इटावा के चकरनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत गौहानी गांव में मुख्य मार्ग पर गंभीर जलभराव की समस्या सामने आई है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। रनिंया-पाली संपर्क मार्ग से ग्राम पंचायत के प्रवेश द्वार पर गंदा पानी जमा होने के कारण यह स्थिति बनी है। इस जलभराव के दोनों ओर सड़क किनारे रखे विद्युत परिवर्तन (ट्रांसफार्मर) लगातार खतरे का संकेत दे रहे हैं। विद्युत विभाग के एक जानकार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि यदि समय रहते इस पानी का निकास नहीं किया गया तो विभाग को दोनों डीपियों के कनेक्शन काटने पड़ेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि बरसात के मौसम में पानी में करंट उतरने या किसी शरारती तत्व द्वारा जानबूझकर करंट प्रवाहित करने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह कदम दर्जनों उपभोक्ताओं को इस भयंकर गर्मी में बिजली कटौती की परेशानी झेलने पर मजबूर करेगा। विद्युत विभाग के कर्मचारी भी संभावित बड़े हादसे की जिम्मेदारी से बचने के लिए अपने विभाग को अवगत करा रहे हैं। ग्रामीणों और सोशल मीडिया पर खबरें चलने के बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या पर 'कुंडली मारे बैठे' हैं और 'उनके कान पर जूं तक नहीं रेंग रही'। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अधिकारी 'आंखों पर गांधारी पट्टी बांधे' बैठे हैं और समाचार पत्रों में खबर प्रकाशन के बाद भी उन्हें 'मानो सांप सूंघ गया' है, उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि बरसात शुरू होने वाली है और पानी के निकास के अभाव में यह जलभराव एक बड़े तालाब का रूप ले लेगा, जिससे लोगों और वाहनों का वहां से गुजरना अत्यंत खतरनाक हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई हादसा हुआ तो वर्तमान सरकार में 'बाबा' के रहते अधिकारी कैसे 'नपेंगे', यह समय ही बताएगा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी इटावा, मुख्य विकास अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा से अपील की है कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच कराकर समस्या का तत्काल निस्तारण कराएं, क्योंकि तहसील प्रशासन स्तर के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कुछ लोगों ने तो यहां तक चुनौती दी है कि यदि इस जलभराव के कारण कोई घटना घटती है, तो इसका सीधा मुकदमा उन लोगों के खिलाफ दर्ज कराया जाएगा जिन्होंने पानी को रोका है। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
इटावा के चकरनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत गौहानी गांव में मुख्य मार्ग पर गंभीर जलभराव की समस्या सामने आई है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। रनिंया-पाली संपर्क मार्ग से ग्राम पंचायत के प्रवेश द्वार पर गंदा पानी जमा होने के कारण यह स्थिति बनी है। इस जलभराव के दोनों ओर सड़क किनारे रखे विद्युत परिवर्तन (ट्रांसफार्मर) लगातार खतरे का संकेत दे रहे हैं। विद्युत विभाग के एक जानकार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि यदि समय रहते इस पानी का निकास नहीं किया गया तो विभाग को दोनों डीपियों के
कनेक्शन काटने पड़ेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि बरसात के मौसम में पानी में करंट उतरने या किसी शरारती तत्व द्वारा जानबूझकर करंट प्रवाहित करने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह कदम दर्जनों उपभोक्ताओं को इस भयंकर गर्मी में बिजली कटौती की परेशानी झेलने पर मजबूर करेगा। विद्युत विभाग के कर्मचारी भी संभावित बड़े हादसे की जिम्मेदारी से बचने के लिए अपने विभाग को अवगत करा रहे हैं। ग्रामीणों और सोशल मीडिया पर खबरें चलने के बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या पर 'कुंडली मारे बैठे' हैं और 'उनके कान पर जूं तक नहीं
रेंग रही'। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अधिकारी 'आंखों पर गांधारी पट्टी बांधे' बैठे हैं और समाचार पत्रों में खबर प्रकाशन के बाद भी उन्हें 'मानो सांप सूंघ गया' है, उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि बरसात शुरू होने वाली है और पानी के निकास के अभाव में यह जलभराव एक बड़े तालाब का रूप ले लेगा, जिससे लोगों और वाहनों का वहां से गुजरना अत्यंत खतरनाक हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई हादसा हुआ तो वर्तमान सरकार में 'बाबा' के रहते अधिकारी कैसे 'नपेंगे',
यह समय ही बताएगा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी इटावा, मुख्य विकास अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा से अपील की है कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच कराकर समस्या का तत्काल निस्तारण कराएं, क्योंकि तहसील प्रशासन स्तर के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कुछ लोगों ने तो यहां तक चुनौती दी है कि यदि इस जलभराव के कारण कोई घटना घटती है, तो इसका सीधा मुकदमा उन लोगों के खिलाफ दर्ज कराया जाएगा जिन्होंने पानी को रोका है। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
- इटावा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹15 लाख नकद भी बरामद किए हैं।1
- भिण्ड जिले के मिहोना नगर परिषद के सफाईकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जारी हड़ताल के बीच बुधवार दोपहर करीब 3 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। ज्ञापन में सफाईकर्मियों ने बताया कि कर्मचारी संध्या द्वारा उन्हें जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर हड़ताल समाप्त करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही, प्रभारी दरोगा पर नौकरी से निकालने की धमकी देने और कर्मचारियों से अवैध कार्य कराने के आरोप भी लगाए गए हैं। उनका यह भी कहना था कि उन्हें कलेक्टर दर के अनुसार मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे निर्धारित दर से कम वेतन मिलने के कारण परिवारों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। सफाईकर्मियों ने प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अपनी लंबित मांगों का जल्द समाधान करने की भी अपील की। सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।1
- भिंड में स्वर्गीय भरत तिवारी की दुखद मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करने, उनकी दिवंगत आत्मा की शांति और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से क्षेत्र के समस्त नागरिक एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालेंगे। यह कैंडल मार्च 24 जून 2026 (बुधवार) को शाम 7:00 बजे लोहिया चौक से शुरू होकर अशोक स्तंभ तहसील प्रांगण तक जाएगा।1
- ग्राम पंचायत हुसेपुरा जागीर के ग्राम सचिवालय में एक गंभीर घटना सामने आई, जहाँ एक गौमाता को ताला लगाकर बंद कर दिया गया। आरोप है कि पंचायत सहायक नितिन कुमार निषाद दोपहर लगभग दो बजे गौमाता को सचिवालय में बिलखती और तड़पती हुई हालत में छोड़कर अपने घर चले गए। इस मामले की जानकारी भाजपा जनपद जालौन के गौ सेवा रक्षा महा मंत्री, पुष्पेन्द्र राठौर हुसेपुरा जागीर ने दी। उन्हें कुछ ग्रामवासियों ने तड़पती हुई गौमाता को देखकर सूचित किया, जिसके बाद वे मौके पर पहुँचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया।1
- मध्य प्रदेश के ग्राम जमुहा में लगभग 20 वर्षों से एक शासकीय रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटा दिया गया है। यह रास्ता, जो लगभग 200 मीटर लंबा और 66 फीट चौड़ा था तथा एक धार्मिक स्थल तक पहुँच प्रदान करता था, ग्राम के ही संतोष कुमार, झुंण्डी लाल, रामकुमार और अरविंद कुमार द्वारा नष्ट कर खेती के लिए उपयोग किया जा रहा था। यह मामला SDM लहार विजय सिंह यादव के संज्ञान में आने पर उन्होंने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। SDM ने चार पटवारियों का एक दल बनाकर विवादित भूमि सर्वे नंबर 1057 के विधिवत सीमांकन का निर्देश दिया। तहसीलदार दीपक शुक्ला के निर्देशन में राजस्व दल ने ग्राम जमुहा पहुंचकर भूमि का सीमांकन किया। सीमांकन के बाद मंगलवार को SDM के निर्देश पर राजस्व और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और शासकीय मुरम रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व मौजा पटवारी रविंद्र सिंह कुशवाहा, पटवारी योगेंद्र अनिल और पुलिस बल मौजूद रहे। इस अतिक्रमण को हटाने और सड़क निर्माण के बाद अब ग्रामीण बिना किसी बाधा के मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुँच सकेंगे।2
- इटावा में 4 UP NCC कैंप का समापन हो गया। इस दौरान यह भी बताया गया कि एनसीसी में A, B और C कार्ड का अपना अलग-अलग महत्व होता है।1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने बुधवार सुबह 11 बजे भिंड में भाजपा सरकार द्वारा घोषित प्रदेश कार्यसमिति की नई कार्यकारिणी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कई गुटों में बंटी हुई है और कार्यकारिणी में पदों के वितरण से सभी नेताओं को संतुष्टि मिलना संभव नहीं है। शर्मा ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई अलग-अलग गुट भाजपा में सक्रिय हैं, जिससे संगठन में नियुक्त किए गए नेताओं के बीच असंतोष पैदा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कई वरिष्ठ और नेतृत्व क्षमता वाले नेताओं को अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश के दो प्रमुख नेता अपने कार्यों के बजाय, भ्रष्टाचार और जमीन से जुड़े कथित घोटालों के कारण मीडिया की सुर्खियों में हैं। उन्होंने बताया कि एक बड़े समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में इन मामलों का खुलासा किया गया है, जिससे जनता के सामने उनकी सच्चाई उजागर हुई है। स्वदेश शर्मा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार जनता के मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है, जबकि प्रदेश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास से जुड़े सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह जनता के प्रति अपनी जवाबदेही तय करे और उठ रहे आरोपों पर स्पष्ट स्थिति सामने रखे। कांग्रेस प्रवक्ता के इस बयान के बाद प्रदेश की नई भाजपा कार्यकारिणी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।1
- बुधवार दोपहर करीब 12 बजे संत समाज, पूर्व सैनिकों और समाजसेवियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ग्वालियर-भिंड-इटावा मार्ग के निर्माण कार्य की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार न होने पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अपर कलेक्टर से मार्ग निर्माण की डीपीआर तैयार किए जाने की वर्तमान स्थिति और इसकी प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि सड़क निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर, उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई कर इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने की अपील की।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस ने देर रात खुली एक शराब दुकान पर कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, निर्धारित समय के बाद भी शराब खरीद रहे ग्राहकों की पुलिस ने पिटाई कर दी। यह घटना मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात की बताई जा रही है, जब ग्वालियर में शराब दुकानें रात 11 बजे तक बंद हो जानी चाहिए थीं। यह पूरा मामला थाटीपुर थाना क्षेत्र का है। बताया गया है कि रात तकरीबन साढ़े बारह बजे एक पुलिस पार्टी पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने देखा कि शराब कारोबारी अपनी दुकान बंद करने के बाद भी चोर खिड़की से शराब बिकवा रहा था और दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी हुई थी। पुलिस ने दुकान खोलकर देर रात शराब बेच रहे दुकानदार को भी गाली गलौंच की। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें पुलिस द्वारा गाली गलौंच करते हुए सुना जा सकता है।1