पूर्व राज्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, 50 वर्षों से आबाद भूमि से बेदखली पर जताई आपत्ति* पूर्व राज्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, 50 वर्षों से आबाद भूमि से बेदखली पर जताई आपत्ति* कुशीनगर में वर्षों से आबाद भूमि से बेदखली के नोटिस का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में किसानों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई पर रोक लगाने और निष्पक्ष जांच की मांग की। किसानों का कहना है कि उन्होंने जमीन खरीदकर विधिवत खारिज-दाखिल कराया था और दशकों से उसी भूमि पर रह रहे हैं, इसके बावजूद अब उन्हें जमीन खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है। पूरा मामला मामला हाटा तहसील क्षेत्र के मौजा पट्टन, तप्पा देवरार, परगना हवेली का है। पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि गाटा संख्या 59, रकबा 2.5700 हेक्टेयर भूमि पर कई परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं। उनका दावा है कि वर्ष 1994 और 2003 में विधिवत बेनामा कराकर भूमि खरीदी गई थी और उसके आधार पर खारिज-दाखिल की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि वे करीब 30 से 50 वर्षों से शांतिपूर्वक उक्त भूमि पर रह रहे हैं। उनका आरोप है कि अब कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से फर्जी नामांतरण के आधार पर उन्हें बेदखल करने की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने इसे पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पूर्व में न्यायालय के आदेशों के आधार पर उनके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हुए थे। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि किसानों ने उन्हें बताया है कि उन्होंने जमीन खरीदकर विधिवत खारिज-दाखिल कराया था और करीब 50 वर्षों से उसी भूमि पर रह रहे हैं। अब अचानक जमीन खाली करने का नोटिस दिए जाने से गरीब परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन में किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाए, राजस्व अभिलेखों और न्यायालय के आदेशों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। किसानों का कहना है कि यदि बिना सुनवाई उन्हें हटाया गया तो दर्जनों परिवार बेघर हो जाएंगे और उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। इस मौके पर पूर्व सपा जिला अध्यक्ष इलियास अंसारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
पूर्व राज्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, 50 वर्षों से आबाद भूमि से बेदखली पर जताई आपत्ति* पूर्व राज्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, 50 वर्षों से आबाद भूमि से बेदखली पर जताई आपत्ति* कुशीनगर में वर्षों से आबाद भूमि से बेदखली के नोटिस का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में किसानों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई पर रोक लगाने और निष्पक्ष जांच की मांग की। किसानों का कहना है कि उन्होंने जमीन खरीदकर विधिवत खारिज-दाखिल कराया था और दशकों से उसी भूमि पर रह रहे हैं, इसके बावजूद अब उन्हें जमीन खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है। पूरा मामला मामला हाटा तहसील क्षेत्र के मौजा पट्टन, तप्पा देवरार, परगना हवेली का है। पूर्व राज्यमंत्री
राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि गाटा संख्या 59, रकबा 2.5700 हेक्टेयर भूमि पर कई परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं। उनका दावा है कि वर्ष 1994 और 2003 में विधिवत बेनामा कराकर भूमि खरीदी गई थी और उसके आधार पर खारिज-दाखिल की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि वे करीब 30 से 50 वर्षों से शांतिपूर्वक उक्त भूमि पर रह रहे हैं। उनका आरोप है कि अब कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से फर्जी नामांतरण के आधार पर उन्हें बेदखल करने की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने इसे पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पूर्व में न्यायालय के आदेशों के आधार पर उनके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हुए थे।
इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि किसानों ने उन्हें बताया है कि उन्होंने जमीन खरीदकर विधिवत खारिज-दाखिल कराया था और करीब 50 वर्षों से उसी भूमि पर रह रहे हैं। अब अचानक जमीन खाली करने का नोटिस दिए जाने से गरीब परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन में किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाए, राजस्व अभिलेखों और न्यायालय के आदेशों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। किसानों का कहना है कि यदि बिना सुनवाई उन्हें हटाया गया तो दर्जनों परिवार बेघर हो जाएंगे और उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। इस मौके पर पूर्व सपा जिला अध्यक्ष इलियास अंसारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
- पूर्व राज्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, 50 वर्षों से आबाद भूमि से बेदखली पर जताई आपत्ति* पूर्व राज्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, 50 वर्षों से आबाद भूमि से बेदखली पर जताई आपत्ति* कुशीनगर में वर्षों से आबाद भूमि से बेदखली के नोटिस का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में किसानों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई पर रोक लगाने और निष्पक्ष जांच की मांग की। किसानों का कहना है कि उन्होंने जमीन खरीदकर विधिवत खारिज-दाखिल कराया था और दशकों से उसी भूमि पर रह रहे हैं, इसके बावजूद अब उन्हें जमीन खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है। पूरा मामला मामला हाटा तहसील क्षेत्र के मौजा पट्टन, तप्पा देवरार, परगना हवेली का है। पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि गाटा संख्या 59, रकबा 2.5700 हेक्टेयर भूमि पर कई परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं। उनका दावा है कि वर्ष 1994 और 2003 में विधिवत बेनामा कराकर भूमि खरीदी गई थी और उसके आधार पर खारिज-दाखिल की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि वे करीब 30 से 50 वर्षों से शांतिपूर्वक उक्त भूमि पर रह रहे हैं। उनका आरोप है कि अब कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से फर्जी नामांतरण के आधार पर उन्हें बेदखल करने की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने इसे पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पूर्व में न्यायालय के आदेशों के आधार पर उनके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हुए थे। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि किसानों ने उन्हें बताया है कि उन्होंने जमीन खरीदकर विधिवत खारिज-दाखिल कराया था और करीब 50 वर्षों से उसी भूमि पर रह रहे हैं। अब अचानक जमीन खाली करने का नोटिस दिए जाने से गरीब परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन में किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाए, राजस्व अभिलेखों और न्यायालय के आदेशों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। किसानों का कहना है कि यदि बिना सुनवाई उन्हें हटाया गया तो दर्जनों परिवार बेघर हो जाएंगे और उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। इस मौके पर पूर्व सपा जिला अध्यक्ष इलियास अंसारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।3
- कुशीनगर - कसया थाने के दो सिपाहियों पर गिरी गाज,ढाबा संचालक से मारपीट और महिला से बदसलूकी के आरोप,सिपाही उमाशंकर यादव समेत दो पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज,आरोपों के बाद दोनों सिपाहियों को किया गया निलंबित,पुलिस विभाग ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की शुरू की कार्रवाई,बर्खास्तगी के लिए विभागीय कार्यवाही प्रारंभ,जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस महकमे ने की सख्त कार्रवाई,आरोप है कि शराब के नशे में दो पुलिसकर्मियों समेत तीन लोगों ने कसया नगर में ढाबा संचालक के साथ की थी मारपीट,लड़की और शराब की मांग पूरी नहीं करने पर मारपीट का आरोप,घर में घुसकर दबंगई और धमकी देने का आरोप,बगल में रह रही महिला को जबरन साथ ले जाने और बदसलूकी का आरोप,महिला और ढाबा संचालक को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप,मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग सख्त,कुशीनगर पुलिस ने साफ मैसेज अनुशासनहीनता और आपराधिक गतिविधियों बर्दाश्त नहीं,एसपी का साफ संदेश पुलिस की संलिप्त हुई किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा कुशीनगर - कसया थाने के दो सिपाहियों पर गिरी गाज,ढाबा संचालक से मारपीट और महिला से बदसलूकी के आरोप,सिपाही उमाशंकर यादव समेत दो पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज,आरोपों के बाद दोनों सिपाहियों को किया गया निलंबित,पुलिस विभाग ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की शुरू की कार्रवाई,बर्खास्तगी के लिए विभागीय कार्यवाही प्रारंभ,जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस महकमे ने की सख्त कार्रवाई,आरोप है कि शराब के नशे में दो पुलिसकर्मियों समेत तीन लोगों ने कसया नगर में ढाबा संचालक के साथ की थी मारपीट,लड़की और शराब की मांग पूरी नहीं करने पर मारपीट का आरोप,घर में घुसकर दबंगई और धमकी देने का आरोप,बगल में रह रही महिला को जबरन साथ ले जाने और बदसलूकी का आरोप,महिला और ढाबा संचालक को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप,मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग सख्त,कुशीनगर पुलिस ने साफ मैसेज अनुशासनहीनता और आपराधिक गतिविधियों बर्दाश्त नहीं,एसपी का साफ संदेश पुलिस की संलिप्त हुई किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा1
- वर्दी पर दाग! लड़की-शराब की मांग और महिला से बदसलूकी के आरोप में दो सिपाही निलंबित, मुकदमा दर्ज 🔴 जीरो टॉलरेंस का डंडा: सिपाहियों पर लगे संगीन आरोप, निलंबन के साथ मुकदमा दर्ज, बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू 🔴'लड़की दो, शराब दो' के आरोप से मचा बवाल 🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कुशीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कसया थाना में तैनात दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके आरोपी दोनों सिपाहियों की गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया। इतना ही नही मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने बर्खास्तगी की विभागीय प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। दोनों सिपाहियों पर एक ढाबा संचालक से कथित रूप से लड़की और शराब की मांग करने, विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट व धमकी देने तथा एक महिला को जबरन गोरखपुर ले जाकर बदसलूकी करने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। बेशक! उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि एक बार फिर न सिर्फ धूमिल हुई है बल्कि गंभीर सवालों के घेरे में है। एक तरफ गोरखपुर में सिपाही द्वारा दस वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या का जघन्य मामला पूरे प्रदेश को झकझोर चुका है, वहीं दूसरी ओर कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र में तैनात सिपाही उमाशंकर यादव व उसके साथी पर लड़की और शराब की मांग, मारपीट, घर में घुसकर उत्पात मचाने तथा एक महिला को जबरन वाहन में बैठाकर गोरखपुर ले जाने जैसे बेहद गंभीर आरोप सामने आए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने कानून की रक्षा करने वाली वर्दी की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बताया जाता है कि कसया नगर निवासी ढाबा संचालक पप्पू सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि 3 अगस्त की शाम कसया थाने में तैनात सिपाही उमाशंकर यादव ने फोन कर मिलने के लिए बुलाया। रात तकरीबन नौ बजे मुलाकात के दौरान सिपाही अपने दो साथियों के साथ शराब के नशे में था और उसने लड़की तथा शराब की व्यवस्था करने की मांग की। जब उसने इनकार किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।शिकायत के मुताबिक रात करीब दो बजे आरोपी सिपाही अपने दो साथियों के साथ पीड़ित के आवास पर पहुंचे और दरवाजा नहीं खुलने पर दीवार फांदकर घर में घुसकर मारपीट शुरू कर दी। परिवार की महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया तथा सिपाहियों द्वारा पूरे परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। शोर सुनकर आसपास के लोग जुटने लगे तो आरोपी सिपाही वहां से चले गए। 🔴 महिला ने एसपी से लगायी गुहार इसी प्रकरण में एक महिला ने भी पुलिस अधीक्षक को अलग शिकायती पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि वह अपनी बहन के साथ कसया में किराये के मकान में रहकर पार्लर में काम करती है। महिला का कहना है कि उसी रात सिपाही उमाशंकर यादव अपने साथी सिपाही महेन्द्र यादव के साथ उसके कमरे पर पहुंचा, दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा, मारपीट की और उसे जबरन वाहन में बैठाकर गोरखपुर के माड़ापार क्षेत्र ले गया। महिला का आरोप है कि वहां कई घंटों तक उसके साथ बदसलूकी की गई और सुबह करीब साढ़े पांच बजे उसे वापस कसया छोड़ दिया गया। विरोध करने पर उसे और उसकी बहन को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर आरोपी सिपाही एवं उसके साथियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना है कि यदि कानून लागू कराने वाले ही कानून तोड़ने लगें तो आम जनता का पुलिस पर विश्वास कमजोर होना स्वाभाविक है। 🔴पुलिस ने दिखाई सख्ती कहना न होगा पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों सिपाही उमाशंकर यादव व महेंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के बाद गिरफ्तार कराकर जेल भेज दिया है, इतना नही तेज-तर्रार व ईमानदार छवि वाले पुलिस अधीक्षक ने विभागीय स्तर पर बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। एसपी का कहना है कि प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। 🔴गोरखपुर की घटना के बाद फिर उठे सवाल हाल ही में गोरखपुर में एक सिपाही पर दस वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या का मामला सामने आने से प्रदेशभर में आक्रोश व्याप्त है। उस घटना की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि कुशीनगर से आए इन आरोपों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि दोनों मामले अलग-अलग हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने यह प्रश्न जरूर खड़ा किया है कि वर्दी की गरिमा बनाए रखने के लिए जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।4
- कसया प्रकरण में कुशीनगर SP केशव कुमार का बयान - दोनों सिपाहियों को निलंबित कर इनके विरुद्ध मुक़दमा पंजीकृत कराया गया है। कसया प्रकरण में कुशीनगर SP केशव कुमार का बयान - दोनों सिपाहियों को निलंबित कर इनके विरुद्ध मुक़दमा पंजीकृत कराया गया है। दोनों को गिरफ्तार कर के जेल भेजा जा रहा है। इनके बर्खास्तगी हेतु विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई है।1
- *विद्युत बिलों के लंबित बकाये का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करें, आवश्यक होने पर मुख्यालय से तत्काल धनराशि की मांग करें: जिलाधिकारी* कुशीनगर*विद्युत बिलों के लंबित बकाये का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करें, आवश्यक होने पर मुख्यालय से तत्काल धनराशि की मांग करें: जिलाधिकारी* जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत विभाग के लंबित विद्युत बिलों के बकाया भुगतान, विद्युत देयों की वसूली एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्युत विभाग तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विभागवार समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, पंचायत विभाग, ग्रामीण पेयजल, आंगनवाड़ी केंद्रों, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपलब्ध बजट के सापेक्ष लंबित विद्युत बिलों का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिन विभागों के पास वर्तमान में धनराशि उपलब्ध नहीं है, वे बिना विलंब अपने-अपने मुख्यालय को आवश्यक धनराशि की मांग करते हुए पत्र प्रेषित करें तथा उसकी प्रति जिला प्रशासन को भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्युत बिलों के भुगतान हेतु आवश्यक धनराशि की मांग के संबंध में संबंधित विभागों के मुख्यालय को जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से भी आवश्यक पत्र प्रेषित किए जाएं, ताकि भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्युत बिलों की प्रभावी वसूली एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस कार्य में यदि किसी प्रकार के प्रशासनिक सहयोग अथवा संसाधनों की आवश्यकता होगी तो जिला प्रशासन हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा। बैठक में विद्युत आपूर्ति, विभागीय समन्वय तथा अन्य संबंधित विषयों की भी विस्तृत समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जॉइंट मजिस्ट्रेट ,अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता विद्युत, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।3
- कुशीनगर में कसया ढाबा संचालक के साथ मार पीट और महिला के साथ बदसलूकी वाले प्रकरण में दोनों सिपाहियों को निलंबित कर इनके विरुद्ध मुक़दमा पंजीकृत कुशीनगर में कसया ढाबा संचालक के साथ मार पीट और महिला के साथ बदसलूकी वाले प्रकरण में दोनों सिपाहियों को निलंबित कर इनके विरुद्ध मुक़दमा पंजीकृत - उमाशंकर यादव और महेंद्र को गिरफ्तार कर के भेजा जेल - इन दोनों सिपाहियों की बर्खास्तगी हेतु विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ - जीरो टॉलरेंस के तहत की जा रही कठोर कार्यवाही1