आस्था का केंद्र कमेटी की वजह से बना अव्यवस्था का अड्डा? बुलंदशहर का वो प्राचीन मंदिर जहाँ भक्तों की आस्था के साथ हो रहा है खिलवाड़। दबंगई, अवैध वसूली और मारपीट... आखिर बेलोन देवी मंदिर में क्या चल रहा है? आज हमारी टीम पहुँची बुलंदशहर जनपद के प्रसिद्ध और अति प्राचीन 'बेलोन देवी मंदिर'। नवरात्रि का पावन पर्व है, दूर-दूर से श्रद्धालु माँ के दर्शन को आ रहे हैं, लेकिन यहाँ की हकीकत वैसी नहीं है जैसी दिखती है। स्थानीय लोगों और यात्रियों से बात की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोप है कि यहाँ 'फ्री पार्किंग' महज़ एक दिखावा है। यात्रियों को जबरन निजी जगहों पर गाड़ी खड़ी करने को मजबूर किया जाता है और फिर शुरू होता है 'प्रसाद का खेल'। पचास रुपये का प्रसाद दो सौ से पांच सौ रुपये तक में बेचा जा रहा है। विरोध करने पर यात्रियों से बदसलूकी और मारपीट तक की जा रही है। स्थानीय निवासी ललित उपाध्याय का दावा है कि वर्तमान मंदिर कमेटी पूरी तरह से 'अवैध' है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर यहाँ चढ़ावे की बंदरबाँट हो रही है। आरोप तो यहाँ तक हैं कि राजनैतिक रसूख के दम पर प्रबंधक की कुर्सी पर कब्ज़ा जमाया गया है। सवाल कई हैं—क्या मंदिर प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं? क्या आस्था के नाम पर ये लूट यूँ ही चलती रहेगी? देखिए हमारे सहयोगी अमित तोमर की स्थानीय दुकानदारों, निवासियों और मंदिर प्रबंधक के साथ ये खास बातचीत। आस्था का केंद्र कमेटी की वजह से बना अव्यवस्था का अड्डा? बुलंदशहर का वो प्राचीन मंदिर जहाँ भक्तों की आस्था के साथ हो रहा है खिलवाड़। दबंगई, अवैध वसूली और मारपीट... आखिर बेलोन देवी मंदिर में क्या चल रहा है? आज हमारी टीम पहुँची बुलंदशहर जनपद के प्रसिद्ध और अति प्राचीन 'बेलोन देवी मंदिर'। नवरात्रि का पावन पर्व है, दूर-दूर से श्रद्धालु माँ के दर्शन को आ रहे हैं, लेकिन यहाँ की हकीकत वैसी नहीं है जैसी दिखती है। स्थानीय लोगों और यात्रियों से बात की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोप है कि यहाँ 'फ्री पार्किंग' महज़ एक दिखावा है। यात्रियों को जबरन निजी जगहों पर गाड़ी खड़ी करने को मजबूर किया जाता है और फिर शुरू होता है 'प्रसाद का खेल'। पचास रुपये का प्रसाद दो सौ से पांच सौ रुपये तक में बेचा जा रहा है। विरोध करने पर यात्रियों से बदसलूकी और मारपीट तक की जा रही है। स्थानीय निवासी ललित उपाध्याय का दावा है कि वर्तमान मंदिर कमेटी पूरी तरह से 'अवैध' है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर यहाँ चढ़ावे की बंदरबाँट हो रही है। आरोप तो यहाँ तक हैं कि राजनैतिक रसूख के दम पर प्रबंधक की कुर्सी पर कब्ज़ा जमाया गया है। सवाल कई हैं—क्या मंदिर प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं? क्या आस्था के नाम पर ये लूट यूँ ही चलती रहेगी? देखिए हमारे सहयोगी अमित तोमर की स्थानीय दुकानदारों, निवासियों और मंदिर प्रबंधक के साथ ये खास बातचीत। These are the respective viewpoints of the travelers, local residents, and the temple committee; Bulandshahr Times News does not verify these claims.
आस्था का केंद्र कमेटी की वजह से बना अव्यवस्था का अड्डा? बुलंदशहर का वो प्राचीन मंदिर जहाँ भक्तों की आस्था के साथ हो रहा है खिलवाड़। दबंगई, अवैध वसूली और मारपीट... आखिर बेलोन देवी मंदिर में क्या चल रहा है? आज हमारी टीम पहुँची बुलंदशहर जनपद के प्रसिद्ध और अति प्राचीन 'बेलोन देवी मंदिर'। नवरात्रि का पावन पर्व है, दूर-दूर से श्रद्धालु माँ के दर्शन को आ रहे हैं, लेकिन यहाँ की हकीकत वैसी नहीं है जैसी दिखती है। स्थानीय लोगों और यात्रियों से बात की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोप है कि यहाँ 'फ्री पार्किंग' महज़ एक दिखावा है। यात्रियों को जबरन निजी जगहों पर गाड़ी खड़ी करने को मजबूर किया जाता है और फिर शुरू होता है 'प्रसाद का खेल'। पचास रुपये का प्रसाद दो सौ से पांच सौ रुपये तक में बेचा जा रहा है। विरोध करने पर यात्रियों से बदसलूकी और मारपीट तक की जा रही है। स्थानीय निवासी ललित उपाध्याय का दावा है कि वर्तमान मंदिर कमेटी पूरी तरह से 'अवैध' है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर यहाँ चढ़ावे की बंदरबाँट हो रही है। आरोप तो यहाँ तक हैं कि राजनैतिक रसूख के दम पर प्रबंधक की कुर्सी पर कब्ज़ा जमाया गया है। सवाल कई हैं—क्या मंदिर प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं? क्या आस्था के नाम पर ये लूट यूँ ही चलती रहेगी? देखिए हमारे सहयोगी अमित तोमर की स्थानीय दुकानदारों, निवासियों और मंदिर प्रबंधक के साथ ये खास बातचीत। आस्था का केंद्र कमेटी की वजह से बना अव्यवस्था का अड्डा? बुलंदशहर का वो प्राचीन मंदिर जहाँ भक्तों की आस्था के साथ हो रहा है खिलवाड़। दबंगई, अवैध वसूली और मारपीट... आखिर बेलोन देवी मंदिर में क्या चल रहा है? आज हमारी टीम पहुँची बुलंदशहर जनपद के प्रसिद्ध और अति प्राचीन 'बेलोन देवी मंदिर'। नवरात्रि का पावन पर्व है, दूर-दूर से श्रद्धालु माँ के दर्शन को आ रहे हैं, लेकिन यहाँ की हकीकत वैसी नहीं है जैसी दिखती है। स्थानीय लोगों और यात्रियों से बात की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोप है कि यहाँ 'फ्री पार्किंग' महज़ एक दिखावा है। यात्रियों को जबरन निजी जगहों पर गाड़ी खड़ी करने को मजबूर किया जाता है और फिर शुरू होता है 'प्रसाद का खेल'। पचास रुपये का प्रसाद दो सौ से पांच सौ रुपये तक में बेचा जा रहा है। विरोध करने पर यात्रियों से बदसलूकी और मारपीट तक की जा रही है। स्थानीय निवासी ललित उपाध्याय का दावा है कि वर्तमान मंदिर कमेटी पूरी तरह से 'अवैध' है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर यहाँ चढ़ावे की बंदरबाँट हो रही है। आरोप तो यहाँ तक हैं कि राजनैतिक रसूख के दम पर प्रबंधक की कुर्सी पर कब्ज़ा जमाया गया है। सवाल कई हैं—क्या मंदिर प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं? क्या आस्था के नाम पर ये लूट यूँ ही चलती रहेगी? देखिए हमारे सहयोगी अमित तोमर की स्थानीय दुकानदारों, निवासियों और मंदिर प्रबंधक के साथ ये खास बातचीत। These are the respective viewpoints of the travelers, local residents, and the temple committee; Bulandshahr Times News does not verify these claims.
- "क्या फिर से लगने वाली हैं लंबी कतारें? क्या वाकई देश में पेट्रोल और डीजल का संकट गहराने वाला है? "आज बुलंदशहर जनपद की सड़कों पर एक अजीब सी बेचैनी देखने को मिली। शहर के कई पेट्रोल पंप पर अचानक गाड़ियों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए घंटों इंतजार करते दिखे। आलम यह था कि लोग सिर्फ गाड़ियों में ही नहीं, बल्कि प्लास्टिक की केन और बोतलों में भी पेट्रोल-डीजल का स्टॉक जमा करने के लिए आतुर नजर आए।" "जब हमारी टीम ने बुलंदशहर के कूडवल बनारस स्थित एक पेट्रोल पंप का जायजा लिया, तो वहां भी स्थिति कुछ अलग नहीं थी। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। हर कोई बस इस डर में था कि कहीं कल पेट्रोल मिलना बंद न हो जाये । "लेकिन क्या वाकई कोई संकट है? जब हमारी टीम ने इस भीड़ की असलियत जानने के लिए पेट्रोल पंप के मैनेजर से बात की, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि– 'हमारे पास स्टॉक की कोई कमी नहीं है।' प्रशासन और पंप मालिकों का कहना है कि लोग सिर्फ अफवाहों की वजह से परेशान हो रहे हैं और बेवजह भीड़ लगा रहे हैं।" "सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक खबरों ने जनता के मन में डर पैदा कर दिया है। हम आपसे अपील करते हैं कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक न हों। पेट्रोल पंपों पर तेल की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है।" "अब आपकी क्या राय है? क्या आपको भी लगता है कि यह भीड़ सिर्फ एक अफवाह का नतीजा है, या इसके पीछे कोई और वजह है? हमें कमेंट करके जरूर बताएं और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि लोग जागरूक हो सकें। देखते रहिए बुलंदशहर टाइम्स न्यूज़।"1
- मां महागौरी के दर्शन के लिए मंदिरों में सुबह से लगी कतारें। खुर्जा में गुरुवार को नवरात्र के आठवें दिन दुर्गा अष्टमी पर मां महागौरी के दर्शन के लिए दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं भारी भीड़ उमड़ी।दुर्गा मंदिर में भोर से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। दिनभर मंदिर में मां का पूजा-पाठ चलता रहा और मंदिर में भक्तिमय माहौल बना रहा। मां महागौरी के स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया था। सुबह से ही मां के जयकारे गूंजते रहे। मां महागौरी को अनार और नारियल का भोग लगाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। अष्टमी पर मां को लाल रंग की पोशाक धारण कराई गई। लाल रंग की पोशाक में मां का रूप बड़ा ही मनमोहक लग रहा था। जहां महिला श्रद्धालुओं ने माता के भजन-कीर्तन गाए। मंदिरों में भक्त नारियल, चुनरी, धूप, दीप और फूल से सजी पूजा की थाल लेकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। पट खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस की मौजूदगी रही। श्रद्धालुओं ने मंदिर की परिक्रमा कर मां महागौरी से मनोकामना मांगी।4
- बुलंदशहर: पुलिस ने आरोपी के साथ दो नाबालिग भी हिरासत में लिए। संभल निवासी शमसुद्दीन नाबालिगों के साथ गिरोह चला रहा था। निशानदेही पर बंद फैक्ट्री से 3 चोरी की बाइक और 4 चेसिस बरामद। सिकंदराबाद में चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपी को दबोचा।1
- बुलंदशहर : मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों के बीच में हुआ खूनी संघर्ष जमकर लाठी डंडे चले, दोनों पक्षों से महिलाओं समेत करीब आधा दर्जन लोग हुए घायल मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर हुआ तेजी से वायरल सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल दोनों पक्षों के चार लोगों को हिरासत में लेकर कार्रवाई में जुटी पुलिस जनपद बुलंदशहर की खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव आबदानगर की घटना बताई जा रही है खुर्जा से मंडल प्रभारी इरफान तोमर की खास खबर1
- Post by Upkar chauhan Reporter4
- खुर्जा के मोहल्ला खिरखानी में दिल दहला देने वाला मर्डर केस सामने आया है, जहां एक जीजा ने अपनी ही साली की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। यह खौफनाक घटना पूरे इलाके में सनसनी का कारण बन गई है। बताया जा रहा है कि किसी विवाद के चलते यह वारदात हुई, लेकिन असली वजह क्या है—यह अभी भी जांच का विषय है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की गहराई से जांच जारी है। इस वीडियो में जानिए खुर्जा मर्डर केस की पूरी सच्चाई, मौके की तस्वीरें और पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी हर बड़ी अपडेट। 👉 वीडियो को अंत तक देखें और अपनी राय कमेंट में जरूर दें 👍 वीडियो पसंद आए तो Like करें, Share करें और चैनल को Subscribe करना न भूलें #Khurja #KhurjaNews #BreakingNews #CrimeNews #UttarPradesh #MurderCase #HindiNews #ViralNews #CrimeStory #PoliceAction #UPPolice #TrendingNews #NewsUpdate #IndiaNews #LatestNews1
- नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा: दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में एक कैब ड्राइवर के साथ बर्बरता और लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित ड्राइवर, जो ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है, अपनी कार के अंदर मौजूद था, तभी अज्ञात बदमाशों ने ईंटों से हमला कर दिया और उसका मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। घटना का विवरण वायरल हो रहे एक वीडियो के अनुसार, पश्चिम विहार मेट्रो स्टेशन के पास देर रात यह खौफनाक वारदात हुई। ग्रेटर नोएडा की आदर्श बिहार सोसाइटी (सैक्टर चाई 4) के रहने वाले कैब ड्राइवर गौरव यादव अपनी गाड़ी खड़ी करके अंदर आराम कर रहे थे। अचानक, बदमाशों ने कार पर हमला कर दिया और एक भारी ईंट सीधे खिड़की के शीशे पर मारी। गौरव यादव ने वीडियो में अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा: "ईंट मेरी नाक के पास से निकलते-निकलते बची। अगर यह थोड़ा भी इधर-उधर होती, तो गंभीर चोट लग सकती थी।" असुरक्षा का बढ़ता माहौल हमला इतना हिंसक था कि कार के अंदर चारों तरफ कांच के टुकड़े बिखर गए। बदमाशों ने न केवल गौरव को डराया, बल्कि उनका मोबाइल फोन भी लूटकर ले गए। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर रात के समय कैब ड्राइवरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरव का कहना है कि पुलिस अक्सर ड्राइवरों को कहीं भी गाड़ी खड़ी करके सोने या आराम करने नहीं देती, लेकिन इस तरह की वारदातों के बाद सवाल उठता है कि आखिर ड्राइवर सुरक्षित कहाँ हैं? मुख्य चिंताएँ: अचानक हमला: बिना किसी उकसावे के चलती या खड़ी गाड़ी पर ईंटों से हमला करना। जान का जोखिम: हमले का तरीका इतना हिंसक था कि ड्राइवर को गंभीर चोट लग सकती थी। लूटपाट: हमलावरों ने न केवल गौरव को डराया, बल्कि उनका फोन भी छीन लिया। सुरक्षा व्यवस्था: मेट्रो स्टेशनों के पास इस तरह की वारदातों का होना पुलिस गश्त पर सवाल उठाता है।1
- सीओ ट्रैफिक पूर्णिमा सिंह के नेतृत्व में स्कूली छात्राओं ने पुलिस लाइन से कलेक्ट्रेट तक किया वीमेन मैराथन। इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा, सम्मान, सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। प्रतिभागियों ने नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला सशक्तिकरण जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से समाज को किया जागरूक। महिलाओं के लिए चलाई जा रहे विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी।4