*गोराघाट थाना अंतर्गत ग्राम तिलैथा में रेत माफियाओं का अड्डा* गोराघाट। गोराघाट थाना अंतर्गत ग्राम तिलैथा में रेत माफियाओं की गतिविधियां बढ़ गई हैं। यहां सिंध नदी में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का काम जोरों पर है। अभी पिछले दो दिन पहले ही वन विभाग ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर अवैध उत्खनन रोकने का प्रयास किया था, लेकिन कार्रवाई के दूसरे दिन ही यह कारोबार फिर से शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार तिलैथा रेत खदान से प्रतिदिन लगभग 50 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत निकाली जा रही है, जिससे सिंध नदी का सीना छलनी हो रहा है। रेत माफिया की कारगुजारी से जलचरों का जीवन खतरे में है और भूजल स्तर भी प्रभावित हो रहा है। *वन विभाग की कार्रवाई बेअसर* वन विभाग ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर अवैध उत्खनन रोकने का प्रयास किया था, लेकिन यह कार्रवाई बेअसर साबित हुई। रेत माफिया ने फिर से सिंध नदी में अवैध उत्खनन शुरू कर दिया है। *स्थानीय लोगों में आक्रोश* तिलैथा के स्थानीय लोगों में रेत माफियाओं की कारगुजारी को लेकर आक्रोश है। उनका आरोप है कि रेत माफिया के कारिंदे हथियार लेकर घूमते रहते हैं, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल है। *प्रशासनिक चुप्पी* इस मामले में प्रशासनिक चुप्पी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे उनका मनोबल बढ़ रहा है।
*गोराघाट थाना अंतर्गत ग्राम तिलैथा में रेत माफियाओं का अड्डा* गोराघाट। गोराघाट थाना अंतर्गत ग्राम तिलैथा में रेत माफियाओं की गतिविधियां बढ़ गई हैं। यहां सिंध नदी में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का काम जोरों पर है। अभी पिछले दो दिन पहले ही वन विभाग ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर अवैध उत्खनन रोकने का प्रयास किया था, लेकिन कार्रवाई के दूसरे दिन ही यह कारोबार फिर से शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार तिलैथा रेत खदान से प्रतिदिन लगभग 50 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत निकाली जा रही है, जिससे सिंध नदी का सीना छलनी हो रहा है। रेत माफिया की कारगुजारी से जलचरों का जीवन खतरे में है और भूजल स्तर भी प्रभावित हो रहा है। *वन विभाग की कार्रवाई बेअसर* वन विभाग ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर अवैध उत्खनन रोकने का प्रयास किया था, लेकिन यह कार्रवाई बेअसर साबित हुई। रेत माफिया ने फिर से सिंध नदी में अवैध उत्खनन शुरू कर दिया है। *स्थानीय लोगों में आक्रोश* तिलैथा के स्थानीय लोगों में रेत माफियाओं की कारगुजारी को लेकर आक्रोश है। उनका आरोप है कि रेत माफिया के कारिंदे हथियार लेकर घूमते रहते हैं, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल है। *प्रशासनिक चुप्पी* इस मामले में प्रशासनिक चुप्पी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे उनका मनोबल बढ़ रहा है।
- गोराघाट। गोराघाट थाना अंतर्गत ग्राम तिलैथा में रेत माफियाओं की गतिविधियां बढ़ गई हैं। यहां सिंध नदी में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का काम जोरों पर है। अभी पिछले दो दिन पहले ही वन विभाग ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर अवैध उत्खनन रोकने का प्रयास किया था, लेकिन कार्रवाई के दूसरे दिन ही यह कारोबार फिर से शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार तिलैथा रेत खदान से प्रतिदिन लगभग 50 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत निकाली जा रही है, जिससे सिंध नदी का सीना छलनी हो रहा है। रेत माफिया की कारगुजारी से जलचरों का जीवन खतरे में है और भूजल स्तर भी प्रभावित हो रहा है। *वन विभाग की कार्रवाई बेअसर* वन विभाग ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर अवैध उत्खनन रोकने का प्रयास किया था, लेकिन यह कार्रवाई बेअसर साबित हुई। रेत माफिया ने फिर से सिंध नदी में अवैध उत्खनन शुरू कर दिया है। *स्थानीय लोगों में आक्रोश* तिलैथा के स्थानीय लोगों में रेत माफियाओं की कारगुजारी को लेकर आक्रोश है। उनका आरोप है कि रेत माफिया के कारिंदे हथियार लेकर घूमते रहते हैं, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल है। *प्रशासनिक चुप्पी* इस मामले में प्रशासनिक चुप्पी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे उनका मनोबल बढ़ रहा है।1
- ब्रेकिंग. डबरा नवग्रह शक्तिपीठ पर हुई भव्य आतिशबाजी डॉ. नरोत्तम मिश्रा के मुख्य संरक्षण में ऐतिहासिक मंदिर अद्भुत, जिसे देखने मात्र से ही मन को आनंद की प्राप्ति हो डबरा का नाम पूरे विश्व में करने वाले मिश्रा जी , विश्व को एक अद्भुत धरोहर देने हेतु दिल से धन्यवाद। ♥️🙏*नवग्रह_शक्तिपीठ*1
- मस्जिद कमेटी एवं मुस्लिम समाज द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस रोजाइफ्तार के लिए परेशान मुसलमान समाज इन्दरगढ़ नगर के वार्ड क्रमांक 12 मस्जिद परिसर में आज मुस्लिम समाज द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया गया कि वार्ड क्रमांक 12 सर्वे कम 1541 सर्वे क्रमांक 1542 कुल रकबा 6720 है जो मस्जिद इस्लाम इलाही प्रबंधक जिलाधीश महोदय दतिया के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है इस मस्जिद में इन्दरगढ़ एवं ग्रामीण क्षेत्रों से भी सभी मुसलमान समाज के लोग प्रतिदिन 6 टाइम नमाजअदा करने के लिए आते हैं पवित्र रमजान का महीना हे सभी मुस्लिम समाज के सैकड़ो लोग रोजा इफ्तार के लिए मस्जिद आते हैं उसी रोजाइफतार के लिये एकत्र होते हैं कमेटी द्वारा बाउंड्री में गेट लगाया जा रहा था जिससे कि ग्राउंड में किसी प्रकार की गंदगी ना फैले अस्थाई गेट लगाया जा रहा था तभी वहां पर कुछ अन्य लोगों ने बाउंड्री का गेट तोड़ दिया एवं मस्जिद के चारों तरफ अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है और जो दुकानें बनी हुई है उन्हें नोटरी पर बेचकर टीन के ठेले रखकर कब्जा किया जा रहा है मस्जिद कमेटी एवं मुस्लिम समाज द्वारा कलेक्टर दतिया से मांग की गई है की मस्जिद के आसपास का अतिक्रमण हटाया जाए जिससे हम पाक महीने में रोजाइफ्तार के लिए इबादत कर सके इस मौके पर मस्जिद काजी इशाक खान साहब, चप्पू पठान, सानू पठान, बल्लू पठान, समद खान, इमन खान, अनीश खान, शीलू खान, शाहरुख खान, रशीद पठान, शकील पठान, एवं एवं सभी मुसलमान समाज के लोग उपस्थित रहे4
- डबरा (ग्वालियर)मध्य प्रदेश नवग्रह शक्तिपीठ की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन, पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने सभी का किया आभार प्रकट , नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 10 फरवरी से 20 फरवरी तक चला , जिसका समापन 20 फरवरी को हुआ इस अवसर पर जगतगुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती , बद्रीश महाराज, और शनि देव के उपासक दाती महाराज ने विधि विधान से पूजा अर्चना की और नव ग्रहों के सभी मंदिरों के पट खोले गए , आज से श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन , इस अवसर पर जमकर आतिशबाजी हुई, इस महोत्सब में पंडित प्रदीप मिश्रा , युग कवि कुमार विश्वास , और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण ने तीन-तीन दिवसीय कथा सुनाई, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव , उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, फिल्म स्टार आशुतोष राणा , केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया , विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गी , भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल , सहित लाखों की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए।4
- वसूली मामले में फरार गिरफ्तारी वारन्टी को गोंदन पुलिस ने तेन्डोंत रोड हनुमान मंदिर के पास से किया गिरफ्तार, मेडीकल के लिए लाया गया भांडेर अस्पताल1
- #Datia : एक बार फिर गरमाया इंदरगढ़ मस्जिद जमीन विवाद का मामला #पब्लिक #datia #मस्जिद #मुस्लिम #विवाद #religion #fifa1
- दतिया ब्रेकिंग भावनात्मक कहानियों के जाल में फंसकर ठगी का शिकार न बनें। दतिया जिले में सामने से मामला न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह भावनात्मक कहानी सुनाकर लोगों की सहानुभूति का फायदा उठाया जा सकता है। क्या है पूरा मामला? इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में 33 वर्षीय युवक ने खुद को शिलांग (मेघालय) का सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताकर पुलिस और प्रशासन से आर्थिक मदद ली। युवक ने अपना नाम मोहित महाजन पुत्र अशोक महाजन बताया, लेकिन वह कभी खुद को पंजाब के गुरदासपुर का तो कभी शिलांग का निवासी बताता रहा। नींद की गोली और बैग चोरी की कहानी युवक ने पुलिस को बताया कि वह दतिया से इंदरगढ़ बस में बैठा था। रास्ते में उसने दवा खा ली, जिससे उसे नींद आ गई और इसी दौरान उसका बैग चोरी हो गया। बैग में लैपटॉप, मोबाइल, कपड़े, आधार कार्ड और एचडीएफसी व एसबीआई के एटीएम कार्ड होने की बात कही। उसने खुद को असहाय बताते हुए पैसों की मांग की। लेकिन जांच में सामने आया कि इससे पहले वह: एसपी कार्यालय पहुंच चुका था और एएसपी को ट्रेन में बैग गुम होने की कहानी सुना चुका था। तहसील कार्यालय में भी मदद मांग चुका था। कुछ वकीलों से भी पैसे ले चुका था। हर जगह कहानी लगभग एक जैसी थी, बस घटनास्थल कभी ट्रेन तो कभी बस बताया गया। पुलिस को ऐसे हुआ शक इंदरगढ़ थाना प्रभारी टीआई गौरव शर्मा को तहसील से फोन आया कि एक युवक मदद के लिए भेजा गया है, जो खुद को शिलांग का इंजीनियर बता रहा है। अलग-अलग जगहों पर एक जैसी कहानी सामने आने से पुलिस को शक हुआ और युवक को हिरासत में ले लिया गया। आधार जांच में भी नहीं मिली पहचान पहचान पुख्ता करने के लिए आधार सेंटर में फिंगरप्रिंट जांच कराई गई, लेकिन उंगलियों के निशान दर्ज नहीं हो पाए। आंखों की स्कैनिंग से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। युवक ने यह भी कहा कि उसे कम दिखाई देता है। भावनात्मक पृष्ठभूमि का सहारा पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता ने दो शादियां की थीं। मां और पिता की मृत्यु के बाद वह सौतेली मां से अलग रहता है। अविवाहित और अकेला होने की कहानी सुनाकर उसने सहानुभूति बटोरने की कोशिश की। अंत में उसने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन दिया। आगे की कार्रवाई फिलहाल पुलिस ठोस दस्तावेज न मिलने के कारण उसे शिलांग भेजने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह किसी बड़े ठगी गिरोह का हिस्सा है या अकेले ही इस तरह लोगों को झांसा देता रहा। यह मामला प्रशासन के लिए भी एक सीख है कि सहानुभूति के आधार पर मदद देने से पहले पहचान की पुख्ता जांच जरूरी है। वहीं आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि भावनात्मक कहानियों के जाल में फंसकर ठगी का शिकार न बनें।1
- Post by Adiya dantre 99816018601