उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की खुली गुंडागर्दी का बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ट्रेन रुकवाने को लेकर हुए विवाद में आरपीएफ कर्मियों ने डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ सरेआम मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। इस सनसनीखेज घटना का संज्ञान लेते हुए रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी 4 आरपीएफ कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लुधियाना से हीराकुंड एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री रंजीता राव आगरा कैंट स्टेशन पर पेठा खरीदने के लिए ट्रेन से नीचे उतरी थीं। प्लेटफॉर्म पर पेठा खरीदने के दौरान खुले पैसे मिलने में देरी हो गई और इसी बीच ट्रेन चलने लगी। पीड़ित महिला यात्री ने डिप्टी स्टेशन अधीक्षक से ट्रेन रुकवाने की गुहार लगाई, जिस पर उन्होंने मानवता दिखाते हुए गार्ड को सूचना दी और ट्रेन को रुकवा दिया ताकि महिला सुरक्षित रूप से ट्रेन में सवार हो सके। इसी दौरान मौके पर पहुंचे आरपीएफ जवानों ने ट्रेन रुकने को चेन पुलिंग का मामला समझ लिया और डिप्टी स्टेशन अधीक्षक द्वारा स्थिति स्पष्ट करने के बाद भी विवाद खड़ा कर दिया। आरपीएफ कर्मियों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए डिप्टी एसएस के साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। आरपीएफ जवानों की इस गुंडागर्दी के चलते प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी मच गई और यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस हंगामे के कारण हीराकुंड एक्सप्रेस को कुछ देर तक स्टेशन पर ही खड़ा रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जीआरपी द्वारा घटना के सीसीटीवी फुटेज की भी गहनता से जांच की जा रही है। अब यह देखना बाकी है कि रेलवे के उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में दोषी जवानों के खिलाफ कितनी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।
उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की खुली गुंडागर्दी का बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ट्रेन रुकवाने को लेकर हुए विवाद में आरपीएफ कर्मियों ने डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ सरेआम मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। इस सनसनीखेज घटना का संज्ञान लेते हुए रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी 4 आरपीएफ कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लुधियाना से हीराकुंड एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री रंजीता राव आगरा कैंट स्टेशन पर पेठा खरीदने के लिए ट्रेन से नीचे उतरी थीं। प्लेटफॉर्म पर पेठा खरीदने के दौरान खुले पैसे मिलने में देरी हो गई और इसी बीच ट्रेन चलने लगी। पीड़ित महिला यात्री ने डिप्टी स्टेशन अधीक्षक से ट्रेन रुकवाने की गुहार लगाई, जिस पर उन्होंने मानवता दिखाते हुए गार्ड को सूचना दी और ट्रेन को रुकवा दिया ताकि महिला सुरक्षित रूप से ट्रेन में सवार हो सके। इसी दौरान मौके पर पहुंचे आरपीएफ जवानों ने ट्रेन रुकने को चेन पुलिंग का मामला समझ लिया और डिप्टी स्टेशन अधीक्षक द्वारा स्थिति स्पष्ट करने के बाद भी विवाद खड़ा कर दिया। आरपीएफ कर्मियों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए डिप्टी एसएस के साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। आरपीएफ जवानों की इस गुंडागर्दी के चलते प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी मच गई और यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस हंगामे के कारण हीराकुंड एक्सप्रेस को कुछ देर तक स्टेशन पर ही खड़ा रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जीआरपी द्वारा घटना के सीसीटीवी फुटेज की भी गहनता से जांच की जा रही है। अब यह देखना बाकी है कि रेलवे के उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में दोषी जवानों के खिलाफ कितनी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।
- उत्तर प्रदेश में बहुजन राजनीति के भीतर सियासी हलचल काफी तेज हो गई है। मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दलित समाज से कानून हाथ में न लेने की जोरदार अपील की है। उन्होंने समाज से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए संवैधानिक और कानूनी रास्ते पर चलकर ही अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने को कहा। इसी दौरान उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसी घटनाओं पर केवल “मगरमच्छ के आंसू” बहाते हैं और समाज को भड़काने की कोशिश करते हैं। मीडिया रिपोर्टों में मायावती की इस टिप्पणी को चंद्रशेखर आजाद पर एक परोक्ष हमला बताया गया है। इस बयान के सामने आने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने भी अपना जवाब दिया है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मायावती के इस बयान से उनके मन को गहरी ठेस पहुंची है। हालांकि, उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में मायावती के प्रति अपना पूरा सम्मान जताया है, लेकिन साथ ही उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी असहमति भी जाहिर की है।1
- उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में अरुण खटीक केस में एक नया मोड़ आ गया है। इस पूरे मामले में अचानक दक्ष चौधरी की एंट्री हुई है, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया है।1
- फिरोजाबाद में सोनी नामक एक पीड़ित महिला न्याय पाने के लिए काफी परेशान दिखाई दे रही है। इस मामले में मठसेना पुलिस की तरफ से कोई सुनवाई नहीं की जा रही है, जिससे पीड़ित महिला न्याय के लिए बेहद परेशान है।1
- फिरोजाबाद के थाना दक्षिण पुलिस की टीम ने एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान 25 हजार रुपये के इनामी अंतर्राज्यीय टप्पेबाज अभियुक्त रामबदन उर्फ जादू उर्फ राजेश को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दिनांक 16-06-2026 को अंजाम दी गई, जिसके बाद शातिर अपराधी पुलिस की गिरफ्त में आया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अभियुक्त के कब्जे से टप्पेबाजी की घटना से संबंधित आभूषणों को बेचकर प्राप्त किए गए 7,200 रुपये नगद बरामद किए हैं। इसके साथ ही आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस भी बरामद किया गया है। इस पूरे मामले और पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ की जा रही विधिक कार्यवाही के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक नगर फिरोजाबाद द्वारा आधिकारिक तौर पर जानकारी दी गई है।1
- न्यूजीलैंड प्रवास के दौरान देश के पीएम नरेंद्र मोदी का वहां के नागरिकों द्वारा बेहद जोशीला स्वागत किया जा रहा है। यह देखकर अत्यंत खुशी होती है कि हमारे देश के पीएम को इंटरनेशनल मंच पर मुखिया का ओहदा मिल रहा है। हिन्दुओं का बैकअप और भारतीय राष्ट्रवादी विचारधारा अब दुनिया भर में नेतृत्व का उदाहरण बनकर उभर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में भारी बारिश के बाद हुए जलभराव के दौरान पुलिस की बहादुरी और इंसानियत की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है। लोहियानगर थाना क्षेत्र के बजौट रेलवे अंडरपास में लगातार बारिश के कारण 10 फीट गहरा गंदा पानी भर गया था। इस गहरे पानी में एक तांगा चालक और उसका घोड़ा फंस गए थे, जिन्हें बचाने के लिए फफूंडा चौकी प्रभारी दरोगा अरुण तिवारी ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही दरोगा अरुण तिवारी तुरंत मौके पर पहुंचे थे। परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बिना वक्त गंवाए अपनी वर्दी उतारी और सीधे गहरे पानी में उतर गए। करीब आधे घंटे के कड़े संघर्ष और स्थानीय लोगों की मदद से तांगा चालक के शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद, मृत घोड़े और तांगे को भी रस्सियों व क्रेन की सहायता से बाहर खिंचवाया गया। बचाव कार्य के दौरान पुलिस का यह मानवीय चेहरा और दरोगा अरुण तिवारी की तत्परता और अदम्य साहस देखकर हर कोई उनकी सराहना कर रहा है। अपनी जान की परवाह किए बिना इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाले ऐसे जाँबाज प्रभारी को अखण्ड इंडिया न्यूज़ सलाम करता है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की खुली गुंडागर्दी का बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ट्रेन रुकवाने को लेकर हुए विवाद में आरपीएफ कर्मियों ने डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ सरेआम मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। इस सनसनीखेज घटना का संज्ञान लेते हुए रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी 4 आरपीएफ कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लुधियाना से हीराकुंड एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री रंजीता राव आगरा कैंट स्टेशन पर पेठा खरीदने के लिए ट्रेन से नीचे उतरी थीं। प्लेटफॉर्म पर पेठा खरीदने के दौरान खुले पैसे मिलने में देरी हो गई और इसी बीच ट्रेन चलने लगी। पीड़ित महिला यात्री ने डिप्टी स्टेशन अधीक्षक से ट्रेन रुकवाने की गुहार लगाई, जिस पर उन्होंने मानवता दिखाते हुए गार्ड को सूचना दी और ट्रेन को रुकवा दिया ताकि महिला सुरक्षित रूप से ट्रेन में सवार हो सके। इसी दौरान मौके पर पहुंचे आरपीएफ जवानों ने ट्रेन रुकने को चेन पुलिंग का मामला समझ लिया और डिप्टी स्टेशन अधीक्षक द्वारा स्थिति स्पष्ट करने के बाद भी विवाद खड़ा कर दिया। आरपीएफ कर्मियों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए डिप्टी एसएस के साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। आरपीएफ जवानों की इस गुंडागर्दी के चलते प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी मच गई और यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस हंगामे के कारण हीराकुंड एक्सप्रेस को कुछ देर तक स्टेशन पर ही खड़ा रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जीआरपी द्वारा घटना के सीसीटीवी फुटेज की भी गहनता से जांच की जा रही है। अब यह देखना बाकी है कि रेलवे के उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में दोषी जवानों के खिलाफ कितनी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।1