Shuru
Apke Nagar Ki App…
उदयपुर के एक जंगल को उसके विशाल और ऊँचे पेड़ों के लिए 'सबसे बेहतरीन लोकेशन' बताया जा रहा है। यहां के पेड़ इतने बड़े हैं कि इन्हें जंगल का राजा कहा जा रहा है।
Manish Bhatnagar
उदयपुर के एक जंगल को उसके विशाल और ऊँचे पेड़ों के लिए 'सबसे बेहतरीन लोकेशन' बताया जा रहा है। यहां के पेड़ इतने बड़े हैं कि इन्हें जंगल का राजा कहा जा रहा है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- उदयपुर के एक जंगल को उसके विशाल और ऊँचे पेड़ों के लिए 'सबसे बेहतरीन लोकेशन' बताया जा रहा है। यहां के पेड़ इतने बड़े हैं कि इन्हें जंगल का राजा कहा जा रहा है।1
- उदयपुर के हरियाव गांव में बिंदौली पर हुए हमले के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। आईपीएस आशिमा वासवानी ने बताया कि मारपीट, पथराव और जातिसूचक टिप्पणी के आरोपों पर जांच जारी है, और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। भीम आर्मी के प्रदर्शन के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा है, जिस पर पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- उदयपुर के सविना खेड़ा इलाके में लोग पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जहां नलों में 3-4 दिन में केवल एक बार पानी आता है। इस वजह से मोहल्ले के सभी निवासियों को भारी परेशानी हो रही है और पानी की टंकी भी पूरी नहीं भर पाती।1
- उदयपुर के गोगुंदा में सड़क किनारे लगी बिजली की लाइनें लोगों के लिए खतरा बन गई हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार से इन लाइनों को सड़क से 20-25 फीट दूर करने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी अनहोनी से बचा जा सके।1
- आज के दौर में जहां जानवर मुसीबत में एक-दूसरे का साथ देते हैं, वहीं इंसान एक-दूसरे को गिराने में लगे हैं। यह दर्शाता है कि समाज में लोग मदद के बजाय सिर्फ दूसरों को नीचे खींचने में लगे हैं।1
- राजस्थान के श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन व्यवस्था की समीक्षा की गई है। फेस रिकग्निशन और QR कोड सिस्टम लागू होने से अवैध VIP दर्शनों पर पूरी तरह रोक लग गई है। इस नवाचार से मंदिर की आय में भी इजाफा हुआ और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिल रहे हैं।4
- नंदलाल पुरबिया ने राजसमंद के नांदोली से न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल पर जनहित में एक प्रसारण किया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय जनता को महत्वपूर्ण जानकारी देना है।1
- उदयपुर के गोगुंदा में एक सड़क पूरी तरह टूटी हुई है। स्थानीय लोगों ने इसकी मरम्मत के लिए कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन प्रशासन अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है।1