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शाजापुर कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने बुधवार शाम 6 बजे आदेश जारी कर चिल्लर बांध बहु ग्राम पेयजल आपूर्ति योजना के तहत ग्राम उमरिया ताज में पानी की टंकी निर्माण के लिए शासकीय भूमि हस्तांतरित की है। शाजापुर तहसील के ग्राम उमरिया ताज में सर्वे क्रमांक 813 में स्थित 0.0520 हेक्टेयर भूमि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दी गई है। इस भूमि हस्तांतरण का मुख्य उद्देश्य योजना के तहत टंकी निर्माण के माध्यम से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करना है।
Govind kumbhkar
शाजापुर कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने बुधवार शाम 6 बजे आदेश जारी कर चिल्लर बांध बहु ग्राम पेयजल आपूर्ति योजना के तहत ग्राम उमरिया ताज में पानी की टंकी निर्माण के लिए शासकीय भूमि हस्तांतरित की है। शाजापुर तहसील के ग्राम उमरिया ताज में सर्वे क्रमांक 813 में स्थित 0.0520 हेक्टेयर भूमि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दी गई है। इस भूमि हस्तांतरण का मुख्य उद्देश्य योजना के तहत टंकी निर्माण के माध्यम से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करना है।
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- शाजापुर कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने बुधवार शाम 6 बजे आदेश जारी कर चिल्लर बांध बहु ग्राम पेयजल आपूर्ति योजना के तहत ग्राम उमरिया ताज में पानी की टंकी निर्माण के लिए शासकीय भूमि हस्तांतरित की है। शाजापुर तहसील के ग्राम उमरिया ताज में सर्वे क्रमांक 813 में स्थित 0.0520 हेक्टेयर भूमि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दी गई है। इस भूमि हस्तांतरण का मुख्य उद्देश्य योजना के तहत टंकी निर्माण के माध्यम से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करना है।1
- शाजापुर जिले में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने एकीकृत शासकीय हाई स्कूल नौलाया की वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या को एक बार फिर उजागर कर दिया है। गांव के बाहर स्थित बड़े नाले का पानी बारिश के कारण सीधे स्कूल के सामने से गुजरने वाली सड़क पर आ जाता है, जिससे यह मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। इस गंभीर स्थिति के चलते विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों को घुटनों तक पानी में होकर आवागमन करना पड़ता है। बारिश तेज होने की आशंका पर स्कूल प्रबंधन को कई बार विद्यार्थियों की समय से पहले छुट्टी करनी पड़ती है, क्योंकि पानी बढ़ने पर बच्चों का घर पहुंचना मुश्किल हो सकता है। इससे बरसात के दिनों में नियमित पढ़ाई बाधित होती है और विद्यार्थियों की शिक्षा पर गहरा असर पड़ता है। बुधवार को भी बच्चों और शिक्षकों को घुटनों तक भरे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ा, और कई अभिभावकों ने सुरक्षा कारणों से अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। यह समस्या केवल स्कूल तक ही सीमित नहीं है। इसी जलमग्न मार्ग पर स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था के कर्मचारियों को भी हर वर्ष भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। अधिक बारिश होने पर संस्था परिसर में पानी भर जाता है और कई बार गोदामों तक पानी पहुंचने से अनाज के भीगने तथा आर्थिक नुकसान की आशंका रहती है। पूर्व सरपंच ज्ञान सिंह मीणा और मनोहर सिंह परमार ने बताया कि तेज बारिश में कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, वहीं अभिभावकों को बारिश बढ़ने से पहले ही बच्चों को लेने स्कूल पहुंचना पड़ता है। इसी मार्ग से एक कॉलोनी का रास्ता भी गुजरता है, जिससे कॉलोनीवासियों को परेशानी होती है। पास के देवस्थान और शासकीय अस्पताल भी प्रभावित होते हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत आती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गंभीर समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। बारिश शुरू होते ही स्कूल और आसपास का पूरा क्षेत्र जलभराव की चपेट में आ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाले की उचित निकासी व्यवस्था सुधारने, सड़क का ऊंचीकरण करने और जल निकासी के लिए स्थायी निर्माण कराने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो और ग्रामीणों को भी आवागमन में राहत मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्रीय विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री भी इस समस्या से अवगत हैं, फिर भी स्थायी राहत नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों ने दोहराया है कि नाले की निकासी और सड़क के ऊंचीकरण से ही इस वार्षिक समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 9 जुलाई को कालापीपल दौरे से पहले, प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और यातायात को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस दौरे के मद्देनजर कालापीपल एक सुरक्षा छावनी में बदल गया है। प्रशासन द्वारा हेलीपैड से लेकर रोड शो मार्ग और सभा स्थल तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस की चप्पे-चप्पे पर तैनाती रहेगी, खासकर हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक हर जगह खाकी वर्दी नजर आएगी।1
- देवास जिले में दो अलग-अलग गतिविधियाँ सामने आई हैं। एक राम मंदिर में हुई चोरी के बाद शुद्धि हवन का आयोजन किया गया है। इसके अतिरिक्त, महिला आरक्षण के विषय पर एक पोस्ट कार्ड अभियान भी चलाया जा रहा है।1
- अगर-मालवा में कलेक्टर ने समूह महिलाओं के बीच ज़मीन पर बैठकर उनकी जमीनी हकीकत को समझा। इस दौरान उन्होंने महिलाओं द्वारा संचालित की जा रही आजीविका से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। कलेक्टर ने महिलाओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें जल्द से जल्द समाधान उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।1
- सुसनेर के संतोष कॉन्वेंट स्कूल में 'पुलिस की पाठशाला' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' पहल के तहत बच्चों को जागरूक किया। कार्यक्रम में SDOP भी उपस्थित रहे और उन्होंने बच्चों को शपथ दिलाई।1
- राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ लसुड़ल्या माना के राधेश्याम नामक व्यक्ति को सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया गया है। शासन के नुमाइंदों की इस कथित कारगुजारी के कारण, एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताकर उसे शासन की विभिन्न योजनाओं से वंचित कर दिया गया, जिसमें विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना शामिल है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित राधेश्याम, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने की शिकायत करने जनपद और तहसील कार्यालय पहुंचे। वहाँ के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि राधेश्याम की तो मृत्यु हो चुकी है और उनका कोई वारिस भी नहीं है, जिसे सुनकर फरियादी अवाक रह गए। राधेश्याम केवल पीएम आवास की शिकायत ही नहीं, बल्कि कीचड़ और नाली निर्माण से संबंधित समस्याओं को लेकर भी अधिकारियों के दफ्तर गए थे। इस गंभीर मामले को लेकर राजगढ़ कलेक्टर से जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत की गई है। शिकायत में अधिकारियों की इस "अजब कारगुजारी" पर तंज कसते हुए कहा गया है कि जब नरसिंहगढ़ क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें मृत घोषित ही कर दिया है, तो अब उनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी करवा दिया जाए। फरियादी ने राजगढ़ कलेक्टर से मामले की गहन जांच करवाने और उन अधिकारियों की पहचान कर उन पर उचित कार्यवाही करने की मांग की है जिन्होंने उन्हें सरकारी कागजों में "जिंदा मार दिया"।1
- शाजापुर में बुधवार दोपहर करीब 2 बजे मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर पटवारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम शाजापुर के एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से कैडर रिव्यू, प्रमोशन, समयमान वेतनमान, विभिन्न योजनाओं के मानदेय, जज प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने और स्थानांतरण नीति सहित कई अन्य लंबित समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। पटवारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आगे आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे।1