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उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में साइबर वज्र का बड़ा धमाका देखने को मिला है, जहाँ 15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए 8 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये शातिर अपराधी दूसरों के बैंक खाते किराये पर लेकर करोड़ों रुपये का यह पूरा खेल चला रहे थे।
AWAZ TV UTTAR PRADESH
उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में साइबर वज्र का बड़ा धमाका देखने को मिला है, जहाँ 15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए 8 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये शातिर अपराधी दूसरों के बैंक खाते किराये पर लेकर करोड़ों रुपये का यह पूरा खेल चला रहे थे।
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- फिरोजाबाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे 'साइबर वज्र अभियान' के अंतर्गत थाना दक्षिण पुलिस टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 4 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन और 7 पासबुक बरामद की हैं। गिरफ्तार किए गए इन अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर फ्रॉड से संबंधित करीब 22 शिकायतें पंजीकृत हैं। इन्होंने इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, पेपर ट्रेडिंग और एपीके (.apk) आदि के जरिए लोगों से कुल 1 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। ठगी की इस राशि को आरोपी अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे। इस पूरे मामले के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक / नोडल अधिकारी साइबर अपराध द्वारा आधिकारिक तौर पर जानकारी दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में भारी बारिश के बाद हुए जलभराव के दौरान पुलिस की बहादुरी और इंसानियत की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है। लोहियानगर थाना क्षेत्र के बजौट रेलवे अंडरपास में लगातार बारिश के कारण 10 फीट गहरा गंदा पानी भर गया था। इस गहरे पानी में एक तांगा चालक और उसका घोड़ा फंस गए थे, जिन्हें बचाने के लिए फफूंडा चौकी प्रभारी दरोगा अरुण तिवारी ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही दरोगा अरुण तिवारी तुरंत मौके पर पहुंचे थे। परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बिना वक्त गंवाए अपनी वर्दी उतारी और सीधे गहरे पानी में उतर गए। करीब आधे घंटे के कड़े संघर्ष और स्थानीय लोगों की मदद से तांगा चालक के शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद, मृत घोड़े और तांगे को भी रस्सियों व क्रेन की सहायता से बाहर खिंचवाया गया। बचाव कार्य के दौरान पुलिस का यह मानवीय चेहरा और दरोगा अरुण तिवारी की तत्परता और अदम्य साहस देखकर हर कोई उनकी सराहना कर रहा है। अपनी जान की परवाह किए बिना इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाले ऐसे जाँबाज प्रभारी को अखण्ड इंडिया न्यूज़ सलाम करता है।1
- आगरा में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला है। उन्होंने सरकार के खिलाफ "चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़" का नारा देते हुए कड़ा रुख अपनाया। राम मंदिर चोरी प्रकरण का मुद्दा उठाते हुए सचिन पायलट ने कहा कि इस पूरे मामले में की जा रही एसआईटी (SIT) की जांच बेहद नाकाफी है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि ट्रस्ट के कर्ताधर्ताओं पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। प्राथमिकी (FIR) में मुख्य लोगों का नाम शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल छोटी मछलियों को ही निशाना बनाया जा रहा है। पायलट ने उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मांग की कि जनता के इन तमाम तीखे सवालों का जवाब देने के लिए सरकार को खुद आगे आना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश में बहुजन राजनीति के भीतर सियासी हलचल काफी तेज हो गई है। मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दलित समाज से कानून हाथ में न लेने की जोरदार अपील की है। उन्होंने समाज से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए संवैधानिक और कानूनी रास्ते पर चलकर ही अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने को कहा। इसी दौरान उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसी घटनाओं पर केवल “मगरमच्छ के आंसू” बहाते हैं और समाज को भड़काने की कोशिश करते हैं। मीडिया रिपोर्टों में मायावती की इस टिप्पणी को चंद्रशेखर आजाद पर एक परोक्ष हमला बताया गया है। इस बयान के सामने आने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने भी अपना जवाब दिया है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मायावती के इस बयान से उनके मन को गहरी ठेस पहुंची है। हालांकि, उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में मायावती के प्रति अपना पूरा सम्मान जताया है, लेकिन साथ ही उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी असहमति भी जाहिर की है।1
- मध्य प्रदेश की झुल बेहद सुंदर घाटी है।1
- उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में अरुण खटीक केस में एक नया मोड़ आ गया है। इस पूरे मामले में अचानक दक्ष चौधरी की एंट्री हुई है, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया है।1
- फिरोजाबाद क्षेत्र की तरफ बढ़ रहे गौरक्षक और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता दक्ष चौधरी को पुलिस ने जिले की सीमा पर ही रोक दिया। एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी और उनकी पुलिस टीम ने कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की। दक्ष चौधरी अपने समर्थकों के साथ हाल ही में हुए अरुण खटीक हत्याकांड के पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने जा रहे थे। इस दौरान जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। एएसपी अनुज चौधरी को उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी सख्त और स्पष्ट कार्यशैली के लिए जाना जाता है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए वह आए दिन चर्चा में रहते हैं।1
- आगरा के जयपुर हाउस में शराब के ठेके के विरोध में जनता का गुस्सा फूट पड़ा और लोग सड़कों पर उतर आए। स्थानीय लोगों ने ठेके के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं का आरोप है कि इस दुकान के बाहर हर रोज शाम को शराबियों की महफिल जम जाती है। ये शराबी वहां से आने-जाने वाली महिलाओं और बच्चियों पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं, जिसके चलते उनका वहां से निकलना पूरी तरह मुश्किल हो चुका है। लगातार हो रही इस परेशानी से जब जनता के धैर्य ने जवाब दे दिया, तो रविवार को लोगों ने एकजुट होकर जबरन इस शराब के ठेके को बंद करा दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ठेका नियमों के विरुद्ध चलाया जा रहा था, इसलिए इसे तत्काल यहां से स्थानांतरित किया जाए। इस हंगामे के बाद अब स्थानीय जनता आबकारी विभाग के खिलाफ भी बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी में है।1
- आगरा के आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ जवान और डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर के बीच विवाद का मामला सामने आया है।1