पटना जिले के फतुहा स्थित रसलपुर गाँव में रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) किसान प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित की गई। किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष धर्मवीर यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराधों में वृद्धि और किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न सेटेलाइट टाउन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राजद किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल कृष्ण चंदन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने सभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने राजद नेता एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के संदेशों को कार्यकर्ताओं तक पहुँचाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसान, मजदूर और आम जनता मौजूदा समय में कई समस्याओं से जूझ रही है, जहाँ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना आवश्यक बताया गया। इस कार्यक्रम में जिला और प्रखंड स्तर के राजद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। नेताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन चलाने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में, किसानों के हित में संघर्ष को और तेज करने तथा संगठन विस्तार पर विशेष बल दिया गया।
पटना जिले के फतुहा स्थित रसलपुर गाँव में रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) किसान प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित की गई। किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष धर्मवीर यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराधों में वृद्धि और किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न सेटेलाइट टाउन मुद्दों पर विस्तार से
चर्चा की गई। बैठक में राजद किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल कृष्ण चंदन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने सभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने राजद नेता एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के संदेशों को कार्यकर्ताओं तक पहुँचाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसान, मजदूर और आम
जनता मौजूदा समय में कई समस्याओं से जूझ रही है, जहाँ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना आवश्यक बताया गया। इस कार्यक्रम में जिला और प्रखंड स्तर के राजद
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। नेताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन चलाने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में, किसानों के हित में संघर्ष को और तेज करने तथा संगठन विस्तार पर विशेष बल दिया गया।
- राजधानी पटना स्थित "BACK TO NATURE" CLINIC के निदेशक, "वर्ल्ड फेमस" कायरोप्रैक्टर डॉ. रजनीश कांत के साथ एक खास बातचीत की गई। यह एक्सक्लूसिव इंटरव्यू LIVE BIHAR NEWS NETWORK पर प्रसारित हुआ।1
- फतुहा में जमीन रजिस्ट्री पर लगी रोक को लेकर किसानों और ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। रविवार को फतुहा प्रखंड के रसलपुर गांव स्थित सुरक्षा बांध के पास राजद किसान प्रकोष्ठ ने एक बड़ी किसान सभा का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया। सभा में सरकार के इस फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल हटाने की मांग की गई। इस सभा की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष धर्मवीर गोप ने की, जहाँ प्रदेश किसान प्रकोष्ठ अध्यक्ष गोपाल कृष्ण चंदन, नगर अध्यक्ष दयानंद यादव, वरिष्ठ नेता श्यामनंद यादव, गौतम यादव, संजय यादव समेत कई नेताओं ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सभा में मौजूद किसानों और ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि गांवों में जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि परिवारों की सबसे बड़ी पूंजी और संकट के समय का सहारा होती है। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी तय होने पर, किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए, बच्चों की उच्च शिक्षा के खर्च हेतु या किसी आपात स्थिति में पैसों की जरूरत पड़ने पर लोग अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचकर व्यवस्था करते हैं। लेकिन, रजिस्ट्री पर लगी इस रोक ने ऐसे हजारों परिवारों को गहरे असमंजस और परेशानी में डाल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार के इस फैसले का सबसे अधिक प्रभाव गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ा है, जिनके पास आय का कोई अन्य बड़ा साधन नहीं है और जमीन ही उनकी आखिरी उम्मीद है। अब वे न तो अपनी जमीन बेच पा रहे हैं और न ही जरूरत के समय धन का प्रबंध कर पा रहे हैं, जिससे सामाजिक और आर्थिक दोनों तरह की समस्याएं बढ़ रही हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर पूरे प्रदेश में असंतोष बढ़ रहा है और लोग खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। वक्ताओं ने यह भी बताया कि यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है और किसानों को जल्द ही किसी सकारात्मक समाधान की उम्मीद है। राजद नेताओं ने किसानों और ग्रामीणों की आवाज को हर स्तर पर उठाने का संकल्प व्यक्त किया और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी दी। उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में सरकार से अपील की कि आम जनता की परेशानियों को देखते हुए जमीन रजिस्ट्री पर लगी रोक को जल्द हटाया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा, क्योंकि यह मुद्दा हजारों परिवारों के भविष्य और जीवन-यापन से जुड़ा एक बड़ा जनसरोकार बन चुका है। ग्रामीणों ने सरकार से कानून-व्यवस्था के साथ-साथ उन परिवारों की मजबूरियों को समझने का आग्रह किया जिनकी उम्मीदें अपनी ही जमीन पर आकर ठहर गई हैं।1
- ज्ञान भवन पटना से मिली एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, डेबिटल एक्सपो में आयोजित सेमिनार में बड़ी संख्या में मेहमानों ने हिस्सा लिया। यह जानकारी डेंट श्लोक 2026 के संदर्भ में प्रस्तुत की गई है।1
- बिहार में एनडीए पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा एमएलसी की सीट न मिलने को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।1
- बिहार के वैशाली जिले में एक मौत को लेकर भारी बवाल मच गया है। इस घटना से आक्रोशित मृतक के परिजन पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर उतर आए हैं।1
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता शिवचंद्र राम, जो तेजस्वी से जुड़े बताए जाते हैं, ने विधान परिषद (MLC) नहीं बनाए जाने से नाराज़ होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस दौरान वे फूट-फूट कर रोते हुए देखे गए, जिससे उनकी गहरी निराशा और मानसिक पीड़ा स्पष्ट झलक रही थी। उनकी यह नाराज़गी ऐसे समय में सामने आई है, जब आज ही सुनील सिंह ने राजद की ओर से MLC पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। शिवचंद्र राम ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि वे पिछले चार रातों से सो नहीं पाए हैं और उन्होंने यह भी कहा कि 'ऐसी ज़िंदगी भगवान किसी को न दे'।1
- राजधानी पटना के भागवत नगर में स्थित श्रीहन अस्पताल के निदेशक डॉ. विनय कुमार से एक विशेष बातचीत की गई है।1
- रोटरी नेक्स्ट जेन के अध्यक्ष अभिषेक सर का एक विशेष साक्षात्कार लिया गया है।1
- अमृतसर जंक्शन पर एक ट्रेन हादसा हुआ, जहां ट्रेन की कपलिंग टूटने के कारण धमाका हुआ।1