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गया शहर के ब्रह्मसत सरोवर में आगामी 15 जून, 2026 को संध्याकाल में एक विशेष कार्यक्रम 'एक शाम पितरों के नाम' का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भव्य रूप से दीप दान और महाआरती की जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
Uma Shanker singh
गया शहर के ब्रह्मसत सरोवर में आगामी 15 जून, 2026 को संध्याकाल में एक विशेष कार्यक्रम 'एक शाम पितरों के नाम' का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भव्य रूप से दीप दान और महाआरती की जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
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- गया शहर के विष्णुपद थाना क्षेत्र में हनुमान मंदिर बाईपास रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। एक अज्ञात तेज रफ्तार गाड़ी ने एक बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना में युवक का पैर कटकर डिवाइडर में फंस गया। पुलिस और स्थानीय नागरिकों की त्वरित मदद से घायल युवक को तत्काल इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, गया भेजा गया है।1
- बाराचट्टी प्रखंड में कांग्रेस पार्टी ने इंतेखाब आलम खान को अपना नया प्रखंड अध्यक्ष नियुक्त किया है।1
- नगर पंचायत मखदुमपुर और प्रगतिशील युवा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, रोजगार, सेना बहाली और विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने वाले युवाओं का उत्साहवर्धन करना था। समारोह के दौरान नगर पंचायत क्षेत्र के 200 से अधिक प्रतिभाशाली युवक-युवतियों को प्रशस्ति पत्र और सम्मान देकर उनकी उपलब्धियों को सराहा गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुर्मा मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर शंकर सिंह, बीडीओ मृत्युंजय कुमार, नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी सीमा कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता पम्पी शर्मा और वार्ड पार्षद संघ के अध्यक्ष रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा ने इस पहल को नगर पंचायत द्वारा एक सकारात्मक कदम बताया, जिससे बच्चों और युवाओं का मनोबल बढ़ेगा तथा वे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने समाज के विकास के लिए शिक्षा और प्रतिभा के सम्मान को अत्यंत आवश्यक बताया। इस समारोह में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ, सेना बहाली, सरकारी सेवाओं और निजी क्षेत्र में सफलता हासिल करने वाले युवाओं को भी सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले युवक-युवतियों में विशेष उत्साह देखा गया, और उन्होंने इस पहल के लिए नगर पंचायत तथा आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान स्वागत गीत, स्वच्छता जागरूकता गीत और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया, जिनके माध्यम से सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया। समारोह में वार्ड पार्षद नवल किशोर सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक अवधेश शर्मा, संजय कुमार, नवल कुमार, सिटी मैनेजर संजीत कुमार, शिक्षक सुधीर शर्मा, प्रेमजीत कुमार, मनीष कुमार, नितीश कुमार सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रगतिशील युवा संगठन मखदुमपुर डीह के छात्रों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और व्यवस्था संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्षेत्र के लोगों ने इस आयोजन को युवाओं को प्रोत्साहित करने वाली एक सराहनीय पहल बताया।1
- Post by Dobhi se1
- सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती उपस्थिति एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इसी समस्या को देखते हुए, चतरा के हंटरगंज स्थित रामनारायण उच्च विद्यालय प्लस टू के प्राचार्य अनूप कुमार और पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने एक अनोखी पहल की है। दोनों शिक्षा अधिकारी रविवार को विद्यालय के शिक्षकों— उमेश कुमार, डॉ. पुरुषोत्तम सिंह, महादेव महतो और सुशील कुमार दास — के साथ प्रखंड के कुब्बा गांव पहुंचे और अभिभावकों से घर-घर जाकर बच्चों को रोज स्कूल भेजने की भावुक अपील की। प्राचार्य अनूप कुमार ने बताया कि विद्यालय में नामांकन 2900 से अधिक है, फिर भी दैनिक उपस्थिति 60% से भी कम रहती है। विशेषकर, 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चे अक्सर खेती, मजदूरी या घरेलू कामों में लग जाते हैं, जिससे उनका पाठ्यक्रम छूट जाता है और परीक्षा परिणाम प्रभावित होता है। इसी चुनौती को देखते हुए वे स्वयं गांव-गांव जाकर अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि अशिक्षा सभी समस्याओं की जड़ है और जब तक बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं आएंगे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि सरकार बच्चों को मुफ्त किताबें, पोशाक और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं दे रही है, फिर भी उनकी अनुपस्थिति चिंताजनक है। कुब्बा गांव के निवासियों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिसमें बरसात में नदी-नाले पार कर स्कूल जाना, खराब और सिंगल लेन सड़कें जहां चार पहिया वाहन तेज गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है, और कई बच्चों के पास साइकिल न होना शामिल था। कुछ अभिभावकों ने गरीबी के कारण बच्चों को मजदूरी पर भेजने की मजबूरी भी बताई, जबकि लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। इस पर प्राचार्य अनूप कुमार ने आश्वासन दिया कि विद्यालय प्रबंधन से चर्चा के बाद बस या ई-रिक्शा की व्यवस्था का प्रस्ताव जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बच्चों को साइकिल नहीं मिली है, उनकी सूची बनाकर विभाग को भेजी जाएगी और लड़कियों के लिए सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग भी शुरू की जाएगी। पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जैक बोर्ड की परीक्षा में बैठने के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य है और कम हाजिरी होने पर फॉर्म नहीं भरा जाएगा, साथ ही छात्रवृत्ति और पोशाक का लाभ भी नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि हर महीने अभिभावक-शिक्षक बैठक होगी और जो बच्चा बिना सूचना के लगातार तीन दिन गैरहाजिर रहेगा, उसके घर शिक्षक जाएंगे। गांव में लगाई गई चौपाल में बच्चों ने भी रोज स्कूल आने का संकल्प लिया। कक्षा 12 की छात्रा किरण कुमारी ने स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्था की प्रशंसा की, साथ ही राज्य स्तर पर खेल में प्रतिनिधित्व करने का भी उल्लेख किया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई प्राचार्य खुद गांव आकर बच्चों की पढ़ाई की चिंता कर रहे हैं, और उन्होंने मिलकर स्कूल में 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। प्राचार्य अनूप कुमार ने घोषणा की कि यह अभियान हर पंचायत में चलेगा और अगले सप्ताह अन्य गांवों में भी चौपाल लगाई जाएगी। साथ ही, मेधावी और 100% उपस्थिति वाले बच्चों को हर महीने पुरस्कृत किया जाएगा और गांवों में "स्कूल चलें हम" दीवार लेखन भी कराया जाएगा। शिक्षा विभाग के इस कदम से यह उम्मीद जगी है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार होगा और नामांकन के साथ-साथ बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ेगी।3
- पुलिस ने पत्रकार प्रिंस कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना पर लोगों में यह चर्चा है कि पत्रकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण यह महंगी कीमत चुकानी पड़ी है।1
- जहानाबाद जिले में रविवार को केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती प्रतियोगिता परीक्षा कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हुई। यह परीक्षा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में मद्य सिपाही के 1697 पदों, कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय, गृह विभाग में कक्षपाल के 2431 पदों तथा परिवहन विभाग में चलंत दस्ता सिपाही के 108 पदों सहित कुल 4236 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जा रही है। इस भर्ती परीक्षा के सफल एवं निष्पक्ष संचालन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा, निगरानी एवं विधि-व्यवस्था की पुख्ता व्यवस्था की है। अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और केंद्राधीक्षकों तथा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिले के कुल 10 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई जा रही है; पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया, जबकि केंद्रों के बाहर एवं आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई। जिला प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं, जिसके तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर है। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से परीक्षा संबंधी निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की है। प्रशासन के अनुसार, परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संचालित हो रही है और सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई हैं।1
- धर्म कर्म चैनल ने सद्गुरु स्वामी त्यागी सिद्धनाथ जी महाराज, शून्य शिखर हिमालयन योगी परमहंस जी, एवं कृपापात्र संत श्री सिद्धनाथ जी महाराज, जिंग्यांगमठ सिद्धाश्रम, शून्य शिखर हिमालयन सिद्ध योगी जी महाराज के माध्यम से एक संदेश साझा किया है। इस संदेश में समाज के कल्याण, देश के विकास, प्राणियों में प्रेम और ईश्वर में विश्वास की कामना की गई है। इसमें इस बात पर बल दिया गया है कि आध्यात्म विद्या के बिना मानव जीवन का वास्तविक विकास संभव नहीं है। आध्यात्म को जीवन की ज्योति बताया गया है, जो मानव को अंधकार से पूर्ण प्रकाश की ओर ले जाती है और हमारी जीवन ज्योति को निखारती है। यह भी कहा गया है कि जो मानव आध्यात्म का चयन करता है, उसकी जिंदगी सफलता के शिखर तक पहुंच जाती है। अंत में, संदेश में धर्म की जय, अधर्म के नाश और प्राणियों में सद्भावना होने की प्रार्थना की गई है।2
- एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया है कि वह अपने घर की तरफ गली नहीं बनाएगा। उन्होंने इसका कारण यह बताया है कि इस गली में ऑटो-रिक्शा नहीं जा पाते हैं, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है।1