उमरिया जिले की चंदिया तहसील के बैगा बाहुल्य ग्राम देवरा में सड़क न होने के कारण एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को सड़क के अभाव में उसके परिजनों ने अपनी गोद में उठाया और करीब दो किलोमीटर तक कच्चे व दुर्गम रास्ते से पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुँचाया। इसके बाद हाईवे पर पहुँचकर किसी तरह वाहन का इंतजाम किया गया और महिला को अस्पताल ले जाया गया। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। यह स्थिति तब है जब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। एक ओर जहाँ दुनिया चाँद पर मानव बस्ती बसाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, वहीं देवरा जैसे गाँव आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहे हैं। इसे ग्रामीण विकास योजनाओं के कमजोर क्रियान्वयन और निचले स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार का सीधा परिणाम माना जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से सड़क निर्माण की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बरसात के दिनों में यहाँ के हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों का जीना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से गाँव तक तुरंत पक्की सड़क बनाने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषियों की जवाबदेही तय करने की पुरजोर माँग की है।
उमरिया जिले की चंदिया तहसील के बैगा बाहुल्य ग्राम देवरा में सड़क न होने के कारण एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को सड़क के अभाव में उसके परिजनों ने अपनी गोद में उठाया और करीब दो किलोमीटर तक कच्चे व दुर्गम रास्ते से पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुँचाया। इसके बाद हाईवे पर पहुँचकर किसी तरह वाहन का इंतजाम किया गया और महिला को अस्पताल ले जाया गया। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। यह स्थिति तब है जब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। एक ओर जहाँ दुनिया चाँद पर मानव बस्ती बसाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, वहीं देवरा जैसे गाँव आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहे हैं। इसे ग्रामीण विकास योजनाओं के कमजोर क्रियान्वयन और निचले स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार का सीधा परिणाम माना जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से सड़क निर्माण की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बरसात के दिनों में यहाँ के हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों का जीना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से गाँव तक तुरंत पक्की सड़क बनाने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषियों की जवाबदेही तय करने की पुरजोर माँग की है।
- शहडोल जिले के सोहागपुर में सरपंच संघ ने जिला पंचायत सीईओ पर अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस व्यवहार से नाराज सरपंच संघ ने अब सख्त रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया और स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।1
- कोरिया की कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने एग्रीस्टैक पंजीयन एवं खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक संयुक्त बैठक ली। इस बैठक में तहसीलदारों, आरएईओ, समिति प्रबंधकों तथा कृषि एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को एग्रीस्टैक पंजीयन मॉड्यूल का प्रशिक्षण दिया गया ताकि किसानों को समयबद्ध सेवाएं मिल सकें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 135 छूटे हुए एक्सेम्प्टेड किसानों का पंजीयन और लगभग 3500 लंबित खसरों की मैपिंग इसी सप्ताह प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए। राजस्व, कृषि एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि पंजीयन कार्य में लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी भू-स्वामियों से अपील की गई है कि जिन किसानों का पंजीयन या खसरा मैपिंग शेष है, वे शनिवार, 18 जुलाई को अपनी संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में आयोजित विशेष शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। पंजीयन के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि संबंधी दस्तावेज (खसरा/बी-1) साथ लाना आवश्यक होगा।4
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे कांधों पर उठाकर काफी दूरी तय कर नेशनल हाईवे तक पहुंचाया। बारिश के कारण गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया था, जिससे 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी और हाईवे पर ही खड़ी इंतजार कर रही थी। इसके बाद महिला को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रसूता के पति सुनील रौतेल ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं आ सका, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें ग्रामीणों की मदद से पत्नी को कांधों पर उठाना पड़ा। आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी सिंह ने भी माना कि बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है और खराब सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उमरिया जिले की सीमा पर स्थित देवरा गाँव एक बैगा बहुल गाँव है, जिसे सेना में शहीद हुए स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही के कारण लोगों को अब भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर करती है और इस वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- उमरिया जिले में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात विभाग द्वारा विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुरू किए गए इस 7 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक 10 स्कूल बसों की गहन जांच की गई है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर 4 स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है। यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्कूल बसों के संचालन के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध दस्तावेजों, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य बताया है। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।4
- डिंडौरी जिले की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने ग्राम पंचायत चटुवा में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की छत ढलाई के दौरान हुई दुर्घटना को लेकर कड़ी कार्रवाई की है। इस घटना में भवन की छत का एक हिस्सा गिरने से एक श्रमिक मलबे में दबकर घायल हो गया था, जिसे अन्य श्रमिकों ने अस्पताल पहुंचाया। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक यंत्री (आरईएस) श्री बीर सिंह तिलगाम, उपयंत्री (संविदा) श्री फिरोज खान, ग्राम रोजगार सहायक श्री अशोक चंदेल और सरपंच श्री रामनरेश धुरैया को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत हो रहे इस निर्माण कार्य के दौरान हुई लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर ने कहा कि ढलाई से पहले तकनीकी निरीक्षण, सेंटरिंग और सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण नहीं किया गया था। यह प्रथम दृष्टया कर्तव्य के प्रति भारी उदासीनता का मामला है, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत निर्धारित समय-सीमा में लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन सभी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।1
- कोरिया जिला कार्यालय में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में अपर कलेक्टर, दोनों अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सीमांकन के समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि वर्षा ऋतु को देखते हुए मैदानी या गैर-कृषि भूमि का सीमांकन तत्काल किया जाए, जबकि खड़ी फसल वाले खेतों का सीमांकन 15 अक्टूबर के बाद किया जाए ताकि किसानों को असुविधा न हो। इसके अलावा, अविवादित नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों के त्वरित निपटारे के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए गए। अब इन प्रकरणों के आवेदन सीधे पटवारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएंगे और पटवारी जांच प्रतिवेदन तैयार कर सीधे राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे, जिससे नागरिकों को तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। न्यायालयीन प्रकरणों में पटवारियों द्वारा समय पर प्रतिवेदन न सौंपने के कारण मामलों के लंबित रहने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और दोषी पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, एग्रीस्टैक पंजीयन और खसरा मैपिंग के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए निर्देश दिया गया कि प्रत्येक सोमवार को सभी पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) अपने-अपने मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करेंगे। इसके अलावा, हर पंद्रह दिन में पटवारियों की समीक्षा बैठक होगी और दोनों अपर कलेक्टर हर महीने तहसीलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेंगे। बैठक के अंत में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा है, इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करें। कार्यों में लापरवाही मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र वैद्य, अपर कलेक्टर श्री डी.डी. मंडावी, सोनहत के एसडीएम श्री अमित कुमार गुप्ता और बैकुंठपुर के एसडीएम श्री उमेश पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- अनूपपुर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अर्चना कुमारी ने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के तहत जनमन और आवास प्लस कार्यों की समीक्षा की है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त जारी की जा चुकी है, उनके आवास निर्माण का कार्य संतोषजनक रूप से दिखाई देना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने योजना की राशि का गबन करने वाले हितग्राहियों के मामलों में सख्त वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान सीईओ ने निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों के डीबीटी संबंधी कार्य लंबित हैं, उन्हें बैंक से समन्वय स्थापित कर जल्द पूर्ण कराया जाए। इसके अलावा, जिले के ग्राम पंचायत सकोल, बलबहरा, रेउसा और खजुरवार में सीएसईबी ब्लॉक निर्माण की समीक्षा करते हुए आवास निर्माण में इन ब्लॉक्स का उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय के सर्वे कार्य की जानकारी लेते हुए जिला पंचायत सीईओ ने निर्धारित सर्वे प्रपत्र के अनुसार एक सप्ताह में डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति के चिन्हांकन के लिए यह कार्य गंभीरता से किया जाए, ताकि शासन द्वारा जिले को दिए गए 2174 के लक्ष्य के अनुरूप पात्र लोगों को व्यक्तिगत शौचालय की स्वीकृति दी जा सके।1
- कोरिया की कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिला कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की एक विस्तृत समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना और एग्रीस्टैक से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षकों के कार्यों और लंबित सीमांकन मामलों में समय-सीमा से अधिक देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को देखते हुए गैर-कृषि भूमि के सीमांकन का तत्काल निराकरण किया जाए, जबकि खड़ी फसल वाले क्षेत्रों में सीमांकन का कार्य 15 अक्टूबर के बाद करने को कहा गया है। नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों को सरल बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवेदन सीधे पटवारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएं और पटवारी अपनी जांच रिपोर्ट सीधे राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत करें, ताकि आम नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने पटवारियों द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने में देरी को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि ऐसे लंबित मामलों की सूची तैयार की जाए और लापरवाह पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पेश किया जाए। बैठक में नक्शा बटांकन की धीमी गति और स्वामित्व योजना के लंबित प्रकाशनों पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। एग्रीस्टैक पंजीयन एवं खसरा मैपिंग के लिए कृषि एवं खाद्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए कलेक्टर ने आदेश दिया कि प्रत्येक सोमवार को सभी पटवारी अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय में उपस्थित रहकर नागरिकों के आवेदन प्राप्त करेंगे और राजस्व निरीक्षक भी इसी दिन मुख्यालय पर रहकर कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही, पंद्रह दिनों में पटवारियों की नियमित बैठक आयोजित करने और अपर कलेक्टरों को प्रतिमाह तहसीलों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने को कहा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग का काम नागरिकों से सीधा जुड़ा है, इसलिए कार्यों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता अनिवार्य है, और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- उमरिया जिले की जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अमिलिया में नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है और बेहद घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सरिया की गुणवत्ता काफी कमजोर है। साथ ही, सीमेंट, गिट्टी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं, जिससे नाली की मजबूती और लंबे समय तक टिकाऊ रहने पर संशय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस कार्य की तकनीकी जांच नहीं की गई, तो सरकारी धन का दुरुपयोग होगा और भविष्य में नाली के क्षतिग्रस्त होने का बड़ा खतरा बना रहेगा। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।4