नर्मदापुरम में भारतीय किसान संघ के बैनर तले पीपल चौक पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के दौरान सोमवार देर शाम आंदोलनरत किसान जिला जेल पहुँच गए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से साफ कहा कि यदि उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है, तो उन्हें जेल के अंदर कर दिया जाए, अन्यथा उनकी लंबित मांगों का तत्काल समाधान किया जाए। किसानों ने इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट से अनुरोध करते हुए सरकार को भेंट करने के लिए एक बेशर्म का पेड़ भी दिया। धरने पर बैठे किसानों की प्रमुख मांगें समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत उपज की खरीदी, पर्याप्त खाद की उपलब्धता, निर्बाध बिजली आपूर्ति और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं का निराकरण हैं। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। जेल परिसर में पहुँचे किसानों से प्रशासनिक अधिकारियों ने चर्चा की, जहाँ उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को जेल भेजना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। अधिकारियों ने किसानों से या तो अपने घर लौटने या निर्धारित धरना स्थल पर जाकर आंदोलन जारी रखने को कहा। मौके पर पहुँचे सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों को समझाते हुए बताया कि भारतीय किसान संघ द्वारा उठाई गई सभी मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेज दिया गया है और सरकार को किसानों की मांगों से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी रखने की अपील की। प्रशासन की समझाइश के बाद किसान अपने धरना स्थल पर लौट आए और अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का निर्णय लिया। भारतीय किसान संघ के प्रांतीय सदस्य सूरज बली जाट ने बताया कि समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत उपज की खरीदी, पर्याप्त खाद की उपलब्धता और निर्बाध बिजली आपूर्ति सहित अन्य कृषि संबंधी मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो वे फिर से जेल जाएँगे और आंदोलन को उग्र करेंगे।
नर्मदापुरम में भारतीय किसान संघ के बैनर तले पीपल चौक पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के दौरान सोमवार देर शाम आंदोलनरत किसान जिला जेल पहुँच गए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से साफ कहा कि यदि उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है, तो उन्हें जेल के अंदर कर दिया जाए, अन्यथा उनकी लंबित मांगों का तत्काल समाधान किया जाए। किसानों ने इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट से अनुरोध करते हुए सरकार को भेंट करने के लिए एक बेशर्म का
पेड़ भी दिया। धरने पर बैठे किसानों की प्रमुख मांगें समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत उपज की खरीदी, पर्याप्त खाद की उपलब्धता, निर्बाध बिजली आपूर्ति और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं का निराकरण हैं। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। जेल परिसर में पहुँचे किसानों से प्रशासनिक अधिकारियों ने चर्चा की, जहाँ उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को जेल भेजना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं
है। अधिकारियों ने किसानों से या तो अपने घर लौटने या निर्धारित धरना स्थल पर जाकर आंदोलन जारी रखने को कहा। मौके पर पहुँचे सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों को समझाते हुए बताया कि भारतीय किसान संघ द्वारा उठाई गई सभी मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेज दिया गया है और सरकार को किसानों की मांगों से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी रखने की अपील की। प्रशासन की समझाइश के
बाद किसान अपने धरना स्थल पर लौट आए और अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का निर्णय लिया। भारतीय किसान संघ के प्रांतीय सदस्य सूरज बली जाट ने बताया कि समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत उपज की खरीदी, पर्याप्त खाद की उपलब्धता और निर्बाध बिजली आपूर्ति सहित अन्य कृषि संबंधी मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो वे फिर से जेल जाएँगे और आंदोलन को उग्र करेंगे।
- नर्मदापुरम में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल की नगर समिति द्वारा 6 जुलाई को सेवा सप्ताह के अंतर्गत श्री खेड़ापति हनुमान जी मंदिर परिसर में एक स्वच्छता अभियान चलाया गया। शाम 5:00 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने समाज से धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और सेवा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष श्री पंडित ग्रीष्म दुबे जी, जिला संयोजक नितिन मेषकर, नगर सह मंत्री सुरेंद्र साहू जी, अभिषेक यादव, अतुल मालवीय, पंडित अंजनय और आयुष चौबे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के पदाधिकारियों ने बताया कि सेवा सप्ताह के तहत विभिन्न समाजोपयोगी सेवा कार्य लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। संगठन का मुख्य उद्देश्य सेवा, संस्कार और संगठन के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना का प्रसार करना है।1
- इटारसी के हैहय क्षत्रिय कलचुरी (कलार) समाज की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने एक विशेष सौजन्य भेंट की। नवनियुक्त अध्यक्ष श्री अशोक कुमार मालवीय के नेतृत्व में समाज के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा जी से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इसके अतिरिक्त, समाज के पदाधिकारियों ने इटारसी सिटी थाना के नवागत थाना प्रभारी (टीआई) श्री सौरभ पाण्डेय जी से भी भेंट की। इस अवसर पर उन्हें माला और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस पूरी मुलाकात के दौरान समाज के कई वरिष्ठ संरक्षक और कार्यकारिणी सदस्य भी उपस्थित रहे।1
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार दोपहर सिवनी मालवा तहसील के ग्राम बाबरी स्थित मां नर्मदा तट से 'किसान अधिकार यात्रा' की शुरुआत की। इस यात्रा का शुभारंभ मां नर्मदा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर किया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह मुहिम सिवनी मालवा तहसील के प्रत्येक गांव तक पहुंचेगी और किसानों की समस्याओं को लेकर जनजागरण करेगी। कांग्रेस ने बताया कि जब यह यात्रा सिवनी मालवा मुख्यालय पहुंचेगी, तब इसमें मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी शामिल होंगे। यात्रा के शुभारंभ पर पूर्व विधायक प्रत्याशी अजय सिंह पटेल ने कहा कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने पिछले वर्ष सोहागपुर के फांसी घाट से निकाली गई इसी तरह की यात्रा का भी उल्लेख किया, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने मूंग खरीदी का निर्णय लिया था। पटेल ने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि वह मूंग की खरीदी तो कर रही है, लेकिन प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलोग्राम की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने आगे कहा कि खरीदी प्रक्रिया अनियमितताओं से घिरी हुई है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर बाबरी घाट से 'किसान अधिकार यात्रा' शुरू की है, जिसका उद्देश्य किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाना है।1
- सरकार से शत-प्रतिशत मूंग की खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इस संबंध में सरकार को एक विज्ञापन दिया गया है, जिसमें 'जय श्री राम' का उद्घोष भी शामिल है।1
- मध्य प्रदेश में वक्फ कानून 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और सियासत तेज हो गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने इस कानून के संबंध में केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने वक्फ बोर्ड और मंदिर समितियों की संरचना को लेकर अपनी बात रखी है। शमशुल हसन ने मध्य प्रदेश में वक्फ कानून 2026 लागू होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला मुस्लिम समाज की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार से सवाल किया कि देश में कई बड़े मंदिरों की समितियाँ हैं, लेकिन क्या कभी किसी समिति में किसी मुस्लिम सदस्य को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है? यदि मंदिर समितियों में ऐसा नहीं किया जाता, तो फिर वक्फ से जुड़े मामलों में इस तरह का हस्तक्षेप क्यों किया जा रहा है? शमशुल हसन ने कहा कि यदि सरकार समानता की बात करती है, तो उसे मुसलमानों को भी मंदिर प्रबंधन समितियों में प्रतिनिधित्व देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने सरकार से सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करने और किसी भी समुदाय की धार्मिक संस्थाओं के मामलों में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने का आग्रह किया। फिलहाल, वक्फ कानून 2026 को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ लगातार सामने आ रही हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इन उठाए गए सवालों पर क्या जवाब देती है।1
- सोमवार शाम सिवनी मालवा में अचानक मौसम बदलने से तेज बारिश हुई, जिसके बाद नगर के कई हिस्सों में भारी जलभराव हो गया। दिनभर की उमस भरी गर्मी के बाद शाम करीब 7:30 बजे शुरू हुई इस मूसलाधार बारिश ने सड़कों को तालाब में बदल दिया, जिससे लोगों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित स्टेट बैंक कॉलोनी और न्यायालय के मुख्य द्वार के सामने सड़क पर लगभग दो फीट तक पानी भर गया। इस जलभराव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को पानी के बीच से ही गुजरना पड़ा, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बालाराम पटेल कॉलोनी के निवासी कल्लू रघुवंशी ने बताया कि मुख्य मार्ग पर बनी नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण हर बारिश में सड़कें पानी से भर जाती हैं। उन्होंने कहा कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से राहगीरों और वाहन चालकों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से मांग की है कि नालियों की समय पर सफाई की जाए और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बरसात के मौसम में इस समस्या से राहत मिल सके।1
- भोपाल के कोलार रोड स्थित सर्वधर्म ए सेक्टर में एक खाटू श्याम मंदिर और हनुमान मंदिर है। यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच अपनी विशेष पहचान रखता है, ऐसी मान्यता है कि यहाँ आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।1
- भोपाल के कोलार रोड स्थित दामखेड़ा बस्ती, जो वार्ड नंबर 82 में आती है, में बरसात का पानी भर जाता है। यह समस्या कोलार रोड के सर्वधर्म बी सेक्टर, दामखेड़ा क्षेत्र में भी सामने आई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शासन, प्रशासन और नगर निगम इस गंभीर जलभराव की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। आरोप है कि नगर निगम पिछले दो वर्षों से लगातार इस समस्या की अनदेखी कर रहा है। प्रभावित लोग मांग कर रहे हैं कि इस जलभराव की समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।1