गाडरवारा में आगामी 6 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संभावित आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इसी संदर्भ में एनटीपीसी परियोजना क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों और एनटीपीसी प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधीश रजनी सिंह, पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा, एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक अमला भी उपस्थित रहा। चर्चा का मुख्य विषय सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय और कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विस्तार से मंथन करना था। प्रशासन ने परियोजना क्षेत्र में कानून व्यवस्था, सुरक्षा इंतजामों और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, स्थानीय प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में एसडीएम और एसडीओपी गाडरवारा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री के इस संभावित दौरे से संबंधित सभी व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएंगी।
गाडरवारा में आगामी 6 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संभावित आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इसी संदर्भ में एनटीपीसी परियोजना क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों और एनटीपीसी प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधीश रजनी सिंह, पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा, एनटीपीसी
के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक अमला भी उपस्थित रहा। चर्चा का मुख्य विषय सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय और कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विस्तार से मंथन करना था। प्रशासन ने परियोजना क्षेत्र में कानून व्यवस्था, सुरक्षा इंतजामों और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके
अतिरिक्त, स्थानीय प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में एसडीएम और एसडीओपी गाडरवारा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री के इस संभावित दौरे से संबंधित सभी व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएंगी।
- साझा किए गए एक विचार में यह सलाह दी गई है कि जीवन में कुछ लोगों को छोड़ देना अत्यंत आवश्यक होता है। इस संदेश के अनुसार, ऐसा इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यदि उन लोगों को नहीं छोड़ा जाता है, तो वे आपको कहीं का नहीं छोड़ेंगे, जिसका अर्थ है कि वे आपको किसी भी स्थिति में स्थिर या संतुष्ट नहीं रहने देंगे।1
- दमोह जिले के नोहटा क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 किलो 520 ग्राम गांजा जब्त किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।1
- Post by Sourabh Kumar nath1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक गेहूं खरीदी केंद्र पर अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां एक कर्मचारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद, संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- नरसिंहपुर के रेलवे हॉस्पिटल में मलेरिया दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हॉस्पिटल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा, और सभी ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- नरसिंहपुर में 29 मई 2026 को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सर्किट हाउस में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 90 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र श्रीवास्तव जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने आपातकाल और सरकारों को गिरते देखा है, यह दर्शाता है कि कलम में इतनी शक्ति है कि वह सिंहासन को भी पलट सकती है। उनकी ओजस्वी वाणी सुनकर युवा पत्रकारों की आंखें नम हो गईं। कार्यक्रम में जिले के सभी सम्मानित पत्रकार साथी मौजूद रहे, जिन्होंने इस 200 साल की यात्रा में नरसिंहपुर के पत्रकारों द्वारा हमेशा सच, साहस और संघर्ष का साथ देने की बात को दोहराया। सभी ने इस विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और 'हिंदी पत्रकारिता अमर रहे' तथा 'कलम जिंदाबाद' के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- नरसिंहपुर के गाडरवारा से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दो पक्षों के बीच हुए झगड़े से इलाके में सनसनी फैल गई। इस विवाद में एक पक्ष के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को तत्काल गाडरवारा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद गाडरवारा क्षेत्र के ककरा रोड स्थित शक्कर नदी पुल के पास एक खाली पड़े प्लॉट पर अवैध कब्जे को लेकर शुरू हुआ था। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे, जिसके बाद विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस हमले में एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार गाडरवारा के सरकारी अस्पताल में किया जा रहा है।1