logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*मैहर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा मैहर विधायक सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने एवं सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा* *मैहर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा मैहर विधायक सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने एवं सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा* मैहर - स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर देशभक्ति के रंग में रंगे मैहर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ मैहर के उस्ताद अलाउद्दीन खां स्टेडियम से हुआ, जिसमें मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी, पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह, एसडीएम दिव्या पटेल, सीएसपी महेंद्र सिंह एवं तहसीलदार जितेंद्र पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। तिरंगा यात्रा में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में देशभक्ति के नारों और तिरंगे की शान ने माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए घंटाघर पहुंची, जहां इसका समापन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों और नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला। तिरंगा यात्रा ने मैहर की एकता, देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया।

1 hr ago
user_Satyaprakash Media Maihar
Satyaprakash Media Maihar
Photographer मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

*मैहर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा मैहर विधायक सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने एवं सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा* *मैहर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा मैहर विधायक सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने एवं सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा* मैहर - स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर

देशभक्ति के रंग में रंगे मैहर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ मैहर के उस्ताद अलाउद्दीन खां स्टेडियम से हुआ, जिसमें मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी, पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह, एसडीएम दिव्या पटेल, सीएसपी महेंद्र सिंह

542840f2-fb19-4659-a733-03952155c365

एवं तहसीलदार जितेंद्र पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। तिरंगा यात्रा में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में देशभक्ति के नारों और तिरंगे की शान ने माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर

78da55f6-8c70-47e0-857e-17b47dc66644

दिया। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए घंटाघर पहुंची, जहां इसका समापन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों और नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला। तिरंगा यात्रा ने मैहर की एकता, देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया।

More news from मैहर and nearby areas
  • Kjs के प्रदूषण और खुली khadan का जिम्मेदार कौन ❗️मैहर Kjs के प्रदूषण और खुली khadan का जिम्मेदार कौन ❗️मैहर Kjs के प्रदूषण और खुली khadan का जिम्मेदार कौन ❗️मैहर
    1
    Kjs के प्रदूषण और खुली khadan का जिम्मेदार कौन ❗️मैहर Kjs के प्रदूषण और खुली khadan का जिम्मेदार कौन ❗️मैहर 
Kjs के प्रदूषण और खुली khadan का जिम्मेदार कौन ❗️मैहर
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    20 hrs ago
  • *उस्ताद अल्लाउद्दीन खां स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम *उस्ताद अल्लाउद्दीन खां स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई।*
    1
    *उस्ताद अल्लाउद्दीन खां स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम 
*उस्ताद अल्लाउद्दीन खां स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की फुल ड्रेस रिहर्सल  आयोजित की गई।*
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *बघेली-बुंदेली-पचेली का साहित्यिक संगम, लोकभाषाओं की मिठास से सराबोर हुई कवि गोष्ठी* *पिथौराबाद में त्रिभाषीय आयोजन में गूंजे लोकजीवन, किसान पीड़ा और समकालीन सरोकारों के स्वर* सतना। पिथौराबाद में बघेली, बुंदेली और पचेली लोकबोलियों का अनूठा साहित्यिक संगम देखने को मिला। वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री बाबूलाल दाहिया के संयोजन में आयोजित त्रिभाषीय कवि गोष्ठी में तीनों लोकबोलियों के रचनाकारों ने कविता, गीत और दोहों के माध्यम से लोकजीवन, खेती-किसानी, सामाजिक सरोकार और समकालीन परिस्थितियों को स्वर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ बुंदेली कवि राजेंद्र सिंह परमार ने की, जबकि संचालन राजेंद्र सिंह ठाकुर ने किया। गोष्ठी की शुरुआत राजेंद्र सिंह ठाकुर की रचनात्मक प्रस्तुति से हुई। उन्होंने विभिन्न कवियों की रचनाओं के संदर्भों के साथ ‘पानी बरसाना’ कविता का पाठ किया। समरजीत वर्मा ने चुनावी व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए ‘9 पोलिंग पर 10 वोट’ कविता सुनाई। उनकी गजल ‘चोर-चोर मौसेरे भाई, सगे भाई से हबै लड़ाई’ ने समकालीन राजनीतिक परिस्थितियों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। अखिलेश खरे ‘अखिल’ ने पचेली बोली की विशेषताओं को कविता और दोहों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। डॉ.कंधीलाल हल्दकार ने ‘एक जमाना जब रहै ढूंरबन से भर सार’ जैसे दोहों और गीतों के माध्यम से पचेली की भाषाई पहचान और उसके शब्द-संसार को सामने रखा। उनकी रचनाओं में पचेली की सहजता के साथ हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं के प्रभाव की झलक भी दिखाई दी। गजेंद्र कुमार बख्शी ने ‘अपढ़ युवक का विवाह’ सहित हास्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। विजय कुमार बागरी ने ‘बगदर चामें रात भर कानन में भन्नाए’ जैसी रचनाओं के माध्यम से खेती-किसानी और ग्रामीण जीवन की तस्वीर लोक मुहावरों के साथ प्रस्तुत की। बघेली कवि अजीत प्रताप सिंह ‘कुंवर’ ने किसानों की पीड़ा और वर्तमान परिस्थितियों को स्वर देते हुए ‘सुनो हो राजा मालिक, अब जनतंत्र हमार’ कविता का पाठ किया। वरिष्ठ बुंदेली कवि राजेंद्र सिंह परमार ने ‘नोनी लगत बुंदेली’ सहित बुंदेली गीतों और कविताओं के माध्यम से बुंदेली भाषा की मिठास, लोकजीवन और सहज संवेदनाओं को अभिव्यक्ति दी। उनकी प्रस्तुति ने बुंदेली की विशिष्ट लोकधुन और शब्द-सौंदर्य का प्रभावशाली परिचय कराया। अपने संबोधन में पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने पचेली बोली को व्यापक साहित्यिक पहचान और मान्यता दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकबोलियां केवल बोलचाल का माध्यम नहीं हैं, बल्कि किसी क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा, इतिहास और लोकस्मृति की जीवंत धरोहर हैं। उन्होंने बघेली कविता का पाठ भी किया। गोष्ठी में तीनों लोकबोलियों के रचनाकारों के बीच आत्मीय साहित्यिक संवाद देखने को मिला। अलग-अलग अंचलों की बोलियां होने के बावजूद उनकी संवेदनाओं में लोकजीवन, प्रकृति, किसान और समाज की साझा तस्वीर उभरकर सामने आई। *कृषि संग्रहालय और बीज बैंक देख अभिभूत हुए कवि* गोष्ठी के बाद साहित्यकारों ने पद्मश्री बाबूलाल दाहिया द्वारा विकसित भूले-बिसरे कृषि यंत्रों के संग्रहालय और परंपरागत अनाजों के बीज बैंक का अवलोकन किया। यहां संरक्षित पुराने कृषि उपकरणों, ग्रामीण जीवन से जुड़ी वस्तुओं और पारंपरिक अनाजों की दुर्लभ किस्मों को देखकर अभिभूत नजर आए। उन्होंने दाहिया के इस संरक्षण कार्य को लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और जैव विविधता को बचाने की महत्वपूर्ण पहल बताया।
    3
    *बघेली-बुंदेली-पचेली का साहित्यिक संगम, लोकभाषाओं की मिठास से सराबोर हुई कवि गोष्ठी* 
*पिथौराबाद में त्रिभाषीय आयोजन में गूंजे लोकजीवन, किसान पीड़ा और समकालीन सरोकारों के स्वर* 
सतना। पिथौराबाद में बघेली, बुंदेली और पचेली लोकबोलियों का अनूठा साहित्यिक संगम देखने को मिला। वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री बाबूलाल दाहिया के संयोजन में आयोजित त्रिभाषीय कवि गोष्ठी में तीनों लोकबोलियों के रचनाकारों ने कविता, गीत और दोहों के माध्यम से लोकजीवन, खेती-किसानी, सामाजिक सरोकार और समकालीन परिस्थितियों को स्वर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ बुंदेली कवि राजेंद्र सिंह परमार ने की, जबकि संचालन राजेंद्र सिंह ठाकुर ने किया। गोष्ठी की शुरुआत राजेंद्र सिंह ठाकुर की रचनात्मक प्रस्तुति से हुई। उन्होंने विभिन्न कवियों की रचनाओं के संदर्भों के साथ ‘पानी बरसाना’ कविता का पाठ किया। समरजीत वर्मा ने चुनावी व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए ‘9 पोलिंग पर 10 वोट’ कविता सुनाई। उनकी गजल ‘चोर-चोर मौसेरे भाई, सगे भाई से हबै लड़ाई’ ने समकालीन राजनीतिक परिस्थितियों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। अखिलेश खरे ‘अखिल’ ने पचेली बोली की विशेषताओं को कविता और दोहों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। डॉ.कंधीलाल हल्दकार ने ‘एक जमाना जब रहै ढूंरबन से भर सार’ जैसे दोहों और गीतों के माध्यम से पचेली की भाषाई पहचान और उसके शब्द-संसार को सामने रखा। उनकी रचनाओं में पचेली की सहजता के साथ हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं के प्रभाव की झलक भी दिखाई दी। गजेंद्र कुमार बख्शी ने ‘अपढ़ युवक का विवाह’ सहित हास्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। विजय कुमार बागरी ने ‘बगदर चामें रात भर कानन में भन्नाए’ जैसी रचनाओं के माध्यम से खेती-किसानी और ग्रामीण जीवन की तस्वीर लोक मुहावरों के साथ प्रस्तुत की। बघेली कवि अजीत प्रताप सिंह ‘कुंवर’ ने किसानों की पीड़ा और वर्तमान परिस्थितियों को स्वर देते हुए ‘सुनो हो राजा मालिक, अब जनतंत्र हमार’ कविता का पाठ किया। वरिष्ठ बुंदेली कवि राजेंद्र सिंह परमार ने ‘नोनी लगत बुंदेली’ सहित बुंदेली गीतों और कविताओं के माध्यम से बुंदेली भाषा की मिठास, लोकजीवन और सहज संवेदनाओं को अभिव्यक्ति दी। उनकी प्रस्तुति ने बुंदेली की विशिष्ट लोकधुन और शब्द-सौंदर्य का प्रभावशाली परिचय कराया।
अपने संबोधन में पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने पचेली बोली को व्यापक साहित्यिक पहचान और मान्यता दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकबोलियां केवल बोलचाल का माध्यम नहीं हैं, बल्कि किसी क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा, इतिहास और लोकस्मृति की जीवंत धरोहर हैं। उन्होंने बघेली कविता का पाठ भी किया। गोष्ठी में तीनों लोकबोलियों के रचनाकारों के बीच आत्मीय साहित्यिक संवाद देखने को मिला। अलग-अलग अंचलों की बोलियां होने के बावजूद उनकी संवेदनाओं में लोकजीवन, प्रकृति, किसान और समाज की साझा तस्वीर उभरकर सामने आई।
*कृषि संग्रहालय और बीज बैंक देख अभिभूत हुए कवि* 
गोष्ठी के बाद साहित्यकारों ने पद्मश्री बाबूलाल दाहिया द्वारा विकसित भूले-बिसरे कृषि यंत्रों के संग्रहालय और परंपरागत अनाजों के बीज बैंक का अवलोकन किया। यहां संरक्षित पुराने कृषि उपकरणों, ग्रामीण जीवन से जुड़ी वस्तुओं और पारंपरिक अनाजों की दुर्लभ किस्मों को देखकर अभिभूत नजर आए। उन्होंने दाहिया के इस संरक्षण कार्य को लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और जैव विविधता को बचाने की महत्वपूर्ण पहल बताया।
    user_अनुपम दाहिया
    अनुपम दाहिया
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद शहर में बिक रही अवैध शराब, नशा मुक्ति अभियान सिर्फ दिखवा, जनपद कार्यालय के बाहर जारी है अवैध शराब बिक्री पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद शहर में बिक रही अवैध शराब, नशा मुक्ति अभियान सिर्फ दिखवा, जनपद कार्यालय के बाहर जारी है अवैध शराब बिक्री मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के धार्मिक नगरों में शराब की बिक्री पर पूर्णत प्रतिबंध लगा दिया है जिसमें मां शारदा देवी शक्ति का पीठ कहे जाने वाली जगत जननी के बावजूद मैहर शहर के बीचों-बीच स्थित जनपद कार्यालय के बाहर ठेले में स्टॉक जमा कर शराब की अवैध बिक्री जोरो से जारी है शहर में शराबियों की भीड़ एकत्रित होने के बाद भी प्रशासन को क्या इतनी भी खबर नहीं है की शहर में अवैध शराब की बिक्री की जा रही है समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करने के बाद भी इन अवैध शराब की बिक्री करने वालों पर कार्यवाही नहीं की जाती है वही पुलिस विभाग नशा मुक्ति अभियान का राग अलापने हुए जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर वाह वही तो लूट रहा है लेकिन शहर में बिक रही धार्मिक नगरी में अवैध शराब पर रोक नहीं लग पा रही है और शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं की की धार्मिक नगरी में पूर्णत प्रतिबंध के बावजूद बिक्री जारी है और किसी की जरूरत नहीं की इन अवैध माफियाओं पर कार्यवाही कर सके
    1
    पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद शहर में बिक रही अवैध शराब, नशा मुक्ति अभियान सिर्फ दिखवा, जनपद कार्यालय के बाहर जारी है अवैध शराब बिक्री

पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद शहर में बिक रही अवैध शराब, नशा मुक्ति अभियान सिर्फ दिखवा, जनपद कार्यालय के बाहर जारी है अवैध शराब बिक्री
मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के धार्मिक नगरों में शराब की बिक्री पर पूर्णत प्रतिबंध लगा दिया है जिसमें मां शारदा देवी शक्ति का पीठ कहे जाने वाली जगत जननी के बावजूद  मैहर शहर के बीचों-बीच स्थित जनपद कार्यालय के बाहर ठेले में स्टॉक जमा कर शराब की अवैध बिक्री जोरो से जारी है शहर में शराबियों की भीड़ एकत्रित होने के बाद भी प्रशासन को क्या इतनी भी खबर नहीं है की शहर में अवैध शराब की बिक्री की जा रही है समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करने के बाद भी इन अवैध शराब की बिक्री करने वालों पर कार्यवाही नहीं की जाती है वही पुलिस विभाग नशा मुक्ति अभियान का राग अलापने हुए जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर वाह वही तो लूट रहा है लेकिन शहर में बिक रही धार्मिक नगरी में अवैध शराब पर रोक नहीं लग पा रही है और शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं की की धार्मिक नगरी में पूर्णत प्रतिबंध के बावजूद बिक्री जारी है और किसी की जरूरत नहीं की इन अवैध माफियाओं पर कार्यवाही कर सके
    user_Rajkumar Mishra
    Rajkumar Mishra
    Local News Reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • हर घर तिरंगा अभियान के तहत मैहर में देश भक्ति के गीतों की संगीत संध्या का आयोजन हुआ मैहर, 12 अगस्त। हर घर तिरंगा अभियान के तहत बुधवार शाम पर्यटन सूचना केंद्र (हाउसिंग बोर्ड), मैहर में संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मैहर विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी एवं कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने मां शारदा के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। संगीत संध्या में मैहर बैंड के कलाकारों ने नल तरंग वादन की मनमोहक प्रस्तुति देकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके पश्चात संगीत महाविद्यालय की छात्राओं ने कथक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। प्रस्तुतियों ने उपस्थित संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता संतोष सोनी, श्री कमलेश सुहाने, पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह, श्री संतोष सोनी, श्री सूर्यप्रकाश चौरसिया, श्री कुलदीप द्विवेदी, सीईओ श्री अशोक कुमार तिवारी सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।
    2
    हर घर तिरंगा अभियान के तहत मैहर में  देश भक्ति के गीतों की संगीत संध्या का आयोजन हुआ
मैहर, 12 अगस्त। हर घर तिरंगा अभियान के तहत बुधवार शाम  पर्यटन सूचना केंद्र (हाउसिंग बोर्ड), मैहर में संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मैहर विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी एवं कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने मां शारदा के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
संगीत संध्या में मैहर बैंड के कलाकारों ने नल तरंग वादन की मनमोहक प्रस्तुति देकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके पश्चात संगीत महाविद्यालय की छात्राओं ने कथक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। प्रस्तुतियों ने उपस्थित संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता संतोष सोनी, श्री कमलेश सुहाने, पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह, श्री संतोष सोनी, श्री सूर्यप्रकाश चौरसिया, श्री कुलदीप द्विवेदी, सीईओ श्री अशोक कुमार तिवारी सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।
    user_गोवर्धन गुप्ता
    गोवर्धन गुप्ता
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.