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रैपीडो के अंदर कई ड्राइवर भाई हैं जो ऐसी चलते हैं और कई ड्राइवर भाई है जो ऐसी नहीं चलाते हैं जुड़े रहिए आप लोग हमारे साथ कमेंट शेयर फॉलो अवश्य करें जस्ट जयपुर लाइवसे
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रैपीडो के अंदर कई ड्राइवर भाई हैं जो ऐसी चलते हैं और कई ड्राइवर भाई है जो ऐसी नहीं चलाते हैं जुड़े रहिए आप लोग हमारे साथ कमेंट शेयर फॉलो अवश्य करें जस्ट जयपुर लाइवसे
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- उत्तराखंड के चकराता से एक वीडियो चर्चा में है, जहां बच्चे कह रहे हैं कि गुरुजी स्कूल नहीं आते। बच्चों के इस दावे के बाद शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लोग कह रहे हैं— हो सकता है गुरुजी गूगल मीट पर ऑनलाइन क्लास ले रहे हों! वीडियो वायरल होने के बाद स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई की स्थिति को लेकर बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- Post by Just Jaipur Live1
- आखिर रिफाइनरी के अंदर चल क्या रहा है? क्या सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन हो रहा है? क्या काम समय पर और सही गुणवत्ता के साथ हो रहा है? जिस रिफाइनरी की शुरुआत बड़े विज़न के साथ की गई थी, वह आज भी अधूरी पड़ी है। शुरुआती लागत लगभग 37,000 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 80,000 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। यह बढ़ती लागत और देरी—दोनों ही कहीं न कहीं लापरवाही की ओर इशारा करती हैं।1
- महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिरने पर बीजेपी का प्रदर्शनः3
- राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित HPCL की पचपदरा रिफाइनरी (HPCL Rajasthan Refinery Limited) में सोमवार को आग लगने की घटना सामने आई। यह रिफाइनरी करीब ₹79,000–₹80,000 करोड़ की एक बड़ी ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल परियोजना है।5
- मनमाड स्टेशन पर आज भयंकर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के बीच में चोर को पकड़ने के लिए भाग रहे1
- राजस्थान : PM नरेंद्र मोदी के पहुंचने से 24 घंटे पहले बालोतरा की पचपादरी रिफाइनरी में आग लग गई है। पूरे क्षेत्र को खाली करा लिया गया है। PM कल यानि मंगलवार को इस यूनिट का उदघाटन करने बाले थे। गुजरात के मुद्रा पोर्ट से इस रिफाइनरी तक कच्चे तेल की पाइपलाइन बिछी हुई है। यह प्रोजेक्ट HPCL और राजस्थान सरकार का है।1
- राजधानी दिल्ली में फर्जी Eno और Nescafé बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। छापेमारी के दौरान नकली पैकेजिंग, तैयार माल और मशीनें बरामद की गईं। बताया जा रहा है कि इन नकली उत्पादों को बाजार में असली ब्रांड के नाम पर बेचा जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ हो रहा था। इस कार्रवाई के बाद Food Safety and Standards Authority of India और फूड डिपार्टमेंट की बढ़ी सक्रियता को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल के दिनों में लगातार मिलावटखोरी, नकली खाद्य उत्पाद और अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई देखने को मिल रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ नियमित अभियान है या फिर खाद्य सुरक्षा को लेकर किसी बड़े स्तर पर सख्ती शुरू हो चुकी है। फिलहाल जांच जारी है।1