एंकर:जनपद संभल की लखपति दीदी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री के साथ किया मंच साझा। वी/ओ:जनपद संभल की लखपति दीदी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ किया म साझा, दिल्ली से वापस आने पर समूह की महिलाओं ने ढ़ोल के साथ स्वागत किया। जनपद संभल के बनियाखेड़ा गांव की अनुपमा सिंह की कहानी आज ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बन चुकी है। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर अब नई दिल्ली के राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया जहाँ गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्हें केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करने का अवसर मिला। वह भी पहले सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह आर्थिक संघर्ष से जूझ रही थी। जानकी स्वयं सहायता समूह और द्वारकाधीश प्रेरणा संकुल समिति से जोड़ने के बाद उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। गोमय उत्पादन को उद्यम के रूप में अपना कर उन्होंने न केवल अपनी आय बढ़ाई बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा वर्तमान में उनके साथ सक्रिय रूप से 23 महिलाएं जुड़ी हैं जबकि आवश्यकता के अनुसार 70 महिलाएं भी उनके साथ कार्य करती हैं उनका वार्षिक कारोबार लगभग 25 लाख रुपए तक पहुंच चुका है जिसमें होली पर हर्बल गुलाल, रसगुल्ला, ब्यूटी पार्लर सेवाएं, मोटे अनाज के लड्डू और गोमय यानि गाय के गोबर से बने अन्य उत्पाद शामिल हैं। देशभर से 14 लखपति दीदियों को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित किया गया जहां मंच पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करते हुए उन्हें केंद्रीय मंत्री के साथ वार्ता करने का अवसर भी मिला। दिल्ली से लौटने के बाद समूह की महिलाओं ने उनके कार्यालय पर पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और तिलक भी किया। इस अवसर पर समूह की सभी महिलाएं काफी प्रसन्न नजर आईं और नृत्य भी किया। इस विषय में जानकारी देते हुए लखपति दीदी अनुपमा सिंह ने बताया कि इस उपलब्धि में जिलाधिकारी संभल डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अहम भूमिका रही। यदि वह उन्हें ट्रेनिंग के लिए नागपुर नहीं भेजते तो उन्हें यह कामयाबी नहीं मिलती। उनकी यह उड़ान आज संभल की नहीं बल्कि पूरे देश की ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। बाइट:अनुपमा सिंह, लखपति दीदी
एंकर:जनपद संभल की लखपति दीदी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री के साथ किया मंच साझा। वी/ओ:जनपद संभल की लखपति दीदी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ किया म साझा, दिल्ली से वापस आने पर समूह की महिलाओं ने ढ़ोल के साथ स्वागत किया। जनपद संभल के बनियाखेड़ा गांव की अनुपमा सिंह की कहानी आज ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बन चुकी है। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर अब नई दिल्ली के राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया जहाँ गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्हें केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करने का अवसर मिला। वह भी पहले सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह आर्थिक संघर्ष से जूझ रही थी। जानकी स्वयं सहायता समूह और द्वारकाधीश प्रेरणा संकुल समिति से जोड़ने के बाद उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। गोमय उत्पादन को उद्यम के रूप में अपना कर उन्होंने न केवल अपनी आय बढ़ाई बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा वर्तमान में उनके साथ सक्रिय रूप से 23 महिलाएं जुड़ी हैं जबकि आवश्यकता के अनुसार 70 महिलाएं भी उनके साथ कार्य करती हैं उनका वार्षिक कारोबार लगभग 25 लाख रुपए तक पहुंच चुका है जिसमें होली पर हर्बल गुलाल, रसगुल्ला, ब्यूटी पार्लर सेवाएं, मोटे अनाज के लड्डू और गोमय यानि गाय के गोबर से बने अन्य उत्पाद शामिल हैं। देशभर से 14 लखपति दीदियों को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित किया गया जहां मंच पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करते हुए उन्हें केंद्रीय मंत्री के साथ वार्ता करने का अवसर भी मिला। दिल्ली से लौटने के बाद समूह की महिलाओं ने उनके कार्यालय पर पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और तिलक भी किया। इस अवसर पर समूह की सभी महिलाएं काफी प्रसन्न नजर आईं और नृत्य भी किया। इस विषय में जानकारी देते हुए लखपति दीदी अनुपमा सिंह ने बताया कि इस उपलब्धि में जिलाधिकारी संभल डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अहम भूमिका रही। यदि वह उन्हें ट्रेनिंग के लिए नागपुर नहीं भेजते तो उन्हें यह कामयाबी नहीं मिलती। उनकी यह उड़ान आज संभल की नहीं बल्कि पूरे देश की ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। बाइट:अनुपमा सिंह, लखपति दीदी
- एंकर:जनपद संभल की लखपति दीदी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री के साथ किया मंच साझा। वी/ओ:जनपद संभल की लखपति दीदी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ किया म साझा, दिल्ली से वापस आने पर समूह की महिलाओं ने ढ़ोल के साथ स्वागत किया। जनपद संभल के बनियाखेड़ा गांव की अनुपमा सिंह की कहानी आज ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बन चुकी है। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर अब नई दिल्ली के राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया जहाँ गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्हें केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करने का अवसर मिला। वह भी पहले सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह आर्थिक संघर्ष से जूझ रही थी। जानकी स्वयं सहायता समूह और द्वारकाधीश प्रेरणा संकुल समिति से जोड़ने के बाद उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। गोमय उत्पादन को उद्यम के रूप में अपना कर उन्होंने न केवल अपनी आय बढ़ाई बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा वर्तमान में उनके साथ सक्रिय रूप से 23 महिलाएं जुड़ी हैं जबकि आवश्यकता के अनुसार 70 महिलाएं भी उनके साथ कार्य करती हैं उनका वार्षिक कारोबार लगभग 25 लाख रुपए तक पहुंच चुका है जिसमें होली पर हर्बल गुलाल, रसगुल्ला, ब्यूटी पार्लर सेवाएं, मोटे अनाज के लड्डू और गोमय यानि गाय के गोबर से बने अन्य उत्पाद शामिल हैं। देशभर से 14 लखपति दीदियों को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित किया गया जहां मंच पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करते हुए उन्हें केंद्रीय मंत्री के साथ वार्ता करने का अवसर भी मिला। दिल्ली से लौटने के बाद समूह की महिलाओं ने उनके कार्यालय पर पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और तिलक भी किया। इस अवसर पर समूह की सभी महिलाएं काफी प्रसन्न नजर आईं और नृत्य भी किया। इस विषय में जानकारी देते हुए लखपति दीदी अनुपमा सिंह ने बताया कि इस उपलब्धि में जिलाधिकारी संभल डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अहम भूमिका रही। यदि वह उन्हें ट्रेनिंग के लिए नागपुर नहीं भेजते तो उन्हें यह कामयाबी नहीं मिलती। उनकी यह उड़ान आज संभल की नहीं बल्कि पूरे देश की ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। बाइट:अनुपमा सिंह, लखपति दीदी1
- चंदौसी के कब्रिस्तान वाला फाटक दो-तीन दिन के लिए बंद रहेगा तो कृपया करके चंदौसी वाले कब्रिस्तान फाटक पर न जाए और वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें1
- Post by Ali Naqvi3
- यह रास्ता पिछले चार-पांच सालों से बेकार है गांव खजुरिया तहसील बिसौली ब्लॉक इस्लामनगर इस रास्ते को लेकर बहुत बार शिकायत दर्ज कर चुके हैं पर इस पर कोई किसी अधिकारी ने आज तक कानून कारवाई नहीं की है अंत श्री मां जी से महोदय जी से निवेदन है कि इस रास्ता को सही करने की कृपा करें1
- बदायूं: देश भर में यूजीसी कानून को लेकर चल रहे आंदोलन के क्रम में ग्राम कोट में ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी लागू हो” के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार से कानून को शीघ्र लागू करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि यूजीसी कानून लागू होने से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा होगी। आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। इस अवसर पर ग्रामवासी राहुल, प्रमोद कुमार, नेमपाल, परमानंद, भूरे, रवि, शिवशंकर, ऊदल सहित अन्य लोग मौजूद रहे और अपनी एकजुटता का परिचय दिया।1
- बेटी के सामने पिता ने रेता पत्नी का गला:लखीमपुर खीरी में अवैध संबंध के शक में मार डाला, 15 साल पहले लव मैरिज की थी। लखीमपुर खीरी में एक युवक ने बेटी के सामने ही पत्नी की गला काटकर हत्या कर दी। उसे पत्नी के कैरेक्टर पर शक था। वारदात के समय पत्नी अपनी मां के साथ थी। युवक ने उससे साथ चलने को कहा। पत्नी ने मना किया, तो दोनों में झगड़ा होने लगा।1
- जनपद बरेली की तहसील आंवला के विशारतगंज पुलिस ने एक युवती के फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह मामला 31 दिसंबर 2025 को सामने आया, जब पीड़िता के पिता ने विशारतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी उनकी बेटी का रास्ते में आते-जाते पीछा करता था और उसके फोटो एडिट कर व्हाट्सएप पर वायरल कर दिए थे।1
- उत्तर प्रदेश के जनपद संभल के चंदौसी में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित एम्स (AIIMS) को लेकर साेमवार काे बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सर्वहितकारी और सर्वकल्याणकारी बजट के लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री को बधाई देती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम यूपी में एम्स का बनना अब लगभग तय है। राज्यमंत्री गुलाब देवी ने चन्दौसी को एम्स के लिए सबसे उपयुक्त स्थान बताते हुए कहा कि चन्दौसी पश्चिमी क्षेत्र का एक प्रमुख केंद्र बिंदु है। यहां रेलवे जंक्शन की सुविधा है, गंगा एक्सप्रेसवे भी पास से गुजरता है और शिक्षा की बेहतर व्यवस्था पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा कि यदि एम्स चन्दौसी में स्थापित होता है तो इससे आसपास के कई जनपदों को सीधा लाभ मिलेगा। मरीजों और उनके परिजनों को आवागमन में सुविधा होगी और यह स्थान सभी के लिए सहज रहेगा। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह इस विषय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अनुरोध करेंगी और जनहित में चन्दौसी को एम्स के लिए चुने जाने की पहल करेंगी।1