सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल, मीरापुर में 5 से 7 फरवरी 2026 तक शोतोकान कराटे सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय शिविर में विद्यालय के लगभग 80 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर नया गांव के प्रधान रोशन लाल सैनी, सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल मीरापुर के प्रधानाचार्य सजी वर्गीस और कराटे कोच सेंसेई नीरज सैनी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कराटे कोच सेंसेई नीरज सैनी ने बताया कि शिविर में बच्चों को जापान की कराटे तकनीकों के साथ-साथ आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य छात्रों को कठिन परिस्थितियों में अपनी रक्षा करने और शारीरिक रूप से मजबूत बनने में सक्षम बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान सभी छात्रों ने अपनी कराटे कला का प्रदर्शन किया। शिविर के समापन पर प्रधानाचार्य सजी वर्गीस ने सभी प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में प्रधानाचार्य सजी वर्गीस ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार खेलों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि इससे बच्चे मोबाइल जैसी आदतों से दूर रहकर शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे और भविष्य में देश का नाम रोशन कर सकेंगे। इस अवसर पर सीनियर विंग कोऑर्डिनेटर मुदस्सिम सर, प्राइमरी विंग कोऑर्डिनेटर रोशनी मैडम और डिसिप्लिन इंचार्ज राजपाल सर भी उपस्थित थे।
सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल, मीरापुर में 5 से 7 फरवरी 2026 तक शोतोकान कराटे सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय शिविर में विद्यालय के लगभग 80 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर नया गांव के प्रधान रोशन लाल सैनी, सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल मीरापुर के प्रधानाचार्य सजी वर्गीस और कराटे कोच सेंसेई नीरज सैनी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कराटे कोच सेंसेई नीरज सैनी ने बताया कि शिविर में बच्चों को जापान की कराटे तकनीकों के साथ-साथ आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य छात्रों को कठिन परिस्थितियों में अपनी रक्षा करने और शारीरिक रूप से मजबूत बनने में सक्षम बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान सभी छात्रों ने अपनी कराटे कला का प्रदर्शन किया। शिविर के समापन पर प्रधानाचार्य सजी वर्गीस ने सभी प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में प्रधानाचार्य सजी वर्गीस ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार खेलों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि इससे बच्चे मोबाइल जैसी आदतों से दूर रहकर शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे और भविष्य में देश का नाम रोशन कर सकेंगे। इस अवसर पर सीनियर विंग कोऑर्डिनेटर मुदस्सिम सर, प्राइमरी विंग कोऑर्डिनेटर रोशनी मैडम और डिसिप्लिन इंचार्ज राजपाल सर भी उपस्थित थे।
- मुज़फ्फरनगर न्यूज़ ब्यूरो कबीर भारत-अमेरिका समझौता या किसान विनाश का ब्लूप्रिंट? अन्नदाता को बाजार में कुचलने की साजिश पर राष्ट्रपति को ज्ञापन एंकर मुज़फ्फरनगर। भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर किसान संगठनों ने आर-पार का ऐलान कर दिया है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने इस समझौते को सीधे तौर पर “किसान विनाश का ब्लूप्रिंट” बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति को तीखा ज्ञापन भेजा है। संगठन ने चेताया है कि अगर कृषि और डेरी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के हवाले किया गया, तो यह देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक मौत की ओर धकेलने जैसा होगा। Vo राष्ट्रीय अध्यक्ष मौ० शाह आलम ने कहा कि अमेरिका में कृषि और डेरी उत्पादों पर अरबों डॉलर की सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में वहां का चीज, मिल्क पाउडर, प्रोटीन, मक्का, सोयाबीन, कपास और बादाम भारतीय बाजार में उतरे, तो देसी किसान प्रतिस्पर्धा में टिक ही नहीं पाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार अन्नदाता को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने निहत्था खड़ा करना चाहती है? ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि कृषि और उससे जुड़े सभी उत्पादों को भविष्य के हर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से स्थायी रूप से बाहर रखने की संवैधानिक गारंटी दी जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसानों की सहमति के बिना कोई भी कृषि समझौता लागू करना संविधान और लोकतंत्र दोनों का अपमान है। मोर्चा ने MSP को कानूनी दर्जा देने की मांग को देश की कृषि सुरक्षा की बुनियाद बताते हुए कहा कि बिना कानूनी MSP के किसान पूरी तरह बाजार के रहमोकरम पर होगा। छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग करते हुए संगठन ने कहा कि वैश्विक कीमतों का उतार-चढ़ाव किसानों को तबाह कर देगा। किसान नेताओं ने दो टूक कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक संतुलन की रीढ़ है। यदि कृषि को कमजोर किया गया, तो इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा। उन्होंने राष्ट्रपति से तत्काल संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग की है। इस तीखे ज्ञापन के साथ किसान संगठनों ने सरकार को साफ संकेत दे दिया है कि अगर किसानों की अनदेखी हुई, तो देश एक बार फिर बड़े किसान आंदोलन की ओर बढ़ेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। 👇 बायट,,राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह आलम1
- सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।1
- पुरकाजी / मुज़फ्फरनगर दो बाइक आपस में टकराई तीन युवक घायल,हेलमेट क्यों हैं जरूरी, यह देखे कस्बे के खादर पर दो बाइक टकराने क़ी सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रही है और लोगों का यही कहना हैं कि अगर हेलमेट होता तो ज्यादा चोट नहीं लगती, इसलिय सरकार क़ी गाइड लाइन के अनुसार हीं लोगो चलना चाहिए।1
- Post by सरताज अहमद पत्रकार1
- “इंसानियत की मिसाल बने दीपक कुमार पर बोलीं चौधरी इकरा हसन – नफरत के दौर में उम्मीद की पहचान है दीपक कुमार!”“इंसानियत की मिसाइल बने दीपक कुमार पर बोलीं चौधरी इकरा हसन – नफरत के दौर में उम्मीद की पहचान है दीपक कुमार!”1
- sabhi dekh lo Apne Ghar Parivar ka khyal rakhen1
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसान मोर्चा सक्रिय, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन1
- Post by Sunny Batth1
- Post by Sakil Khan1