logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

लखनऊ के अलीगंज सेक्टर डी में स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। इस आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तत्काल मौके पर भेजी गईं।

2 hrs ago
user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
2 hrs ago
d9791fda-94cd-4010-ad38-5a88e575acbb

लखनऊ के अलीगंज सेक्टर डी में स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। इस आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तत्काल मौके पर भेजी गईं।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुंचे और उन्होंने 14 गौरक्षकों के परिवारों से मिलकर उनका दर्द सुना। इस भावुक मुलाकात के दौरान, एक गौरक्षक की बेटी दक्ष चौधरी से लिपटकर रोने लगी, जिसने परिवारों की गहरी पीड़ा को उजागर किया।
    1
    दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुंचे और उन्होंने 14 गौरक्षकों के परिवारों से मिलकर उनका दर्द सुना। इस भावुक मुलाकात के दौरान, एक गौरक्षक की बेटी दक्ष चौधरी से लिपटकर रोने लगी, जिसने परिवारों की गहरी पीड़ा को उजागर किया।
    user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • पाली जिले की ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान माननीय विधायक महोदय और कैंप प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद, एक नया पंप चालक नियुक्त नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले तीन दिनों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान पंप चालक की कार्यप्रणाली के संबंध में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं और उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यह भी आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित पंप चालक के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्राम पंचायत के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
    1
    पाली जिले की ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान माननीय विधायक महोदय और कैंप प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद, एक नया पंप चालक नियुक्त नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले तीन दिनों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान पंप चालक की कार्यप्रणाली के संबंध में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं और उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यह भी आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित पंप चालक के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है।

इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्राम पंचायत के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
    user_Jitendra Gehlot 🥇
    Jitendra Gehlot 🥇
    Local News Reporter रानी, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने 22 जून को सुमेरपुर के तखतगढ़ दौरे के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं, जिन पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की आवश्यकता है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि हाल के समय में प्रसूताओं की मौत की घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा महिलाओं के प्रति दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की, जिससे महिलाओं में रोष का माहौल बना है। बेनीवाल ने जोर दिया कि सरकार को महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में संचालित कई जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्तमान सरकार द्वारा बंद किए जाने से आमजन प्रभावित हुए हैं, क्योंकि इन योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचता था। उन्होंने प्रदेश में महिला आयोग और बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्ण गठन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की कि महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए इन संस्थाओं को जल्द सक्रिय किया जाए, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर न्याय और संरक्षण मिल सके।
    3
    राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने 22 जून को सुमेरपुर के तखतगढ़ दौरे के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं, जिन पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

बेनीवाल ने आरोप लगाया कि हाल के समय में प्रसूताओं की मौत की घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा महिलाओं के प्रति दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की, जिससे महिलाओं में रोष का माहौल बना है। बेनीवाल ने जोर दिया कि सरकार को महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।

पूर्व अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में संचालित कई जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्तमान सरकार द्वारा बंद किए जाने से आमजन प्रभावित हुए हैं, क्योंकि इन योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचता था। उन्होंने प्रदेश में महिला आयोग और बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्ण गठन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की कि महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए इन संस्थाओं को जल्द सक्रिय किया जाए, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर न्याय और संरक्षण मिल सके।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बिलर गांव पहुँचे, जहाँ उन्होंने गौतम ऋषि ट्रस्ट सिरोही-पाली-जालौर मीणा समाज के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय उमाराम मीणा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस श्रद्धांजलि सभा में समाजबंधु, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अशोक गहलोत ने स्वर्गीय उमाराम मीणा के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें समाज का प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
    1
    राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बिलर गांव पहुँचे, जहाँ उन्होंने गौतम ऋषि ट्रस्ट सिरोही-पाली-जालौर मीणा समाज के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय उमाराम मीणा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस श्रद्धांजलि सभा में समाजबंधु, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अशोक गहलोत ने स्वर्गीय उमाराम मीणा के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें समाज का प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
    user_Journalist arif Pathan
    Journalist arif Pathan
    पत्रकार Pindwara, Sirohi•
    20 hrs ago
  • जालौर नगर क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य भूमि, जिसका राजस्व खसरा संख्या 6467/6287 (रकबा 0.1600 हैक्टेयर) और नया खसरा संख्या 2225/6287 (रकबा 1.1300 हैक्टेयर) है, को गलत तरीके से शमशान भूमि के रूप में आवंटित किए जाने पर गहरा असंतोष और विवाद उत्पन्न हो गया है। जालोर नगर की आम जनता, नगर परिषद के पार्षदों, अरावली बिल्डिंग के लोगों और बिल्डरों द्वारा इस आवंटन का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। यह भूमि आज तक कभी भी शमशान के रूप में उपयोग नहीं की गई है। यह मामला जनहित और राजहित से सीधे जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि जब इस क्षेत्र में आवासीय विकास कार्य तेजी से चल रहे थे और निजी एवं सरकारी स्तर पर कॉलोनियों का विकास हो रहा था, तब यह लगभग 8 बीघा भूमि नगर के विकसित होते आवासीय क्षेत्र के बीच स्थित होने के कारण भविष्य में 10 से 12 सरकारी कार्यालयों के उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। शहर में पहले से ही विभिन्न जाति, वर्ग और धर्म के अनुसार अनेकों शमशान भूमि उपलब्ध हैं, जो स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्वार्थी एवं द्वेष भावना रखने वाले नेताओं द्वारा यह आवंटन करवाया जा रहा है, और असामाजिक तत्व अपनी स्वार्थ सिद्धि न होने पर इस बहुमूल्य भूमि को शमशान हेतु आवंटित करवाकर अब 'हिंदुस्तान समाज' के नाम पर भ्रम फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित भूमि को बिना पर्याप्त आवश्यकता और उचित प्रक्रिया के शमशान के लिए आवंटित करना न्यायसंगत नहीं है, जिससे नगर के भविष्य के विकास, नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आम जनता की ओर से इस प्रकरण की उचित जांच करने, माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस बहुमूल्य भूमि का सही उपयोग करते हुए आवंटन करने की मांग की गई है। सोसायटी और क्षेत्रवासियों ने समाज की भावनाओं और जनहित को सर्वोपरि रखने के लिए किसी अन्य शमशान भूमि के निरस्तीकरण और सार्वजनिक भवन निर्माण हेतु दिए गए आदेश के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दोहराई है।
    2
    जालौर नगर क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य भूमि, जिसका राजस्व खसरा संख्या 6467/6287 (रकबा 0.1600 हैक्टेयर) और नया खसरा संख्या 2225/6287 (रकबा 1.1300 हैक्टेयर) है, को गलत तरीके से शमशान भूमि के रूप में आवंटित किए जाने पर गहरा असंतोष और विवाद उत्पन्न हो गया है। जालोर नगर की आम जनता, नगर परिषद के पार्षदों, अरावली बिल्डिंग के लोगों और बिल्डरों द्वारा इस आवंटन का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। यह भूमि आज तक कभी भी शमशान के रूप में उपयोग नहीं की गई है।

यह मामला जनहित और राजहित से सीधे जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि जब इस क्षेत्र में आवासीय विकास कार्य तेजी से चल रहे थे और निजी एवं सरकारी स्तर पर कॉलोनियों का विकास हो रहा था, तब यह लगभग 8 बीघा भूमि नगर के विकसित होते आवासीय क्षेत्र के बीच स्थित होने के कारण भविष्य में 10 से 12 सरकारी कार्यालयों के उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। शहर में पहले से ही विभिन्न जाति, वर्ग और धर्म के अनुसार अनेकों शमशान भूमि उपलब्ध हैं, जो स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्वार्थी एवं द्वेष भावना रखने वाले नेताओं द्वारा यह आवंटन करवाया जा रहा है, और असामाजिक तत्व अपनी स्वार्थ सिद्धि न होने पर इस बहुमूल्य भूमि को शमशान हेतु आवंटित करवाकर अब 'हिंदुस्तान समाज' के नाम पर भ्रम फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित भूमि को बिना पर्याप्त आवश्यकता और उचित प्रक्रिया के शमशान के लिए आवंटित करना न्यायसंगत नहीं है, जिससे नगर के भविष्य के विकास, नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आम जनता की ओर से इस प्रकरण की उचित जांच करने, माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस बहुमूल्य भूमि का सही उपयोग करते हुए आवंटन करने की मांग की गई है। सोसायटी और क्षेत्रवासियों ने समाज की भावनाओं और जनहित को सर्वोपरि रखने के लिए किसी अन्य शमशान भूमि के निरस्तीकरण और सार्वजनिक भवन निर्माण हेतु दिए गए आदेश के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दोहराई है।
    user_News Samachar Nation jalor
    News Samachar Nation jalor
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    20 min ago
  • राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जालौर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान, गहलोत जन अभाव निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर के निवास स्थान पर भी गए, जहां उन्होंने पुखराज पाराशर के पिता, स्वर्गीय छोगालाल सुथार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, पाराशर परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में सहारवासी उपस्थित रहे।
    3
    राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जालौर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया।

इस दौरान, गहलोत जन अभाव निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर के निवास स्थान पर भी गए, जहां उन्होंने पुखराज पाराशर के पिता, स्वर्गीय छोगालाल सुथार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, पाराशर परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में सहारवासी उपस्थित रहे।
    user_कमलेश शर्मा
    कमलेश शर्मा
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने राजस्थान के राजसमंद जिले की नांदोली से जनहित में एक रिपोर्ट प्रसारित की है।
    1
    न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने राजस्थान के राजसमंद जिले की नांदोली से जनहित में एक रिपोर्ट प्रसारित की है।
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • पाली जिले की खुडाला फालना नगरपालिका क्षेत्र में स्थित डंपिंग यार्ड अपनी अव्यवस्था के कारण गंभीर समस्याएँ पैदा कर रहा है। कांगड़ी रोड, खुडाला पर स्थित इस डंपिंग यार्ड में न तो कोई चारदीवारी है और न ही कोई गेट लगा है, जिसके परिणामस्वरूप आवारा पशु खुलेआम इसमें प्रवेश कर रहे हैं। यार्ड में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा है, जिसे ये आवारा पशु खा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। यह स्थिति पर्यावरण और पशु कल्याण दोनों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, नगरपालिका खुडाला फालना के अधिशाषी अधिकारी से एक आवेदन के माध्यम से अपील की गई है। इस आवेदन में मांग की गई है कि डंपिंग यार्ड के चारों ओर बाउंड्री या तारबंदी करवाई जाए और एक गेट लगाया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकना और कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
    1
    पाली जिले की खुडाला फालना नगरपालिका क्षेत्र में स्थित डंपिंग यार्ड अपनी अव्यवस्था के कारण गंभीर समस्याएँ पैदा कर रहा है। कांगड़ी रोड, खुडाला पर स्थित इस डंपिंग यार्ड में न तो कोई चारदीवारी है और न ही कोई गेट लगा है, जिसके परिणामस्वरूप आवारा पशु खुलेआम इसमें प्रवेश कर रहे हैं। यार्ड में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा है, जिसे ये आवारा पशु खा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। यह स्थिति पर्यावरण और पशु कल्याण दोनों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है।

इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, नगरपालिका खुडाला फालना के अधिशाषी अधिकारी से एक आवेदन के माध्यम से अपील की गई है। इस आवेदन में मांग की गई है कि डंपिंग यार्ड के चारों ओर बाउंड्री या तारबंदी करवाई जाए और एक गेट लगाया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकना और कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
    user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.