*हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की गूंजा निंबाहेड़ा, शहर के विभिन्न मंदिरों से निकलीं बेवाण शोभायात्राएं* *चित्तौड़गढ़/निंबाहेड़ा।* जलझूलनी एकादशी पर्व पर शहर में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर के विभिन्न मंदिरों से भगवान के बेवाण शोभायात्राएं निकाली गईं, जिसमें सबसे भव्य शोभायात्रा आजाद चौक स्थित प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर से निकली। *"हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की"* के गगनभेदी जयकारों और भव्य भजनों के साथ भगवान लक्ष्मी नारायण रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। भगवान के बेवाण और पालकियों को आकर्षक फूलों से सजाया गया था। शहर के *चारभुजा मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, सत्यनारायण मंदिर* सहित विभिन्न मंदिरों से भी बेवाण शोभायात्राएं निकलीं और सभी शोभायात्राएं मुख्य मार्गों से होते हुए जलाशय की ओर पहुंचीं, जहां विधि-विधान से भगवान को जल विहार कराया गया। लक्ष्मी नारायण मंदिर, आजाद चौक की शोभायात्रा में श्रद्धालु भजनों पर नाचते-गाते शामिल हुए। शोभायात्राओं के संगम के बाद महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ पर्व का समापन हुआ। *वहीं भगवान लक्ष्मी नाथ जी के लिए नवनिर्मित बेवाण रथ पंवार परिवार की ओर से आज मंदिर को समर्पित किया गया।*
*हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की गूंजा निंबाहेड़ा, शहर के विभिन्न मंदिरों से निकलीं बेवाण शोभायात्राएं* *चित्तौड़गढ़/निंबाहेड़ा।* जलझूलनी एकादशी पर्व पर शहर में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर के विभिन्न मंदिरों से भगवान के बेवाण शोभायात्राएं निकाली गईं, जिसमें सबसे भव्य शोभायात्रा आजाद चौक स्थित प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर से निकली। *"हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की"*
के गगनभेदी जयकारों और भव्य भजनों के साथ भगवान लक्ष्मी नारायण रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। भगवान के बेवाण और पालकियों को आकर्षक फूलों से सजाया गया था। शहर के *चारभुजा मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, सत्यनारायण मंदिर* सहित विभिन्न मंदिरों से भी बेवाण शोभायात्राएं निकलीं और सभी शोभायात्राएं मुख्य मार्गों से होते हुए जलाशय की ओर
पहुंचीं, जहां विधि-विधान से भगवान को जल विहार कराया गया। लक्ष्मी नारायण मंदिर, आजाद चौक की शोभायात्रा में श्रद्धालु भजनों पर नाचते-गाते शामिल हुए। शोभायात्राओं के संगम के बाद महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ पर्व का समापन हुआ। *वहीं भगवान लक्ष्मी नाथ जी के लिए नवनिर्मित बेवाण रथ पंवार परिवार की ओर से आज मंदिर को समर्पित किया गया।*
- 10 क्विंटल लापसी का भोग लगाकर कोठारी परिवार ने की गौ सेवा मुंबई प्रवासी भामाशाह किशनलाल कोठारी ने परिजनों सहित की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, गौशाला की व्यवस्थाएं देखकर हुए प्रसन्न पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा। महावीर गोपाल गौशाला में मुंबई प्रवासी चिकारड़ा निवासी भामाशाह किशनलाल कोठारी ने अपने परिजनों सहित गौ सेवा कर गौ माता का आशीर्वाद लिया। कोठारी परिवार की ओर से गौ माता को 10 क्विंटल लापसी का भोग लगाया गया। गौशाला के संचालक एवं कोषाध्यक्ष दिनेश अग्रवाल ने बताया कि लापसी का भोग लगाने से पहले कोठारी परिवार ने गौ माता को मेहंदी लगाई। इसके बाद कुमकुम का तिलक कर लच्छा बांधा तथा धूप, दीप और अगरबत्ती के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। परिवार के सदस्यों ने गौ माता का आशीर्वाद लेने के बाद लापसी का भोग अर्पित किया। इसके बाद गौशाला प्रबंधन की ओर से किशनलाल कोठारी एवं उनके परिजनों को गौशाला का भ्रमण करवाया गया। उन्हें गौ माता के लिए की जा रही व्यवस्थाओं और दैनिक सेवा कार्यों की जानकारी दी गई। गौशाला की स्वच्छ एवं व्यवस्थित व्यवस्था देखकर कोठारी परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर सज्जन की ओर से एक ट्रिप हरा चारा भी गौशाला में पहुंचाया गया, जिसे गौ माता को खिलाया गया। गौशाला अध्यक्ष सौभागमल छाजेड़ ने दानदाताओं से गौशाला में सहयोग कर गौ सेवा में सहभागी बनने का आह्वान किया। इस मौके पर सौभागमल छाजेड़, दिनेश अग्रवाल, किशनलाल कोठारी, लक्ष्मीलाल मेनारिया, हरिराम गुर्जर, जगदीश सोनी, प्रमोद कोठारी, शेरू लखारा, शेलू छाजेड़ सहित गौशाला के ग्वाले मौजूद रहे।4
- संगेसरा गांव में राम रेवाड़ी निकाल कर उसमें सभी गांव में राम रेवाड़ी का आनंद लिया और चारभुजा मंदिर से गांव की नदी तक1
- रामपुरा नगर में ढोल ग्यारस पर्व पर जिंगर समाज का भव्य चल समारोह, अखाड़े में दिखा युवाओं का जोश रामपुरा नगर में ढोल ग्यारस पर्व पर जिंगर समाज का भव्य चल समारोह, अखाड़े में दिखा युवाओं का जोश रामपुरा। ढोल ग्यारस के पावन पर्व पर जिंगर समाज द्वारा भव्य चल समारोह निकाला गया। धार्मिक आस्था और उत्साह से ओत-प्रोत इस आयोजन में समाज के महिला-पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। चल समारोह के दौरान ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जयघोष से नगर का माहौल भक्तिमय हो गया। समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और श्रद्धा के साथ भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। समारोह का विशेष आकर्षण अखाड़ा प्रदर्शन रहा। अखाड़े के कलाकारों ने विभिन्न पारंपरिक कला-कौशल और हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। युवाओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ अपने हुनर का प्रदर्शन किया। चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ आगे बढ़ा। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा की झलक देखने को मिली।1
- तेजा दशमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, तेजाजी मंदिरों में गूंजे जयकारे नीमच। तेजा दशमी के अवसर पर नीमच सिटी के रामपुरा दरवाजा स्थित तेजाजी महाराज मंदिर में श्रद्धा और आस्था का सैलाब देखने को मिला। यहां हवन और महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर तेजाजी महाराज के दर्शन किए। तेजाजी महाराज को सत्य, वचन और गौ रक्षा के लिए समर्पित लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। तेजा दशमी पर जिलेभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मान्यता है कि तेजाजी महाराज ने अपने वचन को निभाने के लिए अपना जीवन तक न्यौछावर कर दिया था। यही वजह है कि आज भी ग्रामीण अंचलों में तेजाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था कायम है। तेजा दशमी पर मंदिरों में गूंजते जयकारे इसी आस्था और परंपरा की तस्वीर पेश कर रहे हैं।1
- रामपुरिया में हर बार की भांति तेजा दशमी का मेला भरा जिसमें बड़ी संख्या में आस पास के गांव वालों ने भाग लिया रामपुरिया में हर बार की भांति तेजा दशमी का मेला भरा जिसमें बड़ी संख्या में आस पास के गांव वालों ने भाग लिया और पास के गांवों से तेजाजी महाराज की झंडी भी लाई गई3
- पाबूजी महाराज जन्मोत्सव, आरबीएसके स्वास्थ्य जांच, आंवलहेड़ा बेवाण यात्रा, धोकड़े वाले बाबा उर्स, देवराज जटिया की नियुक्ति और जसपाल गुर्जर की निकाय जिम्मेदारी निंबाहेड़ा-बारू में पाबूजी महाराज जन्मोत्सव पर उमड़ा जनसैलाब, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश, आंवलहेड़ा में भव्य बेवाण यात्रा, 23 सितंबर से धोकड़े वाले बाबा का उर्स, देवराज जटिया बने बैरवा समाज जिलाध्यक्ष और धरियावद निकाय में जसपाल गुर्जर की भूमिका चर्चा में1
- महापौर के बाद उप महापौर भी निर्विरोध, राधेश्याम सोमानी के नाम पर लगी मुहर, बिना मतदान भाजपा के खाते में गया उप महापौर पद भीलवाड़ा। नगर निगम में महापौर के बाद अब उप महापौर पद पर भी निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। भाजपा के राधेश्याम सोमानी को भीलवाड़ा नगर निगम का उप महापौर निर्वाचित घोषित किया गया। उप महापौर पद के लिए नामांकन की निर्धारित समय सीमा तक सोमानी के अलावा किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। ऐसे में मतदान की नौबत नहीं आई और निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। भाजपा की ओर से नाम तय होने के बाद राधेश्याम सोमानी ने मंगलवार सुबह 10.15 बजे उप महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी और निर्वाचित पार्षद मौजूद रहे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक विपक्ष की ओर से कोई दूसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं आया। इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया पूरी करते हुए सोमानी के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की गई। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले भाजपा की जसवंत कंवर रणावत भी महापौर पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं। अब उप महापौर पद पर भी निर्विरोध निर्वाचन होने से नगर निगम के दोनों प्रमुख पद भाजपा के खाते में चले गए हैं। नए बोर्ड में महापौर और उप महापौर के नाम भी साफ हो गए हैं। राधेश्याम सोमानी के नाम को लेकर सोमवार को जयपुर में भाजपा स्तर पर लंबा मंथन चला। बैठक में भीलवाड़ा नगर निगम के राजनीतिक समीकरण, निर्वाचित पार्षदों की राय और संभावित दावेदारों को लेकर चर्चा हुई। देर रात तक चले विचार-विमर्श के बाद मामला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंचा। मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री ने राधेश्याम सोमानी के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। नाम तय होने के बाद सोमानी ने निर्धारित समय पर नामांकन दाखिल किया और किसी अन्य प्रत्याशी के मैदान में नहीं आने से उनका निर्विरोध निर्वाचन हो गया। महापौर और उप महापौर दोनों पदों पर निर्विरोध निर्वाचन के साथ भीलवाड़ा नगर निगम के नए बोर्ड की तस्वीर अब पूरी तरह स्पष्ट हो गई है।1
- रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत को शहीद का दर्जा देने की मांग, क्षत्रिय समाज का प्रदर्शन छोटी सादड़ी में क्षेत्रीय वनाधिकारी प्रताप सिंह चूंडावत को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर क्षत्रिय समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद वन विभाग ने लिखित आश्वासन दिया। वहीं जिला कलेक्टर और स्थानीय विधायक ने भी सरकार से शहीद का दर्जा दिलाने का भरोसा दिलाया। समाज ने आरोपी और अवैध खनन से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इधर, प्रताप सिंह चूंडावत का उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।1
- रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत को शहीद का दर्जा देने की मांग, क्षत्रिय समाज का प्रदर्शन #ChhotiSadri #PratapSinghChundawat #Ranger #KshatriyaSamaj #RajasthanNews #BreakingNews #DesiNews247 #IllegalMining1