उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद स्थित बेवर में प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान के नेतृत्व और ब्लॉक अध्यक्ष के सानिध्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने "जो सरकार निकम्मी है, वह सरकार बदलनी है" जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी भोगांव (व नायब तहसीलदार) के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले, छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों का मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस द्वारा अभद्रता और लाठीचार्ज किया गया। इसके अलावा, छात्रों के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भी सरकार ने अनुचित रवैया अपनाया। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए उन्होंने राष्ट्रपति से केंद्र सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान ने कहा कि देश का युवा, किसान और छात्र सरकार की नीतियों से नाराज है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की आवाज नहीं सुनी गई तो कांग्रेस इस आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। इस विरोध प्रदर्शन में पंकज सक्सेना, शहुल, रतन कुमार, सवार सिंह, अनुज, रहेश, दौलतराम, नरेंद्र सिंह, मोहित यादव, भूप सिंह और रिजवान अली सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद स्थित बेवर में प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान के नेतृत्व और ब्लॉक अध्यक्ष के सानिध्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने "जो सरकार निकम्मी है, वह सरकार बदलनी है" जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी भोगांव (व नायब तहसीलदार) के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले, छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों का मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस द्वारा अभद्रता और लाठीचार्ज किया गया। इसके अलावा, छात्रों के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भी सरकार ने अनुचित रवैया अपनाया। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए उन्होंने राष्ट्रपति से केंद्र सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान ने कहा कि देश का युवा, किसान और छात्र सरकार की नीतियों से नाराज है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की आवाज नहीं सुनी गई तो कांग्रेस इस आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। इस विरोध प्रदर्शन में पंकज सक्सेना, शहुल, रतन कुमार, सवार सिंह, अनुज, रहेश, दौलतराम, नरेंद्र सिंह, मोहित यादव, भूप सिंह और रिजवान अली सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद स्थित बेवर में प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान के नेतृत्व और ब्लॉक अध्यक्ष के सानिध्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने "जो सरकार निकम्मी है, वह सरकार बदलनी है" जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी भोगांव (व नायब तहसीलदार) के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले, छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों का मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस द्वारा अभद्रता और लाठीचार्ज किया गया। इसके अलावा, छात्रों के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भी सरकार ने अनुचित रवैया अपनाया। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए उन्होंने राष्ट्रपति से केंद्र सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान ने कहा कि देश का युवा, किसान और छात्र सरकार की नीतियों से नाराज है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की आवाज नहीं सुनी गई तो कांग्रेस इस आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। इस विरोध प्रदर्शन में पंकज सक्सेना, शहुल, रतन कुमार, सवार सिंह, अनुज, रहेश, दौलतराम, नरेंद्र सिंह, मोहित यादव, भूप सिंह और रिजवान अली सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले अंतर्गत बेवर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बुधवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) भोगांव श्री वेद प्रकाश को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का विश्वास कमजोर हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी।4
- मैनपुरी जिले की भोगांव तहसील और थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम व पोस्ट अहिरवा में सड़क की हालत बेहद खराब बनी हुई है। पूरी सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है और रास्ते में जगह-जगह गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लेकर मैनपुरी में सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला है। शहर के ईशन नदी पुल पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने "जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है" और "चंदा चोर गद्दी छोड़" जैसे तीखे नारे लगाए। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास किया, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस बल ने रोक दिया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर सपा विधायक ब्रजेश कठेरिया और जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य की मौजूदगी के बीच समाचार लिखे जाने तक सपाईयों का प्रदर्शन जारी था।1
- अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है। इसी के विरोध में मैनपुरी में शहर के ईशान नदी पुल पर बड़ी संख्या में सपाइयों ने एकजुट होकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने "जब-जब मोदी डरता है पुलिस को आगे करता है" और "चंदा चोर गद्दी छोड़" जैसे तीखे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें पुतला दहन करने से रोक दिया। क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बावजूद सपाइयों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस दौरान सपा विधायक ब्रजेश कठेरिया और जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य भी मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी स्थित कस्बा बेवर में बेवर थाना प्रभारी अनिल कुमार पुलिस बल के साथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान के आवास पर पहुंचे और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकते हुए हाउस अरेस्ट कर लिया। अपने ही घर में नजरबंद किए जाने के दौरान प्रकाश प्रधान ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के साथ-साथ पुलिस की कार्रवाई को लेकर तीखा हमला बोला। पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रकाश प्रधान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों का जिक्र किया और आरोप लगाया कि छात्रों, युवाओं, किसानों तथा विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को पुलिस बल के जरिए आवाज दबाने के बजाय संवाद करना चाहिए। NEET परीक्षा विवाद को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समर्थन करते हुए उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी उठ रही है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस सत्याग्रह के जरिए जनता के मुद्दे उठाती रहेगी और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, युवा कांग्रेस की ओर से भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। संगठन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, सार्वजनिक माफी और पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही युवा कांग्रेस ने आने वाले दिनों में चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन तेज करने का ऐलान किया है।2
- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित 'संसद चलो मार्च' के दौरान कथित तौर पर हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की थी। इसी कार्रवाई के खिलाफ शीर्ष अदालत में गुहार लगाई गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने सीजेआई सूर्यकांत की पीठ के समक्ष तर्क दिया कि आंदोलनकारी छात्र NEET परीक्षा के सही संचालन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। वकील ने पुलिस बर्बरता के वीडियो मौजूद होने का हवाला देकर तुरंत सुनवाई की मांग की। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वे अपना और अदालत का समय बर्बाद न करें। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है और इसे देखने का समय भी नहीं है।1