मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के हरैल गांव में जमीन के केवाला (विक्रयपत्र) के नाम पर दी गई राशि के गबन का एक मामला सामने आया है। झारखंड के गिरिडीह में कार्यरत एक जज के पति प्रभात कुमार सिंह ने इस संबंध में स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें गांव के ही तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, प्रभात कुमार सिंह ने गांव के दिनेश्वर सिंह से 7 कट्ठा 4 धुर जमीन खरीदने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था। इकरारनामा होने के बाद उन्होंने विभिन्न खातों में कुल 11 लाख 51 हजार रुपये स्थानांतरित किए। साथ ही, इकरारनामे के मुताबिक, उक्त जमीन पर 50 हजार रुपये खर्च कर मिट्टी भराई का काम भी कराया गया था। पीड़ित का आरोप है कि राशि प्राप्त करने के बाद आरोपियों ने जल्द जमीन का केवाला करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया। मामले की जानकारी ग्रामीणों को भी दी गई और उनके माध्यम से कई बार केवाला कराने का अनुरोध किया गया, पर आरोपियों ने बात मानने से इनकार कर दिया। उन पर धमकी देने का भी आरोप है। प्रभात कुमार सिंह का कहना है कि आरोपियों की मंशा शुरू से ही राशि गबन करने की थी। इस संबंध में मंगलवार को थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर थानाकांड संख्या 136/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के हरैल गांव में जमीन के केवाला (विक्रयपत्र) के नाम पर दी गई राशि के गबन का एक मामला सामने आया है। झारखंड के गिरिडीह में कार्यरत एक जज के पति प्रभात कुमार सिंह ने इस संबंध में स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें गांव के ही तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, प्रभात कुमार सिंह ने गांव के दिनेश्वर सिंह से 7 कट्ठा 4 धुर जमीन खरीदने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था। इकरारनामा होने के बाद उन्होंने विभिन्न खातों में कुल 11 लाख 51 हजार रुपये स्थानांतरित किए। साथ ही, इकरारनामे के मुताबिक, उक्त जमीन पर 50 हजार रुपये खर्च कर मिट्टी भराई का काम भी कराया गया था। पीड़ित का आरोप है कि राशि प्राप्त करने के बाद आरोपियों ने जल्द जमीन का केवाला करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया। मामले की जानकारी ग्रामीणों को भी दी गई और उनके माध्यम से कई बार केवाला कराने का अनुरोध किया गया, पर आरोपियों ने बात मानने से इनकार कर दिया। उन पर धमकी देने का भी आरोप है। प्रभात कुमार सिंह का कहना है कि आरोपियों की मंशा शुरू से ही राशि गबन करने की थी। इस संबंध में मंगलवार को थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर थानाकांड संख्या 136/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
- मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के हरैल गांव में जमीन के केवाला (रजिस्ट्री) के नाम पर दी गई राशि के गबन का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में झारखंड के गिरिडीह में कार्यरत एक जज के पति प्रभात कुमार सिंह ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें गांव के ही तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, प्रभात कुमार सिंह ने गांव के दिनेश्वर सिंह से 7 कट्ठा 4 धुर जमीन खरीदने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था। इकरारनामा होने के बाद, उन्होंने विभिन्न खातों में कुल 11 लाख 51 हजार रुपये स्थानांतरित किए। इसके अतिरिक्त, इकरारनामे के प्रावधानों के तहत, उन्होंने उक्त जमीन पर मिट्टी भराई के काम में 50 हजार रुपये का खर्च भी वहन किया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने राशि प्राप्त करने के बाद जल्द ही जमीन का केवाला करने का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में अपना इरादा बदलते हुए रजिस्ट्री करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। प्रभात कुमार सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने ग्रामीणों को इस मामले की जानकारी दी थी और उनके माध्यम से कई बार रजिस्ट्री के लिए अनुरोध किया, परंतु आरोपियों ने उनकी बात नहीं मानी और उन्हें धमकी भी दी। उनका दावा है कि आरोपियों की मंशा शुरू से ही राशि गबन करने की थी। इस घटना के बाद, मंगलवार को थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि प्रभात कुमार सिंह के आवेदन के आधार पर थानाकांड संख्या 136/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।1
- मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के हरैल गांव में जमीन के केवाला (विक्रयपत्र) के नाम पर दी गई राशि के गबन का एक मामला सामने आया है। झारखंड के गिरिडीह में कार्यरत एक जज के पति प्रभात कुमार सिंह ने इस संबंध में स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें गांव के ही तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, प्रभात कुमार सिंह ने गांव के दिनेश्वर सिंह से 7 कट्ठा 4 धुर जमीन खरीदने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था। इकरारनामा होने के बाद उन्होंने विभिन्न खातों में कुल 11 लाख 51 हजार रुपये स्थानांतरित किए। साथ ही, इकरारनामे के मुताबिक, उक्त जमीन पर 50 हजार रुपये खर्च कर मिट्टी भराई का काम भी कराया गया था। पीड़ित का आरोप है कि राशि प्राप्त करने के बाद आरोपियों ने जल्द जमीन का केवाला करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया। मामले की जानकारी ग्रामीणों को भी दी गई और उनके माध्यम से कई बार केवाला कराने का अनुरोध किया गया, पर आरोपियों ने बात मानने से इनकार कर दिया। उन पर धमकी देने का भी आरोप है। प्रभात कुमार सिंह का कहना है कि आरोपियों की मंशा शुरू से ही राशि गबन करने की थी। इस संबंध में मंगलवार को थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर थानाकांड संख्या 136/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई है।1
- समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक के साथ मारपीट का आरोप लगा है। यह आरोप है कि युवक ने पंचायत में कथित भ्रष्टाचार, विशेषकर मनरेगा घोटाले, के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की गई।1
- वैशाली जिले के बिदुपुर में इस समय तेज़ हवाएं चल रही हैं और आसमान में लगातार बिजली गरज रही है। इस बदल रहे मौसम के कारण वाहन चालकों से विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की गई है। चेतावनी दी गई है कि तेज़ आंधी के दौरान सड़क किनारे लगे पेड़-पौधे गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे गंभीर हादसे हो सकते हैं। इसे देखते हुए, वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे ऐसे मौसम में धीरे वाहन चलाएं, किसी सुरक्षित स्थान पर रुकें और अनावश्यक यात्रा से बचें।1
- पटना जिले के बाढ़-2 अनुमंडल अंतर्गत भदौर थाना क्षेत्र में हुई लाखों रुपये की जेवरात चोरी की एक बड़ी घटना का पुलिस ने महज पांच घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। 24 मई 2026 की रात बकावों गांव निवासी राघवेन्द्र कुमार सिंह के घर से करीब पांच लाख रुपये मूल्य के सोना-चांदी के जेवरात और नकद रुपये चोरी कर लिए गए थे। इस सूचना के मिलते ही भदौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कांड संख्या 80/26 दर्ज कर जांच शुरू की। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष शत्रुधन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी और स्थानीय सूचना के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की। पुलिस की सक्रियता का परिणाम रहा कि मात्र पांच घंटे के भीतर चोरी की इस घटना का पर्दाफाश हो गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सत्यम कुमार नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया और दो विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया। ये सभी आरोपी बकावों गांव के ही निवासी बताए जा रहे हैं। छापेमारी में पुलिस ने चोरी गए सोने का मंगलसूत्र, झुमका, चेन, तीन जोड़ी चांदी का पायल सहित कुल 24 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं, जिसमें सभी चोरी गए जेवरात शामिल हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। इस सफल अभियान में थानाध्यक्ष शत्रुधन कुमार, प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक दिव्या कुमारी, सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार, थाना सशस्त्र बल और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अब सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- सोशल मीडिया पर लगातार यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल लेना छोड़कर अमेरिका से महंगा तेल खरीद रहा है, और यदि ऐसा है तो इसके पीछे असली वजह क्या है। यह वीडियो भारत की तेल राजनीति और वैश्विक कूटनीति का पूरा सच सामने लाने का दावा करता है। वीडियो में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी प्रतिबंध, रुपये-रूबल व्यापार और शिपिंग-बीमा के खर्चों का भारत की तेल नीति पर क्या असर पड़ता है। इसमें गहराई से बताया जाएगा कि कैसे ये कारक देश की क्रूड ऑयल खरीदने की रणनीति को प्रभावित करते हैं। यह भी बताया जाएगा कि भारत अपने "नेशनल इंटरेस्ट" को ध्यान में रखते हुए किस तरह हर देश से संतुलन बनाकर तेल खरीदता है। इसका अर्थ यह है कि भारत न तो रूस का अंध समर्थन करता है और न ही अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहता है। यह पूरी कहानी आसान भाषा में, गहराई के साथ और सच्चाई के करीब बताई जाएगी, और दर्शकों से अपनी राय कमेंट में देने का आग्रह किया गया है।1
- बिहार के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत हाथीदह थाना क्षेत्र में राजेंद्र सेतु के नीचे गंगा नदी में डूब रहे एक व्यक्ति को स्थानीय नाविकों की मुस्तैदी से बचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाविकों ने साहस दिखाते हुए उसे नदी से बाहर निकाला, जिसके बाद एक बस चालक ने घायल व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई। आरोप है कि लगभग एक घंटे तक व्यक्ति का उचित इलाज शुरू नहीं किया गया, जिससे उसकी हालत और अधिक बिगड़ गई। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने चिकित्सकों पर उदासीनता बरतने का गंभीर आरोप लगाया। बाद में, औपचारिकता पूरी करने के बाद मरीज को बेहतर उपचार के लिए पटना पीएमसीएच भेज दिया गया। जब इस मामले में चिकित्सकों से सवाल किए गए, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से कतराते हुए बात टालने की कोशिश की। इस पूरी घटना ने एक बार फिर बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के बावजूद, चिकित्सकीय लापरवाही के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।1
- समस्तीपुर जिले के पटोरी प्रखंड क्षेत्र के चक साहों पंचायत स्थित फतेपुर वाटर वेज बांध सड़क के अगल-बगल सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को मंगलवार को प्रशासन ने हटवा दिया। न्यायालय के आदेश के आलोक में पटोरी अंचल प्रशासन द्वारा चलाए गए इस अभियान में बुलडोजर की मदद से दर्जनों अस्थायी एवं स्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी एवं हड़कंप की स्थिति बनी रही। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान एवं अन्य निर्माण किए गए थे, जिसके बाद न्यायालय से आदेश प्राप्त होने पर अंचल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस संबंध में, पटोरी अंचल अधिकारी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में यह एक बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1