter #viralnewsupdate #latestnews
    1
    चम्पावत:  निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण किया #thepublicmatter #viralnewsupdate #latestnews
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    Journalist चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • चंपावत: सीमांत गांव नीड़ में आधी रात पहुंचे जिलाधिकारी, संवेदनशील प्रशासन की लगातार मिसाल बनते जा रहे मनीष कुमार। दिव्यांग बुजुर्ग की आंखें नम, गांव में भजन-भोजन के साथ बांटी खुशियां। चंपावत। मॉडल जिले के दूरस्थ सीमांत गांव नीड़ में लोगों के जीवन में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक और भावुक क्षण देखने को मिला, जब स्वयं जिलाधिकारी मनीष कुमार रात्रि में गांव पहुंचकर ग्रामीणों का हाल-चाल जानने निकले। मुख्यमंत्री के सीमांत क्षेत्र भ्रमण के बाद भी जिलाधिकारी ने समय का पूरा सदुपयोग करते हुए देर रात कई गांवों का दौरा किया और सीधे जनता से संवाद स्थापित किया। गांव की दिव्यांग एवं वृद्ध परू आमा की आंखें उस समय भर आईं, जब जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्वयं उनके कान में सुनने की मशीन लगाई और हाल-चाल पूछा। यह क्षण न केवल परू आमा के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए भावनात्मक बन गया। आमा ने जिलाधिकारी को ढेरों आशीर्वाद देते हुए ईश्वर से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों के बीच बैठकर भजन गाते हुए जिलाधिकारी ने कहा, “मैं भी आप ही की तरह एक किसान का बेटा हूं, जीवन के हर संघर्ष से गुजरा हूं। आपकी तकलीफें दूर करना ही हमारा कर्तव्य है।” यह सुनते ही गांव में मानो ऊर्जा की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने कहा कि “जिलाधिकारी हों तो ऐसे, जो जनता के बीच जाकर उनके दर्द को महसूस करें।” दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने दोनों अन्य स्थानों पर सुनने की मशीन, व्हीलचेयर और कंबल वितरित किए। उन्होंने कहा कि जिन घरों में वृद्ध माता-पिता, सास-ससुर हैं वे वास्तव में भाग्यशाली हैं, उनकी सेवा ही सच्ची सेवा है। साथ ही उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की अपील की। ग्रामीणों के साथ भोजन करते हुए डीएम ने कहा कि “आज आप सबके हाथों का भोजन-प्रसाद ग्रहण कर जो आनंद मिला है, वह अलौकिक है।” इस दौरान युवाओं ने गांव में लाइब्रेरी, सोलर स्ट्रीट लाइट, ओपन जिम और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि अब समस्याओं के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों तक पहुंचेगा। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का भावपूर्ण स्वागत किया। गरीबों के हमदर्द और संवेदनशील अधिकारी के रूप में पहचान बना चुके मनीष कुमार को देखने और उनसे मिलने की हर ग्रामीण की इच्छा साफ दिखाई दे रही थी।
    1
    चंपावत: सीमांत गांव नीड़ में आधी रात पहुंचे जिलाधिकारी, संवेदनशील प्रशासन की लगातार मिसाल बनते जा रहे मनीष कुमार।
दिव्यांग बुजुर्ग की आंखें नम, गांव में भजन-भोजन के साथ बांटी खुशियां।
चंपावत। मॉडल जिले के दूरस्थ सीमांत गांव नीड़ में लोगों के जीवन में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक और भावुक क्षण देखने को मिला, जब स्वयं जिलाधिकारी मनीष कुमार रात्रि में गांव पहुंचकर ग्रामीणों का हाल-चाल जानने निकले। मुख्यमंत्री के सीमांत क्षेत्र भ्रमण के बाद भी जिलाधिकारी ने समय का पूरा सदुपयोग करते हुए देर रात कई गांवों का दौरा किया और सीधे जनता से संवाद स्थापित किया।
गांव की दिव्यांग एवं वृद्ध परू आमा की आंखें उस समय भर आईं, जब जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्वयं उनके कान में सुनने की मशीन लगाई और हाल-चाल पूछा। यह क्षण न केवल परू आमा के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए भावनात्मक बन गया। आमा ने जिलाधिकारी को ढेरों आशीर्वाद देते हुए ईश्वर से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों के बीच बैठकर भजन गाते हुए जिलाधिकारी ने कहा,
“मैं भी आप ही की तरह एक किसान का बेटा हूं, जीवन के हर संघर्ष से गुजरा हूं। आपकी तकलीफें दूर करना ही हमारा कर्तव्य है।” यह सुनते ही गांव में मानो ऊर्जा की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने कहा कि “जिलाधिकारी हों तो ऐसे, जो जनता के बीच जाकर उनके दर्द को महसूस करें।”
दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने दोनों अन्य स्थानों पर सुनने की मशीन, व्हीलचेयर और कंबल वितरित किए। उन्होंने कहा कि जिन घरों में वृद्ध माता-पिता, सास-ससुर हैं वे वास्तव में भाग्यशाली हैं, उनकी सेवा ही सच्ची सेवा है। साथ ही उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की अपील की। ग्रामीणों के साथ भोजन करते हुए डीएम ने कहा कि “आज आप सबके हाथों का भोजन-प्रसाद ग्रहण कर जो आनंद मिला है, वह अलौकिक है।” इस दौरान युवाओं ने गांव में लाइब्रेरी, सोलर स्ट्रीट लाइट, ओपन जिम और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि अब समस्याओं के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों तक पहुंचेगा। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का भावपूर्ण स्वागत किया। गरीबों के हमदर्द और संवेदनशील अधिकारी के रूप में पहचान बना चुके मनीष कुमार को देखने और उनसे मिलने की हर ग्रामीण की इच्छा साफ दिखाई दे रही थी।
    user_पत्रकार Suri पंत
    पत्रकार Suri पंत
    Journalist Champawat, Uttarakhand•
    1 day ago
  • उत्तराखंड क्रांति दल जिंदाबाद — उत्तराखंड बचाओ, पहाड़ बसाओ का संकल्प देहरादून/रामनगर | उत्तराखंड की अस्मिता, पहचान और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई को एक बार फिर तेज करने का आह्वान करते हुए उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने प्रदेशवासियों से एकजुट होने की अपील की है। यूकेडी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की मूल भावनाओं और जनहित की सच्ची रक्षा केवल प्रदेश की एकमात्र प्रांतीय पार्टी यूकेडी ही कर सकती है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य निर्माण का सपना जिन उद्देश्यों के साथ देखा गया था, वे आज हाशिये पर चले गए हैं। पहाड़ से लगातार हो रहा पलायन, बढ़ती बेरोजगारी, प्राकृतिक संसाधनों की लूट, कमजोर भू-कानून और स्थानीय लोगों की उपेक्षा ने उत्तराखंड की जड़ों को कमजोर कर दिया है। ऐसे में एक बार फिर उसी संघर्षशील सोच को आगे बढ़ाने की जरूरत है, जिसने अलग राज्य की लड़ाई को अंजाम तक पहुँचाया था। यूकेडी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय दलों की नीतियाँ उत्तराखंड की भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं। प्रदेश की समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब सत्ता में ऐसी पार्टी हो जो केवल उत्तराखंड के हित को सर्वोपरि रखे। यूकेडी शुरू से ही मजबूत भू-कानून, मूल निवास, स्थानीय रोजगार, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और पहाड़ों के समग्र विकास की पक्षधर रही है। पार्टी ने “उत्तराखंड बचाओ, पहाड़ बसाओ” के नारे के साथ जनआंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया। नेताओं ने कहा कि गांवों को खाली होने से बचाना, युवाओं को रोजगार से जोड़ना, पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा की मजबूत व्यवस्था करना यूकेडी की प्राथमिकता है। साथ ही नदियों, जंगलों और खनिज संसाधनों पर बाहरी कब्जे को रोकना भी पार्टी के एजेंडे में प्रमुख है। यूकेडी कार्यकर्ताओं ने जनता से अपील की कि वे क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए आगे आएँ और उत्तराखंड की एकमात्र प्रांतीय पार्टी को मजबूत करें। उनका कहना है कि यदि आज भी उत्तराखंड की आवाज को मजबूती देनी है, तो यूकेडी के साथ चलना होगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने एक स्वर में कहा— “यूकेडी को लाना है, उत्तराखंड बचाना है, पुनः पहाड़ बसाना है।” कार्यक्रम का समापन “उत्तराखंड क्रांति दल जिंदाबाद” के गगनभेदी नारों के साथ किया गया।
    1
    उत्तराखंड क्रांति दल जिंदाबाद — उत्तराखंड बचाओ, पहाड़ बसाओ का संकल्प
देहरादून/रामनगर |
उत्तराखंड की अस्मिता, पहचान और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई को एक बार फिर तेज करने का आह्वान करते हुए उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने प्रदेशवासियों से एकजुट होने की अपील की है। यूकेडी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की मूल भावनाओं और जनहित की सच्ची रक्षा केवल प्रदेश की एकमात्र प्रांतीय पार्टी यूकेडी ही कर सकती है।
पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य निर्माण का सपना जिन उद्देश्यों के साथ देखा गया था, वे आज हाशिये पर चले गए हैं। पहाड़ से लगातार हो रहा पलायन, बढ़ती बेरोजगारी, प्राकृतिक संसाधनों की लूट, कमजोर भू-कानून और स्थानीय लोगों की उपेक्षा ने उत्तराखंड की जड़ों को कमजोर कर दिया है। ऐसे में एक बार फिर उसी संघर्षशील सोच को आगे बढ़ाने की जरूरत है, जिसने अलग राज्य की लड़ाई को अंजाम तक पहुँचाया था।
यूकेडी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय दलों की नीतियाँ उत्तराखंड की भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं। प्रदेश की समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब सत्ता में ऐसी पार्टी हो जो केवल उत्तराखंड के हित को सर्वोपरि रखे। यूकेडी शुरू से ही मजबूत भू-कानून, मूल निवास, स्थानीय रोजगार, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और पहाड़ों के समग्र विकास की पक्षधर रही है।
पार्टी ने “उत्तराखंड बचाओ, पहाड़ बसाओ” के नारे के साथ जनआंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया। नेताओं ने कहा कि गांवों को खाली होने से बचाना, युवाओं को रोजगार से जोड़ना, पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा की मजबूत व्यवस्था करना यूकेडी की प्राथमिकता है। साथ ही नदियों, जंगलों और खनिज संसाधनों पर बाहरी कब्जे को रोकना भी पार्टी के एजेंडे में प्रमुख है।
यूकेडी कार्यकर्ताओं ने जनता से अपील की कि वे क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए आगे आएँ और उत्तराखंड की एकमात्र प्रांतीय पार्टी को मजबूत करें। उनका कहना है कि यदि आज भी उत्तराखंड की आवाज को मजबूती देनी है, तो यूकेडी के साथ चलना होगा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने एक स्वर में कहा—
“यूकेडी को लाना है, उत्तराखंड बचाना है, पुनः पहाड़ बसाना है।”
कार्यक्रम का समापन “उत्तराखंड क्रांति दल जिंदाबाद” के गगनभेदी नारों के साथ किया गया।
    user_John Massih news reporter
    John Massih news reporter
    रामनगर, नैनीताल, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • *राजनगर में मिल्क प्लांट के खिलाफ भड़का किसान आंदोलन* 13वें दिन भी जारी धरना, कांग्रेस का तीखा हमला शक्तिफार्म । क्षेत्र के ग्राम राजनगर में प्रस्तावित मिल्क पाउडर एवं आइसक्रीम प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध अब उग्र रूप लेता जा रहा है। किसानों द्वारा शुरू किया गया धरना आज 13वें दिन भी जारी है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जिस भूमि पर प्लांट निर्माण किया जा रहा है, उस पर वे पिछले कई दशकों से खेती करते आ रहे हैं, और बिना उनकी सहमति जमीन पर परियोजना थोपना सरासर अन्याय है। धरना दे रहे ग्रामीणों ने बताया कि विवादित भूमि वर्ग-20 में दर्ज है, जो निरोध चंद्र व्यापारी, रतन मंडल, उपेंद्र नाथ मंडल एवं नित्यानंद मंडल के नाम पर अभिलेखों में दर्ज है। ऐसे में प्रशासन द्वारा इस भूमि को दुग्ध विभाग को सौंपना किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है। कांग्रेस का समर्थन, प्रशासन पर गंभीर आरोप किसानों के आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव नवतेज पाल सिंह, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य और पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठकर आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य ने प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा की, यह विकास नहीं, किसानों पर जबरन थोपा गया अन्याय है। सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए गरीब किसानों की जमीन छीनना चाहती है। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस सड़क से सदन तक इस लड़ाई को लड़ेगी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर किसानों की अनदेखी कर रही है और जनभावनाओं को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने बंगालियों को वर्ग 8 के तहत बसाया। बीजेपी उजाड़ने का कार्य कर रही है। समाजसेवी सुनील हालदार ने कहा की क्या पुनर्वास विभाग भारत सरकार ने उत्तराखंड राज्य सरकार को यह अधिकार दिया है, कि पट्टे की नियम शर्त के उल्लंघन करने पर पट्टा निरस्त कर राज्य सरकार के अधीन ले लिया जाए? अगर ऐसी कोई अधिनियम के तहत उत्तराखंड सरकार को कोई अधिकार दिया है तो उत्तराखंड राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। वहीं, दुग्ध विभाग के अधिकारी राजेश मेहता ने पूर्व में जानकारी देते हुए बताया था कि ग्राम राजनगर की लगभग पांच एकड़ भूमि को वर्ष 2023 में जिला प्रशासन द्वारा दुग्ध विभाग को हस्तांतरित किया गया था। इसी भूमि पर नाबार्ड की सहायता से मिल्क पाउडर एवं आइसक्रीम प्लांट की स्थापना की जा रही है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ , और प्रशासन की अगली कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। राजनगर का यह आंदोलन अब केवल जमीन का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि किसानों के अधिकार बनाम सरकारी फैसलों की लड़ाई बनता जा रहा । इस मौके पर विनय विश्वास,सुमिंदर यादव,सुर्य प्रताप सिंह,अमित सरकार,विश्वजीत सरकार,अमित मांझी,नारायण मिस्त्री,विभूति प्रसाद सहित दर्जनों लोग मौज़ूद थे।
    4
    *राजनगर में मिल्क प्लांट के खिलाफ भड़का किसान आंदोलन*
13वें दिन भी जारी धरना, कांग्रेस का तीखा हमला
शक्तिफार्म ।
क्षेत्र के ग्राम राजनगर में प्रस्तावित मिल्क पाउडर एवं आइसक्रीम प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध अब उग्र रूप लेता जा रहा है। किसानों द्वारा शुरू किया गया धरना आज 13वें दिन भी जारी है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जिस भूमि पर प्लांट निर्माण किया जा रहा है, उस पर वे पिछले कई दशकों से खेती करते आ रहे हैं, और बिना उनकी सहमति जमीन पर परियोजना थोपना सरासर अन्याय है। धरना दे रहे ग्रामीणों ने बताया कि विवादित भूमि वर्ग-20 में दर्ज है, जो निरोध चंद्र व्यापारी, रतन मंडल, उपेंद्र नाथ मंडल एवं नित्यानंद मंडल के नाम पर अभिलेखों में दर्ज है। ऐसे में प्रशासन द्वारा इस भूमि को दुग्ध विभाग को सौंपना किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है। कांग्रेस का समर्थन, प्रशासन पर गंभीर आरोप
किसानों के आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव नवतेज पाल सिंह, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य और पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठकर आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य ने प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा की, यह विकास नहीं, किसानों पर जबरन थोपा गया अन्याय है। सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए गरीब किसानों की जमीन छीनना चाहती है। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस सड़क से सदन तक इस लड़ाई को लड़ेगी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर किसानों की अनदेखी कर रही है और जनभावनाओं को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने बंगालियों को वर्ग 8 के तहत बसाया। बीजेपी उजाड़ने का कार्य कर रही है। समाजसेवी सुनील हालदार ने कहा की क्या पुनर्वास विभाग भारत सरकार ने उत्तराखंड राज्य सरकार को यह अधिकार दिया है, कि पट्टे की नियम शर्त के उल्लंघन करने पर पट्टा निरस्त कर राज्य सरकार के अधीन ले लिया जाए? अगर ऐसी कोई अधिनियम के तहत उत्तराखंड  सरकार को कोई अधिकार दिया है तो उत्तराखंड राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। वहीं, दुग्ध विभाग के अधिकारी राजेश मेहता ने पूर्व में जानकारी देते हुए बताया था कि ग्राम राजनगर की लगभग पांच एकड़ भूमि को वर्ष 2023 में जिला प्रशासन द्वारा दुग्ध विभाग को हस्तांतरित किया गया था। इसी भूमि पर नाबार्ड की सहायता से मिल्क पाउडर एवं आइसक्रीम प्लांट की स्थापना की जा रही है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ , और प्रशासन की अगली कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। राजनगर का यह आंदोलन अब केवल जमीन का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि किसानों के अधिकार बनाम सरकारी फैसलों की लड़ाई बनता जा रहा । इस मौके पर विनय विश्वास,सुमिंदर यादव,सुर्य प्रताप सिंह,अमित सरकार,विश्वजीत सरकार,अमित मांझी,नारायण मिस्त्री,विभूति प्रसाद सहित दर्जनों लोग मौज़ूद थे।
    user_SHUBHAM KUMAR MANDAL (VICKY)
    SHUBHAM KUMAR MANDAL (VICKY)
    Journalist सितारगंज, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    21 hrs ago
  • Post by कैरियर मार्ग दर्शन@falitmantra.com
    1
    Post by कैरियर मार्ग दर्शन@falitmantra.com
    user_कैरियर मार्ग दर्शन@falitmantra.com
    कैरियर मार्ग दर्शन@falitmantra.com
    Career guidance service Kotdwara, Pauri Garhwal•
    1 hr ago
  • Post by मनोज गंगवार
    1
    Post by मनोज गंगवार
    user_मनोज गंगवार
    मनोज गंगवार
    Journalist बहेड़ी, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • चंपावत: फिट उत्तराखण्ड अभियान के अंतर्गत पुलिस लाइन चम्पावत में साप्ताहिक परेड का आयोज
    1
    चंपावत:  फिट उत्तराखण्ड अभियान के अंतर्गत पुलिस लाइन चम्पावत में साप्ताहिक परेड का आयोज
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    Journalist चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • Live : हरिद्वार में बड़ी कार्रवाई, DSO रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। देहरादून से आई विजिलेंस टीम ने तहसील कार्यालय में छापा मारते हुए जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) को हजारों रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। कैसे हुई गिरफ्तारी सूत्रों के अनुसार, DSO द्वारा किसी सरकारी कार्य/लाइसेंस/कार्रवाई के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से की, जिसके बाद टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। तय समय पर जैसे ही DSO ने रिश्वत की रकम ली, विजिलेंस टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। तहसील कार्यालय में मचा हड़कंप विजिलेंस की अचानक कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने आरोपी अधिकारी से पूछताछ के बाद जरूरी दस्तावेज और रिश्वत की रकम को कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मिलने की बात कही जा रही है। आगे की कार्रवाई विजिलेंस विभाग आरोपी DSO के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस मामले में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी तो शामिल नहीं हैं। 👉 यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश मानी जा रही है। खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जैसे ही नए तथ्य सामने आएंगे, अपडेट किया जाएगा। हरिद्वार से पत्रकार गौरव जी के सहयोग से....
    1
    Live : हरिद्वार में बड़ी कार्रवाई, DSO रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। देहरादून से आई विजिलेंस टीम ने तहसील कार्यालय में छापा मारते हुए जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) को हजारों रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
कैसे हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, DSO द्वारा किसी सरकारी कार्य/लाइसेंस/कार्रवाई के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से की, जिसके बाद टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। तय समय पर जैसे ही DSO ने रिश्वत की रकम ली, विजिलेंस टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया।
तहसील कार्यालय में मचा हड़कंप
विजिलेंस की अचानक कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने आरोपी अधिकारी से पूछताछ के बाद जरूरी दस्तावेज और रिश्वत की रकम को कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मिलने की बात कही जा रही है।
आगे की कार्रवाई
विजिलेंस विभाग आरोपी DSO के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस मामले में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी तो शामिल नहीं हैं।
👉 यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश मानी जा रही है।
खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जैसे ही नए तथ्य सामने आएंगे, अपडेट किया जाएगा।
हरिद्वार से पत्रकार गौरव जी के सहयोग से....
    user_John Massih news reporter
    John Massih news reporter
    रामनगर, नैनीताल, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
  • Post by मनोज गंगवार
    1
    Post by मनोज गंगवार
    user_मनोज गंगवार
    मनोज गंगवार
    Journalist बहेड़ी, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.