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चम्पावत: निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण किया #thepublicmatter #viralnewsupdate #latestnews

1 hr ago
user_The Public Matter
The Public Matter
Journalist चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
1 hr ago

चम्पावत: निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण किया #thepublicmatter #viralnewsupdate #latestnews

More news from उत्तराखंड and nearby areas
  • चंपावत :राजकीय इण्टर कॉलेज सिमलखां में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन
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    चंपावत :राजकीय इण्टर कॉलेज सिमलखां में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    Journalist चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • चंपावत: सीमांत गांव नीड़ में आधी रात पहुंचे जिलाधिकारी, संवेदनशील प्रशासन की लगातार मिसाल बनते जा रहे मनीष कुमार। दिव्यांग बुजुर्ग की आंखें नम, गांव में भजन-भोजन के साथ बांटी खुशियां। चंपावत। मॉडल जिले के दूरस्थ सीमांत गांव नीड़ में लोगों के जीवन में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक और भावुक क्षण देखने को मिला, जब स्वयं जिलाधिकारी मनीष कुमार रात्रि में गांव पहुंचकर ग्रामीणों का हाल-चाल जानने निकले। मुख्यमंत्री के सीमांत क्षेत्र भ्रमण के बाद भी जिलाधिकारी ने समय का पूरा सदुपयोग करते हुए देर रात कई गांवों का दौरा किया और सीधे जनता से संवाद स्थापित किया। गांव की दिव्यांग एवं वृद्ध परू आमा की आंखें उस समय भर आईं, जब जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्वयं उनके कान में सुनने की मशीन लगाई और हाल-चाल पूछा। यह क्षण न केवल परू आमा के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए भावनात्मक बन गया। आमा ने जिलाधिकारी को ढेरों आशीर्वाद देते हुए ईश्वर से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों के बीच बैठकर भजन गाते हुए जिलाधिकारी ने कहा, “मैं भी आप ही की तरह एक किसान का बेटा हूं, जीवन के हर संघर्ष से गुजरा हूं। आपकी तकलीफें दूर करना ही हमारा कर्तव्य है।” यह सुनते ही गांव में मानो ऊर्जा की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने कहा कि “जिलाधिकारी हों तो ऐसे, जो जनता के बीच जाकर उनके दर्द को महसूस करें।” दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने दोनों अन्य स्थानों पर सुनने की मशीन, व्हीलचेयर और कंबल वितरित किए। उन्होंने कहा कि जिन घरों में वृद्ध माता-पिता, सास-ससुर हैं वे वास्तव में भाग्यशाली हैं, उनकी सेवा ही सच्ची सेवा है। साथ ही उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की अपील की। ग्रामीणों के साथ भोजन करते हुए डीएम ने कहा कि “आज आप सबके हाथों का भोजन-प्रसाद ग्रहण कर जो आनंद मिला है, वह अलौकिक है।” इस दौरान युवाओं ने गांव में लाइब्रेरी, सोलर स्ट्रीट लाइट, ओपन जिम और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि अब समस्याओं के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों तक पहुंचेगा। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का भावपूर्ण स्वागत किया। गरीबों के हमदर्द और संवेदनशील अधिकारी के रूप में पहचान बना चुके मनीष कुमार को देखने और उनसे मिलने की हर ग्रामीण की इच्छा साफ दिखाई दे रही थी।
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    चंपावत: सीमांत गांव नीड़ में आधी रात पहुंचे जिलाधिकारी, संवेदनशील प्रशासन की लगातार मिसाल बनते जा रहे मनीष कुमार।
दिव्यांग बुजुर्ग की आंखें नम, गांव में भजन-भोजन के साथ बांटी खुशियां।
चंपावत। मॉडल जिले के दूरस्थ सीमांत गांव नीड़ में लोगों के जीवन में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक और भावुक क्षण देखने को मिला, जब स्वयं जिलाधिकारी मनीष कुमार रात्रि में गांव पहुंचकर ग्रामीणों का हाल-चाल जानने निकले। मुख्यमंत्री के सीमांत क्षेत्र भ्रमण के बाद भी जिलाधिकारी ने समय का पूरा सदुपयोग करते हुए देर रात कई गांवों का दौरा किया और सीधे जनता से संवाद स्थापित किया।
गांव की दिव्यांग एवं वृद्ध परू आमा की आंखें उस समय भर आईं, जब जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्वयं उनके कान में सुनने की मशीन लगाई और हाल-चाल पूछा। यह क्षण न केवल परू आमा के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए भावनात्मक बन गया। आमा ने जिलाधिकारी को ढेरों आशीर्वाद देते हुए ईश्वर से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों के बीच बैठकर भजन गाते हुए जिलाधिकारी ने कहा,
“मैं भी आप ही की तरह एक किसान का बेटा हूं, जीवन के हर संघर्ष से गुजरा हूं। आपकी तकलीफें दूर करना ही हमारा कर्तव्य है।” यह सुनते ही गांव में मानो ऊर्जा की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने कहा कि “जिलाधिकारी हों तो ऐसे, जो जनता के बीच जाकर उनके दर्द को महसूस करें।”
दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने दोनों अन्य स्थानों पर सुनने की मशीन, व्हीलचेयर और कंबल वितरित किए। उन्होंने कहा कि जिन घरों में वृद्ध माता-पिता, सास-ससुर हैं वे वास्तव में भाग्यशाली हैं, उनकी सेवा ही सच्ची सेवा है। साथ ही उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की अपील की। ग्रामीणों के साथ भोजन करते हुए डीएम ने कहा कि “आज आप सबके हाथों का भोजन-प्रसाद ग्रहण कर जो आनंद मिला है, वह अलौकिक है।” इस दौरान युवाओं ने गांव में लाइब्रेरी, सोलर स्ट्रीट लाइट, ओपन जिम और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि अब समस्याओं के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों तक पहुंचेगा। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का भावपूर्ण स्वागत किया। गरीबों के हमदर्द और संवेदनशील अधिकारी के रूप में पहचान बना चुके मनीष कुमार को देखने और उनसे मिलने की हर ग्रामीण की इच्छा साफ दिखाई दे रही थी।
    user_पत्रकार Suri पंत
    पत्रकार Suri पंत
    Journalist Champawat, Uttarakhand•
    1 day ago
  • Post by 🚨👑MR. SINGH
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    Post by 🚨👑MR. SINGH
    user_🚨👑MR. SINGH
    🚨👑MR. SINGH
    Corrections Department Pithoragarh, Uttarakhand•
    19 hrs ago
  • उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के 17 साल पूरे होने पर अध्यक्ष पी सी तिवारी ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी किस प्रकार उत्तराखंड में जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ रही है और मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।
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    उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के 17 साल पूरे होने पर अध्यक्ष पी सी तिवारी ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी किस प्रकार उत्तराखंड में जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ रही है और मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Journalist अल्मोड़ा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    13 min ago
  • *राजनगर में मिल्क प्लांट के खिलाफ भड़का किसान आंदोलन* 13वें दिन भी जारी धरना, कांग्रेस का तीखा हमला शक्तिफार्म । क्षेत्र के ग्राम राजनगर में प्रस्तावित मिल्क पाउडर एवं आइसक्रीम प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध अब उग्र रूप लेता जा रहा है। किसानों द्वारा शुरू किया गया धरना आज 13वें दिन भी जारी है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जिस भूमि पर प्लांट निर्माण किया जा रहा है, उस पर वे पिछले कई दशकों से खेती करते आ रहे हैं, और बिना उनकी सहमति जमीन पर परियोजना थोपना सरासर अन्याय है। धरना दे रहे ग्रामीणों ने बताया कि विवादित भूमि वर्ग-20 में दर्ज है, जो निरोध चंद्र व्यापारी, रतन मंडल, उपेंद्र नाथ मंडल एवं नित्यानंद मंडल के नाम पर अभिलेखों में दर्ज है। ऐसे में प्रशासन द्वारा इस भूमि को दुग्ध विभाग को सौंपना किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है। कांग्रेस का समर्थन, प्रशासन पर गंभीर आरोप किसानों के आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव नवतेज पाल सिंह, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य और पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठकर आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य ने प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा की, यह विकास नहीं, किसानों पर जबरन थोपा गया अन्याय है। सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए गरीब किसानों की जमीन छीनना चाहती है। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस सड़क से सदन तक इस लड़ाई को लड़ेगी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर किसानों की अनदेखी कर रही है और जनभावनाओं को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने बंगालियों को वर्ग 8 के तहत बसाया। बीजेपी उजाड़ने का कार्य कर रही है। समाजसेवी सुनील हालदार ने कहा की क्या पुनर्वास विभाग भारत सरकार ने उत्तराखंड राज्य सरकार को यह अधिकार दिया है, कि पट्टे की नियम शर्त के उल्लंघन करने पर पट्टा निरस्त कर राज्य सरकार के अधीन ले लिया जाए? अगर ऐसी कोई अधिनियम के तहत उत्तराखंड सरकार को कोई अधिकार दिया है तो उत्तराखंड राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। वहीं, दुग्ध विभाग के अधिकारी राजेश मेहता ने पूर्व में जानकारी देते हुए बताया था कि ग्राम राजनगर की लगभग पांच एकड़ भूमि को वर्ष 2023 में जिला प्रशासन द्वारा दुग्ध विभाग को हस्तांतरित किया गया था। इसी भूमि पर नाबार्ड की सहायता से मिल्क पाउडर एवं आइसक्रीम प्लांट की स्थापना की जा रही है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ , और प्रशासन की अगली कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। राजनगर का यह आंदोलन अब केवल जमीन का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि किसानों के अधिकार बनाम सरकारी फैसलों की लड़ाई बनता जा रहा । इस मौके पर विनय विश्वास,सुमिंदर यादव,सुर्य प्रताप सिंह,अमित सरकार,विश्वजीत सरकार,अमित मांझी,नारायण मिस्त्री,विभूति प्रसाद सहित दर्जनों लोग मौज़ूद थे।
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    *राजनगर में मिल्क प्लांट के खिलाफ भड़का किसान आंदोलन*
13वें दिन भी जारी धरना, कांग्रेस का तीखा हमला
शक्तिफार्म ।
क्षेत्र के ग्राम राजनगर में प्रस्तावित मिल्क पाउडर एवं आइसक्रीम प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध अब उग्र रूप लेता जा रहा है। किसानों द्वारा शुरू किया गया धरना आज 13वें दिन भी जारी है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जिस भूमि पर प्लांट निर्माण किया जा रहा है, उस पर वे पिछले कई दशकों से खेती करते आ रहे हैं, और बिना उनकी सहमति जमीन पर परियोजना थोपना सरासर अन्याय है। धरना दे रहे ग्रामीणों ने बताया कि विवादित भूमि वर्ग-20 में दर्ज है, जो निरोध चंद्र व्यापारी, रतन मंडल, उपेंद्र नाथ मंडल एवं नित्यानंद मंडल के नाम पर अभिलेखों में दर्ज है। ऐसे में प्रशासन द्वारा इस भूमि को दुग्ध विभाग को सौंपना किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है। कांग्रेस का समर्थन, प्रशासन पर गंभीर आरोप
किसानों के आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव नवतेज पाल सिंह, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य और पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठकर आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य ने प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा की, यह विकास नहीं, किसानों पर जबरन थोपा गया अन्याय है। सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए गरीब किसानों की जमीन छीनना चाहती है। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस सड़क से सदन तक इस लड़ाई को लड़ेगी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर किसानों की अनदेखी कर रही है और जनभावनाओं को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने बंगालियों को वर्ग 8 के तहत बसाया। बीजेपी उजाड़ने का कार्य कर रही है। समाजसेवी सुनील हालदार ने कहा की क्या पुनर्वास विभाग भारत सरकार ने उत्तराखंड राज्य सरकार को यह अधिकार दिया है, कि पट्टे की नियम शर्त के उल्लंघन करने पर पट्टा निरस्त कर राज्य सरकार के अधीन ले लिया जाए? अगर ऐसी कोई अधिनियम के तहत उत्तराखंड  सरकार को कोई अधिकार दिया है तो उत्तराखंड राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। वहीं, दुग्ध विभाग के अधिकारी राजेश मेहता ने पूर्व में जानकारी देते हुए बताया था कि ग्राम राजनगर की लगभग पांच एकड़ भूमि को वर्ष 2023 में जिला प्रशासन द्वारा दुग्ध विभाग को हस्तांतरित किया गया था। इसी भूमि पर नाबार्ड की सहायता से मिल्क पाउडर एवं आइसक्रीम प्लांट की स्थापना की जा रही है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ , और प्रशासन की अगली कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। राजनगर का यह आंदोलन अब केवल जमीन का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि किसानों के अधिकार बनाम सरकारी फैसलों की लड़ाई बनता जा रहा । इस मौके पर विनय विश्वास,सुमिंदर यादव,सुर्य प्रताप सिंह,अमित सरकार,विश्वजीत सरकार,अमित मांझी,नारायण मिस्त्री,विभूति प्रसाद सहित दर्जनों लोग मौज़ूद थे।
    user_SHUBHAM KUMAR MANDAL (VICKY)
    SHUBHAM KUMAR MANDAL (VICKY)
    Journalist सितारगंज, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    21 hrs ago
  • Post by Gfhh Hn
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    Post by Gfhh Hn
    user_Gfhh Hn
    Gfhh Hn
    शमा, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • यह जो नदी के किनारे मस्जिद देख रहे है यह मंदिर को तोड़कर बनाई गई है जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई तो कुछ जगह का काम अधूरा पड़ा है बाकी में मस्जिद तैयार कर दी गई है इसी लाइन में आप आप दो किलोमीटर तक जाएंगे तो आपको अवैध अतिक्रमण दिखाई देगा जो की उन्होंने कब्रिस्तान के रूप में कब्जा कर रखा है यह खबर पीलीभीत उत्तर प्रदेश के खाखरा नदी के पुल पर स्थित है मगर न कोई मीडिया कर्मी इसको दिखता है ना ही कोई हिंदू संगठन आगे आना चाहता है इस मंदिर के लिए दिनेश पंडित ने अपनी जान गवाही है और आज मंदिर समाप्त होकर मस्जिद का आकार ले लिया हमारे समाज में इस चीज की कमी है कि सच्चाई कोई दिखाना नहीं चाहता
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    यह जो नदी के किनारे मस्जिद देख रहे है यह मंदिर को तोड़कर बनाई गई है जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई तो कुछ जगह का काम अधूरा पड़ा है बाकी में मस्जिद तैयार कर दी गई है इसी लाइन में आप आप दो किलोमीटर तक जाएंगे तो आपको अवैध अतिक्रमण दिखाई देगा जो की उन्होंने कब्रिस्तान के रूप में कब्जा कर रखा है यह खबर पीलीभीत उत्तर प्रदेश के खाखरा नदी के पुल पर स्थित है मगर न कोई मीडिया कर्मी इसको दिखता है ना ही कोई हिंदू संगठन आगे आना चाहता है इस मंदिर के लिए दिनेश पंडित ने अपनी जान गवाही है और आज मंदिर समाप्त होकर मस्जिद का आकार ले लिया हमारे समाज में इस चीज की कमी है कि सच्चाई कोई दिखाना नहीं चाहता
    user_Mahesh Kumar
    Mahesh Kumar
    पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • चम्पावत: निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण किया #thepublicmatter #viralnewsupdate #latestnews
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    चम्पावत:  निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण किया #thepublicmatter #viralnewsupdate #latestnews
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    Journalist चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    1 hr ago
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