गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत गोपालडीह गांव की होनहार बेटी रितिका राज ने NEET UG 2026 परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। रितिका ने परीक्षा में 599 अंक और 99.477 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया रैंक (AIR) 10320 तथा कैटेगरी रैंक 4605 प्राप्त की है। उनकी इस बड़ी उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। रितिका के पिता रामचंद्र महतो पेशे से शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। रितिका ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बीएनएस डीएवी, गिरिडीह से प्राप्त की है। इससे पहले भी वह सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में जिला टॉपर बनकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। अपनी इस सफलता के बारे में बात करते हुए रितिका ने बताया कि इसके पीछे नियमित रूप से की गई 12 से 13 घंटे की पढ़ाई, कड़ा अनुशासन और एनसीईआरटी की पुस्तकों पर विशेष फोकस सबसे महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने संदेश दिया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं। रितिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को दिया है। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग करें। उनकी इस कामयाबी पर क्षेत्र के लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत गोपालडीह गांव की होनहार बेटी रितिका राज ने NEET UG 2026 परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। रितिका ने परीक्षा में 599 अंक और 99.477 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया रैंक (AIR) 10320 तथा कैटेगरी रैंक 4605 प्राप्त की है। उनकी इस बड़ी उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। रितिका के पिता रामचंद्र महतो पेशे से शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। रितिका ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बीएनएस डीएवी, गिरिडीह से प्राप्त की है। इससे पहले भी वह सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में जिला टॉपर बनकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। अपनी इस सफलता के बारे में बात करते हुए रितिका ने बताया कि इसके पीछे नियमित रूप से की गई 12 से 13 घंटे की पढ़ाई, कड़ा अनुशासन और एनसीईआरटी की पुस्तकों पर विशेष फोकस सबसे महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने संदेश दिया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं। रितिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को दिया है। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग करें। उनकी इस कामयाबी पर क्षेत्र के लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
- झारखंड के कोडरमा जिले में नवलशाही थाना क्षेत्र के बच्छेडीह पंचायत अंतर्गत विंडोमोह विरहोर टोला में रहने वाले तीन विरहोर परिवारों के लगभग आधा दर्जन लोग एक अज्ञात बीमारी की चपेट में आ गए हैं। पिछले 4 दिनों से बीमार रहने के कारण इन सभी की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। बीमार लोगों में संजय बिरहोर की 8 वर्षीय बेटी पिंकी कुमारी और 10 वर्षीय बेटा विशाल बिरहोर, मनोज बिरहोर की 2 वर्षीय बेटी गुड़िया बिरहोर, राजू बिरहोर के बेटे मनोज बिरहोर, मनोज बिरहोर की पत्नी शांति विरहोरनी और कंचन विरहोरनी शामिल हैं। पीड़ित परिजनों के अनुसार, चार दिन पहले इन सभी को अचानक बुखार, उल्टी और कमजोरी की शिकायत हुई थी। इसके बाद वे इलाज के लिए नवलशाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी गए थे, लेकिन वहां कोई जरूरी दवा उपलब्ध नहीं थी। सरकारी अस्पताल से निराश होकर इस गरीब परिवार को मजबूरी में एक निजी क्लिनिक से इलाज कराना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विरहोर परिवार बेहद गरीब है और उनके लिए निजी डॉक्टर की फीस तथा दवाओं का खर्च उठाना नामुमकिन साबित हो रहा है। जांच और उचित दवाओं के अभाव में बीमार बच्चों और महिलाओं की तबीयत लगातार गिरती जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि टोले में तत्काल एक स्वास्थ्य शिविर लगाया जाए और मेडिकल टीम भेजकर पीड़ित परिवारों का समुचित इलाज कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय पर सही इलाज नहीं मिला, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। फिलहाल पूरा परिवार घर पर ही रहकर निजी डॉक्टर की सलाह पर दवाइयां लेने को मजबूर है, क्योंकि मामले की जानकारी मिलने के बाद भी अब तक स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।1
- कोडरमा में कर्तव्य की बलिवेदी पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर जवान नरेश यादव को जनकी प्रसाद यादव ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। कर्तव्य की बलिवेदी पर वीर जवान नरेश यादव द्वारा दिए गए इस बलिदान पर जनकी प्रसाद यादव ने उन्हें याद कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- लखीमपुर खीरी के तहसील दिवस में कक्षा-8 के 13 वर्षीय छात्र अमिताभ ने अकेले ही डीएम के सामने पहुंचकर अपने घर पर हुए अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। "साहब... देखना नहीं, इसे करवा दीजिए! न्याय करवा दीजिए!" अमिताभ की इस बेबाक गुहार और हाजिरजवाबी ने तहसील दिवस में मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 13 साल का यह बच्चा जिस निडरता के साथ सीधे डीएम साहब से बात कर रहा था, उसने हर किसी का ध्यान आकर्षित किया। छात्र की शिकायत सुनने के बाद डीएम ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए और साथ ही बच्चे को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी।1
- झारखंड में सफर के दौरान खेतों-खलिहानों में धान रोपनी का दृश्य देखने को मिला, जहां मिट्टी में कमर झुकाकर काम कर रहे किसानों के हौसले आसमान छू रहे हैं। किसानों की इस कड़ी मेहनत का सम्मान करते हुए यह कामना की गई है कि उनके पसीने की हर एक बूंद सोना बनकर उनकी मेहनत को सार्थक करे। इंद्र देव की कृपा बनी रहने की प्रार्थना के साथ सभी को शुभ धान रोपनी की बधाई दी गई है। इस संदेश में हेमंत सोरेन, झारखंड सीएमओ और जेएमएम को भी टैग किया गया है।1
- झारखंड के चौपारण स्थित पुटलू-केंदुआ गांव के निवासी भारत सिंह के बगीचे में मियाज़ाकी आम के तीन पेड़ मिले हैं। लाखों की कीमत वाली इस दुर्लभ आम की किस्म को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इस दुर्लभ आम को देखने के लिए दूर-दूर से लोग लगातार भारत सिंह के बगीचे में पहुंच रहे हैं।1
- कोडरमा के तिलैया में सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुई दोस्ती अब पुलिस जांच के दायरे में आ गई है। प्यार के भरोसे और शादी के सपने के बीच धोखाधड़ी का यह मामला सामने आया है, जहां शादी का झांसा देने, ब्लैकमेलिंग करने और लाखों रुपये की ठगी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को हिरासत में ले लिया है।1