logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती उपस्थिति एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इसी समस्या को देखते हुए, चतरा के हंटरगंज स्थित रामनारायण उच्च विद्यालय प्लस टू के प्राचार्य अनूप कुमार और पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने एक अनोखी पहल की है। दोनों शिक्षा अधिकारी रविवार को विद्यालय के शिक्षकों— उमेश कुमार, डॉ. पुरुषोत्तम सिंह, महादेव महतो और सुशील कुमार दास — के साथ प्रखंड के कुब्बा गांव पहुंचे और अभिभावकों से घर-घर जाकर बच्चों को रोज स्कूल भेजने की भावुक अपील की। प्राचार्य अनूप कुमार ने बताया कि विद्यालय में नामांकन 2900 से अधिक है, फिर भी दैनिक उपस्थिति 60% से भी कम रहती है। विशेषकर, 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चे अक्सर खेती, मजदूरी या घरेलू कामों में लग जाते हैं, जिससे उनका पाठ्यक्रम छूट जाता है और परीक्षा परिणाम प्रभावित होता है। इसी चुनौती को देखते हुए वे स्वयं गांव-गांव जाकर अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि अशिक्षा सभी समस्याओं की जड़ है और जब तक बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं आएंगे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि सरकार बच्चों को मुफ्त किताबें, पोशाक और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं दे रही है, फिर भी उनकी अनुपस्थिति चिंताजनक है। कुब्बा गांव के निवासियों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिसमें बरसात में नदी-नाले पार कर स्कूल जाना, खराब और सिंगल लेन सड़कें जहां चार पहिया वाहन तेज गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है, और कई बच्चों के पास साइकिल न होना शामिल था। कुछ अभिभावकों ने गरीबी के कारण बच्चों को मजदूरी पर भेजने की मजबूरी भी बताई, जबकि लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। इस पर प्राचार्य अनूप कुमार ने आश्वासन दिया कि विद्यालय प्रबंधन से चर्चा के बाद बस या ई-रिक्शा की व्यवस्था का प्रस्ताव जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बच्चों को साइकिल नहीं मिली है, उनकी सूची बनाकर विभाग को भेजी जाएगी और लड़कियों के लिए सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग भी शुरू की जाएगी। पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जैक बोर्ड की परीक्षा में बैठने के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य है और कम हाजिरी होने पर फॉर्म नहीं भरा जाएगा, साथ ही छात्रवृत्ति और पोशाक का लाभ भी नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि हर महीने अभिभावक-शिक्षक बैठक होगी और जो बच्चा बिना सूचना के लगातार तीन दिन गैरहाजिर रहेगा, उसके घर शिक्षक जाएंगे। गांव में लगाई गई चौपाल में बच्चों ने भी रोज स्कूल आने का संकल्प लिया। कक्षा 12 की छात्रा किरण कुमारी ने स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्था की प्रशंसा की, साथ ही राज्य स्तर पर खेल में प्रतिनिधित्व करने का भी उल्लेख किया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई प्राचार्य खुद गांव आकर बच्चों की पढ़ाई की चिंता कर रहे हैं, और उन्होंने मिलकर स्कूल में 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। प्राचार्य अनूप कुमार ने घोषणा की कि यह अभियान हर पंचायत में चलेगा और अगले सप्ताह अन्य गांवों में भी चौपाल लगाई जाएगी। साथ ही, मेधावी और 100% उपस्थिति वाले बच्चों को हर महीने पुरस्कृत किया जाएगा और गांवों में "स्कूल चलें हम" दीवार लेखन भी कराया जाएगा। शिक्षा विभाग के इस कदम से यह उम्मीद जगी है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार होगा और नामांकन के साथ-साथ बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ेगी।

6 hrs ago
user_Saryu Yadav
Saryu Yadav
Local News Reporter शालिग्राम राम नारायणपुर (हंटरगंज), चतरा, झारखंड•
6 hrs ago

सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती उपस्थिति एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इसी समस्या को देखते हुए, चतरा के हंटरगंज स्थित रामनारायण उच्च विद्यालय प्लस टू के प्राचार्य अनूप कुमार और पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने एक अनोखी पहल की है। दोनों शिक्षा अधिकारी रविवार को विद्यालय के शिक्षकों— उमेश कुमार, डॉ. पुरुषोत्तम सिंह, महादेव महतो और सुशील कुमार दास — के साथ प्रखंड के कुब्बा गांव पहुंचे और अभिभावकों से घर-घर जाकर बच्चों को रोज स्कूल भेजने की भावुक अपील की। प्राचार्य अनूप कुमार ने बताया कि विद्यालय में नामांकन 2900 से अधिक है, फिर भी दैनिक उपस्थिति 60% से भी कम रहती है। विशेषकर, 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चे अक्सर खेती, मजदूरी या घरेलू कामों में लग जाते हैं, जिससे उनका पाठ्यक्रम छूट जाता है और परीक्षा परिणाम प्रभावित होता है। इसी चुनौती को देखते हुए वे स्वयं गांव-गांव जाकर अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि अशिक्षा सभी समस्याओं की जड़ है और जब तक बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं आएंगे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि

सरकार बच्चों को मुफ्त किताबें, पोशाक और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं दे रही है, फिर भी उनकी अनुपस्थिति चिंताजनक है। कुब्बा गांव के निवासियों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिसमें बरसात में नदी-नाले पार कर स्कूल जाना, खराब और सिंगल लेन सड़कें जहां चार पहिया वाहन तेज गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है, और कई बच्चों के पास साइकिल न होना शामिल था। कुछ अभिभावकों ने गरीबी के कारण बच्चों को मजदूरी पर भेजने की मजबूरी भी बताई, जबकि लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। इस पर प्राचार्य अनूप कुमार ने आश्वासन दिया कि विद्यालय प्रबंधन से चर्चा के बाद बस या ई-रिक्शा की व्यवस्था का प्रस्ताव जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बच्चों को साइकिल नहीं मिली है, उनकी सूची बनाकर विभाग को भेजी जाएगी और लड़कियों के लिए सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग भी शुरू की जाएगी। पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जैक बोर्ड की परीक्षा में बैठने के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य है और कम हाजिरी होने पर फॉर्म नहीं भरा जाएगा, साथ ही छात्रवृत्ति और पोशाक का लाभ भी नहीं मिलेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि हर महीने अभिभावक-शिक्षक बैठक होगी और जो बच्चा बिना सूचना के लगातार तीन दिन गैरहाजिर रहेगा, उसके घर शिक्षक जाएंगे। गांव में लगाई गई चौपाल में बच्चों ने भी रोज स्कूल आने का संकल्प लिया। कक्षा 12 की छात्रा किरण कुमारी ने स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्था की प्रशंसा की, साथ ही राज्य स्तर पर खेल में प्रतिनिधित्व करने का भी उल्लेख किया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई प्राचार्य खुद गांव आकर बच्चों की पढ़ाई की चिंता कर रहे हैं, और उन्होंने मिलकर स्कूल में 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। प्राचार्य अनूप कुमार ने घोषणा की कि यह अभियान हर पंचायत में चलेगा और अगले सप्ताह अन्य गांवों में भी चौपाल लगाई जाएगी। साथ ही, मेधावी और 100% उपस्थिति वाले बच्चों को हर महीने पुरस्कृत किया जाएगा और गांवों में "स्कूल चलें हम" दीवार लेखन भी कराया जाएगा। शिक्षा विभाग के इस कदम से यह उम्मीद जगी है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार होगा और नामांकन के साथ-साथ बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ेगी।

More news from झारखंड and nearby areas
  • सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती उपस्थिति एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इसी समस्या को देखते हुए, चतरा के हंटरगंज स्थित रामनारायण उच्च विद्यालय प्लस टू के प्राचार्य अनूप कुमार और पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने एक अनोखी पहल की है। दोनों शिक्षा अधिकारी रविवार को विद्यालय के शिक्षकों— उमेश कुमार, डॉ. पुरुषोत्तम सिंह, महादेव महतो और सुशील कुमार दास — के साथ प्रखंड के कुब्बा गांव पहुंचे और अभिभावकों से घर-घर जाकर बच्चों को रोज स्कूल भेजने की भावुक अपील की। प्राचार्य अनूप कुमार ने बताया कि विद्यालय में नामांकन 2900 से अधिक है, फिर भी दैनिक उपस्थिति 60% से भी कम रहती है। विशेषकर, 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चे अक्सर खेती, मजदूरी या घरेलू कामों में लग जाते हैं, जिससे उनका पाठ्यक्रम छूट जाता है और परीक्षा परिणाम प्रभावित होता है। इसी चुनौती को देखते हुए वे स्वयं गांव-गांव जाकर अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि अशिक्षा सभी समस्याओं की जड़ है और जब तक बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं आएंगे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि सरकार बच्चों को मुफ्त किताबें, पोशाक और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं दे रही है, फिर भी उनकी अनुपस्थिति चिंताजनक है। कुब्बा गांव के निवासियों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिसमें बरसात में नदी-नाले पार कर स्कूल जाना, खराब और सिंगल लेन सड़कें जहां चार पहिया वाहन तेज गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है, और कई बच्चों के पास साइकिल न होना शामिल था। कुछ अभिभावकों ने गरीबी के कारण बच्चों को मजदूरी पर भेजने की मजबूरी भी बताई, जबकि लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। इस पर प्राचार्य अनूप कुमार ने आश्वासन दिया कि विद्यालय प्रबंधन से चर्चा के बाद बस या ई-रिक्शा की व्यवस्था का प्रस्ताव जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बच्चों को साइकिल नहीं मिली है, उनकी सूची बनाकर विभाग को भेजी जाएगी और लड़कियों के लिए सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग भी शुरू की जाएगी। पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जैक बोर्ड की परीक्षा में बैठने के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य है और कम हाजिरी होने पर फॉर्म नहीं भरा जाएगा, साथ ही छात्रवृत्ति और पोशाक का लाभ भी नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि हर महीने अभिभावक-शिक्षक बैठक होगी और जो बच्चा बिना सूचना के लगातार तीन दिन गैरहाजिर रहेगा, उसके घर शिक्षक जाएंगे। गांव में लगाई गई चौपाल में बच्चों ने भी रोज स्कूल आने का संकल्प लिया। कक्षा 12 की छात्रा किरण कुमारी ने स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्था की प्रशंसा की, साथ ही राज्य स्तर पर खेल में प्रतिनिधित्व करने का भी उल्लेख किया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई प्राचार्य खुद गांव आकर बच्चों की पढ़ाई की चिंता कर रहे हैं, और उन्होंने मिलकर स्कूल में 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। प्राचार्य अनूप कुमार ने घोषणा की कि यह अभियान हर पंचायत में चलेगा और अगले सप्ताह अन्य गांवों में भी चौपाल लगाई जाएगी। साथ ही, मेधावी और 100% उपस्थिति वाले बच्चों को हर महीने पुरस्कृत किया जाएगा और गांवों में "स्कूल चलें हम" दीवार लेखन भी कराया जाएगा। शिक्षा विभाग के इस कदम से यह उम्मीद जगी है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार होगा और नामांकन के साथ-साथ बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ेगी।
    3
    सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती उपस्थिति एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इसी समस्या को देखते हुए, चतरा के हंटरगंज स्थित रामनारायण उच्च विद्यालय प्लस टू के प्राचार्य अनूप कुमार और पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने एक अनोखी पहल की है। दोनों शिक्षा अधिकारी रविवार को विद्यालय के शिक्षकों— उमेश कुमार, डॉ. पुरुषोत्तम सिंह, महादेव महतो और सुशील कुमार दास — के साथ प्रखंड के कुब्बा गांव पहुंचे और अभिभावकों से घर-घर जाकर बच्चों को रोज स्कूल भेजने की भावुक अपील की।

प्राचार्य अनूप कुमार ने बताया कि विद्यालय में नामांकन 2900 से अधिक है, फिर भी दैनिक उपस्थिति 60% से भी कम रहती है। विशेषकर, 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चे अक्सर खेती, मजदूरी या घरेलू कामों में लग जाते हैं, जिससे उनका पाठ्यक्रम छूट जाता है और परीक्षा परिणाम प्रभावित होता है। इसी चुनौती को देखते हुए वे स्वयं गांव-गांव जाकर अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि अशिक्षा सभी समस्याओं की जड़ है और जब तक बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं आएंगे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि सरकार बच्चों को मुफ्त किताबें, पोशाक और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं दे रही है, फिर भी उनकी अनुपस्थिति चिंताजनक है।

कुब्बा गांव के निवासियों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिसमें बरसात में नदी-नाले पार कर स्कूल जाना, खराब और सिंगल लेन सड़कें जहां चार पहिया वाहन तेज गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है, और कई बच्चों के पास साइकिल न होना शामिल था। कुछ अभिभावकों ने गरीबी के कारण बच्चों को मजदूरी पर भेजने की मजबूरी भी बताई, जबकि लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। इस पर प्राचार्य अनूप कुमार ने आश्वासन दिया कि विद्यालय प्रबंधन से चर्चा के बाद बस या ई-रिक्शा की व्यवस्था का प्रस्ताव जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बच्चों को साइकिल नहीं मिली है, उनकी सूची बनाकर विभाग को भेजी जाएगी और लड़कियों के लिए सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग भी शुरू की जाएगी।

पूर्व प्राचार्य उमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जैक बोर्ड की परीक्षा में बैठने के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य है और कम हाजिरी होने पर फॉर्म नहीं भरा जाएगा, साथ ही छात्रवृत्ति और पोशाक का लाभ भी नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि हर महीने अभिभावक-शिक्षक बैठक होगी और जो बच्चा बिना सूचना के लगातार तीन दिन गैरहाजिर रहेगा, उसके घर शिक्षक जाएंगे। गांव में लगाई गई चौपाल में बच्चों ने भी रोज स्कूल आने का संकल्प लिया। कक्षा 12 की छात्रा किरण कुमारी ने स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्था की प्रशंसा की, साथ ही राज्य स्तर पर खेल में प्रतिनिधित्व करने का भी उल्लेख किया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई प्राचार्य खुद गांव आकर बच्चों की पढ़ाई की चिंता कर रहे हैं, और उन्होंने मिलकर स्कूल में 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। प्राचार्य अनूप कुमार ने घोषणा की कि यह अभियान हर पंचायत में चलेगा और अगले सप्ताह अन्य गांवों में भी चौपाल लगाई जाएगी। साथ ही, मेधावी और 100% उपस्थिति वाले बच्चों को हर महीने पुरस्कृत किया जाएगा और गांवों में "स्कूल चलें हम" दीवार लेखन भी कराया जाएगा। शिक्षा विभाग के इस कदम से यह उम्मीद जगी है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार होगा और नामांकन के साथ-साथ बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ेगी।
    user_Saryu Yadav
    Saryu Yadav
    Local News Reporter शालिग्राम राम नारायणपुर (हंटरगंज), चतरा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • चतरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कुंदा थाना के थाना प्रभारी प्रिंस कुमार सिंह को उनके उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और निर्भीक पुलिसिंग के लिए आईजी द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के उनके सराहनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। प्रिंस कुमार सिंह ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप उनके नेतृत्व में कुंदा थाना क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। इस सम्मान के मिलने पर पुलिस विभाग के अधिकारियों, कर्मियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
    1
    चतरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कुंदा थाना के थाना प्रभारी प्रिंस कुमार सिंह को उनके उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और निर्भीक पुलिसिंग के लिए आईजी द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के उनके सराहनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। प्रिंस कुमार सिंह ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप उनके नेतृत्व में कुंदा थाना क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। इस सम्मान के मिलने पर पुलिस विभाग के अधिकारियों, कर्मियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
    user_Headline jharkhand
    Headline jharkhand
    Press-Media प्रतापपुर, चतरा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • आज दिनांक 14 जून 2026 को डोभी प्रखंड की बजौरा पंचायत के ग्राम निमियाटांड़ के टोला लूटनबीघा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लगभग 150 महादलित घर-परिवारों से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से बसे होने के बावजूद बासगीत पर्चा न मिलने, गांव में बिजली की रोशनी न पहुंच पाने, और डोभी गयाजी रोड से गांव तक पहुंच पथ का अभाव जैसी तीन प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इन गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। तय किया गया कि बासगीत पर्चा के आवेदन 20 जून तक अंचल कार्यालय में जमा किए जाएंगे। साथ ही, पहुंच पथ के निर्माण हेतु आवेदन तैयार कर सांसद महोदय को सौंपे जाएंगे। गांव में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसफार्मर लगवाने के संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ, शेरघाटी से संपर्क करने का फैसला भी किया गया। ग्रामीणों की ओर से सांसद महोदय से एक सामुदायिक भवन के निर्माण का भी निवेदन किया गया है। इस बैठक और उसके निर्णयों की जानकारी हम पार्टी के डोभी प्रखंड अध्यक्ष और डोभी प्रखंड के सांसद प्रतिनिधि योगेन्द्र कुमार मांझी द्वारा दी गई।
    1
    आज दिनांक 14 जून 2026 को डोभी प्रखंड की बजौरा पंचायत के ग्राम निमियाटांड़ के टोला लूटनबीघा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लगभग 150 महादलित घर-परिवारों से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से बसे होने के बावजूद बासगीत पर्चा न मिलने, गांव में बिजली की रोशनी न पहुंच पाने, और डोभी गयाजी रोड से गांव तक पहुंच पथ का अभाव जैसी तीन प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

इन गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। तय किया गया कि बासगीत पर्चा के आवेदन 20 जून तक अंचल कार्यालय में जमा किए जाएंगे। साथ ही, पहुंच पथ के निर्माण हेतु आवेदन तैयार कर सांसद महोदय को सौंपे जाएंगे। गांव में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसफार्मर लगवाने के संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ, शेरघाटी से संपर्क करने का फैसला भी किया गया।

ग्रामीणों की ओर से सांसद महोदय से एक सामुदायिक भवन के निर्माण का भी निवेदन किया गया है। इस बैठक और उसके निर्णयों की जानकारी हम पार्टी के डोभी प्रखंड अध्यक्ष और डोभी प्रखंड के सांसद प्रतिनिधि योगेन्द्र कुमार मांझी द्वारा दी गई।
    user_त्रिलोकी नाथ
    त्रिलोकी नाथ
    गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    51 min ago
  • गया शहर के ब्रह्मसत सरोवर में आगामी 15 जून, 2026 को संध्याकाल में एक विशेष कार्यक्रम 'एक शाम पितरों के नाम' का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भव्य रूप से दीप दान और महाआरती की जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
    1
    गया शहर के ब्रह्मसत सरोवर में आगामी 15 जून, 2026 को संध्याकाल में एक विशेष कार्यक्रम 'एक शाम पितरों के नाम' का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भव्य रूप से दीप दान और महाआरती की जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
    user_Uma Shanker singh
    Uma Shanker singh
    रिपोर्टर Gaya, Bihar•
    12 hrs ago
  • फुसरो की घटना के संबंध में निष्पक्ष और त्वरित जांच की जोरदार मांग उठाई गई है, ठीक उसी तरह जैसे विनोद खोपड़िया मामले में न्याय की मांग उठी थी। जनता की स्पष्ट अपेक्षा है कि इस घटना का सत्य सामने आना चाहिए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उस पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
    1
    फुसरो की घटना के संबंध में निष्पक्ष और त्वरित जांच की जोरदार मांग उठाई गई है, ठीक उसी तरह जैसे विनोद खोपड़िया मामले में न्याय की मांग उठी थी। जनता की स्पष्ट अपेक्षा है कि इस घटना का सत्य सामने आना चाहिए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उस पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    1 day ago
  • Post by Dobhi se
    1
    Post by Dobhi se
    user_Dobhi se
    Dobhi se
    Newspaper publisher डोभी, गया, बिहार•
    22 hrs ago
  • गया जिले के डोभी स्थित 'ग्लोरी इंस्टीट्यूट' कोचिंग संस्थान के एक शिक्षक का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय लोगों और छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस वायरल वीडियो में शिक्षक को कथित तौर पर किसी व्यक्ति को बेहद अमर्यादित भाषा में गाली देते और दुर्व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना ने शिक्षा जगत की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से संस्थान और संबंधित शिक्षक को लेकर विभिन्न चर्चाएं थीं, और अब इस वीडियो के सामने आने से शिक्षक का 'सच' लोगों के सामने आ गया है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि शिक्षक अपना आपा खो चुके हैं और मर्यादा की सभी सीमाएं लांघते हुए भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे हैं।
    1
    गया जिले के डोभी स्थित 'ग्लोरी इंस्टीट्यूट' कोचिंग संस्थान के एक शिक्षक का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय लोगों और छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस वायरल वीडियो में शिक्षक को कथित तौर पर किसी व्यक्ति को बेहद अमर्यादित भाषा में गाली देते और दुर्व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है।

इस घटना ने शिक्षा जगत की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से संस्थान और संबंधित शिक्षक को लेकर विभिन्न चर्चाएं थीं, और अब इस वीडियो के सामने आने से शिक्षक का 'सच' लोगों के सामने आ गया है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि शिक्षक अपना आपा खो चुके हैं और मर्यादा की सभी सीमाएं लांघते हुए भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे हैं।
    user_Dobhi se
    Dobhi se
    Newspaper publisher डोभी, गया, बिहार•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.