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शुभ मंगलवार, जय माँ किले वाली जी 🙏🙏🙏🙏 जय माता दी 🙏🙏

9 hrs ago
user_Varun Slathia
Varun Slathia
Local Politician Kathua, Jammu and Kashmir•
9 hrs ago

शुभ मंगलवार, जय माँ किले वाली जी 🙏🙏🙏🙏 जय माता दी 🙏🙏

More news from Jammu and Kashmir and nearby areas
  • Post by Varun Slathia
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    Post by Varun Slathia
    user_Varun Slathia
    Varun Slathia
    Local Politician Kathua, Jammu and Kashmir•
    9 hrs ago
  • Post by JK PLUS MEDIA News
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    Post by JK PLUS MEDIA News
    user_JK PLUS MEDIA News
    JK PLUS MEDIA News
    अरनास, रियासी, जम्मू और कश्मीर•
    16 hrs ago
  • 📰 पांगी (चंबा), 31 मार्च: जनजातीय क्षेत्र पांगी के चलौली गांव में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। यह घटना एक बार फिर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी तंत्र की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के बीचों-बीच बनी सड़क अत्यंत संकरी है और वहां किसी प्रकार की सुरक्षा दीवार भी नहीं लगाई गई है। हैरानी की बात यह है कि ऐसी खतरनाक सड़क को भी विभाग द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। जब बस इस स्थान से गुजर रही थी, तो कुछ क्षणों के लिए यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। यदि जरा सी चूक हो जाती, तो यह हादसा बेहद भयावह रूप ले सकता था, जिससे न केवल बस सवार लोग बल्कि आसपास के रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। धरवास पंचायत के उप प्रधान ने इस मामले में सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर ऐसी ही घटना हुई थी और इसकी सूचना विभाग को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई सुधार कार्य नहीं किया गया। इस वर्ष फिर वही स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे विभाग की लापरवाही साफ झलकती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पांगी में तैनात कनिष्ठ अभियंता से लेकर सहायक अभियंता और अधिशाषी अभियंता तक सभी अधिकारी क्षेत्र से ही संबंधित होने के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। उनका ध्यान विकास कार्यों के बजाय निजी स्वार्थों पर अधिक केंद्रित है, जिससे क्षेत्र के लोगों को जोखिम उठाना पड़ रहा है। वहीं, क्षेत्र में अधिशाषी अभियंता की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक गुट विशेष अधिकारी को संरक्षण देकर उसे उच्च पद पर बैठाने की कोशिश में लगा हुआ है, जबकि क्षेत्र को अनुभवी और जिम्मेदार नेतृत्व की आवश्यकता है। गांववासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस सड़क का चौड़ीकरण कर सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई, तो वे लोक निर्माण विभाग के कार्यालय का घेराव करने के साथ-साथ सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस घटना के बाद संबंधित विभाग और सरकार कितनी गंभीरता दिखाते हैं और कब तक इस खतरनाक सड़क का सुधार कार्य किया जाता है।
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    📰 
पांगी (चंबा), 31 मार्च:
जनजातीय क्षेत्र पांगी के चलौली गांव में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। यह घटना एक बार फिर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी तंत्र की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के बीचों-बीच बनी सड़क अत्यंत संकरी है और वहां किसी प्रकार की सुरक्षा दीवार भी नहीं लगाई गई है। हैरानी की बात यह है कि ऐसी खतरनाक सड़क को भी विभाग द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। जब बस इस स्थान से गुजर रही थी, तो कुछ क्षणों के लिए यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। यदि जरा सी चूक हो जाती, तो यह हादसा बेहद भयावह रूप ले सकता था, जिससे न केवल बस सवार लोग बल्कि आसपास के रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
धरवास पंचायत के उप प्रधान ने इस मामले में सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर ऐसी ही घटना हुई थी और इसकी सूचना विभाग को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई सुधार कार्य नहीं किया गया। इस वर्ष फिर वही स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे विभाग की लापरवाही साफ झलकती है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पांगी में तैनात कनिष्ठ अभियंता से लेकर सहायक अभियंता और अधिशाषी अभियंता तक सभी अधिकारी क्षेत्र से ही संबंधित होने के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। उनका ध्यान विकास कार्यों के बजाय निजी स्वार्थों पर अधिक केंद्रित है, जिससे क्षेत्र के लोगों को जोखिम उठाना पड़ रहा है।
वहीं, क्षेत्र में अधिशाषी अभियंता की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक गुट विशेष अधिकारी को संरक्षण देकर उसे उच्च पद पर बैठाने की कोशिश में लगा हुआ है, जबकि क्षेत्र को अनुभवी और जिम्मेदार नेतृत्व की आवश्यकता है।
गांववासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस सड़क का चौड़ीकरण कर सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई, तो वे लोक निर्माण विभाग के कार्यालय का घेराव करने के साथ-साथ सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस घटना के बाद संबंधित विभाग और सरकार कितनी गंभीरता दिखाते हैं और कब तक इस खतरनाक सड़क का सुधार कार्य किया जाता है।
    user_THE VOICE OF PANGWAL
    THE VOICE OF PANGWAL
    Local News Reporter पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के चलौली गांव में आज एक बड़ा हादसा टल गया, जब हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस खतरनाक मोड़ पर असंतुलित होने से बाल-बाल बच गई। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की जर्जर सड़कों और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चलौली गांव के बीच से गुजरने वाली सड़क बेहद संकरी है और यहां किसी प्रकार की सुरक्षा दीवार (पैरापेट) भी नहीं बनाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क से रोजाना बसें और अन्य वाहन गुजरते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी जोखिमभरी सड़क को भी विभाग द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया गया है। घटना के दौरान बस जैसे ही गांव के संकरे हिस्से से गुजर रही थी, कुछ क्षणों के लिए उसका संतुलन बिगड़ गया और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि चालक की सूझबूझ से बस संभल गई, अन्यथा यह हादसा बेहद भयावह हो सकता था। अगर बस जरा भी फिसलती, तो न केवल यात्रियों की जान खतरे में पड़ती बल्कि आसपास के रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। धरवास पंचायत के उप प्रधान ने इस मामले में सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर इसी तरह की घटना हो चुकी है, जिसकी सूचना विभाग को दी गई थी। इसके बावजूद आज तक न तो सड़क का चौड़ीकरण किया गया और न ही सुरक्षा दीवार का निर्माण हुआ, जो विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पांगी में तैनात कनिष्ठ अभियंता से लेकर सहायक अभियंता और अधिशाषी अभियंता तक सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं। विकास कार्यों की अनदेखी कर निजी स्वार्थों को प्राथमिकता देने के कारण क्षेत्र के लोग लगातार खतरे में जीने को मजबूर हैं। वहीं, क्षेत्र में अधिशाषी अभियंता की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक विशेष गुट अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पसंदीदा अधिकारी को उच्च पद पर बैठाने की कोशिश कर रहा है, जबकि क्षेत्र को अनुभवी और जिम्मेदार नेतृत्व की सख्त जरूरत है। गांववासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस सड़क का चौड़ीकरण और सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं किया गया, तो वे लोक निर्माण विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेंगे और कार्यालय का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। अब यह देखना अहम होगा कि इस घटना के बाद प्रशासन और सरकार कितनी गंभीरता दिखाते हैं और कब तक इस जानलेवा सड़क की स्थिति में सुधार किया जाता है।
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    जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के चलौली गांव में आज एक बड़ा हादसा टल गया, जब हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस खतरनाक मोड़ पर असंतुलित होने से बाल-बाल बच गई। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की जर्जर सड़कों और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चलौली गांव के बीच से गुजरने वाली सड़क बेहद संकरी है और यहां किसी प्रकार की सुरक्षा दीवार (पैरापेट) भी नहीं बनाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क से रोजाना बसें और अन्य वाहन गुजरते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी जोखिमभरी सड़क को भी विभाग द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया गया है।
घटना के दौरान बस जैसे ही गांव के संकरे हिस्से से गुजर रही थी, कुछ क्षणों के लिए उसका संतुलन बिगड़ गया और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि चालक की सूझबूझ से बस संभल गई, अन्यथा यह हादसा बेहद भयावह हो सकता था। अगर बस जरा भी फिसलती, तो न केवल यात्रियों की जान खतरे में पड़ती बल्कि आसपास के रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
धरवास पंचायत के उप प्रधान ने इस मामले में सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर इसी तरह की घटना हो चुकी है, जिसकी सूचना विभाग को दी गई थी। इसके बावजूद आज तक न तो सड़क का चौड़ीकरण किया गया और न ही सुरक्षा दीवार का निर्माण हुआ, जो विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पांगी में तैनात कनिष्ठ अभियंता से लेकर सहायक अभियंता और अधिशाषी अभियंता तक सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं। विकास कार्यों की अनदेखी कर निजी स्वार्थों को प्राथमिकता देने के कारण क्षेत्र के लोग लगातार खतरे में जीने को मजबूर हैं।
वहीं, क्षेत्र में अधिशाषी अभियंता की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक विशेष गुट अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पसंदीदा अधिकारी को उच्च पद पर बैठाने की कोशिश कर रहा है, जबकि क्षेत्र को अनुभवी और जिम्मेदार नेतृत्व की सख्त जरूरत है।
गांववासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस सड़क का चौड़ीकरण और सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं किया गया, तो वे लोक निर्माण विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेंगे और कार्यालय का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
अब यह देखना अहम होगा कि इस घटना के बाद प्रशासन और सरकार कितनी गंभीरता दिखाते हैं और कब तक इस जानलेवा सड़क की स्थिति में सुधार किया जाता है।
    user_हिम संदेश
    हिम संदेश
    Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सुजानपुर हिमाचल प्रदेश में वाहनों पर प्रवेश कर के मुद्दे पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर करारा हमला बोला है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रवेश कर में बढ़ोतरी से बाहरी राज्यों से हिमाचल में रोजमर्रा का सामान लाने वाले व्यापारियों पर भारी बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर होगा और प्रदेश में जरूरत का सामान और महंगा मिलेगा। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल के लिए वित्तीय सहायता के रूप में ₹3,920 करोड़ जारी किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल सरकार पेट्रोल और डीजल पर पाँच रुपये बढ़ाने और करों में वृद्धि कर जनता को निचोड़ने की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जिद के आगे प्रदेश की जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है और प्रवेश कर बढ़ाने का फैसला तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से हिमाचल प्रदेश की छवि पहले ही खराब हो चुकी है और अब बची-खुची कसर भी पूरी हो जाएगी। फर्क केवल आम जनता को पड़ता है, लेकिन यह बात मुख्यमंत्री समझ नहीं पा रहे हैं। राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू से सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 में 72 घंटे तक वह क्या कर रहे थे। यदि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो इस बारे में जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस मुद्दे पर उनकी खामोशी से जनता के बीच मुख्यमंत्री की छवि और खराब हो रही है और यदि जल्द जवाब नहीं दिया गया तो स्थिति और गंभीर होगी।
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    सुजानपुर
हिमाचल प्रदेश में वाहनों पर प्रवेश कर के मुद्दे पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर करारा हमला बोला है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रवेश कर में बढ़ोतरी से बाहरी राज्यों से हिमाचल में रोजमर्रा का सामान लाने वाले व्यापारियों पर भारी बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर होगा और प्रदेश में जरूरत का सामान और महंगा मिलेगा।
राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल के लिए वित्तीय सहायता के रूप में ₹3,920 करोड़ जारी किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल सरकार पेट्रोल और डीजल पर पाँच रुपये बढ़ाने और करों में वृद्धि कर जनता को निचोड़ने की नीति अपना रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जिद के आगे प्रदेश की जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है और प्रवेश कर बढ़ाने का फैसला तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से हिमाचल प्रदेश की छवि पहले ही खराब हो चुकी है और अब बची-खुची कसर भी पूरी हो जाएगी। फर्क केवल आम जनता को पड़ता है, लेकिन यह बात मुख्यमंत्री समझ नहीं पा रहे हैं।
राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू से सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 में 72 घंटे तक वह क्या कर रहे थे। यदि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो इस बारे में जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस मुद्दे पर उनकी खामोशी से जनता के बीच मुख्यमंत्री की छवि और खराब हो रही है और यदि जल्द जवाब नहीं दिया गया तो स्थिति और गंभीर होगी।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • थाना हरोली के तहत सलोह चौक के पास ज्वेलर की दुकान में हुई 35 लाख रुपये की चोरी के मामले को पुलिस ने 12 घंटे में सुलझा लिया। आरोपी मान सिंह निवासी किशनगंज (बिहार) को होशियारपुर से सोना-चांदी के आभूषणों सहित गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजमिस्त्री का काम करता था और इलाके की पूरी जानकारी रखता था। 30 मार्च की सुबह दुकान का शटर तोड़कर करीब 100 ग्राम सोना और 8 किलो चांदी के गहने चोरी किए गए थे। सीसीटीवी फुटेज और टीमों के गठन के जरिए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया। उसे अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने कहा कि हरोली पुलिस ने चोरी की बड़ी वारदात को कुछ ही घंटे में सुलझाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि आरोपी से गहने बरामद कर लिए हैं। आरोपी को अदालत में पेश करके तीन दिन पुलिस हिरासत रिमांड हासिल किया जा रहा है।
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    थाना हरोली के तहत सलोह चौक के पास ज्वेलर की दुकान में हुई 35 लाख रुपये की चोरी के मामले को पुलिस ने 12 घंटे में सुलझा लिया। आरोपी मान सिंह निवासी किशनगंज (बिहार) को होशियारपुर से सोना-चांदी के आभूषणों सहित गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजमिस्त्री का काम करता था और इलाके की पूरी जानकारी रखता था। 30 मार्च की सुबह दुकान का शटर तोड़कर करीब 100 ग्राम सोना और 8 किलो चांदी के गहने चोरी किए गए थे। सीसीटीवी फुटेज और टीमों के गठन के जरिए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया। उसे अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने कहा कि हरोली पुलिस ने चोरी की बड़ी वारदात को कुछ ही घंटे में सुलझाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि आरोपी से गहने बरामद कर लिए हैं। आरोपी को अदालत में पेश करके तीन दिन पुलिस हिरासत रिमांड हासिल किया जा रहा है।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कथा व्यास आचार्य जगमोहन शास्त्री जी ने प्रथम दिवस पर सुनाया धुंधुकारी प्रसंग, पंडाल का श्याम सुंदर से करवाया मिलन बंगाणा, उपमंडल बंगाणा में धार्मिक आस्था और भक्ति का अनुपम संगम उस समय देखने को मिला जब ठंडी खुई से भव्य कलशयात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि और भगवान के जयकारों के बीच यह धार्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा है। इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन बंगाणा के प्रसिद्ध व्यवसायी लक्की सोनी और बिक्की सोनी द्वारा अपने माता-पिता, वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय सुभाष सोनी एवं स्वर्गीय माता जी की पुण्य स्मृति में लगातार दूसरी बार करवाया जा रहा है।कथा प्रारंभ से पूर्व ठंडी खुई से भव्य कलशयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर भजन-कीर्तन करते हुए कथा स्थल तक पहुंचीं। कलशयात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और श्रीमद्भागवत की जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में फूल बरसाकर कलशयात्रा का स्वागत किया। इस श्रीमद्भागवत कथा में उत्तरी भारत के प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य श्री श्री जगमोहन दत्त शास्त्री जी अपनी मधुर वाणी से अमृत वर्षा कर रहे हैं। कथा के प्रथम दिवस पर आचार्य जगमोहन दत्त शास्त्री जी ने धुंधुकारी का प्रसंग सुनाते हुए जीवन में सत्कर्म और भक्ति के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि मनुष्य यदि अपने जीवन में भगवान का स्मरण करता रहे और अच्छे कर्मों का पालन करे, तो वह सभी दुखों से मुक्ति पा सकता है। धुंधुकारी के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि मनुष्य को सदैव धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए और अपने जीवन को भगवान की भक्ति में समर्पित करना चाहिए। कथा के दौरान आचार्य जी ने भजन सांवली सूरत पर मोहन दिल दीवाना हो गया प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इस भजन के माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान किया और श्रोताओं को श्याम सुंदर के प्रेम और भक्ति से जोड़ने का प्रयास किया। भजन के दौरान श्रद्धालु झूम उठे और पूरा पंडाल भक्ति के रंग में रंग गया। श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर भगवान का स्मरण किया और भक्ति रस में डूबकर कथा का आनंद लिया।कथा के प्रथम दिवस पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कथा स्थल को रंग-बिरंगी सजावट और सुंदर झांकियों से आकर्षक रूप दिया गया है। आयोजन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिनमें बैठने की व्यवस्था पेयजल और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है, लक्की सोनी और बिक्की सोनी ने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा उनके माता-पिता की स्मृति को समर्पित है, जो समाज सेवा के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहे। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने जीवन भर समाज और धर्म की सेवा की, इसलिए उनकी पुण्य स्मृति में यह धार्मिक आयोजन करवाना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी श्रद्धालुओं के सहयोग से कथा का सफल आयोजन किया गया था और इस वर्ष भी क्षेत्रवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य जगमोहन दत्त शास्त्री जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और उसे आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे प्रतिदिन कथा में उपस्थित होकर भगवान की महिमा का श्रवण करें और अपने जीवन को धर्ममय बनाएं। हर दिन कथा विराम के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए पहाड़ी धाम का विशेष आयोजन भी किया जा रहा है, जिसका श्रद्धालु भरपूर आनंद ले रहे हैं। पहाड़ी धाम में स्थानीय व्यंजनों का स्वाद श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है और लोग परिवार सहित कथा स्थल पर पहुंचकर भक्ति और प्रसाद दोनों का लाभ उठा रहे हैं। पूरे बंगाणा क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं और कथा का श्रवण कर रहे हैं। आयोजन करता ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लें और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। इस प्रकार ठंडी खुई से निकली भव्य कलशयात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा ने बंगाणा क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का नया वातावरण बना दिया है, जो आने वाले दिनों में और अधिक भक्तिमय होने की उम्मीद है। इस मौके पर दिनेश खत्री मदन गोपाल वोहरा अनिल कुमार बांटू आरबी राणा आदि ने अपनी सेवाएं प्रदान की।
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    कथा व्यास आचार्य जगमोहन शास्त्री जी ने प्रथम दिवस पर सुनाया धुंधुकारी प्रसंग, पंडाल का श्याम सुंदर से करवाया मिलन
बंगाणा, उपमंडल बंगाणा में धार्मिक आस्था और भक्ति का अनुपम संगम उस समय देखने को मिला जब ठंडी खुई से भव्य कलशयात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि और भगवान के जयकारों के बीच यह धार्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा है। इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन बंगाणा के प्रसिद्ध व्यवसायी लक्की सोनी और बिक्की सोनी द्वारा अपने माता-पिता, वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय सुभाष सोनी एवं स्वर्गीय माता जी की पुण्य स्मृति में लगातार दूसरी बार करवाया जा रहा है।कथा प्रारंभ से पूर्व ठंडी खुई से भव्य कलशयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर भजन-कीर्तन करते हुए कथा स्थल तक पहुंचीं। कलशयात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और श्रीमद्भागवत की जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में फूल बरसाकर कलशयात्रा का स्वागत किया। इस श्रीमद्भागवत कथा में उत्तरी भारत के प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य श्री श्री जगमोहन दत्त शास्त्री जी अपनी मधुर वाणी से अमृत वर्षा कर रहे हैं। कथा के प्रथम दिवस पर आचार्य जगमोहन दत्त शास्त्री जी ने धुंधुकारी का प्रसंग सुनाते हुए जीवन में सत्कर्म और भक्ति के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि मनुष्य यदि अपने जीवन में भगवान का स्मरण करता रहे और अच्छे कर्मों का पालन करे, तो वह सभी दुखों से मुक्ति पा सकता है। धुंधुकारी के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि मनुष्य को सदैव धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए और अपने जीवन को भगवान की भक्ति में समर्पित करना चाहिए। कथा के दौरान आचार्य जी ने भजन सांवली सूरत पर मोहन दिल दीवाना हो गया प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इस भजन के माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान किया और श्रोताओं को श्याम सुंदर के प्रेम और भक्ति से जोड़ने का प्रयास किया। भजन के दौरान श्रद्धालु झूम उठे और पूरा पंडाल भक्ति के रंग में रंग गया। श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर भगवान का स्मरण किया और भक्ति रस में डूबकर कथा का आनंद लिया।कथा के प्रथम दिवस पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कथा स्थल को रंग-बिरंगी सजावट और सुंदर झांकियों से आकर्षक रूप दिया गया है। आयोजन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिनमें बैठने की व्यवस्था पेयजल और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है, लक्की सोनी और बिक्की सोनी ने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा उनके माता-पिता की स्मृति को समर्पित है, जो समाज सेवा के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहे। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने जीवन भर समाज और धर्म की सेवा की, इसलिए उनकी पुण्य स्मृति में यह धार्मिक आयोजन करवाना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी श्रद्धालुओं के सहयोग से कथा का सफल आयोजन किया गया था और इस वर्ष भी क्षेत्रवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य जगमोहन दत्त शास्त्री जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और उसे आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे प्रतिदिन कथा में उपस्थित होकर भगवान की महिमा का श्रवण करें और अपने जीवन को धर्ममय बनाएं। हर दिन कथा विराम के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए पहाड़ी धाम का विशेष आयोजन भी किया जा रहा है, जिसका श्रद्धालु भरपूर आनंद ले रहे हैं। पहाड़ी धाम में स्थानीय व्यंजनों का स्वाद श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है और लोग परिवार सहित कथा स्थल पर पहुंचकर भक्ति और प्रसाद दोनों का लाभ उठा रहे हैं। पूरे बंगाणा क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं और कथा का श्रवण कर रहे हैं। आयोजन करता ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लें और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। इस प्रकार ठंडी खुई से निकली भव्य कलशयात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा ने बंगाणा क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का नया वातावरण बना दिया है, जो आने वाले दिनों में और अधिक भक्तिमय होने की उम्मीद है। इस मौके पर दिनेश खत्री मदन गोपाल वोहरा अनिल कुमार बांटू आरबी राणा आदि ने अपनी सेवाएं प्रदान की।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by Varun Slathia
    1
    Post by Varun Slathia
    user_Varun Slathia
    Varun Slathia
    Local Politician Kathua, Jammu and Kashmir•
    9 hrs ago
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