समस्तीपुर के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत रसलपुर गांव में गंगा नदी में भारतीय वन्यजीव संस्थान के गंगा प्रहरियों द्वारा अब तक का एक बहुत बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाकर 10 कछुओं को सुरक्षित बचाकर वापस गंगा नदी में छोड़ा गया है। यह सभी कछुए सॉफ्ट सेल प्रजाति के हैं, जिनका वैज्ञानिक नाम 'Indian flapshell turtle (Lissemys punctata)' है। मीठे और साफ पानी में पाई जाने वाली कछुए की यह विशेष प्रजाति मुख्य रूप से गंगा नदी में वास करती है। मछुआरे समुदाय के लोगों द्वारा इन कछुओं का लगातार अवैध शिकार किया जा रहा है, लेकिन गंगा प्रहरियों ने इन गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए कुल 10 कछुओं को रेस्क्यू करने का कार्य किया। बचाए गए इन सभी कछुओं का वजन 500 ग्राम से लेकर 3 किलोग्राम तक था। भारतीय वन्यजीव संस्थान के असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर कुणाल कुमार सिंह ने बताया कि यह पूरा कार्य संस्थान के दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है, जिसमें राज्य के वन, पर्यावरण एवं जलवायु विभाग के आपसी तालमेल से बेहतर मदद मिल रही है। उन्होंने सचेत किया कि कछुओं का अवैध शिकार करना कानूनन अपराध है। नदी के पारिस्थितिक तंत्र को बेहतर बनाने में कछुओं की अहम भूमिका होती है। इस संबंध में गंगा प्रहरी बिट्टू कुमार सिंह ने बताया कि कछुए को गंगा नदी का गिद्ध कहा जाता है, जो गंगा की सफाई में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस रेस्क्यू कार्यक्रम को सफल बनाने में गंगा प्रहरी जयंत सिंह, राजकुमार सिंह और सोहन सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
समस्तीपुर के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत रसलपुर गांव में गंगा नदी में भारतीय वन्यजीव संस्थान के गंगा प्रहरियों द्वारा अब तक का एक बहुत बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाकर 10 कछुओं को सुरक्षित बचाकर वापस गंगा नदी में छोड़ा गया है। यह सभी कछुए सॉफ्ट सेल प्रजाति के हैं, जिनका वैज्ञानिक नाम 'Indian flapshell turtle (Lissemys punctata)' है। मीठे और साफ पानी में पाई जाने वाली कछुए की यह विशेष प्रजाति मुख्य रूप से गंगा नदी में वास करती है। मछुआरे समुदाय के लोगों द्वारा
इन कछुओं का लगातार अवैध शिकार किया जा रहा है, लेकिन गंगा प्रहरियों ने इन गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए कुल 10 कछुओं को रेस्क्यू करने का कार्य किया। बचाए गए इन सभी कछुओं का वजन 500 ग्राम से लेकर 3 किलोग्राम तक था। भारतीय वन्यजीव संस्थान के असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर कुणाल कुमार सिंह ने बताया कि यह पूरा कार्य संस्थान के दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है, जिसमें राज्य के वन, पर्यावरण एवं जलवायु विभाग के आपसी तालमेल से बेहतर
मदद मिल रही है। उन्होंने सचेत किया कि कछुओं का अवैध शिकार करना कानूनन अपराध है। नदी के पारिस्थितिक तंत्र को बेहतर बनाने में कछुओं की अहम भूमिका होती है। इस संबंध में गंगा प्रहरी बिट्टू कुमार सिंह ने बताया कि कछुए को गंगा नदी का गिद्ध कहा जाता है, जो गंगा की सफाई में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस रेस्क्यू कार्यक्रम को सफल बनाने में गंगा प्रहरी जयंत सिंह, राजकुमार सिंह और सोहन सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- पटना जिले के मोकामा में एक व्यक्ति को जहरीले रसेल वाईपर ने काट लिया है। सांप के काटने की इस घटना के बाद पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र में स्थित चकोटी मठ मंदिर में भीषण चोरी की घटना हुई है, जहां महज 18 दिन पहले ही प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न हुआ था। इस वारदात को अंजाम देने के बाद मंदिर के सीसीटीवी डीवीआर (DVR) से भी डेटा गायब है। इस बड़ी चोरी की घटना के बाद अब पुलिस पूरे मामले की छानबीन और जांच-पड़ताल में जुट गई है।1
- समस्तीपुर के विद्यापति नगर थाना क्षेत्र में एक पुलिस पदाधिकारी की काली करतूत के कारण एक पूरा परिवार उजड़ गया है। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस वायरल ऑडियो के जरिए पुलिस की काली करतूत का पूरी तरह से पर्दाफाश हो गया है। हालांकि, आरोपी पुलिस पदाधिकारी को निलंबित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद यह सवाल खड़ा है कि आखिर ऐसी गंभीर गलती क्यों होने दी गई। इस घटना में रक्षक ही भक्षक बन बैठा है, जिससे आम जनता का पुलिस पर से भरोसा उठने लगा है। पीड़िता का दर्द और पुलिस की मिलीभगत की कहानी बयां करती इस घटना को लेकर गंभीर आक्रोश है। पीड़ित परिवार का पूरा संसार उजाड़ने के बाद अब बिहार सवाल उठा रहा है कि आखिर इस तबाही का असली जिम्मेदार कौन है।1
- पटना के बख्तियारपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया गया है। पटना में 23 जून से 29 जून तक चले अभियान के बाद, अब 9 जुलाई से बख्तियारपुर प्रखंड के सालिमपुर और बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है, जो 13 जुलाई तक जारी रहेगी। इसी कड़ी में शनिवार को जगदंबा मंदिर से मोगलपुरा पेट्रोल पंप तक सड़क के उत्तरी हिस्से में बने अस्थायी और अवैध कब्जों को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हटा दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान बीसीपीएल के राजीव कुमार, प्रशासनिक मजिस्ट्रेट राजीव रंजन, कृषि समन्वयक, बख्तियारपुर थाना के एसआई शत्रुघ्न कुमार और जिला पुलिस बल के जवान तैनात रहे। बीसीपीएल के राजीव कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजमार्ग की दोनों ओर मिलाकर कुल 200 फीट राइट ऑफ वे (ROW) के दायरे में किसी भी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 13 अप्रैल 2026 के आदेश और बिहार के मुख्य सचिव की 26 मई 2026 की समीक्षा बैठक के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। इसके तहत NHAI ने 10 जून 2026 को पटना के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रशासनिक और पुलिस सहयोग की मांग की थी, जिसके बाद अब पूरे पटना-बख्तियारपुर NH-31 कॉरिडोर में चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।1
- समस्तीपुर के मोरवा में निषाद समाज को उसका संवैधानिक आरक्षण दिलाने के संकल्प को रेखांकित किया गया है। यहाँ स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केवल सत्ता हासिल करना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि निषाद समाज को उसका संवैधानिक अधिकार और आरक्षण दिलाना सबसे मुख्य उद्देश्य है। सत्ता केवल एक साधन हो सकती है, लेकिन असली संकल्प समाज के लिए आरक्षण, सम्मान और अधिकारों की प्राप्ति सुनिश्चित करना है।1
- नवादा के अंबेडकर छात्रावास से निकाले जाने के बाद 35 छात्र न्याय की गुहार लगाने के लिए 35 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर पटना पहुंचे हैं। इन छात्रों ने अपने साथ जातीय भेदभाव, मारपीट और गंभीर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित छात्रों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे आत्महत्या कर लेंगे।1
- समस्तीपुर के पटोरी में व्यवहार न्यायालय भवन के स्थल चयन को लेकर तीनों प्रखंडों के जनप्रतिनिधियों और संघर्ष मोर्चा संघ के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में मौजूद पटोरी प्रखंड प्रमुख सुरेश राय ने हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला करने का बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने का फैसला किया है।1
- समस्तीपुर-ताजपुर रोड पर शम्भूपट्टी के समीप एक सड़क दुर्घटना के बाद मृतक के परिजनों ने सड़क जाम कर दिया है। इस सड़क हादसे के विरोध में मृतक के परिवार के सदस्य शम्भूपट्टी के पास इकट्ठा हुए और उन्होंने इस मार्ग पर आवागमन को पूरी तरह बाधित कर दिया।1
- पटना के बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड अंतर्गत भदौर थाना क्षेत्र के शहजादपुर बथोई में जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच जमकर मारपीट हुई है। यह विवाद तब बढ़ गया जब बड़े भाई विकास कुमार अपने पिता की मृत्यु के बाद अपनी मां को अपने साथ ले जाने के लिए गांव आए थे। उनके छोटे भाई नीतीश कुमार ने मां को जाने देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। जख्मी विकास कुमार के अनुसार, जब छोटे भाई ने मां को साथ भेजने से मना किया, तो उन्होंने घर में रखे अपने इनवर्टर और बैटरी को ले जाने की बात कही। नीतीश कुमार इसके लिए भी तैयार नहीं हुआ और दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे। इस दौरान नीतीश कुमार ने अपने बड़े भाई विकास कुमार के सिर पर चाकू से दो-तीन बार प्रहार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से जख्मी विकास कुमार को इलाज के लिए बाढ़ के अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया है। पीड़ित परिवार के पिता वृक्षन यादव उर्फ बनारस यादव की लगभग 2 महीने पहले ही मृत्यु हुई थी, जो एफसीआई में कार्यरत थे। इस घटना को लेकर भदौर थाना से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया।1