मांडर के ऐतिहासिक राजी पड़हा राजकीय मुड़मा जतरा-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ऐतिहासिक राजी पड़हा जतरा समिति, मुड़मा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपकर इस भव्य आयोजन में शामिल होने का सादर आग्रह किया। इस अवसर पर सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा और केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष नारायण उरांव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को मुड़मा जतरा के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और मेले की व्यापक तैयारियों की पूरी जानकारी दी। मांडर के ऐतिहासिक राजी पड़हा राजकीय मुड़मा जतरा-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ऐतिहासिक राजी पड़हा जतरा समिति, मुड़मा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपकर इस भव्य आयोजन में शामिल होने का सादर आग्रह किया। इस अवसर पर सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा और केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष नारायण उरांव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को मुड़मा जतरा के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और मेले की व्यापक तैयारियों की पूरी जानकारी दी।
मांडर के ऐतिहासिक राजी पड़हा राजकीय मुड़मा जतरा-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ऐतिहासिक राजी पड़हा जतरा समिति, मुड़मा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपकर इस भव्य आयोजन में शामिल होने का सादर आग्रह किया। इस अवसर पर सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा और केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष नारायण उरांव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को मुड़मा जतरा के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और मेले की व्यापक तैयारियों की पूरी जानकारी दी। मांडर के ऐतिहासिक राजी पड़हा राजकीय मुड़मा जतरा-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ऐतिहासिक राजी पड़हा जतरा समिति, मुड़मा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपकर इस भव्य आयोजन में शामिल होने का सादर आग्रह किया। इस अवसर पर सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा और केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष नारायण उरांव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को मुड़मा जतरा के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और मेले की व्यापक तैयारियों की पूरी जानकारी दी।
- मांडर में 5000 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक शीतगृह का शुभारंभ, किसानों को ₹1.04 करोड़ की परिसंपत्तियां वितरित _किसानों की मेहनत, उपज और आय को सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता : शिल्पी नेहा तिर्की_ झारखंड सरकार किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण, कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन और उनकी आय में वृद्धि के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में सोमवार को रांची जिले के मांडर प्रखंड अंतर्गत बुढ़ाखुखरा में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने 5000 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक शीतगृह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 100 किलोवाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र का भी उद्घाटन किया। साथ ही, किसानों के उत्पादों के परिवहन एवं विपणन को सुदृढ़ करने के लिए सहकारी समितियों एवं किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को ₹1 करोड़ 4 लाख 50 हजार की परिसंपत्तियां वितरित कीं। ₹15.01 करोड़ की लागत से बना आधुनिक शीतगृह मांडर के बुढ़ाखुखरा में लगभग ₹15.01 करोड़ की लागत से दो एकड़ क्षेत्र में निर्मित इस शीतगृह की भंडारण क्षमता 5000 मीट्रिक टन है। इसमें फ्रेऑन गैस आधारित रेफ्रिजरेशन तकनीक के साथ मल्टी-चेंबर व्यवस्था विकसित की गई है। फलों एवं हरी सब्जियों के सुरक्षित भंडारण के लिए 125-125 मीट्रिक टन क्षमता वाले दो अलग-अलग चैंबर भी बनाए गए हैं। शीतगृह के संचालन के लिए बेंगलुरु की मेसर्स रेडवुड होल्डिंग्स एंड रियल्टी सर्विसेज एलएलपी का चयन किया गया है। इसके निर्बाध संचालन के लिए 100 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित किया गया है। इस सुविधा से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने, फसल की बर्बादी कम करने और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। किसानों के हित में अधूरी परियोजना को पूरा करना बड़ी चुनौती थी : मंत्री इस अवसर पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि किसान किसी जाति, धर्म या लिंग के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी मेहनत, संघर्ष और खेतों में बहाए गए पसीने से पहचाना जाता है। छोटा हो या बड़ा, हर किसान का परिश्रम समान रूप से सम्मान का अधिकारी है। एक कृषि मंत्री के रूप में किसानों के हित में इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारना उनके लिए गर्व की बात है। मंत्री ने कहा कि बुढ़ाखुखरा स्थित शीतगृह की परियोजना वर्ष 2018 में शुरू की गई थी, लेकिन कोरोना महामारी सहित विभिन्न कारणों से इसका कार्य अधूरा रह गया। वर्ष 2022 में विधायक बनने के बाद उन्होंने इस परियोजना की स्थिति को देखा और इसे दोबारा शुरू कराने के लिए लगातार प्रयास किए। वर्ष 2024 में राज्य सरकार में कृषि मंत्री की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने सबसे पहले इस परियोजना की फाइल निकलवाई और इसे पुनर्जीवित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई। उन्होंने बताया कि परियोजना को आधुनिक तकनीक के अनुरूप पूरी तरह विकसित करने के लिए लगभग छह करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की आवश्यकता सामने आई। इसके बाद मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा गया और संबंधित अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर परियोजना को पूरा करने की दिशा में काम किया गया। मंत्री ने कहा, “किसी भी बड़ी योजना को पूरा करने के पीछे काफी मेहनत, लगन और संघर्ष होता है। बुढ़ाखुखरा का शीतगृह इसका उदाहरण है। हमारा प्रयास है कि किसानों के हित में बनी आधारभूत संरचनाओं का वास्तविक लाभ उन्हें मिले और उनकी उपज सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनकी आय बढ़ाने के अवसर भी विकसित हों।” सहकारी समितियों एवं एफपीओ को ₹1.04 करोड़ की परिसंपत्तियां कार्यक्रम के दौरान बेजफेड से संबद्ध सहकारी समितियों एवं एफपीओ को कृषि उत्पादों के परिवहन और विपणन के लिए कुल ₹1 करोड़ 4 लाख 50 हजार की परिसंपत्तियां वितरित की गईं। इसके अंतर्गत 9 पिकअप वाहन, 2 मिनी ट्रक और 2 मोबाइल वेंडिंग कार्ट उपलब्ध कराए गए। इन संसाधनों से किसानों के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, विपणन व्यवस्था को मजबूत करने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के माध्यम से भी परिसंपत्तियां वितरित की गईं। झारक्राफ्ट, रांची को ₹78.849 लाख, जिला पशुपालन कार्यालय को ₹2.48 लाख, झारक्राफ्ट के माध्यम से ₹25.24 लाख तथा भूमि संरक्षण कार्यालय को ₹20 लाख की परिसंपत्तियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में निदेशक पशुपालन रोबिन टोप्पो, निदेशक मत्स्य अमरेन्द्र कुमार, निदेशक निशा अभिजीत कर, एमडी वेजफ़ेड अभिनव मिश्रा, निदेशक भूमसंरक्षण विकास कुमार, निदेशक समेति रमाशंकर सिंह, निदेशक गब्य डॉ संजीव कुमार, अँचलधिकारी मांडर,सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। इस अवसर पर टांगरबसली बाजार शेड का भी उद्घाटन किया गया। मांडर में 5000 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक शीतगृह का शुभारंभ, किसानों को ₹1.04 करोड़ की परिसंपत्तियां वितरित1
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- सिसई : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने परंपरा और आस्था के साथ मनाया शरद पूर्णिमा महोत्सव कुदरा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में हुआ आयोजन, भोजन मंत्र के बाद श्रद्धालुओं के बीच बांटी गई खीर सिसई (गुमला)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सिसई के तत्वावधान में रणजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर, कुदरा के प्रांगण में शरद पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वज नमन एवं वंदना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा ने अतिथियों का परिचय कराया। मौके पर मुख्य अतिथि जिला कार्यवाह लक्ष्मी नारायण सिंह ने शरद पूर्णिमा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शरद पूर्णिमा का विशेष स्थान है। इस अवसर पर चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने और अगले दिन पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा प्रचलित है। जिससे अनेकों प्रकार के याधि - व्याधि रोग दूर होते हैं साथ ही नवग्रह सामान्य होने से मनुष्य के जीवन में सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह पर्व आस्था, परंपरा और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है। इसके पश्चात आचार्य विक्रम गुप्ता ने भोजन मंत्र कराया। मंत्रोच्चार के बाद उपस्थित लोगों के बीच खीर का वितरण प्रसाद के रूप में किया गया। इसी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संचालक साहु प्रकाश लाल, खंड कार्यवाह मुकेश ताम्रकर, जिला सह मुख्य मार्ग प्रमुख चूड़ामणि साहु, समाजसेवी मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दिलीप गुप्ता, सचिव रवींद्रनाथ अधिकारी, अश्विनी देवघरिया, लक्ष्मी नारायण यादव एवं चरवा उरांव सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित थे।4
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- गुमला में कार्यकर्ता सम्मेलन में आजसु सुप्रीमोसुदेश महतो गुमला में कार्यकर्ता सम्मेलन में आजसु सुप्रीमोसुदेश महतो1
- मांडर के ऐतिहासिक राजी पड़हा राजकीय मुड़मा जतरा-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ऐतिहासिक राजी पड़हा जतरा समिति, मुड़मा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपकर इस भव्य आयोजन में शामिल होने का सादर आग्रह किया। इस अवसर पर सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा और केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष नारायण उरांव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को मुड़मा जतरा के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और मेले की व्यापक तैयारियों की पूरी जानकारी दी। मांडर के ऐतिहासिक राजी पड़हा राजकीय मुड़मा जतरा-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ऐतिहासिक राजी पड़हा जतरा समिति, मुड़मा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपकर इस भव्य आयोजन में शामिल होने का सादर आग्रह किया। इस अवसर पर सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा और केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष नारायण उरांव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को मुड़मा जतरा के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और मेले की व्यापक तैयारियों की पूरी जानकारी दी।1