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कौशाम्बी जिले के सैनी कोतवाली क्षेत्र के मोहगारी गांव में बकरी बांधने के मामूली विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। मारपीट के दौरान शोहेल नामक एक युवक बेहोश भी हो गया। इस घटना में मंसूर, अमर, अमन और मुन्ना नामक व्यक्तियों पर मारपीट का आरोप लगा है। विवाद इतना बढ़ गया था कि इसमें दर्जनों महिला-पुरुष भी आमने-सामने आ गए। घटना का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आर्या शुक्ला पत्रकार दारानगर भारत न्यूज
कौशाम्बी जिले के सैनी कोतवाली क्षेत्र के मोहगारी गांव में बकरी बांधने के मामूली विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। मारपीट के दौरान शोहेल नामक एक युवक बेहोश भी हो गया। इस घटना में मंसूर, अमर, अमन और मुन्ना नामक व्यक्तियों पर मारपीट का आरोप लगा है। विवाद इतना बढ़ गया था कि इसमें दर्जनों महिला-पुरुष भी आमने-सामने आ गए। घटना का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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- कौशाम्बी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ थाना मंझनपुर क्षेत्र में हुई लूट की घटना का पुलिस ने सफल खुलासा किया। पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लूटा गया माल, नकदी, मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण के साथ-साथ अवैध तमंचे और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।1
- कौशाम्बी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहाँ मंझनपुर थाना क्षेत्र में एक सराफा व्यापारी से हुई लूट की घटना का महज चार दिनों के भीतर पर्दाफाश कर दिया गया है। मंझनपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कोर्रो रोड पर हुई एक मुठभेड़ के बाद दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लूटे गए आभूषण, ₹50,000 नकद, एक मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई है। इसके अतिरिक्त, उनके पास से अवैध तमंचे और कारतूस भी मिले हैं। पूछताछ के दौरान यह सामने आया है कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है। इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता को प्रदर्शित किया है।1
- ताजा राजनीतिक घटनाक्रम में, राहुल ने राजनाथ पर 'एक्शन' लिया है, जिसके बाद मोदी ने एक बड़ी बैठक बुलाई है। इस पूरे मामले में बिरला को नोटिस भी जारी किया गया है, और यह सवाल उठ रहा है कि क्या किसी की सांसदी रद्द हो जाएगी?1
- राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस के अवसर पर प्रयागराज-कौशांबी स्थित नारायण स्वरूप हॉस्पिटल और नारायण स्वरूप इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज ने एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ और जूनियर चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण तथा रोगी सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. राजीव सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी का व्यवहार, मधुर वाणी, संवेदनशीलता और सकारात्मक आश्वासन मरीज के उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। डॉ. सोनिया सिंह ने भी कहा कि मरीजों को सिर्फ दवाइयों की ही नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और आत्मीय व्यवहार की भी आवश्यकता होती है। समारोह के दौरान, बेस्ट आईसीयू डॉक्टर, बेस्ट डेडिकेटेड डॉक्टर, बेस्ट इमरजेंसी डॉक्टर, बेस्ट इमर्जिंग डॉक्टर, बेस्ट फीमेल डॉक्टर और बेस्ट ओपीडी डॉक्टर सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जूनियर डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। सभी चिकित्सकों ने एक-दूसरे को राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए समाज के प्रति अपने दायित्वों को दोहराया। वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. उमेश सिंह, डॉ. निकेश मिश्रा, डॉ. मोहम्मद तारिक, डॉ. पुष्कर केसरवानी, डॉ. शेफाली, डॉ. काव्या, डॉ. अमृता, डॉ. आकाश शाह, डॉ. आशीष राय, डॉ. जयकरण यादव, डॉ. सुषमा शुक्ला, डॉ. वंदिता ठाकुर, डॉ. त्रिलोकी चौबे, डॉ. अशरफ और डॉ. मसरूर ने अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने डॉक्टर बनने के संघर्षपूर्ण सफर, चिकित्सा सेवा के अनुभवों को साझा किया और मरीजों की सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए जूनियर डॉक्टरों को हमेशा सीखते रहने, विनम्र बने रहने तथा पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। जूनियर डॉक्टरों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नारायण स्वरूप हॉस्पिटल में उन्हें न केवल कार्य करने का अवसर मिलता है, बल्कि वरिष्ठ चिकित्सकों से निरंतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सीखने का मौका भी मिलता है। उन्होंने अस्पताल की सकारात्मक कार्य संस्कृति, टीम भावना और सहयोगात्मक वातावरण की सराहना की। नारायण स्वरूप अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव सिंह और प्रबंध निदेशक डॉ. सोनिया सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि 220 बेड वाले मल्टी एवं सुपर स्पेशियलिटी नारायण स्वरूप हॉस्पिटल की सबसे बड़ी शक्ति उसकी समर्पित टीम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल केवल डॉक्टरों से नहीं चलता, बल्कि गार्ड, रिसेप्शनिस्ट, वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ, ड्यूटी डॉक्टर, तकनीशियन, डायग्नोस्टिक टीम, कंसल्टेंट्स, सफाई कर्मचारी तथा प्रत्येक सहयोगी के संयुक्त प्रयासों से ही उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ संभव हो पाती हैं। डॉ. राजीव सिंह ने यह भी कहा कि जब कोई मरीज अस्पताल आता है, तो वह केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी डरा और चिंतित होता है। ऐसे समय में अस्पताल के प्रत्येक कर्मचारी का मधुर व्यवहार, संवेदनशीलता और सकारात्मक आश्वासन मरीज के उपचार में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने ज्ञान के साथ विनम्रता, सेवा के साथ संवेदनशीलता और कार्य के साथ मधुर व्यवहार को एक श्रेष्ठ चिकित्सक की पहचान बताया। डॉ. सोनिया सिंह ने दोहराया कि मरीज को दवाइयों के साथ-साथ विश्वास, सम्मान और आत्मीय व्यवहार की भी जरूरत होती है, और समर्पण व टीमवर्क से कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान समस्त नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने चिकित्सकों को पुष्पगुच्छ भेंट कर राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद केक कटिंग समारोह हुआ, जिसमें सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मानित चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र एवं अवार्ड प्रदान किए गए और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई। अस्पताल में इलाज करवा रहे कई मरीजों और उनके परिजनों ने भी चिकित्सकों को शुभकामनाएँ दीं तथा उनके समर्पण, सेवा भावना और सफल उपचार के लिए आभार व्यक्त किया। मरीजों ने कहा कि चिकित्सकों की निष्ठा, आत्मीय व्यवहार और निरंतर प्रयासों ने उन्हें नया जीवन और नई आशा प्रदान की है। कार्यक्रम का समापन सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों द्वारा रोगी सेवा, मानवीय मूल्यों, उत्कृष्ट चिकित्सा एवं टीम भावना के साथ कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।1
- एसपी सत्य नारायण के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस विशेष कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर 8 अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।1
- कौशांबी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र के उमरपुर गांव निवासी एक ट्रक चालक ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सौरभ नामक इस ट्रक चालक ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की, गाली-गलौज किया, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और उससे पैसे भी लिए। पीड़ित सौरभ पुत्र रामहित का कहना है कि वह जुआ नहीं खेल रहा था, बल्कि शौच के लिए एक बाग की ओर गया था। इसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ अभद्रता की। इस घटना के संबंध में सौरभ ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल, ये आरोप शिकायतकर्ता द्वारा ही लगाए गए हैं और इस मामले में पुलिस का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। बताया गया है कि तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।1
- कौशाम्बी जिले के खाचकीमई में विकसित भारत मिशन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प पर विशेष बल दिया गया। धर्मराज मौर्य ने खाचकीमई में विकसित भारत मिशन का विधिवत शुभारंभ किया और उपस्थित ग्रामीणों को इस अभियान के उद्देश्यों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सभी लोगों से सरकारी योजनाओं से जुड़ने का पुरजोर आह्वान भी किया। इसी अवसर पर, धर्मराज मौर्य ने एक वाटर कूलर का उद्घाटन भी किया। इस पहल से कौशाम्बी जिले में विकसित भारत अभियान को नई गति मिली है।1
- कौशाम्बी पुलिस ने मंझनपुर के समदा चौराहे पर 27 जून को एक ज्वैलर्स व्यापारी के साथ हुई लूट की घटना का बड़ा खुलासा किया है। एसओजी और मंझनपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान, बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दो शातिर बदमाश घायल हो गए और उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, पुलिस मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। गिरफ्तार किए गए इन बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने ₹50 हजार नकद, लूटा गया एक वीवो मोबाइल फोन, सोने-चांदी की सिल्ली, तथा 2 अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने कबूल किया है कि वे अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर प्रतापगढ़, प्रयागराज और कौशाम्बी सहित कई जिलों में लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। लूटे गए जेवरों को वे गलवाकर सिल्ली बनाकर बेच देते थे। फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के फरार सदस्यों और उन लोगों की तलाश में जुटी है जो लूटे गए जेवरों को गलाने का काम करते थे। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।4