झारखंड के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत मुरपा पंचायत के ग्राम जिपुवा में शनिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) Awas Plus Survey 2024 के सत्यापन के लिए एक ग्राम सभा आयोजित की गई। इस सभा के दौरान ग्रामीणों में काफी आक्रोश और नाराजगी देखने को मिली, जो योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं को लेकर थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में सर्वेक्षण और जियो-टैगिंग के नाम पर कुछ लोगों ने लाभुकों से ₹500 तक की राशि वसूली थी। उन्होंने बताया कि पैसे लेने के बावजूद कई पात्र लोगों का नाम आवास योजना की सूची में शामिल नहीं किया गया। इस धोखाधड़ी पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने मांग की कि इस अवैध वसूली की जवाबदेही कौन लेगा और गरीबों से ली गई राशि का हिसाब कौन देगा। ग्राम सभा में स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद ग्राम प्रधान विश्वनाथ यादव ने ग्रामीणों को समझाते हुए आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की बिचौलियागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में यदि कोई व्यक्ति जियो-टैगिंग, सर्वेक्षण या किसी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तत्काल प्रशासन से की जाए। ग्राम प्रधान ने यह भी भरोसा दिलाया कि पात्र लाभुकों के हितों की रक्षा की जाएगी और योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और आपसी सहमति से ग्राम सभा संपन्न हुई। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से मांग की है कि जियो-टैगिंग एवं सर्वेक्षण के नाम पर अवैध वसूली करने वाले लोगों की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में गरीब और जरूरतमंद परिवारों का शोषण रोका जा सके।
झारखंड के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत मुरपा पंचायत के ग्राम जिपुवा में शनिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) Awas Plus Survey 2024 के सत्यापन के लिए एक ग्राम सभा आयोजित की गई। इस सभा के दौरान ग्रामीणों में काफी आक्रोश और नाराजगी देखने को मिली, जो योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं को लेकर थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में सर्वेक्षण और जियो-टैगिंग के नाम पर कुछ लोगों ने लाभुकों से ₹500 तक की राशि वसूली थी। उन्होंने बताया कि पैसे लेने के बावजूद कई पात्र लोगों का नाम आवास योजना की सूची में शामिल नहीं किया गया। इस धोखाधड़ी पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने मांग की कि इस अवैध वसूली की जवाबदेही कौन लेगा और गरीबों से ली गई राशि का हिसाब कौन देगा। ग्राम सभा में स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद ग्राम प्रधान विश्वनाथ यादव ने ग्रामीणों को समझाते हुए आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की बिचौलियागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में यदि कोई व्यक्ति जियो-टैगिंग, सर्वेक्षण या किसी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तत्काल प्रशासन से की जाए। ग्राम प्रधान ने यह भी भरोसा दिलाया कि पात्र लाभुकों के हितों की रक्षा की जाएगी और योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और आपसी सहमति से ग्राम सभा संपन्न हुई। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से मांग की है कि जियो-टैगिंग एवं सर्वेक्षण के नाम पर अवैध वसूली करने वाले लोगों की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में गरीब और जरूरतमंद परिवारों का शोषण रोका जा सके।
- लातेहार के चंदवा में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में, पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रघुवर दास ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर लातेहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रकाश राम भी उपस्थित रहे। रघुवर दास ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में की गई उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर केंद्र सरकार की इन उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी आम जनता तक पहुंचाएं। विधायक प्रकाश राम ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही संगठन और जनप्रतिनिधियों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहकर उनकी समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का भी आह्वान किया। इस संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि और जल जीवन मिशन सहित केंद्र सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, सदस्यता अभियान को गति देने तथा आगामी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन को और सशक्त बनाने का संकल्प लिया।1
- लातेहार में किसान सभा और माकपा कार्यकर्ताओं ने टोरी-चंदवा में फ्लाई ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर उदयपुरा से जिला उपायुक्त कार्यालय तक चिलचिलाती धूप में एक पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का नेतृत्व माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य समिति सदस्य अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने किया। अपनी पीड़ा से मुक्ति पाने और टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर लगातार लगने वाले जाम से निजात नहीं मिलने पर किसानों ने सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। पदयात्रा के दौरान किसानों और माकपा कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी की तस्वीरें तथा पार्टी के झंडे थे। पोस्टरों पर स्पष्ट नारे लिखे थे कि इन 'माननीय' मंत्रियों द्वारा 03 अप्रैल 2021 को टोरी आरओबी का शिलान्यास करने के पांच साल बाद भी कार्य शुरू कराने में असफलता दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने टोरी-चंदवा NH 99 NEW 22 पर स्थित टोरी रेलवे क्रॉसिंग के जाम से मुक्ति के लिए तुरंत फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण कार्य शुरू करने और अन्यथा किसानों को इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की। उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर यह पदयात्रा एक सभा में बदल गई, जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव रसीद मियां ने की। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम को पलामू प्रमंडल की आम जनता की बड़ी समस्या बताया, जिससे लोग घंटों फंसे रहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीमार नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों को जाम में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और ग्रामीण असमय अपनी जान गंवा रहे हैं। विप्लव ने कहा कि शिलान्यास के पांच साल बाद भी कार्य शुरू न होना दुर्भाग्यपूर्ण है और जाम से निजात पाने के लिए किसानों को इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है। अयुब खान और रसीद मियां ने भी कहा कि यदि जाम से मुक्ति नहीं मिल सकती तो इच्छा मृत्यु दे दी जाए। बाद में, माकपा के शिष्टमंडल, जिसमें प्रकाश विप्लव, अयुब खान और रसीद मियां शामिल थे, ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार से मुलाकात कर किसानों के हस्ताक्षरित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से किसान अत्यधिक पीड़ित हैं और यह समस्या अब 'ला-इलाज' हो चुकी है। ज्ञापन के अनुसार, इस जनहित से जुड़े मामले पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग लापरवाही बरत रहे हैं। किसानों ने इस दर्द और समस्या से मुक्ति के लिए इच्छा मृत्यु देने का अनुरोध दोहराया। इस पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों महिला-पुरुष किसान शामिल थे।1
- लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत मुरपा पंचायत के जिपूवा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभार्थी सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने लातेहार उपायुक्त को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि योजना की जारी सूची में कई वास्तविक जरूरतमंद और आवासहीन परिवारों को शामिल नहीं किया गया है, जबकि पूर्व में लाभ प्राप्त कर चुके या पहले से सूचीबद्ध लोगों के नाम दोबारा दर्ज कर दिए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव महेश मुंडा ने लगभग 30 ग्रामीणों से ₹500-₹500 की राशि ली है। वहीं, बिचौलियों के तौर पर नामित बबलू यादव, उमेश प्रजापति और सत्येंद्र यादव पर भी किसी से ₹3000 तो किसी से ₹5000 तक वसूलने का आरोप है। ग्रामीण यह भी बताते हैं कि कई पात्र परिवार आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, बावजूद इसके कि वे सभी मानदंडों को पूरा करते हैं, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण संजू देवी ने बताया कि वर्ष 2025 में आवास योजना में नाम जोड़ने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए थे, लेकिन आज तक उन्हें कोई लाभ नहीं मिला, और इस संबंध में पंचायत सेवक फंड नहीं होने की बात कहते हैं। इस गंभीर आरोप के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची का फिर से सत्यापन करने, वास्तविक पात्र और जरूरतमंद परिवारों को शामिल करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन सौंपने वाले ग्रामीणों में वीरेंद्र यादव, विनोद यादव, गोपाल यादव, लालू यादव, प्रकाश गंजू, धनंजय गंजू, जगन्नाथ यादव, बंधन साव, महेंद्र यादव, संजू देवी, शांति देवी, ललिता देवी, गीता देवी, सुमन देवी, सुगिया देवी, जसोईया देवी और प्रतिमा देवी सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।1
- झारखंड के डोमाखार गांव के ग्रामीण लंबे समय से बिजली की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफार्मर तो स्थापित हैं, लेकिन उन्हें कभी भी नियमित रूप से बिजली नहीं मिली है। इसके बावजूद, बिजली विभाग के कर्मचारी उनसे बिजली के बिल की मांग करते हैं, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। शाम होते ही पूरे आदिम जनजाति बहुल डोमाखार गांव में अंधेरा छा जाता है, और रोशनी के लिए ग्रामीण केवल सोलर लाइट पर निर्भर रहते हैं।1
- चतरा जिला प्रवक्ता बिजली कुमार महतो ने टंडवा क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे अवैध खनन को रोकने की विचारधारा को समझते हैं। महतो जनता से जुड़ी समस्याओं को जानकर उन्हें निर्धारित करने का काम करते हैं।1
- एक गांव में सरकारी योजनाएं आज तक नहीं पहुंच पाई हैं। इस गांव में अभी तक बिजली, पानी और सड़क जैसी कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण आज भी रात के समय उजाले के लिए लकड़ियां जलाकर काम चलाते हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों ऐसे गांवों तक सरकार की योजनाएं नहीं पहुंच पा रही हैं।1
- नामुदाग स्थित कुदुश टी स्टाल के समीप सड़क के बीचों-बीच एक विशाल महुआ का पेड़ अचानक गिर गया। इस घटना के कारण सड़क पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही मनिका पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरे हुए पेड़ को तत्काल सड़क से हटवा दिया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।1
- लातेहार में किसान सभा और माकपा कार्यकर्ताओं ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कार्य में हो रही देरी के विरोध में उदयपुरा से जिला उपायुक्त कार्यालय तक पदयात्रा की। इस दौरान सैकड़ों महिला-पुरुष किसानों ने, जो चिलचिलाती धूप में मार्च कर रहे थे, यह मांग उठाई कि यदि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से उन्हें मुक्ति नहीं दिलाई जा सकती, तो सरकार उन्हें सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति दे। इस पदयात्रा का नेतृत्व माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य समिति सदस्य अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने किया। किसान और माकपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की तस्वीरें तथा पार्टी के झंडे लिए हुए थे। उनके पोस्टरों पर लिखा था कि 03 अप्रैल 2021 को हुए शिलान्यास के पाँच वर्ष बाद भी टोरी-चंदवा में फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण शुरू कराने में संबंधित मंत्री और सरकारें विफल रही हैं। पोस्टरों में तत्काल कार्य शुरू करने और NH 99 NEW 22 पर स्थित टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम से मुक्ति या इच्छा मृत्यु की अनुमति देने जैसे नारे लिखे हुए थे। पदयात्रा लातेहार समाहरणालय पहुँचकर एक सभा में बदल गई, जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव रसीद मियां ने की। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम को पलामू प्रमंडल की आम जनता की एक गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि जाम में घंटों फंसे रहने के कारण बीमार नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और ग्रामीण असमय अपनी जान गँवा रहे हैं। विप्लव ने केंद्र और राज्य सरकार की उदासीनता को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, जिसके चलते पाँच साल बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ और किसानों को इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है। अयुब खान और रसीद मियां ने भी यही दोहराया कि यदि जाम से निजात नहीं मिल सकती, तो इच्छा मृत्यु दे दी जाए। बाद में, पार्टी के एक शिष्टमंडल ने, जिसमें प्रकाश विप्लव, अयुब खान और रसीद मियां शामिल थे, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार से मिलकर किसानों के हस्ताक्षरयुक्त एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से किसान "काफी पीड़ित और तंग आ चुके हैं" तथा यह समस्या "ला-इलाज" हो गई है। ज्ञापन में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और एनएच विभाग को जनहित से जुड़े इस मामले में "लापरवाह" बताया गया और अंत में टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम समस्या से मुक्ति के लिए सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है। इस पदयात्रा और सभा में सैकड़ों महिला-पुरुषों समेत कई अन्य लोग शामिल थे।1