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उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में अरुण खटीक केस में एक नया मोड़ आ गया है। इस पूरे मामले में अचानक दक्ष चौधरी की एंट्री हुई है, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया है।
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उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में अरुण खटीक केस में एक नया मोड़ आ गया है। इस पूरे मामले में अचानक दक्ष चौधरी की एंट्री हुई है, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया है।
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- उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में अरुण खटीक केस में एक नया मोड़ आ गया है। इस पूरे मामले में अचानक दक्ष चौधरी की एंट्री हुई है, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया है।1
- फिरोजाबाद में सोनी नामक एक पीड़ित महिला न्याय पाने के लिए काफी परेशान दिखाई दे रही है। इस मामले में मठसेना पुलिस की तरफ से कोई सुनवाई नहीं की जा रही है, जिससे पीड़ित महिला न्याय के लिए बेहद परेशान है।1
- फिरोजाबाद के थाना दक्षिण पुलिस की टीम ने एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान 25 हजार रुपये के इनामी अंतर्राज्यीय टप्पेबाज अभियुक्त रामबदन उर्फ जादू उर्फ राजेश को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दिनांक 16-06-2026 को अंजाम दी गई, जिसके बाद शातिर अपराधी पुलिस की गिरफ्त में आया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अभियुक्त के कब्जे से टप्पेबाजी की घटना से संबंधित आभूषणों को बेचकर प्राप्त किए गए 7,200 रुपये नगद बरामद किए हैं। इसके साथ ही आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस भी बरामद किया गया है। इस पूरे मामले और पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ की जा रही विधिक कार्यवाही के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक नगर फिरोजाबाद द्वारा आधिकारिक तौर पर जानकारी दी गई है।1
- आगरा के फतेहाबाद स्थित एकता गार्डन में बुधवार को समाजवादी पार्टी का एक सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में आपसी एकजुटता को बढ़ाना था। इस कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष उदल सिंह कुशवाहा ने फतेहाबाद नगर की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के एक दर्जन से अधिक पदाधिकारियों को उनके मनोनयन पत्र सौंपे। नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए जिला अध्यक्ष ने उन्हें अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाने और जनता से सीधा संवाद करने की सलाह दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना ही हमारा मुख्य संकल्प है। इसके लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने और घर-घर जाकर अखिलेश यादव के विकास कार्यों व पार्टी की नीतियों को पहुंचाने की अपील की। इस अवसर पर संतोष पाल, मनोज यादव, राजेश शर्मा, महेश सिसोदिया, रूपाली दीक्षित, हेमंत यादव, महेश गुप्ता, मेहताब सिंह गुर्जर, असलम खान, वेद प्रकाश गुप्ता, आशीष शर्मा, सौरभ शर्मा, नीरज चक, विवेक शर्मा, सुनील शर्मा और सुनील नीलम सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में वर्ष 2027 में सपा सरकार बनाने का अपना संकल्प दोहराया।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की खुली गुंडागर्दी का बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ट्रेन रुकवाने को लेकर हुए विवाद में आरपीएफ कर्मियों ने डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ सरेआम मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। इस सनसनीखेज घटना का संज्ञान लेते हुए रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी 4 आरपीएफ कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लुधियाना से हीराकुंड एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री रंजीता राव आगरा कैंट स्टेशन पर पेठा खरीदने के लिए ट्रेन से नीचे उतरी थीं। प्लेटफॉर्म पर पेठा खरीदने के दौरान खुले पैसे मिलने में देरी हो गई और इसी बीच ट्रेन चलने लगी। पीड़ित महिला यात्री ने डिप्टी स्टेशन अधीक्षक से ट्रेन रुकवाने की गुहार लगाई, जिस पर उन्होंने मानवता दिखाते हुए गार्ड को सूचना दी और ट्रेन को रुकवा दिया ताकि महिला सुरक्षित रूप से ट्रेन में सवार हो सके। इसी दौरान मौके पर पहुंचे आरपीएफ जवानों ने ट्रेन रुकने को चेन पुलिंग का मामला समझ लिया और डिप्टी स्टेशन अधीक्षक द्वारा स्थिति स्पष्ट करने के बाद भी विवाद खड़ा कर दिया। आरपीएफ कर्मियों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए डिप्टी एसएस के साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। आरपीएफ जवानों की इस गुंडागर्दी के चलते प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी मच गई और यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस हंगामे के कारण हीराकुंड एक्सप्रेस को कुछ देर तक स्टेशन पर ही खड़ा रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जीआरपी द्वारा घटना के सीसीटीवी फुटेज की भी गहनता से जांच की जा रही है। अब यह देखना बाकी है कि रेलवे के उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में दोषी जवानों के खिलाफ कितनी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।1