तीन फरार आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल तीन फरार आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल थाने पर बजरंग दल नेताओं का हंगामा, आरोपियों को छोड़ने के लिए बनाया पुलिस पर दबाव स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से धर्मनगरी हरिद्वार में चर्चित पंजनहेड़ी गोलीकांड मामले में कनखल थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से सीजेएम संदीप कुमार की कोर्ट ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। अवैध प्लॉटिंग विवाद से शुरू हुआ था खूनी संघर्ष मामले की शुरुआत उस समय हुई जब मातृसदन के ब्रह्मचारी सुधानंद ने एचआरडीए में ऊषा टाउनशिप में कथित अवैध प्लॉटिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद प्रशासनिक टीम 28 जनवरी को तहसील प्रशासन के साथ भूमि की पैमाइश के लिए मौके पर पहुंची। इसी दौरान विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया। लाइसेंसी हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग बताया गया कि मौके पर भाजपा नेता अतुल चौहान, भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरुण चौहान सहित कई लोग मौजूद थे। प्लॉटिंग का विरोध कर रहे जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान और उनके समर्थकों के साथ कहासुनी के बाद मामला मारपीट में बदल गया। इस दौरान आरोप है कि अतुल चौहान और तरुण चौहान समेत अन्य लोगों ने अपने लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। अंधाधुंध फायरिंग में अमित चौहान के भाई सचिन चौहान और रिश्तेदार कृष्णपाल को गोली लग गई। दोनों को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया, जहां उनका लंबे समय तक इलाज चला। मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर, अन्य हो गए थे फरार घटना के बाद मुख्य आरोपी अतुल चौहान ने कनखल थाने में सरेंडर कर दिया था, जबकि तरुण चौहान, अभिषेक चौहान और गौरव चौहान फरार हो गए थे। मामले में ब्रह्मचारी सुधानंद को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी, लेकिन अन्य तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई थी। लंबे समय से फरार चल रहे इन आरोपियों को आखिरकार 9 मार्च को कनखल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। थाने में जुटी बजरंग दल नेताओं की भीड़ आरोपियों को थाने लाने की खबर मिलते ही बजरंग दल के कई नेता और परिजन कनखल थाना परिसर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों को छोड़ने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति को देखते हुए थाना परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोप बजरंग दल के जिला संयोजक अमित मुलतानिया ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। यहां तक कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। जब आरोपियों को छोड़ने की मांग पूरी नहीं हुई तो कुछ लोगों ने महिलाओं को आगे कर पुलिस पर आरोप लगाने की कोशिश भी की। दबाव के बावजूद पुलिस ने की सख्त कार्रवाई हालांकि तमाम दबाव और हंगामे के बावजूद पुलिस ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपियों को मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद सीजेएम संदीप कुमार की अदालत ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कानून के सामने दबाव बेअसर इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि कानून के सामने दबाव और हंगामा टिक नहीं सकता। पुलिस ने दबाव के बावजूद कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश किया। अब इस बहुचर्चित गोलीकांड मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय में जारी रहेगी। ✍️ स्वतंत्र पत्रकार – रामेश्वर गौड़
तीन फरार आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल तीन फरार आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल थाने पर बजरंग दल नेताओं का हंगामा, आरोपियों को छोड़ने के लिए बनाया पुलिस पर दबाव स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से धर्मनगरी हरिद्वार में चर्चित पंजनहेड़ी गोलीकांड मामले में कनखल थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से सीजेएम संदीप कुमार की कोर्ट ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। अवैध प्लॉटिंग विवाद से शुरू हुआ था खूनी संघर्ष मामले की शुरुआत उस समय हुई जब मातृसदन के ब्रह्मचारी सुधानंद ने एचआरडीए में ऊषा टाउनशिप में कथित अवैध प्लॉटिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद प्रशासनिक टीम 28 जनवरी को तहसील प्रशासन के साथ भूमि की पैमाइश के लिए मौके पर पहुंची। इसी दौरान विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया। लाइसेंसी हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग बताया गया कि मौके पर भाजपा नेता अतुल चौहान, भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरुण चौहान सहित कई लोग मौजूद थे। प्लॉटिंग का विरोध कर रहे जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान और उनके समर्थकों के साथ कहासुनी के बाद मामला मारपीट में बदल गया। इस दौरान आरोप है कि अतुल चौहान और तरुण चौहान समेत अन्य लोगों ने अपने लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। अंधाधुंध फायरिंग में अमित चौहान के भाई सचिन चौहान और रिश्तेदार कृष्णपाल को गोली लग गई। दोनों को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया, जहां उनका लंबे समय तक इलाज चला। मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर, अन्य हो गए थे फरार घटना के बाद मुख्य आरोपी अतुल चौहान ने कनखल थाने में सरेंडर कर दिया था, जबकि तरुण चौहान, अभिषेक चौहान और गौरव चौहान फरार हो गए थे। मामले में ब्रह्मचारी सुधानंद को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी, लेकिन अन्य तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई थी। लंबे समय से फरार चल रहे इन आरोपियों को आखिरकार 9 मार्च को कनखल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। थाने में जुटी बजरंग दल नेताओं की भीड़ आरोपियों को थाने लाने की खबर मिलते ही बजरंग दल के कई नेता और परिजन कनखल थाना परिसर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों को छोड़ने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति को देखते हुए थाना परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोप बजरंग दल के जिला संयोजक अमित मुलतानिया ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। यहां तक कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। जब आरोपियों को छोड़ने की मांग पूरी नहीं हुई तो कुछ लोगों ने महिलाओं को आगे कर पुलिस पर आरोप लगाने की कोशिश भी की। दबाव के बावजूद पुलिस ने की सख्त कार्रवाई हालांकि तमाम दबाव और हंगामे के बावजूद पुलिस ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपियों को मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद सीजेएम संदीप कुमार की अदालत ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कानून के सामने दबाव बेअसर इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि कानून के सामने दबाव और हंगामा टिक नहीं सकता। पुलिस ने दबाव के बावजूद कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश किया। अब इस बहुचर्चित गोलीकांड मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय में जारी रहेगी। ✍️ स्वतंत्र पत्रकार – रामेश्वर गौड़
- Post by Dpk Chauhan1
- The Aman Times दुधली के नागल ज्वालापुर में अवैध शराब बनाने वाले पर कारवाई। 🚨 डोईवाला पुलिस की कार्रवाई देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 लीटर कच्ची शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने ग्राम नागल ज्वालापुर में छापेमारी कर संजय उर्फ बिट्टू (35 वर्ष) को कच्ची शराब बनाते हुए रंगे हाथ पकड़ा। मौके से भारी मात्रा में लाहन (नष्ट किया गया), शराब बनाने की भट्टी, पाइप, कनस्तर और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के “ड्रग्स फ्री देवभूमि @2025” अभियान के तहत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Parmendra Singh Dobal के निर्देश पर की गई।1
- Post by Bijnor Super News1
- जनपद बिजनौर में पुलिस द्वारा अवैध शस्त्र निर्माण व तस्करी करने वाले गिरोह के 08 अभियुत गिरफ्तार।1
- Post by Dehradun City News1
- Post by Thakur Akash Singh1
- Post by Bijnor Super News1
- #worldcup20261
- बच्चे मन के सच्चे उत्तर प्रदेश के संभल में बच्चे खेल रहे थे, तभी उन्हें सड़क ओर एक iPhone मिला। बच्चों ने ये फोन पुलिस को लाकर दिया।पुलिस ने जिसका फोन है उन्हें बुलाया और फोन वापस किया।1