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तेजप्रताप ने अपने निजी सहायक (PA) के खिलाफ चोरी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मामले पर उनकी पत्नी ने गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एक साजिश करार दिया है। पत्नी ने सवाल उठाया है कि उनके पति जिंदा भी हैं या नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि जिस निजी सहायक पर अब चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, उसे पहले अनुष्का के साथ उसकी तस्वीर वायरल होने के बाद हटा दिया गया था, लेकिन बाद में उसी व्यक्ति को फिर से निजी सहायक के रूप में नियुक्त कर लिया गया था।
GAUTAM KUMAR
तेजप्रताप ने अपने निजी सहायक (PA) के खिलाफ चोरी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मामले पर उनकी पत्नी ने गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एक साजिश करार दिया है। पत्नी ने सवाल उठाया है कि उनके पति जिंदा भी हैं या नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि जिस निजी सहायक पर अब चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, उसे पहले अनुष्का के साथ उसकी तस्वीर वायरल होने के बाद हटा दिया गया था, लेकिन बाद में उसी व्यक्ति को फिर से निजी सहायक के रूप में नियुक्त कर लिया गया था।
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- गोगरी प्रखंड प्रमुख अशोक कुमार पंत ने मंगलवार की शाम चार बजे गोगरी प्रखंड के इटहरी पंचायत अंतर्गत शिरनियां गांव का दौरा किया, जहाँ उन्होंने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित आदित्य कुमार के घर पहुँचकर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख अशोक कुमार पंत ने लेफ्टिनेंट आदित्य कुमार को फूल-माला पहनाकर, अंगवस्त्र और बुके भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने आदित्य कुमार को मिठाई खिलाकर उनकी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रखंड प्रमुख ने आदित्य कुमार के पिता दिवाकर मिश्रा को भी मिठाई खिलाकर बधाई दी और कहा कि आदित्य की सफलता पूरे गोगरी प्रखंड एवं क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने युवाओं से आदित्य कुमार से प्रेरणा लेकर देश सेवा के लिए आगे आने का आह्वान भी किया। इस दौरान आदित्य कुमार के परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखा गया, सभी ने लेफ्टिनेंट आदित्य कुमार को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सफलता पर गर्व व्यक्त किया।2
- आगामी 28 जून से शुरू होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को अनुमंडलीय अस्पताल तारापुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. मदन कुमार पाठक की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया, जहाँ अभियान की तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए सभी सुपरवाइजरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डॉ. पाठक ने पोलियो उन्मूलन के लिए इस अभियान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से आग्रह किया कि वे घर-घर जाकर पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाएँ और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा छूटने न पाए। उन्होंने इस कार्य में सतर्कता, जवाबदेही और आपसी समन्वय के साथ काम करने पर विशेष जोर दिया। अस्पताल प्रबंधक मनीष कुमार प्रणय ने बैठक में बूथ संचालन, टीम गठन और निगरानी व्यवस्था से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। वहीं, बीसीएम पूनम कुमारी ने माइक्रोप्लान के अनुसार कार्य करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में जन जागरूकता बढ़ाने और अभियान की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।1
- एक साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद बिहार पुलिस में पासिंग आउट परेड का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में, बेगूसराय पुलिस की परेड के दौरान कुछ ऐसा देखने को मिला, जिसने सभी को हैरान कर दिया।1
- मुंगेर के धरहरा थाना क्षेत्र में एक गंभीर प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यहाँ जातीय संघर्ष फैलाने की कोई साजिश रची गई है। यह भी सवाल है कि क्या शराब माफियाओं के खिलाफ बोलना एक युवक को भारी पड़ा, क्योंकि निहत्थे युवक को शराब माफियाओं ने बेरहमी से लाठी-डंडों से पीट-पीटकर घायल कर दिया। दशरथपुर रेलवे स्टेशन से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात को रोक पाने में धरहरा पुलिस की नाकामी पर भी प्रश्नचिह्न लगे हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि शराब माफियाओं को गिरफ्तार करने के बजाय, पुलिस ने उल्टा घायल पीड़ित युवक को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई पर यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या बिहार पुलिस जाति देखकर कार्रवाई करती है। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष पप्पू यादव और जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता राकेश गोप ने तो धरहरा थाना पुलिस को शराब माफियाओं का संरक्षक तक करार दिया है। इस पूरी घटना की पटकथा को लेकर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है, कि क्या इसे किसी बड़े शराब माफिया या थाना के दलालों ने एक साजिश के तहत पहले से तैयार किया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान के आधार पर, यह आशंका भी जताई जा रही है कि हरे गमछे से पहचान कर, यानी यादव जाति के पीड़ित युवक को, एक बड़ी साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की गई है।1
- सन्हौला थाना क्षेत्र में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में कुल दो लोग घायल हो गए हैं। इन घटनाओं में एक ऑटो चालक की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर मायागंज रेफर किया गया है। पहला हादसा भुड़िया गांव के पास हुआ, जहाँ हनवारा की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित हाईवा की चपेट में आने से भुड़िया गांव निवासी 55 वर्षीय ऑटो चालक प्रदीप साह पुत्र गणेश गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाईवा की टक्कर से प्रदीप साह को गंभीर चोटें आई हैं। दूसरी घटना थाना क्षेत्र के करहरिया गांव के पास हुई, जिसमें एक अनियंत्रित ऑटो ने पास खड़ी जुगाड़ गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर में ऑटो सवार कोदवार गांव निवासी माला देवी जख्मी हो गईं। दोनों घायलों को सन्हौला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ प्रदीप साह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भागलपुर मायागंज रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम बल के साथ घटनास्थल पर पहुँची और पहले हादसे में शामिल हाईवा तथा उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इन दोनों मामलों की गहनता से जाँच कर रही है।1
- खगड़िया जिले को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है। एसपी भानु प्रताप सिंह ने जिले में अपना पदभार संभाला है।1
- महेशखूंट के पकरैल पंचायत के विधार्थी टोल के पास मंगलवार को मिट्टी से लदे एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान पकरैल के गांधी नगर वार्ड संख्या पांच निवासी मुकेश साह के 23 वर्षीय पुत्र अमित कुमार के रूप में हुई है। यह घटना उस समय हुई जब अमित कुमार पकरैल से महेशखूंट की ओर जा रहे थे और विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार मिट्टी लदे ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर चालक नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था, जिसके कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद, ग्रामीणों ने ट्रैक्टर सहित चालक को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे, जिससे देखते ही देखते सड़क पर काफी भीड़ जमा हो गई। महेशखूंट थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस बीच, मुखिया अरुण कुमार साह ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया है।3
- सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसमें एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण एक मासूम बच्चे की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हुई, जिसके चलते बच्चे को ठेले पर अस्पताल ले जाना पड़ा। अस्पताल पहुंचने में हुई इसी देरी ने मासूम की जिंदगी छीन ली, जिसने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों को उजागर कर दिया है और समय पर बुनियादी सुविधाओं की अनुपलब्धता पर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।3