कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट! डीएम और एसपी ने गौरी शंकर व दुग्धेश्वर मंदिर का किया निरीक्षण, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा पीलीभीत | श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को गौरी शंकर मंदिर और दुग्धेश्वर मंदिर का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं की आवाजाही, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, चिकित्सा सहायता, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा प्रबंधों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, भीड़ नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम करने तथा साफ-सफाई और बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और हर व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें। वहीं पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट! डीएम और एसपी ने गौरी शंकर व दुग्धेश्वर मंदिर का किया निरीक्षण, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा पीलीभीत | श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को गौरी शंकर मंदिर और दुग्धेश्वर मंदिर का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं की आवाजाही, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, चिकित्सा सहायता, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा प्रबंधों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, भीड़ नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम करने तथा साफ-सफाई और बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और हर व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें। वहीं पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट! डीएम और एसपी ने गौरी शंकर व दुग्धेश्वर मंदिर का किया निरीक्षण, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा पीलीभीत | श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को गौरी शंकर मंदिर और दुग्धेश्वर मंदिर का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं की आवाजाही, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, चिकित्सा सहायता, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा प्रबंधों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, भीड़ नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम करने तथा साफ-सफाई और बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और हर व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें। वहीं पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- रेलवे स्टेशन चौराहे पर कटरूआ की अवैध बिक्री करते वन विभाग ने चार युवकों को किया गिरफ्तार। पीलीभीत। वन एवं वन्यजीव प्रभाग की पीलीभीत रेंज टीम ने प्रतिबंधित वन उपज कटरूआ की अवैध बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 28 जुलाई मंगलवार को सुबह लगभग ग्यारह बजे मुखबिर की सूचना पर वन विभाग ने टीम गठित कर कार्रवाई करते हुए और पीलीभीत रेलवे स्टेशन चौराहे के पास छापेमारी की। छापेमारी के दौरान अवैध रूप से कटरूआ बेच रहे चार युवकों को वन विभाग की टीम ने आदित्य सक्सेना, जितेन्द्र और सतीश कुमार तीनों निवासी बरहा थाना सुनगढ़ी और बब्लू मौर्या निवासी मो छोटा खुदागंज, थाना कोतवाली को मौके से पकड़ लिया गया। छापेमारी के दौरान वन विभाग की टीम ने युवकों के कब्जे से लगभग 8 किलोग्राम प्रतिबंधित कटरूआ और 8 तराजू-बाट बरामद किए है। प्रभागीय निदेशक भरत कुमार डी.के. के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी युवकों के खिलाफ पीलीभीत रेंज में केस संख्या-75/2026-27 वन अपराध अधिनियम के तहत दर्ज कर लिया गया है। पकडे गए सभी युवकों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।1
- नहर में डूबने की झूठी कहानी रच पुलिस को किया गुमराह, युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोपी को पुलिस ने दबोचा गिरफ्तारी से बचने के लिए रची थी साजिश, कई दिनों तक चला सर्च ऑपरेशन बेकार गया सतर्क भारत। ऋषिपाल मौर्य अमरिया (पीलीभीत)। गिरफ्तारी से बचने और पुलिस को गुमराह करने के लिए एक युवक ने अपने परिजनों के साथ मिलकर नहर में डूबने की झूठी कहानी रच डाली। पुलिस ने कई दिनों तक गोताखोरों की मदद से नहर में तलाश की, लेकिन जब तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो पूरा मामला फर्जी निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया। पुलिस के अनुसार 22 जुलाई 2026 को सूचना मिली थी कि आकाश उर्फ ओमशंकर पुत्र डालचन्द्र, निवासी ग्राम भंगा मोहम्मदगंज, थाना सुनगढ़ी, पोटा डैम के पास नहर में कूद गया है। सूचना मिलते ही अमरिया पुलिस मौके पर पहुंची और बड़े स्तर पर खोजबीन शुरू कर दी। कई दिनों तक गोताखोरों की टीम नहर में तलाश करती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ थाना सुनगढ़ी में 15 वर्षीय किशोरी को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज है। पुलिस को संदेह होने पर सर्विलांस सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच तेज की गई। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए अपने परिजनों के साथ मिलकर नहर में डूबने की झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने लगातार निगरानी करते हुए आरोपी को रामलीला मैदान, अमरिया से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए अपना हुलिया बदलकर रिश्तेदारी में रह रहा था। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि झूठी सूचना देकर पुलिस के संसाधनों का दुरुपयोग किया गया तथा विरोधी पक्ष को झूठे मुकदमे में फंसाने का भी प्रयास किया गया। इस संबंध में थाना अमरिया में अलग से मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी आकाश उर्फ ओमशंकर (21 वर्ष) निवासी ग्राम भंगा मोहम्मदगंज, थाना सुनगढ़ी के विरुद्ध पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया।1
- विधायक निधि से विधानसभा क्षेत्र में 69 लाख 70 हजार की लागत से बनेंगी नौ सीसी सड़कें, ग्रामीणों ने की विधायक के कार्य की सराहना ।1
- भुता, बरेली। विकासखंड भुता क्षेत्र के ग्राम शेखापुर को बीसलपुर-बरेली मार्ग से जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढों में पानी भर गया है और पूरा मार्ग कीचड़ से पट गया है। इससे ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, किसानों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। सड़क की जर्जर हालत के कारण दोपहिया वाहन अक्सर फिसल रहे हैं और कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। पैदल चलने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए भी रास्ता बेहद जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि विभाग की उदासीनता के चलते समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और बरसात के दौरान यह मार्ग बड़े हादसों का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बरेली से मामले का संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश देने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। भुता, बरेली। विकासखंड भुता क्षेत्र के ग्राम शेखापुर को बीसलपुर-बरेली मार्ग से जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढों में पानी भर गया है और पूरा मार्ग कीचड़ से पट गया है। इससे ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, किसानों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। सड़क की जर्जर हालत के कारण दोपहिया वाहन अक्सर फिसल रहे हैं और कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। पैदल चलने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए भी रास्ता बेहद जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि विभाग की उदासीनता के चलते समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और बरसात के दौरान यह मार्ग बड़े हादसों का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बरेली से मामले का संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश देने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे।1
- बरेलीकेक्षेत्रमेंदिव्यानंदआश्रममेंबी.के.एकेडमीस्कूलके बच्चोंनेयोगाकाकार्यक्रममेंबच्चोंनेहिस्सालिया1
- Bareilly mein urs Ki taiyari/ uski taiyariyon ke liye bada kadam/ urs ki taiyari ko lekar Badi mange/ urse Rajvi ke liye prashasan satrak/ RAC adhyaksh Ne Suraksha bijali aur Bhari chijon ko Dhyan Mein Rakha/ Bareilly mein urs Ki taiyari/ uski taiyariyon ke liye bada kadam/ urs ki taiyari ko lekar Badi mange/ urse Rajvi ke liye prashasan satrak/ RAC adhyaksh Ne Suraksha bijali aur Bhari chijon ko Dhyan Mein Rakha/1
- पांच साल का इंतजार, फिर भी नहीं बनी सड़क: मीरपुर वाहनपुर में आज भी कीचड़ से जूझ रहे छात्र, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा पीलीभीत के विकासखंड बीसलपुर क्षेत्र के ग्राम मीरपुर वाहनपुर में स्थित आज़ाद इंटर कॉलेज को जाने वाला मुख्य मार्ग वर्षों से बदहाल पड़ा है। बरसात शुरू होते ही यह कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे रोज़ाना विद्यालय आने-जाने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद पांच वर्षों में इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया। बारिश के दिनों में सड़क पर इतना कीचड़ हो जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। कई छात्र-छात्राएं फिसलकर गिर जाते हैं, जबकि ग्रामीणों को भी आवश्यक कार्यों के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार सड़क निर्माण की मांग उठाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस मार्ग का निर्माण करा दिया जाता, तो हर वर्ष बरसात में होने वाली परेशानी से राहत मिल सकती थी। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि आज़ाद इंटर कॉलेज मार्ग का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा और ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित न हो। यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि सैकड़ों विद्यार्थियों के भविष्य और ग्रामीणों की रोज़मर्रा की जिंदगी से जुड़ा सवाल है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या का समाधान कब तक कर पाते हैं।1