logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

उत्तर प्रदेश की ट्रोनिका सिटी पुलिस टीम और स्वाट टीम ग्रामीण जोन ने मिलकर एक अंतर्राज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 11 दिन की अपहृत नवजात शिशु को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा गया। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 3 वाहन और 2 लाख 90 हजार रुपये के नकली नोट भी जब्त किए हैं। यह मामला तब सामने आया जब 26 मई 2026 को हीना नामक महिला ने थाना ट्रोनिका सिटी में शिकायत दर्ज कराई कि अभियुक्ता पूजा ने उसकी बच्ची को बिना बताए घर से ले जाकर मोनू उर्फ मनोज नाम के व्यक्ति को दे दिया था। इस तहरीर के आधार पर तत्काल थाना ट्रोनिका सिटी में धारा 137(2) और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर पुलिस टीमों का गठन किया गया था। सघन जांच और तकनीकी मदद से, 2 जून 2026 को पुलिस ने सुनील कुमार, संजय, राजेन्द्र सिंह, पवन कुमार, मनोज उर्फ मोनू, राबिया, विनीत कुमार, कृष्णा देवी, फरमीना, ज्योति, पूजा और कुमकुम सहित कुल 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इस बरामदगी के आधार पर, उपरोक्त अभियोग में धारा 179/143(4)/61 बीएनएस की वृद्धि की गई है और आगे की वैधानिक कार्यवाही जारी है। पूछताछ के दौरान, अभियुक्ता राबिया ने खुलासा किया कि उसने अपने जीजा शब्बीर की दूसरी पत्नी हीना को बहला-फुसलाकर यह यकीन दिलाया था कि वह अपने होने वाले बच्चे को उसे दे दे, जिसके बदले उसे अच्छे पैसे मिलेंगे और बच्चे का लालन-पालन बेहतर तरीके से होगा। राबिया ने हीना को यह भी बताया कि शब्बीर की पहली पत्नी से चार लड़कियां हैं और हीना से एक लड़का है। इन बातों से राबिया ने हीना को तैयार कर लिया था। बाद में उसने मानव तस्करी का काम चलाने वाले मोनू उर्फ मनोज और पूजा से बात की, जिन्होंने दो लाख रुपये में बच्चा लेने की सहमति दी। 23 मई 2026 को हीना ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद हीना का अपनी बच्ची के प्रति लगाव बढ़ गया और वह उसे देने में आनाकानी करने लगी। जब राबिया ने मोनू उर्फ मनोज से इस बारे में बात की, तो उसने दबाव बनाते हुए कहा कि अगर बच्ची नहीं मिली तो उसका पूरा सिस्टम फेल हो जाएगा और उसे हर हाल में बच्ची चाहिए। इसी के चलते राबिया ने हीना को बिना बताए उसकी बच्ची को उसके घर से उठा लिया और छिपते-छिपाते अपने साथ ले गई। अभियुक्ता राबिया ने बताया कि वे बच्ची को किसी 'पार्टी' को देने के लिए ट्रोनिका सिटी में मंदिर के पास एक सुनसान जगह पर आए थे। अभियुक्तगण कृष्णा देवी, सुनील, संजय और ज्योति इस अपहृत बच्ची को तरन्नुम, आरती और नदीम के माध्यम से राजू और दीप्ति को आंध्र प्रदेश ले जाकर बेचने की फिराक में थे। राबिया ने यह भी बताया कि मोनू उर्फ मनोज, पूजा, राजेन्द्र और कुमकुम अपनी टीम के सहयोग से पहले भी कई बच्चों को आंध्र प्रदेश में बेच चुके हैं। नकली नोटों के संबंध में पूछताछ करने पर, अभियुक्तों ने बताया कि वे इनका उपयोग बच्चों को खरीदने के लिए करते हैं। वे जिनसे बच्चा लेते हैं, उन्हें बहला-फुसलाकर धोखे से ये नकली नोट दे देते हैं। जब तक बेचने वाला इन नोटों की असलियत समझ पाता है, वे बच्चे को लेकर दूर जा चुके होते हैं, और नकली नोटों के साथ पकड़े जाने के डर से कोई उनकी शिकायत भी नहीं करता।

1 hr ago
user_Faiz news
Faiz news
करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
1 hr ago

उत्तर प्रदेश की ट्रोनिका सिटी पुलिस टीम और स्वाट टीम ग्रामीण जोन ने मिलकर एक अंतर्राज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 11 दिन की अपहृत नवजात शिशु को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा गया। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 3 वाहन और 2 लाख 90 हजार रुपये के नकली नोट भी जब्त किए हैं। यह मामला तब सामने आया जब 26 मई 2026 को हीना नामक महिला ने थाना ट्रोनिका सिटी में शिकायत दर्ज कराई कि अभियुक्ता पूजा ने उसकी बच्ची को बिना बताए घर से ले जाकर मोनू उर्फ मनोज नाम के व्यक्ति को दे दिया था। इस तहरीर के आधार पर तत्काल थाना ट्रोनिका सिटी में धारा 137(2) और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर पुलिस टीमों का गठन किया गया था। सघन जांच और तकनीकी मदद से, 2 जून 2026 को पुलिस ने सुनील कुमार, संजय, राजेन्द्र सिंह, पवन कुमार, मनोज उर्फ मोनू, राबिया, विनीत कुमार, कृष्णा देवी, फरमीना, ज्योति, पूजा और कुमकुम सहित कुल 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इस बरामदगी के आधार पर, उपरोक्त अभियोग में धारा 179/143(4)/61 बीएनएस की वृद्धि की गई है और आगे की वैधानिक कार्यवाही जारी है। पूछताछ के दौरान, अभियुक्ता राबिया ने खुलासा किया कि उसने अपने जीजा शब्बीर की दूसरी पत्नी हीना को बहला-फुसलाकर यह यकीन दिलाया था कि वह अपने होने वाले बच्चे को उसे दे दे, जिसके बदले उसे अच्छे पैसे मिलेंगे और बच्चे का लालन-पालन बेहतर तरीके से होगा। राबिया ने हीना को यह भी बताया कि शब्बीर की पहली पत्नी से चार लड़कियां हैं और हीना से एक लड़का है। इन बातों से राबिया ने हीना को तैयार कर लिया था। बाद में उसने मानव तस्करी का काम चलाने वाले मोनू उर्फ मनोज और पूजा से बात की, जिन्होंने दो लाख रुपये में बच्चा लेने की सहमति दी। 23 मई 2026 को हीना ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद हीना का अपनी बच्ची के प्रति लगाव बढ़ गया और वह उसे देने में आनाकानी करने लगी। जब राबिया ने मोनू उर्फ मनोज से इस बारे में बात की, तो उसने दबाव बनाते हुए कहा कि अगर बच्ची नहीं मिली तो उसका पूरा सिस्टम फेल हो जाएगा और उसे हर हाल में बच्ची चाहिए। इसी के चलते राबिया ने हीना को बिना बताए उसकी बच्ची को उसके घर से उठा लिया और छिपते-छिपाते अपने साथ ले गई। अभियुक्ता राबिया ने बताया कि वे बच्ची को किसी 'पार्टी' को देने के लिए ट्रोनिका सिटी में मंदिर के पास एक सुनसान जगह पर आए थे। अभियुक्तगण कृष्णा देवी, सुनील, संजय और ज्योति इस अपहृत बच्ची को तरन्नुम, आरती और नदीम के माध्यम से राजू और दीप्ति को आंध्र प्रदेश ले जाकर बेचने की फिराक में थे। राबिया ने यह भी बताया कि मोनू उर्फ मनोज, पूजा, राजेन्द्र और कुमकुम अपनी टीम के सहयोग से पहले भी कई बच्चों को आंध्र प्रदेश में बेच चुके हैं। नकली नोटों के संबंध में पूछताछ करने पर, अभियुक्तों ने बताया कि वे इनका उपयोग बच्चों को खरीदने के लिए करते हैं। वे जिनसे बच्चा लेते हैं, उन्हें बहला-फुसलाकर धोखे से ये नकली नोट दे देते हैं। जब तक बेचने वाला इन नोटों की असलियत समझ पाता है, वे बच्चे को लेकर दूर जा चुके होते हैं, और नकली नोटों के साथ पकड़े जाने के डर से कोई उनकी शिकायत भी नहीं करता।

More news from दिल्ली and nearby areas
  • शाहदरा जिला पुलिस टीम ने एक त्वरित और सफल अभियान में 6 महीने के अगवा बच्चे को वारदात के महज 30 घंटे के भीतर सुरक्षित ढूंढ निकाला है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने बच्चे का अपहरण करने वाली महिला को भी तत्काल गिरफ्तार कर लिया। इस त्वरित कार्रवाई और बच्चे को सकुशल वापस लाने के लिए बच्चे की मां ने दिल्ली पुलिस के प्रयासों की जमकर सराहना की है।
    1
    शाहदरा जिला पुलिस टीम ने एक त्वरित और सफल अभियान में 6 महीने के अगवा बच्चे को वारदात के महज 30 घंटे के भीतर सुरक्षित ढूंढ निकाला है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने बच्चे का अपहरण करने वाली महिला को भी तत्काल गिरफ्तार कर लिया। इस त्वरित कार्रवाई और बच्चे को सकुशल वापस लाने के लिए बच्चे की मां ने दिल्ली पुलिस के प्रयासों की जमकर सराहना की है।
    user_Faiz news
    Faiz news
    करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    32 min ago
  • दिल्ली के साउथ जिले के मालवीय नगर इलाके में स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से कम से कम 21 लोगों की दुखद मौत हो गई है। इस घटना की सूचना सुबह 8:48 बजे मिली, जिसके बाद मौके पर दमकल की 10 गाड़ियाँ आग बुझाने के लिए पहुँचीं और लगभग 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, आग लगने का कारण अभी तक अज्ञात है, और मरने वालों में अधिकतम विदेशी नागरिक शामिल हैं।
    1
    दिल्ली के साउथ जिले के मालवीय नगर इलाके में स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से कम से कम 21 लोगों की दुखद मौत हो गई है। इस घटना की सूचना सुबह 8:48 बजे मिली, जिसके बाद मौके पर दमकल की 10 गाड़ियाँ आग बुझाने के लिए पहुँचीं और लगभग 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, आग लगने का कारण अभी तक अज्ञात है, और मरने वालों में अधिकतम विदेशी नागरिक शामिल हैं।
    user_Sanjay Khan
    Sanjay Khan
    शाहदरा, शाहदरा, दिल्ली•
    5 hrs ago
  • गाजियाबाद में 30/05/2026 को पुलिस को ग्राम खडखड़ी के अंडरपास के पास से ग्राम गनौली निवासी ओमकार नामक व्यक्ति के अपहरण की सूचना मिली, जिसमें फायरिंग का भी प्रयोग किया गया था। पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शुरुआती छानबीन में पाया कि आरोपी भी उसी गाँव के रहने वाले हैं। पुलिस ने परिवार से तहरीर प्राप्त होने के बाद तत्काल अभियोग पंजीकृत किया और इस मामले की जाँच के लिए कुल 10 टीमें गठित कीं, जिनमें ग्रामीण स्वाट और मुख्यालय की स्वाट टीम शामिल हैं। अपहरणकर्ता और अपहृत की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है। इसके अतिरिक्त, आसपास के नदी-नालों और नहरों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण जोन) श्री सुरेन्द्रनाथ तिवारी ने बताया कि तलाशी अभियान में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम की सहायता भी ली गई है, और टीमें लगातार सक्रिय हैं। इस मामले में अब तक षड्यंत्र में शामिल और आरोपियों को शरण देने वाले पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अपहृत की शीघ्र बरामदगी और शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें निरंतर प्रयासरत हैं, साथ ही अन्य छानबीन और वैधानिक कार्यवाही भी जारी है।
    1
    गाजियाबाद में 30/05/2026 को पुलिस को ग्राम खडखड़ी के अंडरपास के पास से ग्राम गनौली निवासी ओमकार नामक व्यक्ति के अपहरण की सूचना मिली, जिसमें फायरिंग का भी प्रयोग किया गया था। पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शुरुआती छानबीन में पाया कि आरोपी भी उसी गाँव के रहने वाले हैं।

पुलिस ने परिवार से तहरीर प्राप्त होने के बाद तत्काल अभियोग पंजीकृत किया और इस मामले की जाँच के लिए कुल 10 टीमें गठित कीं, जिनमें ग्रामीण स्वाट और मुख्यालय की स्वाट टीम शामिल हैं। अपहरणकर्ता और अपहृत की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है। इसके अतिरिक्त, आसपास के नदी-नालों और नहरों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण जोन) श्री सुरेन्द्रनाथ तिवारी ने बताया कि तलाशी अभियान में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम की सहायता भी ली गई है, और टीमें लगातार सक्रिय हैं। इस मामले में अब तक षड्यंत्र में शामिल और आरोपियों को शरण देने वाले पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

अपहृत की शीघ्र बरामदगी और शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें निरंतर प्रयासरत हैं, साथ ही अन्य छानबीन और वैधानिक कार्यवाही भी जारी है।
    user_Jurnalist sayyed Naeem
    Jurnalist sayyed Naeem
    लोनी, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बागपत में साइबर ठगों ने एक चौंकाने वाली वारदात को अंजाम देते हुए ललियाना चौकी प्रभारी अमित कुमार से ₹25 हजार की ठगी कर ली। यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि चौकी प्रभारी अमित कुमार साइबर ठगी से बचाव और जागरूकता की ट्रेनिंग दो बार ले चुके थे, बावजूद इसके वह ठगों के जाल में फँस गए। ठगों ने खुद को एसपी क्राइम बताकर अमित कुमार पर ऐसा दबाव बनाया कि दारोगा जी उनके झांसे में आ गए और उन्हें रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो इस मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई गई। यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी कितनी चालाकी से किसी को भी अपना शिकार बना सकते हैं। जिस पुलिस पर लोगों को साइबर ठगी से बचाने की जिम्मेदारी है, उन्हीं के एक अधिकारी को ठगों ने एसपी बनकर ₹25 हजार का चूना लगा दिया।
    1
    उत्तर प्रदेश के बागपत में साइबर ठगों ने एक चौंकाने वाली वारदात को अंजाम देते हुए ललियाना चौकी प्रभारी अमित कुमार से ₹25 हजार की ठगी कर ली। यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि चौकी प्रभारी अमित कुमार साइबर ठगी से बचाव और जागरूकता की ट्रेनिंग दो बार ले चुके थे, बावजूद इसके वह ठगों के जाल में फँस गए।

ठगों ने खुद को एसपी क्राइम बताकर अमित कुमार पर ऐसा दबाव बनाया कि दारोगा जी उनके झांसे में आ गए और उन्हें रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो इस मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई गई।

यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी कितनी चालाकी से किसी को भी अपना शिकार बना सकते हैं। जिस पुलिस पर लोगों को साइबर ठगी से बचाने की जिम्मेदारी है, उन्हीं के एक अधिकारी को ठगों ने एसपी बनकर ₹25 हजार का चूना लगा दिया।
    user_Akanksha Dwivedi
    Akanksha Dwivedi
    Beauty parlour Ghaziabad, Uttar Pradesh•
    14 min ago
  • शाहदरा जिला पुलिस ने अपहरण के 30 घंटे के भीतर एक 6 महीने के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। इस कार्रवाई के तहत एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है। बच्चे की माँ ने दिल्ली पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और बच्चे को सुरक्षित वापस लाने के लिए जमकर तारीफ की है।
    1
    शाहदरा जिला पुलिस ने अपहरण के 30 घंटे के भीतर एक 6 महीने के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। इस कार्रवाई के तहत एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है। बच्चे की माँ ने दिल्ली पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और बच्चे को सुरक्षित वापस लाने के लिए जमकर तारीफ की है।
    user_Faiz news
    Faiz news
    करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    52 min ago
  • गाजियाबाद के लोनी में ईद के अवसर पर पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया, जिसमें नगरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। हर साल की तरह इस बार भी बच्चों और बड़ों की अच्छी-खासी भीड़ मेले में जुटी, जहाँ दुकानें, झूले और विभिन्न खान-पान के स्टॉल लगे थे, जिससे त्योहार का आनंद दोगुना हो गया। मेले के ठेकेदार सलीम भाई ने बताया कि वह पिछले लगभग चार साल से लोनी में मेले आयोजित कर रहे हैं। इस वर्ष मेले के लिए हाजी बाबू की हड्डी की फैक्ट्री के सामने का स्थान चुना गया था, जिसे अधिक सुविधाजनक और सुलभ बताया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मेले का लुत्फ उठा सकें। सलीम ने पुलिस प्रशासन की भी तहे दिल से सराहना की, जिन्होंने मेले की व्यवस्था और सुरक्षा को बखूबी संभाला। उनके अनुसार, पुलिस द्वारा किए गए ट्रैफिक नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के अच्छे इंतज़ामों के कारण मेले का माहौल शांतिपूर्ण और आनंददायक बना रहा। स्थानीय निवासियों ने मेले के पारंपरिक झूलों, स्टॉलों और खान-पान की विविधता को सराहा, जिसने बच्चों और परिवारों को खूब आकर्षित किया। कई परिवारों ने मेले में तस्वीरें खिंचवाईं और स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया। कुछ दुकानदारों ने यह भी बताया कि प्रतिस्पर्धी गतिविधियों और विशेष छूटों के कारण इस बार बिक्री भी अच्छी रही। पुलिस ने जानकारी दी कि सार्वजनिक सुरक्षा और कोविड-19 संबंधित स्वास्थ्य निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया, साथ ही आपातकालीन स्थितियों के लिए मेडिकल और फायर टेंडर भी तैनात रखे गए थे। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने मिलकर आश्वासन दिया कि भविष्य के त्योहारों पर भी सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे ही समन्वित प्रयास जारी रहेंगे, ताकि नागरिक सुरक्षित और खुशी से उत्सव मना सकें। यह खास रिपोर्ट गाजियाबाद से राजू सैफी द्वारा दी गई है।
    1
    गाजियाबाद के लोनी में ईद के अवसर पर पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया, जिसमें नगरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। हर साल की तरह इस बार भी बच्चों और बड़ों की अच्छी-खासी भीड़ मेले में जुटी, जहाँ दुकानें, झूले और विभिन्न खान-पान के स्टॉल लगे थे, जिससे त्योहार का आनंद दोगुना हो गया।

मेले के ठेकेदार सलीम भाई ने बताया कि वह पिछले लगभग चार साल से लोनी में मेले आयोजित कर रहे हैं। इस वर्ष मेले के लिए हाजी बाबू की हड्डी की फैक्ट्री के सामने का स्थान चुना गया था, जिसे अधिक सुविधाजनक और सुलभ बताया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मेले का लुत्फ उठा सकें। सलीम ने पुलिस प्रशासन की भी तहे दिल से सराहना की, जिन्होंने मेले की व्यवस्था और सुरक्षा को बखूबी संभाला। उनके अनुसार, पुलिस द्वारा किए गए ट्रैफिक नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के अच्छे इंतज़ामों के कारण मेले का माहौल शांतिपूर्ण और आनंददायक बना रहा।

स्थानीय निवासियों ने मेले के पारंपरिक झूलों, स्टॉलों और खान-पान की विविधता को सराहा, जिसने बच्चों और परिवारों को खूब आकर्षित किया। कई परिवारों ने मेले में तस्वीरें खिंचवाईं और स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया। कुछ दुकानदारों ने यह भी बताया कि प्रतिस्पर्धी गतिविधियों और विशेष छूटों के कारण इस बार बिक्री भी अच्छी रही। पुलिस ने जानकारी दी कि सार्वजनिक सुरक्षा और कोविड-19 संबंधित स्वास्थ्य निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया, साथ ही आपातकालीन स्थितियों के लिए मेडिकल और फायर टेंडर भी तैनात रखे गए थे। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने मिलकर आश्वासन दिया कि भविष्य के त्योहारों पर भी सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे ही समन्वित प्रयास जारी रहेंगे, ताकि नागरिक सुरक्षित और खुशी से उत्सव मना सकें। यह खास रिपोर्ट गाजियाबाद से राजू सैफी द्वारा दी गई है।
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    19 hrs ago
  • अनूपशहर में अलीगढ़ रोड पर मंगलवार देर शाम करीब 6 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ एक लकड़ी की टाल की लगभग 15 फीट ऊँची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबकर वहीं काम कर रहे 40 वर्षीय मजदूर विक्रम (पुत्र श्यामलाल) की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक आशंका के अनुसार, यह हादसा पड़ोस के खेत में चल रही गहरी नींव की खुदाई की वजह से हुआ, जिसकी सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले और पुलिस में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और टाल मालिक सेवकचंद गुप्ता के बेटे राजीव गुप्ता ने बताया कि उनकी दीवार के ठीक बगल में फार्म हाउस मालिक जगपाल सिंह के भूखंड पर बिना किसी पूर्व सूचना के गहरी नींव की खुदाई की जा रही थी। इसी लापरवाही के कारण टाल का लेंटर और टीनशेड लगी 15 फीट ऊँची दीवार अचानक ढह गई। संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के करकोडा गाँव निवासी मृतक विक्रम उस समय वहीं काम कर रहा था। भारी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर विक्रम को बाहर निकाला और सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक विक्रम अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा और अविवाहित था। हादसे की मनहूस खबर जैसे ही विक्रम के पैतृक गाँव पहुँची, परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुँचे मृतक के पिता श्यामलाल का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने रुंधे गले से बताया कि उन्होंने विक्रम को अनूपशहर मजदूरी पर जाने से मना किया था और खेतों में पानी लगाने को कहा था, लेकिन वह नहीं माना और काम पर चला गया। पिता ने कहा कि अगर वह उनकी बात मान लेता, तो आज उसकी जान बच जाती। मजदूर की मौत की गंभीरता को देखते हुए, एसडीएम प्रियंका गोयल, सीओ विकास प्रताप चौहान और कोतवाली प्रभारी जितंद्र कुमार दुबे तत्काल भारी पुलिस बल व राजस्व टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। एसडीएम प्रियंका गोयल ने बताया कि मामले की जाँच शुरू कर दी गई है और फार्म हाउस मालिक जगपाल सिंह को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी मुआवजा भी दिलाया जाएगा।
    1
    अनूपशहर में अलीगढ़ रोड पर मंगलवार देर शाम करीब 6 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ एक लकड़ी की टाल की लगभग 15 फीट ऊँची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबकर वहीं काम कर रहे 40 वर्षीय मजदूर विक्रम (पुत्र श्यामलाल) की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक आशंका के अनुसार, यह हादसा पड़ोस के खेत में चल रही गहरी नींव की खुदाई की वजह से हुआ, जिसकी सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले और पुलिस में हड़कंप मच गया।

स्थानीय लोगों और टाल मालिक सेवकचंद गुप्ता के बेटे राजीव गुप्ता ने बताया कि उनकी दीवार के ठीक बगल में फार्म हाउस मालिक जगपाल सिंह के भूखंड पर बिना किसी पूर्व सूचना के गहरी नींव की खुदाई की जा रही थी। इसी लापरवाही के कारण टाल का लेंटर और टीनशेड लगी 15 फीट ऊँची दीवार अचानक ढह गई। संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के करकोडा गाँव निवासी मृतक विक्रम उस समय वहीं काम कर रहा था। भारी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर विक्रम को बाहर निकाला और सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक विक्रम अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा और अविवाहित था।

हादसे की मनहूस खबर जैसे ही विक्रम के पैतृक गाँव पहुँची, परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुँचे मृतक के पिता श्यामलाल का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने रुंधे गले से बताया कि उन्होंने विक्रम को अनूपशहर मजदूरी पर जाने से मना किया था और खेतों में पानी लगाने को कहा था, लेकिन वह नहीं माना और काम पर चला गया। पिता ने कहा कि अगर वह उनकी बात मान लेता, तो आज उसकी जान बच जाती।

मजदूर की मौत की गंभीरता को देखते हुए, एसडीएम प्रियंका गोयल, सीओ विकास प्रताप चौहान और कोतवाली प्रभारी जितंद्र कुमार दुबे तत्काल भारी पुलिस बल व राजस्व टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। एसडीएम प्रियंका गोयल ने बताया कि मामले की जाँच शुरू कर दी गई है और फार्म हाउस मालिक जगपाल सिंह को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी मुआवजा भी दिलाया जाएगा।
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.