पुलिस की लापरवाही से दबंग बेखौफ, बेबस किसान की फसल पर दिनदहाड़े डाका बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर कस्बे से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस की कथित लापरवाही ने दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद कर दिए कि एक गरीब किसान की मेहनत पर खुलेआम डाका डाल दिया गया। बताया जा रहा है कि पीड़ित किसान फुरकान रोजी-रोटी के लिए दिल्ली में मजदूरी कर रहा है, जबकि गांव में उसकी 4 बीघा खेत में सरसों की तैयार फसल खड़ी थी। इसी का फायदा उठाते हुए 27 मार्च 2026 को एक दर्जन दबंगों ने खेत में घुसकर जबरन फसल काटनी शुरू कर दी। परिजनों ने उसी दिन पुलिस को लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता ने दबंगों को और बेलगाम कर दिया। हद तो तब हो गई जब 28 मार्च को फिर वही दबंग खुलेआम खेत में घुसे और बची हुई फसल भी काट ले गए। पीड़ित परिवार ने थानाध्यक्ष से लेकर अपर पुलिस अधीक्षक तक को फोन कर गुहार लगाई, तब कहीं जाकर पुलिस हरकत में आई और आरोपियों को चौकी ले आई। लेकिन यहां भी न्याय की उम्मीद दम तोड़ती नजर आई। आरोप है कि चौकी इंचार्ज संजय यादव ने पीड़ित के 12 वर्षीय मासूम बेटे अम्मार पर दबाव बनाकर एक मनगढ़ंत सुलहनामा तैयार कराया और जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। इतना ही नहीं, सुलहनामे में दबंगों का पक्ष लेते हुए उल्टा पीड़ित किसान पर ही 3,500 रुपये देने की बात लिख दी गई। पीड़ित किसान फुरकान का दर्द साफ झलकता है-“मेरी फसल काट ली, मेरे बच्चों पर दबाव बनाया, अब मुझसे ही पैसे देने को कहा जा रहा है। आखिर मेरा कसूर क्या है?” गांव में यह भी चर्चा है कि आरोपियों को पुलिस चौकी का संरक्षण प्राप्त है, जिस कारण उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। दिनदहाड़े फसल लूटने वाले आरोपियों को छोड़ देना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कुल मिलाकर, यह मामला न सिर्फ एक किसान के साथ अन्याय की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब सिस्टम ही कमजोर पड़ जाए, तो गरीब और बेबस इंसान न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो जाता है।
पुलिस की लापरवाही से दबंग बेखौफ, बेबस किसान की फसल पर दिनदहाड़े डाका बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर कस्बे से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस की कथित लापरवाही ने दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद कर दिए कि एक गरीब किसान की मेहनत पर खुलेआम डाका डाल दिया गया। बताया जा रहा है कि पीड़ित किसान फुरकान रोजी-रोटी के लिए दिल्ली में मजदूरी कर रहा है, जबकि गांव में उसकी 4 बीघा खेत में सरसों की तैयार फसल खड़ी थी। इसी का फायदा उठाते हुए 27 मार्च 2026 को एक दर्जन दबंगों ने खेत में घुसकर जबरन फसल काटनी शुरू कर दी। परिजनों ने उसी दिन पुलिस को लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता ने दबंगों को और बेलगाम कर दिया। हद तो तब हो गई जब 28 मार्च को फिर वही दबंग खुलेआम खेत में घुसे और बची हुई फसल भी काट ले गए। पीड़ित परिवार ने थानाध्यक्ष से लेकर अपर पुलिस अधीक्षक तक को फोन कर गुहार लगाई, तब कहीं जाकर पुलिस हरकत में आई और आरोपियों को चौकी ले आई। लेकिन यहां भी न्याय की उम्मीद दम तोड़ती नजर आई। आरोप है कि चौकी इंचार्ज संजय यादव ने पीड़ित के 12 वर्षीय मासूम बेटे अम्मार पर दबाव बनाकर एक मनगढ़ंत सुलहनामा तैयार कराया और जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। इतना ही नहीं, सुलहनामे में दबंगों का पक्ष लेते हुए उल्टा पीड़ित किसान पर ही 3,500 रुपये देने की बात लिख दी गई। पीड़ित किसान फुरकान का दर्द साफ झलकता है-“मेरी फसल काट ली, मेरे बच्चों पर दबाव बनाया, अब मुझसे ही पैसे देने को कहा जा रहा है। आखिर मेरा कसूर क्या है?” गांव में यह भी चर्चा है कि आरोपियों को पुलिस चौकी का संरक्षण प्राप्त है, जिस कारण उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। दिनदहाड़े फसल लूटने वाले आरोपियों को छोड़ देना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कुल मिलाकर, यह मामला न सिर्फ एक किसान के साथ अन्याय की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब सिस्टम ही कमजोर पड़ जाए, तो गरीब और बेबस इंसान न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो जाता है।
- बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर कस्बे से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस की कथित लापरवाही ने दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद कर दिए कि एक गरीब किसान की मेहनत पर खुलेआम डाका डाल दिया गया। बताया जा रहा है कि पीड़ित किसान फुरकान रोजी-रोटी के लिए दिल्ली में मजदूरी कर रहा है, जबकि गांव में उसकी 4 बीघा खेत में सरसों की तैयार फसल खड़ी थी। इसी का फायदा उठाते हुए 27 मार्च 2026 को एक दर्जन दबंगों ने खेत में घुसकर जबरन फसल काटनी शुरू कर दी। परिजनों ने उसी दिन पुलिस को लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता ने दबंगों को और बेलगाम कर दिया। हद तो तब हो गई जब 28 मार्च को फिर वही दबंग खुलेआम खेत में घुसे और बची हुई फसल भी काट ले गए। पीड़ित परिवार ने थानाध्यक्ष से लेकर अपर पुलिस अधीक्षक तक को फोन कर गुहार लगाई, तब कहीं जाकर पुलिस हरकत में आई और आरोपियों को चौकी ले आई। लेकिन यहां भी न्याय की उम्मीद दम तोड़ती नजर आई। आरोप है कि चौकी इंचार्ज संजय यादव ने पीड़ित के 12 वर्षीय मासूम बेटे अम्मार पर दबाव बनाकर एक मनगढ़ंत सुलहनामा तैयार कराया और जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। इतना ही नहीं, सुलहनामे में दबंगों का पक्ष लेते हुए उल्टा पीड़ित किसान पर ही 3,500 रुपये देने की बात लिख दी गई। पीड़ित किसान फुरकान का दर्द साफ झलकता है-“मेरी फसल काट ली, मेरे बच्चों पर दबाव बनाया, अब मुझसे ही पैसे देने को कहा जा रहा है। आखिर मेरा कसूर क्या है?” गांव में यह भी चर्चा है कि आरोपियों को पुलिस चौकी का संरक्षण प्राप्त है, जिस कारण उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। दिनदहाड़े फसल लूटने वाले आरोपियों को छोड़ देना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कुल मिलाकर, यह मामला न सिर्फ एक किसान के साथ अन्याय की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब सिस्टम ही कमजोर पड़ जाए, तो गरीब और बेबस इंसान न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो जाता है।1
- जनपद बाराबंकी से खबर पत्रकार रामजी दीक्षित की ईरपुरपर क्रॉसिंग के पास देवरानी और जेठानी की दर्दनाक मौत हो गई एक्सीडेंट से1
- *बाराबंकी में हत्याभियुक्त की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी की बाइट* बाराबंकी के थाना टिकैतनगर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम नैपुरा मजरे परसावल में हत्याभियुक्त की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चन्द्र त्रिपाठी ने बयान दिया है। हालांकि, उनकी बाइट उपलब्ध नहीं है, लेकिन विकास चन्द्र त्रिपाठी ने पहले भी कई मामलों में बयान दिया है, जैसे कि नवाबगंज में 32 अभियुक्तों को कारावास व अर्थदंड से दंडित किए जाने के सम्बन्ध में और 133 गुमशुदा मोबाइल फोन मालिकों को सौंपने की जानकारी ¹ ² ³। क्या आप जानना चाहेंगे कि अपर पुलिस अधीक्षक, उत्तरी बाराबंकी श्री विकास चन्द्र त्रिपाठी ने अन्य किन मामलों में बयान दिया है या बाराबंकी पुलिस की अन्य गतिविधियों के बारे में?1
- Post by Mohd Sultan Warsi1
- कल दिनांक 29 मार्च सन 2026 को मुंडा गोपाल आश्रम पर धर्म जागरण धाम बाराबंकी द्वारा प्यास यात्रियों को पानी व मीठा वितरण वी निशुल्क धन चिकित्सा शिविर का आयोजन दसगाणु वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है1
- *अयोध्या में यज्ञशाला में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान* अयोध्या के राजघाट स्थित बाटी वाले बाबा आश्रम के पास यज्ञशाला में भीषण आग लग गई। महायज्ञ के समापन के बाद यज्ञशाला खाली थी, जिससे जनहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासन और टेक्निकल टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि आग के कारणों की जांच जारी है ¹। क्या आप जानना चाहेंगे कि आग लगने के वास्तविक कारण क्या थे या प्रशासन ने आगे क्या कदम उठाए हैं?1
- बाराबंकी के फतेहपुर क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों से भरे परिवार को पलभर में उजाड़ दिया। ईसेपुर रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक खुलते ही आगे बढ़ी मोटरसाइकिल को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।सीतापुर जनपद के महमूदाबाद थाना क्षेत्र के रामद्वारी गांव निवासी इंद्रजीत अपनी नवविवाहिता पत्नी खुशी (18) और भाभी पिंकी देवी (28) के साथ मोटरसाइकिल से जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के पिपरौली गांव जा रहे थे। उन्हें अपनी बीमार मौसी का हाल-चाल जानने जाना था। ईसेपुर रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक बंद होने के कारण सभी वाहन कतार में खड़े थे। जैसे ही फाटक खुला, इंद्रजीत ने अपनी बाइक आगे बढ़ाई। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रहे ट्रक ने मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार सभी लोग सड़क पर उछलकर गिर पड़े। खुशी और पिंकी सड़क के दाहिने हिस्से में गिरीं, जहां ट्रक उन्हें कुचलता हुआ निकल गया। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, इंद्रजीत और तीन वर्षीय मासूम बिट्टू दूसरी ओर गिरे, जिससे बच्ची के पैरों में गंभीर चोटें आईं। घायल पिता और बच्ची को तुरंत फतेहपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल अमित सिंह ने बताया कि ट्रक की पहचान कर ली गई है। आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।1
- *वादी की माँ का भोऽ%ड़ा…* *असली वर्दीधारी है राजेन्द्र सिंह पुंडीर, कोतवाल हैं बदायूँ में…*1