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बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित संग्रामपुर प्रखंड के पतघाघर में एक आवासीय विद्यालय में भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण बुधवार को 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। ये बच्चियां कटियारी पंचायत के पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय की हैं, जिन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया। इस घटना ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' जैसे सरकारी दावों की पोल खोल दी है। बेहोश होने वाली छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष) और सोना भारती (13 वर्ष) सहित कुल 7 छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया, जिसमें चिकित्सकों ने हीट वेव और डिहाइड्रेशन को वजह बताया। फिलहाल, सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं और उन्हें कुछ घंटों की निगरानी के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती एक छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में बिजली जाने के बाद कमरा भट्टी जैसा बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। इस आवासीय विद्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से कक्षा 6 से 12वीं तक की करीब 200 छात्राएं पढ़ती हैं। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने अपनी लाचारी स्वीकारते हुए बताया कि बिजली न होने के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस का समरसेबल भी बोरिंग फेल होने के कारण पानी नहीं दे रहा है, जिसके चलते पीएचईडी से रोज केवल 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर के प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने भी पुष्टि की कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। करोड़ों की लागत से भव्य भवन बनने के बावजूद, इस आवासीय विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे 200 छात्राएं नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब तारापुर के विधायक और बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं सम्राट चौधरी हैं, और उनके ही विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय की बेटियों की यह दुर्दशा 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों पर सवाल उठाती है।

1 hr ago
user_SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
Teacher सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार•
1 hr ago

बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित संग्रामपुर प्रखंड के पतघाघर में एक आवासीय विद्यालय में भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण बुधवार को 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। ये बच्चियां कटियारी पंचायत के पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय की हैं, जिन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया। इस घटना ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' जैसे सरकारी दावों की पोल खोल दी है। बेहोश होने वाली छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष) और सोना भारती (13 वर्ष) सहित कुल 7 छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और

डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया, जिसमें चिकित्सकों ने हीट वेव और डिहाइड्रेशन को वजह बताया। फिलहाल, सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं और उन्हें कुछ घंटों की निगरानी के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती एक छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में बिजली जाने के बाद कमरा भट्टी जैसा बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। इस आवासीय विद्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से कक्षा 6 से 12वीं तक की करीब 200 छात्राएं पढ़ती हैं। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने अपनी लाचारी स्वीकारते हुए बताया कि बिजली न होने के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस का समरसेबल भी बोरिंग फेल होने के कारण

पानी नहीं दे रहा है, जिसके चलते पीएचईडी से रोज केवल 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर के प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने भी पुष्टि की कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। करोड़ों की लागत से भव्य भवन बनने के बावजूद, इस आवासीय विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे 200 छात्राएं नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब तारापुर के विधायक और बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं सम्राट चौधरी हैं, और उनके ही विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय की बेटियों की यह दुर्दशा 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों पर सवाल उठाती है।

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  • बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित संग्रामपुर प्रखंड के पतघाघर में एक आवासीय विद्यालय में भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण बुधवार को 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। ये बच्चियां कटियारी पंचायत के पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय की हैं, जिन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया। इस घटना ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' जैसे सरकारी दावों की पोल खोल दी है। बेहोश होने वाली छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष) और सोना भारती (13 वर्ष) सहित कुल 7 छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया, जिसमें चिकित्सकों ने हीट वेव और डिहाइड्रेशन को वजह बताया। फिलहाल, सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं और उन्हें कुछ घंटों की निगरानी के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती एक छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में बिजली जाने के बाद कमरा भट्टी जैसा बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। इस आवासीय विद्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से कक्षा 6 से 12वीं तक की करीब 200 छात्राएं पढ़ती हैं। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने अपनी लाचारी स्वीकारते हुए बताया कि बिजली न होने के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस का समरसेबल भी बोरिंग फेल होने के कारण पानी नहीं दे रहा है, जिसके चलते पीएचईडी से रोज केवल 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर के प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने भी पुष्टि की कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। करोड़ों की लागत से भव्य भवन बनने के बावजूद, इस आवासीय विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे 200 छात्राएं नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब तारापुर के विधायक और बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं सम्राट चौधरी हैं, और उनके ही विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय की बेटियों की यह दुर्दशा 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों पर सवाल उठाती है।
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    बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित संग्रामपुर प्रखंड के पतघाघर में एक आवासीय विद्यालय में भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण बुधवार को 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। ये बच्चियां कटियारी पंचायत के पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय की हैं, जिन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया। इस घटना ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' जैसे सरकारी दावों की पोल खोल दी है।

बेहोश होने वाली छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष) और सोना भारती (13 वर्ष) सहित कुल 7 छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया, जिसमें चिकित्सकों ने हीट वेव और डिहाइड्रेशन को वजह बताया। फिलहाल, सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं और उन्हें कुछ घंटों की निगरानी के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती एक छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में बिजली जाने के बाद कमरा भट्टी जैसा बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई।

इस आवासीय विद्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से कक्षा 6 से 12वीं तक की करीब 200 छात्राएं पढ़ती हैं। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने अपनी लाचारी स्वीकारते हुए बताया कि बिजली न होने के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस का समरसेबल भी बोरिंग फेल होने के कारण पानी नहीं दे रहा है, जिसके चलते पीएचईडी से रोज केवल 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर के प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने भी पुष्टि की कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था।

करोड़ों की लागत से भव्य भवन बनने के बावजूद, इस आवासीय विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे 200 छात्राएं नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब तारापुर के विधायक और बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं सम्राट चौधरी हैं, और उनके ही विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय की बेटियों की यह दुर्दशा 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों पर सवाल उठाती है।
    user_SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    Teacher सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार•
    1 hr ago
  • भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब मानसिक तनाव और कर्ज से जूझ रही एक महिला ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। घाट पर मौजूद लोगों ने महिला को डूबते देख शोर मचाया, जिसके बाद गश्त कर रही SDRF टीम तत्काल मौके पर पहुंची और एक साहसिक अभियान चलाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। महिला की पहचान बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत केंदवार गांव निवासी भिखारी यादव की पत्नी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। घटना स्थल पर महिला के पति और उनके बेटे के पहुंचने के बाद घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बताया गया है कि दो साल पहले पति के इलाज और घरेलू खर्चों के लिए विभिन्न बैंकों से दो लाख रुपये से अधिक का ऋण लिया गया था। आर्थिक तंगी बढ़ने के साथ ही पति-पत्नी के बीच विवाद भी गहराता चला गया। प्रियंका ने आरोप लगाया कि उनके पति, जो पेशे से एक ट्रक चालक हैं, अक्सर उन पर किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक कर ताने मारते थे। वहीं, पति का कहना है कि पत्नी के कथित अफेयर के कारण उन्होंने कर्ज चुकाने से इनकार कर दिया था। लगातार बढ़ते तनाव से परेशान होकर महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया। सूचना मिलने पर सुल्तानगंज थाना पुलिस दोनों को थाने ले गई, जहाँ समझौते और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
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    भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब मानसिक तनाव और कर्ज से जूझ रही एक महिला ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। घाट पर मौजूद लोगों ने महिला को डूबते देख शोर मचाया, जिसके बाद गश्त कर रही SDRF टीम तत्काल मौके पर पहुंची और एक साहसिक अभियान चलाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।

महिला की पहचान बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत केंदवार गांव निवासी भिखारी यादव की पत्नी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। घटना स्थल पर महिला के पति और उनके बेटे के पहुंचने के बाद घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बताया गया है कि दो साल पहले पति के इलाज और घरेलू खर्चों के लिए विभिन्न बैंकों से दो लाख रुपये से अधिक का ऋण लिया गया था। आर्थिक तंगी बढ़ने के साथ ही पति-पत्नी के बीच विवाद भी गहराता चला गया।

प्रियंका ने आरोप लगाया कि उनके पति, जो पेशे से एक ट्रक चालक हैं, अक्सर उन पर किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक कर ताने मारते थे। वहीं, पति का कहना है कि पत्नी के कथित अफेयर के कारण उन्होंने कर्ज चुकाने से इनकार कर दिया था। लगातार बढ़ते तनाव से परेशान होकर महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया। सूचना मिलने पर सुल्तानगंज थाना पुलिस दोनों को थाने ले गई, जहाँ समझौते और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
    user_राकेश साहुवंशी
    राकेश साहुवंशी
    Local News Reporter सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार•
    12 hrs ago
  • बिहार के दरभंगा से एक छात्र इंजीनियरिंग की परीक्षा देने के लिए बंगाल पहुंचा है। इस संबंध में यह जानने की उत्सुकता व्यक्त की गई है कि परीक्षा में प्रश्नपत्र कैसा था। इस जानकारी में सम्रात चौधरी का उल्लेख किया गया है।
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    बिहार के दरभंगा से एक छात्र इंजीनियरिंग की परीक्षा देने के लिए बंगाल पहुंचा है। इस संबंध में यह जानने की उत्सुकता व्यक्त की गई है कि परीक्षा में प्रश्नपत्र कैसा था। इस जानकारी में सम्रात चौधरी का उल्लेख किया गया है।
    user_THE LIVE Munger
    THE LIVE Munger
    तारापुर, मुंगेर, बिहार•
    13 min ago
  • तारापुर थाना क्षेत्र से कथित रूप से लापता हुई एक नाबालिग युवती के मामले में रविवार को एक नया मोड़ आया, जब युवती स्वयं तारापुर थाना पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत उसका बयान दर्ज किया और आगे की मेडिकल जांच के लिए उसे मुंगेर भेज दिया है। यह मामला तब सामने आया था जब युवती के पिता ने थाना में एक आवेदन दिया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि गांव का ही एक युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब युवती का पता नहीं चला, तो 17 मई को तारापुर थाना में कांड संख्या 104/2026 दर्ज किया गया था। पिता ने अपने आवेदन में आरोपी युवक के माता-पिता पर भी सहयोग करने और विरोध करने पर उन्हें धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया था। इस बीच, पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में लगातार दबिश बना रही थी। तारापुर के थानाध्यक्ष राज कुमार ने बताया कि युवती के दर्ज बयान और उसकी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगे की सभी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    तारापुर थाना क्षेत्र से कथित रूप से लापता हुई एक नाबालिग युवती के मामले में रविवार को एक नया मोड़ आया, जब युवती स्वयं तारापुर थाना पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत उसका बयान दर्ज किया और आगे की मेडिकल जांच के लिए उसे मुंगेर भेज दिया है।

यह मामला तब सामने आया था जब युवती के पिता ने थाना में एक आवेदन दिया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि गांव का ही एक युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब युवती का पता नहीं चला, तो 17 मई को तारापुर थाना में कांड संख्या 104/2026 दर्ज किया गया था। पिता ने अपने आवेदन में आरोपी युवक के माता-पिता पर भी सहयोग करने और विरोध करने पर उन्हें धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया था। इस बीच, पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में लगातार दबिश बना रही थी।

तारापुर के थानाध्यक्ष राज कुमार ने बताया कि युवती के दर्ज बयान और उसकी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगे की सभी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    user_SUMIT KUMAR
    SUMIT KUMAR
    Press advisory तारापुर, मुंगेर, बिहार•
    7 hrs ago
  • खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचलाधिकारी कार्यालय कक्ष में सोमवार को एक साप्ताहिक जन समाधान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर शाम तीन बजे तक चला, जिसमें विभिन्न पंचायतों से आए लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। जनता दरबार की अध्यक्षता अंचलाधिकारी दीपक कुमार ने की। शिविर के दौरान कुल 7 आवेदन प्राप्त हुए, जो सभी जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन, अतिक्रमण और भूमि संबंधी अन्य मामलों से संबंधित थे। अंचलाधिकारी ने एक-एक कर सभी मामलों की सुनवाई की और संबंधित पक्षों से आवश्यक जानकारी ली। सुनवाई के क्रम में, मौके पर ही चार मामलों का निष्पादन कर दिया गया, जिससे संबंधित फरियादियों ने राहत महसूस की। शेष मामलों के लिए, आवश्यक कागजातों की जांच और दोनों पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के बाद अगली जनता दरबार में सुनवाई करने की बात कही गई। अंचलाधिकारी दीपक कुमार ने संबंधित कर्मी एआरओ सुजीत कुमार को निर्देश दिया कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों का निष्पक्ष और त्वरित निष्पादन किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। जनता दरबार में अंचल कार्यालय के कर्मचारी, राजस्व कर्मी सुजीत कुमार और कई फरियादी उपस्थित रहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार में पहुंचकर आवेदन दें, ताकि समय पर उनका निपटारा हो सके।
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    खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचलाधिकारी कार्यालय कक्ष में सोमवार को एक साप्ताहिक जन समाधान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर शाम तीन बजे तक चला, जिसमें विभिन्न पंचायतों से आए लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। जनता दरबार की अध्यक्षता अंचलाधिकारी दीपक कुमार ने की।

शिविर के दौरान कुल 7 आवेदन प्राप्त हुए, जो सभी जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन, अतिक्रमण और भूमि संबंधी अन्य मामलों से संबंधित थे। अंचलाधिकारी ने एक-एक कर सभी मामलों की सुनवाई की और संबंधित पक्षों से आवश्यक जानकारी ली। सुनवाई के क्रम में, मौके पर ही चार मामलों का निष्पादन कर दिया गया, जिससे संबंधित फरियादियों ने राहत महसूस की।

शेष मामलों के लिए, आवश्यक कागजातों की जांच और दोनों पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के बाद अगली जनता दरबार में सुनवाई करने की बात कही गई। अंचलाधिकारी दीपक कुमार ने संबंधित कर्मी एआरओ सुजीत कुमार को निर्देश दिया कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों का निष्पक्ष और त्वरित निष्पादन किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। जनता दरबार में अंचल कार्यालय के कर्मचारी, राजस्व कर्मी सुजीत कुमार और कई फरियादी उपस्थित रहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार में पहुंचकर आवेदन दें, ताकि समय पर उनका निपटारा हो सके।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    4 hrs ago
  • भागलपुर के नाथनगर थाना परिसर में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थानाध्यक्ष अभय शंकर की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें पूजा समिति, शांति समिति के सदस्यों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस बैठक के दौरान, पूर्व थानाध्यक्ष राजीव रंजन और वर्तमान थानाध्यक्ष अभय शंकर को पूजा समिति अध्यक्ष पप्पू यादव द्वारा भागलपुरी चादर देकर सम्मानित किया गया। पप्पू यादव ने इस अवसर पर कहा कि राजीव रंजन ने अपने कार्यकाल के दौरान सभी पर्वों को शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाथनगर की जनता, पूजा समिति और शांति समिति की ओर से उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। साथ ही, उन्हें कोतवाली थानाध्यक्ष के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।
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    भागलपुर के नाथनगर थाना परिसर में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थानाध्यक्ष अभय शंकर की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें पूजा समिति, शांति समिति के सदस्यों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।

इस बैठक के दौरान, पूर्व थानाध्यक्ष राजीव रंजन और वर्तमान थानाध्यक्ष अभय शंकर को पूजा समिति अध्यक्ष पप्पू यादव द्वारा भागलपुरी चादर देकर सम्मानित किया गया। पप्पू यादव ने इस अवसर पर कहा कि राजीव रंजन ने अपने कार्यकाल के दौरान सभी पर्वों को शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाथनगर की जनता, पूजा समिति और शांति समिति की ओर से उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। साथ ही, उन्हें कोतवाली थानाध्यक्ष के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।
    user_Sushil rajak
    Sushil rajak
    Jagdishpur, Bhagalpur•
    14 hrs ago
  • खगड़िया जिले के भगवान हाई स्कूल के ऐतिहासिक मैदान में भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद खिलाड़ी आपस में क्रिकेट खेलने में जुटे हुए हैं। इन खिलाड़ियों को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही बिहार से भी एक क्रिकेट टीम का गठन होगा, जो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी और उसका नेतृत्व करेगी। इस उम्मीद के बीच, पोस्ट ने दर्शकों से पूछा है कि इस विषय पर उनकी क्या राय है।
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    खगड़िया जिले के भगवान हाई स्कूल के ऐतिहासिक मैदान में भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद खिलाड़ी आपस में क्रिकेट खेलने में जुटे हुए हैं। इन खिलाड़ियों को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही बिहार से भी एक क्रिकेट टीम का गठन होगा, जो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी और उसका नेतृत्व करेगी।

इस उम्मीद के बीच, पोस्ट ने दर्शकों से पूछा है कि इस विषय पर उनकी क्या राय है।
    user_Abhay Kumar Press
    Abhay Kumar Press
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    23 hrs ago
  • बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र, मुंगेर के तारापुर विधानसभा अंतर्गत संग्रामपुर प्रखंड के कटियारी पंचायत स्थित पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय, पतघाघर में बुधवार को भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। इस घटना ने 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों की पोल खोल दी है। बेहोश हुई छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष), सोना भारती (13 वर्ष) सहित सात छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने स्थिति पर लाचारी जताते हुए कहा कि बिजली नहीं होने से गर्मी के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस में समरसेबल बोरिंग भी फेल है, जिससे पानी नहीं आता। विद्यालय को रोजाना पीएचईडी से 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को इस संबंध में लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक भर्ती छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में लाइट जाने के बाद कमरा भट्ठी बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। सरकार ने करोड़ों की लागत से भव्य भवन तो बना दिया है, लेकिन करीब 200 छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाएं 'जीरो' हैं और उन्हें स्वच्छ भोजन भी नहीं मिल रहा। सभी बेहोश छात्राओं को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया। सीएचसी प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने बताया कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। समय पर इलाज मिलने से सभी खतरे से बाहर हैं और उन्हें 3-4 घंटे निगरानी में रखने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि तारापुर के विधायक और स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अपने विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित इस आवासीय विद्यालय की 200 बेटियां नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, जो बेहद शर्मनाक स्थिति है।
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    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र, मुंगेर के तारापुर विधानसभा अंतर्गत संग्रामपुर प्रखंड के कटियारी पंचायत स्थित पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय, पतघाघर में बुधवार को भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। इस घटना ने 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों की पोल खोल दी है। बेहोश हुई छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष), सोना भारती (13 वर्ष) सहित सात छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं।

स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने स्थिति पर लाचारी जताते हुए कहा कि बिजली नहीं होने से गर्मी के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस में समरसेबल बोरिंग भी फेल है, जिससे पानी नहीं आता। विद्यालय को रोजाना पीएचईडी से 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को इस संबंध में लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक भर्ती छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में लाइट जाने के बाद कमरा भट्ठी बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। सरकार ने करोड़ों की लागत से भव्य भवन तो बना दिया है, लेकिन करीब 200 छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाएं 'जीरो' हैं और उन्हें स्वच्छ भोजन भी नहीं मिल रहा।

सभी बेहोश छात्राओं को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया। सीएचसी प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने बताया कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। समय पर इलाज मिलने से सभी खतरे से बाहर हैं और उन्हें 3-4 घंटे निगरानी में रखने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि तारापुर के विधायक और स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अपने विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित इस आवासीय विद्यालय की 200 बेटियां नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, जो बेहद शर्मनाक स्थिति है।
    user_SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    Teacher सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार•
    1 hr ago
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