स्मार्ट मीटर बना सिरदर्द, बिल बढ़ने और तत्काल कटौती से उपभोक्ता परेशान कौशाम्बी। जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल पहले के मुकाबले अधिक आ रहा है, वहीं रिचार्ज खत्म होते ही बिना किसी मोहलत के बिजली आपूर्ति बंद हो जा रही है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था के चलते उन्हें अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई लोगों के पास स्मार्टफोन या ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं है, जिससे समय पर रिचार्ज कर पाना मुश्किल हो रहा है। अचानक बिजली कटने से घरों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों और किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष चंदू तिवारी ने कहा कि स्मार्ट मीटर से आम जनता खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसी व्यवस्था लागू की जाए, जिसमें उपभोक्ताओं को रिचार्ज में थोड़ी राहत मिले और एक-दो दिन की देरी पर बिजली न काटी जाए। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव पांडेय ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर योजना आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ा है और इसे “लूट मीटर” तक करार दिया। फिलहाल, स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है और लोग पुरानी व्यवस्था को ही बेहतर बता रहे हैं।
स्मार्ट मीटर बना सिरदर्द, बिल बढ़ने और तत्काल कटौती से उपभोक्ता परेशान कौशाम्बी। जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल पहले के मुकाबले अधिक आ रहा है, वहीं रिचार्ज खत्म होते ही बिना किसी मोहलत के बिजली आपूर्ति बंद हो जा रही है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था के चलते उन्हें अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई लोगों के पास स्मार्टफोन या ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं है, जिससे समय पर रिचार्ज कर पाना मुश्किल हो रहा है। अचानक बिजली कटने से घरों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों और किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष चंदू तिवारी ने कहा कि स्मार्ट मीटर से आम जनता खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसी व्यवस्था लागू की जाए, जिसमें उपभोक्ताओं को रिचार्ज में थोड़ी राहत मिले और एक-दो दिन की देरी पर बिजली न काटी जाए। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव पांडेय ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर योजना आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ा है और इसे “लूट मीटर” तक करार दिया। फिलहाल, स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है और लोग पुरानी व्यवस्था को ही बेहतर बता रहे हैं।
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- कौशाम्बी। जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल पहले के मुकाबले अधिक आ रहा है, वहीं रिचार्ज खत्म होते ही बिना किसी मोहलत के बिजली आपूर्ति बंद हो जा रही है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था के चलते उन्हें अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई लोगों के पास स्मार्टफोन या ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं है, जिससे समय पर रिचार्ज कर पाना मुश्किल हो रहा है। अचानक बिजली कटने से घरों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों और किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष चंदू तिवारी ने कहा कि स्मार्ट मीटर से आम जनता खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसी व्यवस्था लागू की जाए, जिसमें उपभोक्ताओं को रिचार्ज में थोड़ी राहत मिले और एक-दो दिन की देरी पर बिजली न काटी जाए। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव पांडेय ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर योजना आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ा है और इसे “लूट मीटर” तक करार दिया। फिलहाल, स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है और लोग पुरानी व्यवस्था को ही बेहतर बता रहे हैं।1
- विनय कुमार रिपोर्टर इंडियन नेशनल न्यूज सच की खोज खबर व विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें 81748016621
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