नागौर में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की 31वीं बैठक सोमवार, 22 जून 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्यों, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं और यातायात सुरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर कुमार ने जिले के चिन्हित 40 दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) पर चल रहे इंजीनियरिंग सुधार कार्यों की विभागवार समीक्षा की, जिसमें सुरपालिया बाईपास, हरीमा, भदाना, बासनी फ्लाईओवर, पीएचईडी चौराहा नागौर, थावला बाईपास और पाडू बाईपास जैसे प्रमुख स्थल शामिल थे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी 40 ब्लैक स्पॉट्स का अनुभवी सड़क सुरक्षा ऑडिटर से ऑडिट करवाकर रिपोर्ट प्राप्त की जाए, जिसके आधार पर आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। बैठक में कलेक्टर कुमार ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए हाईवे एम्बुलेंस सेवाओं का ऑडिट और मॉक ड्रिल करवाने के भी निर्देश दिए। साथ ही, राजमार्गों पर आगजनी जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की उपलब्धता बढ़ाने और इस संबंध में हाईवे विभाग जयपुर को आवश्यक पत्राचार करने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने सड़क सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और सीमाओं का स्पष्ट चिह्नीकरण करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, पुलिस और परिवहन विभाग को ओवरस्पीड वाहनों, काले शीशे लगे वाहनों और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए वाहन चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण के भी निर्देश दिए, जिसमें 5000 वाहन चालकों की नेत्र जांच कर आवश्यकतानुसार चश्मे वितरित करने, सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने और यात्री बसों के चालकों की आंखों की जांच कर उन्हें चश्मे उपलब्ध कराने की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। उन्होंने नागौर के ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं और जिले में संचालित एम्बुलेंस सेवाओं की ऑडिट एवं फिटनेस जांच नियमित रूप से कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में परिवहन, पुलिस, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) अजमेर और नागौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नागौर में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की 31वीं बैठक सोमवार, 22 जून 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्यों, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं और यातायात सुरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर कुमार ने जिले के चिन्हित 40 दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) पर चल रहे इंजीनियरिंग सुधार कार्यों की विभागवार समीक्षा की, जिसमें सुरपालिया बाईपास, हरीमा, भदाना, बासनी फ्लाईओवर, पीएचईडी चौराहा नागौर, थावला बाईपास और पाडू बाईपास जैसे प्रमुख स्थल शामिल थे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी 40 ब्लैक स्पॉट्स का अनुभवी सड़क सुरक्षा ऑडिटर से ऑडिट करवाकर रिपोर्ट प्राप्त की जाए, जिसके आधार पर आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। बैठक में कलेक्टर कुमार ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए हाईवे एम्बुलेंस सेवाओं का ऑडिट और मॉक ड्रिल करवाने के भी निर्देश दिए। साथ ही, राजमार्गों पर आगजनी जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की उपलब्धता बढ़ाने और इस संबंध में हाईवे विभाग जयपुर को आवश्यक पत्राचार करने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने सड़क सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और सीमाओं का स्पष्ट चिह्नीकरण करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, पुलिस और परिवहन विभाग को ओवरस्पीड वाहनों, काले शीशे लगे वाहनों और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए वाहन चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण के भी निर्देश दिए, जिसमें 5000 वाहन चालकों की नेत्र जांच कर आवश्यकतानुसार चश्मे वितरित करने, सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने और यात्री बसों के चालकों की आंखों की जांच कर उन्हें चश्मे उपलब्ध कराने की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। उन्होंने नागौर के ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं और जिले में संचालित एम्बुलेंस सेवाओं की ऑडिट एवं फिटनेस जांच नियमित रूप से कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में परिवहन, पुलिस, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) अजमेर और नागौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- नागौर जिले में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थांवला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम बाड़ीघाटी टोल के पास नाकाबंदी कर रही थी, तभी एक संदिग्ध 12 चक्का डम्पर को रोककर उसकी जांच की गई। जांच के दौरान डम्पर चालक बजरी परिवहन से संबंधित ई-रवन्ना या अन्य कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद, पुलिस ने डम्पर की तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में बजरी भरी हुई पाई गई। पुलिस ने तत्काल डम्पर को जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा करवा दिया है और मामले की सूचना अग्रिम कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को भी दे दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- सूरत-गोडोदरा में घनश्याम दास जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित गौ माता कार्यक्रम में राजपुरोहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उमड़ पड़े, जिससे कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण माहौल देखा गया।1
- अजमेर जिले के पीसांगन पुलिस थाना ने चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से लगभग ₹3 लाख मूल्य का चोरी का माल बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक अजमेर के निर्देश पर क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी, नकबजनी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई। घटना 6 अप्रैल 2026 की है, जब ग्राम मोवडिया, थाना पीसांगन निवासी रामस्वरूप पुत्र मांगीलाल रैगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोर उनके मकान से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना पीसांगन में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के जरिए जांच करते हुए रोड मोहल्ला मेवड़िया, थाना पीसांगन निवासी 65 वर्षीय रामस्वरूप पुत्र भोजूजी रैगर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने घर में घुसकर चोरी की वारदात को कबूल किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक जोड़ी चांदी की पायजेब, चांदी की पातला जोड़ी, चांदी की पट्टी, चांदी की अंगूठियां, चांदी की बिछुड़ियां, चांदी के सिक्के और सोने के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुरेश चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम के एएसआई, कांस्टेबल सहित अन्य जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- पीसांगन थाना पुलिस ने चोरी के एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है, जहाँ परिवार के मुखिया ने ही अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए अपने घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी किया गया पूरा माल बरामद कर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। थानाधिकारी सरोज चौधरी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब गत 6 अप्रैल को ताराचंद रेगर निवासी मेवाड़िया, हाल निवासी नयागांव रोड, मेवाड़िया चौराहा, पीसांगन ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि रात को परिवार के सदस्यों के सो जाने के बाद अज्ञात चोरों ने घर में घुसकर स्टील के डिब्बे से ₹60,000 मूल्य की चांदी की पायजेब, ₹90,000 मूल्य की दो सोने की अंगूठी, ₹15,000 मूल्य की आठ बिछिया, ₹6,000 मूल्य की नाक की बाली, ₹18,000 नकद और चांदी के सिक्के चोरी कर लिए। इस संबंध में थाना पीसांगन में प्रकरण संख्या 120/2026, धारा 331(3), 305(ए) बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया। चोरी गए कुल सोने-चांदी के जेवरात और नकदी का मूल्य ₹1.89 लाख बताया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाल के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. लालचंद कायल और वृताधिकारी ग्रामीण के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में थानाधिकारी सरोज चौधरी के अलावा एएसआई फूलसिंह गुर्जर, आत्माराम शेषमा, कांस्टेबल सुखराम सेवदा, भोमाराम चोयल, गोपालराम ख़टखड़ और दिनेश चौधरी शामिल थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। जाँच के दौरान पुलिस टीम को परिवार के मुखिया की गतिविधियाँ संदिग्ध लगीं। एक दिन पहले मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने 65 वर्षीय रामसुख पुत्र भोजूजी निवासी रेगरों का मोहल्ला मेवाड़िया, जो परिवार का मुखिया भी है, को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में रामसुख ने नशे की लत पूरी करने के लिए अपने ही घर से चोरी करने की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया पूरा माल बरामद कर लिया, जिसमें चांदी की पायजेब, कड़ा, पातड़ी, 5 जोड़ी बिछिया, 2 सिक्के, सोने का मंगलसूत्र, 2 अंगूठी, नाक का कांटा और 2 लॉकेट शामिल हैं।3
- जीनगर समाज खेल मंडल, ब्यावर द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट (सीजन-2) का 21 जून 2026 को सेंट पॉल स्कूल स्टेडियम, ब्यावर में सफलतापूर्वक भव्य समापन हुआ। आयोजन समिति के सचिव अशोक सिसोदिया (शेरू भाई) ने बताया कि समाज के सभी सदस्यों के सहयोग, समर्पण और एकजुटता से यह टूर्नामेंट भव्य रूप में संपन्न हुआ। आयोजन को सफल बनाने में कार्यकारिणी सदस्यों ने तन, मन और धन से महत्वपूर्ण योगदान दिया। खेल प्रभारी धीरज छपैरा, अरुण आसेरी और खेमराज आसेरी के नेतृत्व, मेहनत और जिम्मेदारी की विशेष सराहना की गई। महिला मंडल की संगठन मंत्री श्रीमती सुनीता डाबी ने दोपहर में गरमा-गरम चाय की व्यवस्था की, वहीं द्वितीय संगठन मंत्री श्रीमती कौशल्या सांखला ने ठंडा-ठंडा कैरी पानी उपलब्ध कराया, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों को काफी राहत मिली। कार्यक्रम के दौरान डूंगरमल जी छपैरा ने प्रभावशाली एंकरिंग करते हुए अपनी शानदार लाइव कमेंट्री से पूरे आयोजन में उत्साह बनाए रखा। टूर्नामेंट के परिणामों में धीरज छपैरा की टीम विजेता रही, जबकि हर्ष दायमा की टीम उपविजेता बनी। मैन ऑफ द सीरीज और बेस्ट फील्डर का खिताब महेश डाबी (अजमेर) को मिला, वहीं मुकेश कुमार जीनगर (मसूदा) ने 10 छक्कों के साथ बेस्ट बैट्समैन का पुरस्कार जीता। हर्ष दायमा टूर्नामेंट के ऑलराउंडर घोषित किए गए। बाहर से आए खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को रोमांचक बनाया। इस आयोजन में खुशाल बायड़, संजय सिसोदिया, नटवरलाल आसेरी और संचालन प्रभारी कैलाश सिसोदिया का विशेष सहयोग रहा। इसके अतिरिक्त, त्रिलोक चंद सिसोदिया, ज्ञानप्रकाश चितारा, उदयराज सिसोदिया, भगवान छपेरा और राजू जी सांखला का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। धीरज छपैरा, खुशाल बायड़, हर्ष दायमा और अशोक सिसोदिया सहित सभी टीमों के कप्तानों को उनके अनुशासित नेतृत्व और खेल भावना के लिए सराहा गया। इस दौरान समाज के अध्यक्ष कन्हैयालाल सांखला, उपाध्यक्ष रतनलाल सांखला और समाजसेवी ललित आसेरी भी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। अंत में आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों, खिलाड़ियों और समाजजनों का आभार व्यक्त किया।1
- ब्यावर की वीर हिन्दू आर्मी ने मालवा क्षेत्र के 14 गोरक्षकों के लिए महामहिम राष्ट्रपति को एक प्रार्थना-पत्र सौंपा है। संगठन ने इस ज्ञापन के माध्यम से इन गोरक्षकों को मानवीय आधार पर राहत प्रदान करने और उनके प्रकरणों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। वीर हिन्दू आर्मी ने राष्ट्रपति से अपील की है कि वे प्रभावित परिवारों की मौजूदा स्थिति पर विचार करते हुए इस मामले में एक संवेदनशील निर्णय लें।1
- रियाँ बड़ी उपखंड क्षेत्र के ग्राम डुकिया के किसानों ने रेलवे द्वारा किए गए भूमि सर्वे में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उपखंड अधिकारी (एसडीएम) विनीत कुमार सुखाड़िया को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने इस सर्वे की निष्पक्ष जाँच करने, वास्तविक प्रभावित किसानों के लिए पुनः सर्वे कराने और उन्हें न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की है। किसानों ने आरोप लगाया है कि रेलवे सर्वे में उन लोगों को भी प्रभावित दर्शाया गया है जिनकी भूमि परियोजना से वास्तव में प्रभावित नहीं हो रही है, जिससे उन्हें अधिक मुआवजा मिलने की संभावना है, जबकि वास्तविक प्रभावित किसान लाभ से वंचित रह रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि गांव के कई व्यक्तियों के कुओं, ट्यूबवेलों और पेड़-पौधों को फर्जी तरीके से सर्वे में शामिल किया गया है। उदाहरण के लिए, कई खेतों में जामुन जैसे पौधे बताए गए हैं जबकि पूरे गांव में जामुन के पेड़ नहीं हैं। किसानों का कहना है कि कुछ लोगों ने सर्वे टीम के साथ मिलीभगत कर अपने खेतों में 20 से 30 फीट गहरे गड्ढे खोदकर पाइपलाइन डाली और उन्हें ट्यूबवेल बताकर लाखों का मुआवजा उठाने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों के अनुसार, इससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और वास्तविक प्रभावित लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है। किसानों ने डुकिया गांव में किए गए सर्वे को पुनः कराने की मांग की है ताकि सही स्थिति सामने आ सके। उन्होंने सर्वे में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की भी मांग की है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने रेलवे लाइन के कारण खेतों में आने-जाने के रास्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की भी मांग उठाई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर नागौर और तहसीलदार रियाँ बड़ी को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपते समय कई किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मामले में तुरंत जांच की जाएगी और पीड़ित किसानों को न्याय दिलाया जाएगा।1
- राजस्थान के मांगलियावास थाना क्षेत्र स्थित लामाना की एक फैक्ट्री में बकाया मजदूरी मांगना बिहार निवासी मजदूर जगदीश को भारी पड़ गया। रविवार रात करीब 10:30 बजे की इस घटना में फैक्ट्री के सुपरवाइजर आलोक दुबे और उनके तीन साथियों ने जगदीश को धारदार हथियार से पीटकर अधमरा कर दिया। विवाद तब शुरू हुआ जब जगदीश ने सुपरवाइजर आलोक दुबे से अपनी पिछली मजदूरी मांगी। आरोप है कि इसके बाद आलोक दुबे अपने तीन साथियों के साथ जगदीश को फैक्ट्री के ऊपर बने एक कमरे में ले गए, जहां कमरा बंद कर चारों ने मिलकर उस पर धारदार हथियार से हमला किया। हमले में गंभीर रूप से घायल जगदीश की हालत नाजुक बनी हुई है। उसे पहले ब्यावर के अमृत कौर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ हालत बिगड़ने पर जेएलएन अजमेर और फिर जयपुर रैफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, जगदीश की हालत अभी भी गंभीर है। मारपीट के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी मजदूर को गंभीर हालत में ले जाते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में लोग उसकी जान बचाने की दुआ कर रहे हैं और घायल का भाई रोता-बिलखता नजर आ रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि सुपरवाइजर ने जान से मारने की नीयत से हमला किया था। मांगलियावास थाने के एएसआई गोपाराम बिश्नोई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सुपरवाइजर आलोक दुबे (35 वर्षीय, पुत्र विद्याभूषण), विकास (32 वर्षीय, पुत्र दिलीप सिंह, निवासी उत्तर प्रदेश), ओम प्रताप (पुत्र समभेर बहादुर, निवासी मध्य प्रदेश) और बलवंत (पुत्र नूरा यादव, निवासी उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। सभी को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस वायरल वीडियो को सबूत के तौर पर जांच में शामिल कर रही है और मामले में हत्या के प्रयास की धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।1