हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) की यमुनानगर जिला इकाई के आह्वान पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में जुटे बीएलओ और सुपरवाइजरों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर एक प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जिला उपायुक्त के माध्यम से निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा। जिला प्रधान संजय कम्बोज की अध्यक्षता और जिला सचिव दिनेश तंवर के मंच संचालन में हुए इस कार्यक्रम में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य उपप्रधान राकेश धनखड़, वरिष्ठ अध्यापक नेता सुरेन्द्र सैनी और राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज ने कर्मचारियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने बताया कि एसआईआर कार्य में लगे बीएलओ और सुपरवाइजर अत्यंत कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, जहाँ उन्हें घर-घर जाकर प्रपत्रों का वितरण-संग्रहण, ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि, दस्तावेजों की स्कैनिंग और अपलोडिंग जैसे कई कार्य एक साथ करने पड़ रहे हैं। भीषण गर्मी, तकनीकी खामियों और सीमित समय-सीमा ने उनके कार्यभार को अत्यधिक बढ़ा दिया है। कर्मचारियों ने एसआईआर पोर्टल और ऐप में बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं, सर्वर की खराबी और दस्तावेज अपलोडिंग की दिक्कतों पर चिंता व्यक्त करते हुए तुरंत समाधान की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में प्रत्येक खंड स्तर पर तकनीकी सहायता केंद्र स्थापित करना, पोर्टल की कमियों को शीघ्र दूर करना, एसआईआर कार्य की समय-सीमा बढ़ाना, पिछले निर्वाचन कार्यों का लंबित मानदेय तुरंत जारी करना, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाना और बीएलओ तथा सुपरवाइजरों पर अनावश्यक दबाव बंद करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्कैनिंग, प्रिंटिंग, इंटरनेट आदि पर होने वाले अतिरिक्त खर्च की प्रतिपूर्ति और अवकाश अवधि में एसआईआर कार्य करने वाले कर्मचारियों को नियमानुसार अर्जित अवकाश देने की भी मांग की। शिक्षकों के लिए यह भी मांग की गई कि 1 जुलाई से विद्यालय खुलने पर एसआईआर कार्य में लगे अध्यापकों के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। प्रदर्शन के उपरांत, एक प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला उपायुक्त से मुलाकात कर सभी समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर अतिरिक्त जिला उपायुक्त ने जिला स्तर पर पूर्ण सहयोग देने और चुनाव आयोग से संबंधित समस्याओं को आयोग को भेजने का आश्वासन दिया। इस दौरान हरियाणा रिटायर्ड कर्मचारी संघ ने भी अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम में सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महिपाल सौदे, सतीश जांगड़ा, रिंकू अध्यापक संघ से प्रीतम बालियान, राम नरेश, शशि भूषण, अमरीक सिंह, वीरेंद्र सिंह, संदीप चानना, मनमोहन सिंह, सर्वप्रीत, बिंदु रानी, कर्म जीत कौर सहित सैकड़ों बीएलओ उपस्थित रहे।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) की यमुनानगर जिला इकाई के आह्वान पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में जुटे बीएलओ और सुपरवाइजरों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर एक प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जिला उपायुक्त के माध्यम से निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा। जिला प्रधान संजय कम्बोज की अध्यक्षता और जिला सचिव दिनेश तंवर के मंच संचालन में हुए इस कार्यक्रम में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य उपप्रधान राकेश धनखड़, वरिष्ठ अध्यापक नेता सुरेन्द्र सैनी और राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज ने कर्मचारियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने बताया कि एसआईआर कार्य में लगे बीएलओ और सुपरवाइजर अत्यंत कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, जहाँ उन्हें घर-घर जाकर प्रपत्रों का वितरण-संग्रहण, ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि, दस्तावेजों की स्कैनिंग
और अपलोडिंग जैसे कई कार्य एक साथ करने पड़ रहे हैं। भीषण गर्मी, तकनीकी खामियों और सीमित समय-सीमा ने उनके कार्यभार को अत्यधिक बढ़ा दिया है। कर्मचारियों ने एसआईआर पोर्टल और ऐप में बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं, सर्वर की खराबी और दस्तावेज अपलोडिंग की दिक्कतों पर चिंता व्यक्त करते हुए तुरंत समाधान की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में प्रत्येक खंड स्तर पर तकनीकी सहायता केंद्र स्थापित करना, पोर्टल की कमियों को शीघ्र दूर करना, एसआईआर कार्य की समय-सीमा बढ़ाना, पिछले निर्वाचन कार्यों का लंबित मानदेय तुरंत जारी करना, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाना और बीएलओ तथा सुपरवाइजरों पर अनावश्यक दबाव बंद करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्कैनिंग, प्रिंटिंग, इंटरनेट आदि पर होने वाले अतिरिक्त खर्च की प्रतिपूर्ति और अवकाश अवधि में एसआईआर कार्य करने वाले कर्मचारियों को नियमानुसार
अर्जित अवकाश देने की भी मांग की। शिक्षकों के लिए यह भी मांग की गई कि 1 जुलाई से विद्यालय खुलने पर एसआईआर कार्य में लगे अध्यापकों के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। प्रदर्शन के उपरांत, एक प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला उपायुक्त से मुलाकात कर सभी समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर अतिरिक्त जिला उपायुक्त ने जिला स्तर पर पूर्ण सहयोग देने और चुनाव आयोग से संबंधित समस्याओं को आयोग को भेजने का आश्वासन दिया। इस दौरान हरियाणा रिटायर्ड कर्मचारी संघ ने भी अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम में सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महिपाल सौदे, सतीश जांगड़ा, रिंकू अध्यापक संघ से प्रीतम बालियान, राम नरेश, शशि भूषण, अमरीक सिंह, वीरेंद्र सिंह, संदीप चानना, मनमोहन सिंह, सर्वप्रीत, बिंदु रानी, कर्म जीत कौर सहित सैकड़ों बीएलओ उपस्थित रहे।
- हरियाणा में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिसके तहत ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की महिलाओं को अब ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें घर-द्वार पर ही एआई आधारित आधुनिक तकनीक से मुफ्त स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। इस 'नमो शक्ति ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मिशन' की शुरुआत चंडीगढ़ से हुई, जिसके तहत केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 7 मोबाइल स्क्रीनिंग एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन मोबाइल वैन के माध्यम से महिलाओं की जांच थर्मलिटिक्स तकनीक का उपयोग करके की जाएगी। इस जांच की खासियत यह है कि यह पूरी तरह से दर्द-रहित, रेडिएशन-मुक्त और बिना किसी शारीरिक संपर्क के संपन्न होगी, जिससे महिलाओं की निजता और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल बीमारी का पता लगाना ही नहीं है, बल्कि महिलाओं में ब्रेस्ट हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में व्याप्त झिझक व भ्रांतियों को दूर करना भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शुरुआती चरण में ब्रेस्ट कैंसर की पहचान होने पर इसका इलाज कहीं अधिक प्रभावी होता है। मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि मोबाइल वैन के लिए गांवों के रूट चार्ट तैयार किए जाएँ, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं की जांच हो सके। साथ ही, संदिग्ध मामलों में समय पर अस्पतालों में रेफरल, मेडिकल काउंसलिंग और इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान' से प्रेरित है। आँकड़ों के अनुसार, भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर के मामलों में ब्रेस्ट कैंसर एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, और जागरूकता की कमी व संकोच के कारण कई मामलों का पता देरी से चलता है, जिससे उपचार कठिन हो जाता है। ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ छेड़े गए इस अभियान का सबसे बड़ा लक्ष्य बीमारी का इंतजार करने के बजाय समय रहते उसकी पहचान करना है। एआई तकनीक से सुसज्जित ये मोबाइल एम्बुलेंस अब गांव-गांव पहुँचकर महिलाओं को मुफ्त स्क्रीनिंग की सुविधा प्रदान करेंगी, जो समय पर इलाज और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।1
- हरियाणा के यमुनानगर में स्थित ओपी जिंदल पार्क में एक 'समर कार्निवाल' का आयोजन किया गया है। इस कार्निवाल में लोग भरपूर मस्ती और मनोरंजन का आनंद ले रहे हैं।1
- बढ़ती महंगाई और इंफ्लेशन के बीच, 'टीम ऑफ ड्रीमर्स ग्रुप' ने जोर दिया है कि सिर्फ सैलरी पर निर्भर रहना वित्तीय सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि इस महंगाई को रोकने के लिए मल्टीपल इनकम या आय के अनेक साधन अपनाना बेहद आवश्यक है, जिसके लिए थोड़ा समय और मेहनत की जरूरत होगी। संगठन का लक्ष्य है कि हर परिवार को समृद्ध बनाया जा सके, और इसी उद्देश्य के साथ लोगों को मल्टीपल आय के स्रोतों को अपनाने और अपने परिवार के सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।1
- यमुनानगर जिले में एक युवक अपने दोस्तों के साथ यमुना नदी पर आया था, जहाँ वह नारियल पकड़ने के लिए पानी में उतर गया। दुखद रूप से, युवक यमुना से बाहर नहीं आ पाया और लापता हो गया। इस घटना की खबर मिलने पर, युवक की माँ रोती-बिलखती हुई मौके पर पहुँची, जिनका हाल बेहाल था। बताया गया है कि लापता युवक जोगिंदर नगर का रहने वाला है।1
- यमुनानगर जिले के रादौर स्थित छोटा बांस की डेहा बस्ती से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बस्ती निवासी अपना सामान लेकर विभिन्न क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। लोग टेंपो, छोटा हाथी और कैंटर जैसे वाहनों से दड़वा, कांसापुर, लाडवा, इंद्री, करनाल और ताजेवाला जैसे स्थानों पर जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर लोगों को सामान उतारने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा और अब वे अन्य स्थानों की तलाश कर रहे हैं। इसी दौरान, पिछले दिनों मीडिया में काफी चर्चा में रहे डेहा बस्ती के पिटबुल कुत्ते की भी मौत की सूचना मिली है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भीषण गर्मी, बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बदलती परिस्थितियों के कारण कुत्ते की हालत बिगड़ गई थी। हालांकि, उसकी मौत के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- अंबाला जिले के मुलाना ग्राम पंचायत ने गांव में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए युद्ध स्तर पर एक विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, गांव के छोटे-बड़े सभी नालों की व्यापक सफाई करवाई जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाना और ग्रामीणों को गंदगी व जलभराव की समस्या से निजात दिलाना है। ग्राम पंचायत मुलाना के सरपंच प्रवीन कुमार ने जानकारी दी कि नालों की सफाई सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए दो जेटिंग मशीनें मंगाई गई हैं, जो लगभग एक माह तक गांव में सफाई कार्य करेंगी। इन मशीनों की मदद से बंद पड़े और गंदगी से भरे नालों की गहन सफाई की जाएगी। सरपंच प्रवीन कुमार स्वयं इस पूरे सफाई अभियान की देखरेख कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। इस अभियान के दौरान नालों में जमा कचरा, मिट्टी और अन्य अवरोधों को हटाया जाएगा, जिससे बरसात के मौसम में होने वाली जलभराव की समस्या से भी बड़ी राहत मिलेगी।1
- समर कार्निवाल के दौरान 'एक सोच नई सोच संस्था' के संस्थापक से एक बातचीत हुई है। इस बातचीत के महत्त्वपूर्ण अंश साझा किए गए हैं।1
- हरियाणा के यमुनानगर स्थित पुराना हमीदा मोड़ पर एक बार फिर तेज रफ्तार का भयावह मंजर देखने को मिला, जहाँ एक दर्दनाक सड़क हादसे में 24 वर्षीय आदिल नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आदिल उत्तर प्रदेश के ढीका गाँव का निवासी था और अविवाहित था, जो दूध बेचने का काम करता था। वह रोज़ाना की तरह सुबह अपने वाहन में दूध भरकर उत्तर प्रदेश से हरियाणा के यमुनानगर में सप्लाई देने आया था, लेकिन यह उसका आख़िरी सफर साबित हुआ। परिवार का सहारा बन रहा यह मेहनतकश युवक फिर कभी घर वापस नहीं लौट सका। सोमवार सुबह हुई इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज़ गति से आ रहे बेकाबू ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार आदिल को इतनी बेरहमी से कुचला कि वह सड़क पर गिर गया और ट्रक उसे बुरी तरह रौंदता हुआ निकल गया। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी और हादसा इतना भयावह कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह काँप उठी और चीख-पुकार मच गई। इस हृदय विदारक घटना से आदिल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जो अपने जवान बेटे के शव का इंतज़ार कर रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही हमीदा पुलिस चौकी की टीम मौक़े पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए यमुनानगर के सिविल अस्पताल भिजवाया। हमीदा पुलिस चौकी इंचार्ज शमशेर राणा ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौक़े से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज़ रफ्तार वाहनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हर साल सैकड़ों परिवार सड़क हादसों में अपने प्रियजनों को खो देते हैं, जहाँ चंद सेकंड की लापरवाही किसी की पूरी ज़िंदगी छीन लेती है। आदिल की मौत भी इसी कड़वी सच्चाई की गवाही दे रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सड़कों पर दौड़ते बेलगाम वाहनों पर लगाम कब लगेगी और कब तक निर्दोष लोग तेज़ रफ्तार की भेंट चढ़ते रहेंगे?3