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तहसील हसनपुर के गांव सोहरका में अंबेडकर पार्क में लगे डॉक्टर बी आर अंबेडकर के बोर्ड को गांव के ही गंदी मानसिकता के लोगों ने खंडित कर दिया
UP-23-News सच्ची खबर सबसे पहले
तहसील हसनपुर के गांव सोहरका में अंबेडकर पार्क में लगे डॉक्टर बी आर अंबेडकर के बोर्ड को गांव के ही गंदी मानसिकता के लोगों ने खंडित कर दिया
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- तहसील हसनपुर के गांव सोहरका में अंबेडकर पार्क में लगे डॉक्टर बी आर अंबेडकर के बोर्ड को गांव के ही गंदी मानसिकता के लोगों ने खंडित कर दिया1
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- चकबंदी विभाग पर रिश्वत का आरोप, आदेश के बाद भी नहीं पहुंची टीम, किसान ने दी आत्मदाह की चेतावनी हसनपुर क्षेत्र के गांव रहरई में चकबंदी विवाद ने मंगलवार को नया मोड़ ले लिया। वर्षों से अपनी भूमि पर कब्जा दिलाने और पैमाइश की मांग कर रहे किसान ने चकबंदी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम खेत से ही एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में किसान ने आरोप लगाया कि साहयक चकबंदी अधिकारी हसनपुर नियम 109 के द्वारा भूमि की पैमाइश और कब्जा दिलाने के नाम पर ₹2 लाख की मांग की गई। पैसे देने से इनकार करने पर आदेश होने के बावजूद अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। किसान ने चेतावनी दी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह परिवार सहित मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर आत्मदाह करेगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। पीड़ित किसान हरीराज, हरिराम और गंगाराम पुत्रगण जाहरी, निवासी गांव रहरई ने बताया कि सोमवार को चकबंदी अधिकारी ने भूमि की पैमाइश और कब्जा दिलाने के लिए टीम गठित कर पुलिस बल के साथ मंगलवार को कार्रवाई करने का आदेश जारी किया था। आदेश की प्रति संबंधित थाने में भी जमा करा दी गई थी। मंगलवार को पुलिस टीम और किसान पूरे दिन चकबंदी टीम का इंतजार करते रहे, लेकिन देर शाम तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। किसान का कहना है कि उसकी गाटा संख्या 498, 496, 499, 500, 503, 513, 514, 519, 520, 524, 528, 529 और 594 सहित कुल 14 कितों में 2.494 हेक्टेयर भूमि पर दो-तिहाई (2/3) हिस्सेदारी थी, लेकिन चकबंदी के दौरान इसे कथित रूप से एक-तिहाई (1/3) दर्ज कर दिया गया। इसके खिलाफ उसने लगातार कानूनी लड़ाई लड़ी। किसान के अनुसार 9 फरवरी 2021 और 10 अक्टूबर 2024 को चकबंदी अधिकारी ने उसके पक्ष में 2/3 हिस्सेदारी दर्ज करने के आदेश पारित किए। इसके बाद 20 जनवरी 2026 को बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने विपक्षी की अपील खारिज कर दी, जबकि 23 जून 2026 को उप संचालक चकबंदी, अमरोहा ने भी निगरानी निरस्त कर किसान के पक्ष में फैसला सुनाया। 12 फरवरी 2026 को नियम 109 के तहत अभिलेखों में आदेश का अमल कराने के निर्देश भी दिए गए। किसान का आरोप है कि वर्ष 2014-15 में शुरू हुई चकबंदी प्रक्रिया के दौरान वर्ष 2020 में विपक्षी पक्ष को कब्जा दिला दिया गया, लेकिन उसके पक्ष में लगातार आदेश आने के बावजूद आज तक उसे वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। न्याय की आस में उसने जिलाधिकारी अमरोहा, बंदोबस्त अधिकारी, चकबंदी विभाग और आईजीआरएस पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज कराईं। संपूर्ण समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। मंगलवार को वायरल हुए 49 सेकंड के वीडियो में किसान ने खेत से मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की अपील की है। वीडियो में लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोप और आत्मदाह की चेतावनी ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। हालांकि, ₹2 लाख की रिश्वत मांगने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है सहायक चंकबंदी अधिकारी नियम 109 हसनपुर केo पीo सिहं ने बताया कि प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर दिए गए हैं बृहस्पतिवार को पैमाइश करा कर कब्जा कर दिया जाएगा और जो है किसान पैसों मांगने का आरोप लगा रहे हैं उन्हें मैं जानता भी नहीं हूं पैसे मांगने का आरोप निराधार है।1