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ग्राम पंचायत सिकरौदा मीणा क्षेत्र के अंबेडकर पार्क के पास लगातार कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, जिससे गंदगी बढ़ रही है। इस गंभीर समस्या पर स्थानीय निवासियों ने सिकरौदा मीणा के सरपंच से तत्काल सुनवाई करने और इस कचरे को हटवाने की पुरज़ोर मांग की है। यह मामला ग्राम पंचायत सिकरौदा मीणा, पिन कोड 322230, से संबंधित है।
Chundrilokesh Chaurasiya
ग्राम पंचायत सिकरौदा मीणा क्षेत्र के अंबेडकर पार्क के पास लगातार कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, जिससे गंदगी बढ़ रही है। इस गंभीर समस्या पर स्थानीय निवासियों ने सिकरौदा मीणा के सरपंच से तत्काल सुनवाई करने और इस कचरे को हटवाने की पुरज़ोर मांग की है। यह मामला ग्राम पंचायत सिकरौदा मीणा, पिन कोड 322230, से संबंधित है।
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- हिंडौन सिटी के चौबे पाड़ा पुलिया के पास संचालित शराब की दुकान को आबादी क्षेत्र से हटाने की मांग को लेकर जाटव और वाल्मीकि बस्ती की महिलाओं का धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी महिलाओं ने साफ किया है कि जब तक उनकी यह मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस धरने को जिला जाटव समाज सुधार समिति ने अपना समर्थन दिया है। समिति के करौली-सवाई माधोपुर-दौसा 360 काम के अध्यक्ष हट्टी राम ठेकेदार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीर सिंह ठेकेदार, प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत और प्रचार मंत्री अमर सिंह बाबा सहित कई पदाधिकारी धरना स्थल पर मौजूद रहे। धरने पर बैठी महिलाओं ने बताया कि आबादी क्षेत्र में शराब की दुकान चलने से इलाके का सामाजिक वातावरण खराब हो रहा है। कोली मोहल्ला सहित जाटव और वाल्मीकि बस्ती के लोग शराब की दुकान के आसपास शराबियों के जमावड़े के कारण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। महिलाओं का यह भी कहना है कि इस दुकान के चलते गली-मोहल्ले के बच्चे और युवा शराब के आदी हो रहे हैं, जिसके नशे में वे अपने परिजनों और बस्ती के लोगों से अभद्रता करते हैं और मारपीट पर उतर आते हैं, जिससे क्षेत्र में अशांति फैलती है। आंदोलनकारी महिलाओं और जिला जाटव समाज सुधार समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आबादी क्षेत्र से शराब के ठेकों को जल्द नहीं हटाया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक किया जाएगा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।4
- काराउली के हिंडौन शहर के सिकरौदा मीणा गांव में स्थानीय जनता ने 'स्वच्छता अभियान' की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि पिछले चार सालों से स्वच्छता अभियान की कचरा गाड़ी दिखाई नहीं दे रही है, जिसके कारण गांव में न तो नियमित रूप से कचरा उठता है और न ही कहीं सफाई नजर आती है। इसके चलते जनता यह जानना चाहती है कि आखिर स्वच्छता के नाम पर आने वाला बजट कहाँ और किस मद में खर्च हो रहा है। इस मुद्दे पर कुछ सफाईकर्मियों ने यह कहकर चौंका दिया है कि "हमें रोटी नहीं देते, इसलिए हम सफाई नहीं करते।" हालांकि, जनता का सीधा सवाल है कि क्या सरकारी नौकरी गांव की सफाई के लिए दी गई है या फिर "रोटी और दावत" के लिए। सिकरौदा मीणा की जनता ने ग्राम पंचायत, संबंधित अधिकारियों और प्रशासन से स्पष्ट जवाब माँगे हैं कि यदि कचरा गाड़ी चल रही है तो गांव साफ क्यों नहीं है, यदि सफाईकर्मी तैनात हैं तो गंदगी क्यों फैली हुई है, और यदि स्वच्छता का बजट आ रहा है तो उसका लाभ आम जनता को क्यों नहीं मिल रहा। जनता का यह भी कहना है कि स्वच्छता उनका अधिकार है, किसी का एहसान नहीं।2
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत काचरौली में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया। इस कार्यक्रम में करौली धौलपुर लोकसभा प्रत्याशी इंदु देवी, करौली विधानसभा प्रभारी रिंकू मीणा, मंडल अध्यक्ष गीता देवी जाट, शोभा तिवाड़ी, मनोज तिवाड़ी, अतर सिंह बेनीवाल सहित कई प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। इस दौरान शहतूत, कदम्ब, बरगद, सिरस जैसे फलदार वृक्षों सहित विभिन्न पौधे लगाए गए। मंडल अध्यक्ष ने बताया कि 'एक पेड़ मां के नाम' सरकार की एक अनूठी योजना है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि यदि प्रत्येक नागरिक एक-एक पौधा लगाए, तो वर्तमान में जिस भीषण गर्मी से तापमान लगातार बढ़ रहा है, उसे आने वाले समय में कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रकृति संरक्षण के लिए पेड़-पौधे बहुत जरूरी होते हैं, क्योंकि इन्हीं के माध्यम से पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सकता है। मंडल अध्यक्ष ने आगे कहा कि जिस तरह वर्तमान में एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ रहा है, उससे तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो आमजन भीषण गर्मी से बेहाल हो जाएगा। इसलिए, पर्यावरण संरक्षण के लिए जितना संभव हो, पौधरोपण करना हमारा नैतिक कर्तव्य है, अन्यथा प्रकृति का संतुलन लगातार कमजोर होता जाएगा।4
- ग्राम पंचायत सिकरौदा मीणा क्षेत्र के अंबेडकर पार्क के पास लगातार कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, जिससे गंदगी बढ़ रही है। इस गंभीर समस्या पर स्थानीय निवासियों ने सिकरौदा मीणा के सरपंच से तत्काल सुनवाई करने और इस कचरे को हटवाने की पुरज़ोर मांग की है। यह मामला ग्राम पंचायत सिकरौदा मीणा, पिन कोड 322230, से संबंधित है।2
- माननीय अधिकारियों को संबोधित एक शिकायत में, करौली जिले के गुड़ा-गुड़ला गांव में पट्टी बैंड का पूरा के बैंड के ऊपर के रास्ते को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि सरपंच साहब ने इस रास्ते के निर्माण के लिए कई बार भुगतान उठाया है, लेकिन इसके बावजूद सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। इस खराब रास्ते के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कोई भी इस रास्ते से आसानी से निकल नहीं पाता है और यहाँ 'खिचड़ी खींचा' जैसी स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा, यहां से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित स्कूल तक जाने के लिए, जो 'रांची तक' पड़ता है, बच्चों को पैदल ही जाना पड़ता है क्योंकि वहां तक भी कोई रास्ता नहीं है। यह समस्या काफी समय से बनी हुई है, जिससे ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। अधिकारियों से विनम्र अनुरोध किया गया है कि वे इस रास्ते को बनवाने की कृपा करें, ताकि आम जनता और स्कूली बच्चों की समस्या का समाधान हो सके।4
- मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KGP-3 एक बार फिर मासलपुर क्षेत्र में पहुँच गया है। मासलपुर के नवलापुरा गाँव के पास चीते ने शुक्रवार को पाँच भेड़ों का शिकार किया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उपवन संरक्षक सुमित बंसल ने जानकारी दी कि चीता KGP-3 पिछले कुछ दिनों से राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में घूम रहा था। शुक्रवार को यह दोबारा करौली जिले के मासलपुर क्षेत्र में आया और नवलापुरा गाँव के पास भेड़ों को अपना शिकार बनाया। सूचना मिलते ही भरतपुर डीएफओ चेतन कुमार अपनी वन विभाग टीम के साथ मौके पर पहुँचे। कूनो नेशनल पार्क के तीन विशेषज्ञ और बंध बारैठा रेंज के तीन वनकर्मियों की एक टीम रेडियो कॉलर की मदद से चीते की गतिविधियों पर लगातार नज़र बनाए हुए है। नाका इंचार्ज नंदकिशोर गुर्जर, सहायक वनपाल बच्चू सिंह और शीशराम द्रौपद सिंह सहित वन विभाग की पूरी टीम किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए चीते की लोकेशन को ट्रैक कर रही है।1
- करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक को संबोधित करते हुए सभी संस्थाओं को 'मां योजना' के तहत क्लेम बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि प्राप्त आय से कार्यों को सुगमता से कराया जा सके। उन्होंने संस्थाओं को 'मां योजना' में 70 प्रतिशत से अधिक क्लेम सुनिश्चित करने का पाबंद किया और करौली व हिंडौन शहरों में एचपीवी वैक्सीनेशन पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि जिले में आवंटित लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। कलेक्टर ने चिकित्सा अधिकारियों को 'मां वाउचर योजना' के अंतर्गत कराई गई सोनोग्राफी की रिपोर्ट देखने तथा एएनसी रजिस्ट्रेशन, मिसिंग डिलीवरी और मिसिंग टीकाकरण की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रैल माह में लिंगानुपात की वृद्धि की सराहना करते हुए, इसकी उतार-चढ़ाव भरी स्थिति का विश्लेषण करने की आवश्यकता पर जोर दिया। गोदारा ने प्रशासन और पुलिस के सहयोग का आश्वासन देते हुए बीसीएमओ को झोलाछाप और अवैध क्लीनिकों के संचालन पर 'मिशन मोड' में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएम निर्माण विंग को खंडवार भूमि आवंटन और निर्माण कार्य की स्थिति से अवगत होकर कार्य शुरू कराने के लिए निर्देशित किया, साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी और एफसीएम व संपूर्ण टीकाकरण की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने बैठक में योजनाओं और कार्यक्रमों की ब्लॉकवार स्थिति प्रस्तुत की तथा चिकित्सा संस्थानों के भूमि आवंटन एवं निर्माण कार्य के दौरान आ रही बाधाओं का समाधान कराया। उन्होंने 'मां योजना' में क्लेम बुकिंग बढ़ाने, जननी सुरक्षा योजना के भुगतान और लाडो योजना की प्रदायगी के लिए प्रभारियों को निर्देशित किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष पांडे ने पीपीटी के माध्यम से 'मां योजना', एचपीवी वैक्सीनेशन, संपूर्ण टीकाकरण, मिसिंग टीकाकरण, एएनसी रजिस्ट्रेशन, मिसिंग डिलीवरी, सेक्स रेशों, जेएसवाई और लाडो योजना की स्थिति की समीक्षा कराई। इस दौरान प्रमुख चिकित्सा अधिकारी करौली डॉ. रामकेश मीणा, पीएमओ हिंडौन डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, सीडीईओ सर्वेश कुमार, विभिन्न बीसीएमओ, पीएमओ, सीएचसी पीएचसी प्रभारी और विभिन्न डीपीसी सदस्य उपस्थित रहे।4
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को हिंडौन सिटी में करौली रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पप्पू राम कोली ने पर्यावरण संतुलन और वैश्विक तापमान वृद्धि को रोकने में वृक्षों के योगदान पर जोर दिया। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता करने तथा प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में कुल 11 फलदार एवं छायादार पौधे रोपे गए। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रीतेश जैन ने बताया कि प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए सभी को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करना चाहिए। उन्होंने जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयास करने की बात भी कही। कला संकाय सदस्य गंगाराम मीना ने पर्यावरण संतुलन के लिए दैनिक दिनचर्या में प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण प्रयोग करने की सलाह दी। पौधारोपण कार्यक्रम में महाविद्यालय के डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. श्रीनिवास गुर्जर, सुमित विरेटिया, विजेंद्र सिकरवार, डॉ. मानसिंह अवाना, जुगल किशोर सैनी, मनोज जोगी और सौरभ सिंह डागुर सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक भी मौजूद रहे।3