कोरिया की कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिला कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की एक विस्तृत समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना और एग्रीस्टैक से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षकों के कार्यों और लंबित सीमांकन मामलों में समय-सीमा से अधिक देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को देखते हुए गैर-कृषि भूमि के सीमांकन का तत्काल निराकरण किया जाए, जबकि खड़ी फसल वाले क्षेत्रों में सीमांकन का कार्य 15 अक्टूबर के बाद करने को कहा गया है। नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों को सरल बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवेदन सीधे पटवारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएं और पटवारी अपनी जांच रिपोर्ट सीधे राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत करें, ताकि आम नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने पटवारियों द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने में देरी को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि ऐसे लंबित मामलों की सूची तैयार की जाए और लापरवाह पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पेश किया जाए। बैठक में नक्शा बटांकन की धीमी गति और स्वामित्व योजना के लंबित प्रकाशनों पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। एग्रीस्टैक पंजीयन एवं खसरा मैपिंग के लिए कृषि एवं खाद्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए कलेक्टर ने आदेश दिया कि प्रत्येक सोमवार को सभी पटवारी अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय में उपस्थित रहकर नागरिकों के आवेदन प्राप्त करेंगे और राजस्व निरीक्षक भी इसी दिन मुख्यालय पर रहकर कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही, पंद्रह दिनों में पटवारियों की नियमित बैठक आयोजित करने और अपर कलेक्टरों को प्रतिमाह तहसीलों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने को कहा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग का काम नागरिकों से सीधा जुड़ा है, इसलिए कार्यों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता अनिवार्य है, और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोरिया की कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिला कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की एक विस्तृत समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना और एग्रीस्टैक से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षकों के कार्यों और लंबित सीमांकन मामलों में समय-सीमा से अधिक देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को देखते हुए गैर-कृषि भूमि के सीमांकन का तत्काल निराकरण किया जाए, जबकि खड़ी फसल वाले क्षेत्रों में सीमांकन का कार्य 15 अक्टूबर के बाद करने को कहा गया है। नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों को सरल बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवेदन सीधे पटवारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएं और पटवारी अपनी जांच रिपोर्ट सीधे राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत करें, ताकि आम नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने पटवारियों द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने में देरी को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि ऐसे लंबित मामलों की
सूची तैयार की जाए और लापरवाह पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पेश किया जाए। बैठक में नक्शा बटांकन की धीमी गति और स्वामित्व योजना के लंबित प्रकाशनों पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। एग्रीस्टैक पंजीयन एवं खसरा मैपिंग के लिए कृषि एवं खाद्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए कलेक्टर ने आदेश दिया कि प्रत्येक सोमवार को सभी पटवारी अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय में उपस्थित रहकर नागरिकों के आवेदन प्राप्त करेंगे और राजस्व निरीक्षक भी इसी दिन मुख्यालय पर रहकर कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही, पंद्रह दिनों में पटवारियों की नियमित बैठक आयोजित करने और अपर कलेक्टरों को प्रतिमाह तहसीलों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने को कहा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग का काम नागरिकों से सीधा जुड़ा है, इसलिए कार्यों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता अनिवार्य है, और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- कोरिया की कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने एग्रीस्टैक पंजीयन एवं खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक संयुक्त बैठक ली। इस बैठक में तहसीलदारों, आरएईओ, समिति प्रबंधकों तथा कृषि एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को एग्रीस्टैक पंजीयन मॉड्यूल का प्रशिक्षण दिया गया ताकि किसानों को समयबद्ध सेवाएं मिल सकें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 135 छूटे हुए एक्सेम्प्टेड किसानों का पंजीयन और लगभग 3500 लंबित खसरों की मैपिंग इसी सप्ताह प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए। राजस्व, कृषि एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि पंजीयन कार्य में लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी भू-स्वामियों से अपील की गई है कि जिन किसानों का पंजीयन या खसरा मैपिंग शेष है, वे शनिवार, 18 जुलाई को अपनी संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में आयोजित विशेष शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। पंजीयन के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि संबंधी दस्तावेज (खसरा/बी-1) साथ लाना आवश्यक होगा।4
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के खड़गवां में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर विभिन्न जांच एजेंसियों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग करने और विपक्षी नेताओं व कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने इस मौके पर कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संविधान की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। वहीं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष युधिष्ठिर कमरों ने दोहराया कि पार्टी का हर कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला सचिव शाहिद महमूद ने भी जांच एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल पर गहरी चिंता जाहिर की। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवादल और किसान कांग्रेस समेत पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पटना क्षेत्र से एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक विधायक ने अपनी पीड़ा व्यक्त की है। विधायक का कहना है कि शासन में रहने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, जो कि बेहद दुखद स्थिति है। इस स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा गया है कि यदि सरकार के जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं हो रही है, तो आम जनता की परेशानी कौन सुनेगा। इस पूरे घटनाक्रम और विधायक की व्यथा को समझने के लिए पूरा वीडियो देखने और इसे साझा करने की अपील की गई है।1
- अनूपपुर के कलेक्टर हर्षल पंचोली ने शुक्रवार को नगर पालिका क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नई सब्जी मंडी के पीछे स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड और जैतहरी रोड स्थित पुराने ट्रेंचिंग ग्राउंड का दौरा किया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा कचरे को पुराने स्थल पर स्थानांतरित कर उसका व्यवस्थित तरीके से निस्तारण किया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि पुराने ग्राउंड की उपलब्धता को देखते हुए नए स्थल पर कचरा डंप करना उचित नहीं है। स्वच्छता को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सफाई कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी तय करने और नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि हर वार्ड में समय पर सफाई हो सके। कचरा संग्रहण वाहनों की समीक्षा के दौरान, अधिकारियों ने बताया कि नगर पालिका के पास 6 वाहन हैं जो घर-घर जाकर कचरा उठाते हैं। इस पर कलेक्टर ने काम में शिथिलता न बरतने की चेतावनी दी और गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग संग्रहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर ने स्वयं स्मार्ट सिटी क्षेत्र और पुलिस लाइन के आवासों में जाकर कचरा संग्रहण व्यवस्था का जायजा लिया और स्थानीय नागरिकों से फीडबैक भी लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अंत में उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ और सुंदर नगर का निर्माण प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी शशांक आर्मो और उपयंत्री सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में स्थित बेलडाब और चकेरी के बीच भारी बारिश हो रही है। इस इलाके में पिछले कुछ समय से लगातार तेज वर्षा दर्ज की जा रही है, जिससे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हुआ है।1
- कोरिया की कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिला कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की एक विस्तृत समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना और एग्रीस्टैक से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षकों के कार्यों और लंबित सीमांकन मामलों में समय-सीमा से अधिक देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को देखते हुए गैर-कृषि भूमि के सीमांकन का तत्काल निराकरण किया जाए, जबकि खड़ी फसल वाले क्षेत्रों में सीमांकन का कार्य 15 अक्टूबर के बाद करने को कहा गया है। नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों को सरल बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवेदन सीधे पटवारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएं और पटवारी अपनी जांच रिपोर्ट सीधे राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत करें, ताकि आम नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने पटवारियों द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने में देरी को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि ऐसे लंबित मामलों की सूची तैयार की जाए और लापरवाह पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पेश किया जाए। बैठक में नक्शा बटांकन की धीमी गति और स्वामित्व योजना के लंबित प्रकाशनों पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। एग्रीस्टैक पंजीयन एवं खसरा मैपिंग के लिए कृषि एवं खाद्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए कलेक्टर ने आदेश दिया कि प्रत्येक सोमवार को सभी पटवारी अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय में उपस्थित रहकर नागरिकों के आवेदन प्राप्त करेंगे और राजस्व निरीक्षक भी इसी दिन मुख्यालय पर रहकर कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही, पंद्रह दिनों में पटवारियों की नियमित बैठक आयोजित करने और अपर कलेक्टरों को प्रतिमाह तहसीलों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने को कहा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग का काम नागरिकों से सीधा जुड़ा है, इसलिए कार्यों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता अनिवार्य है, और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- कोरिया जिले का खरवट शहर बेहद सुंदर है। इस शहर के सौंदर्य को दर्शाते हुए एक वीडियो साझा किया गया है, जिसमें वहां के मनमोहक नजारों की झलक दिखाई देती है। खरवट की खूबसूरती को देखते हुए लोगों को इस क्षेत्र में घूमने के लिए आने का निमंत्रण भी दिया गया है।1