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सकील अहमद
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- पत्रकारों के सवाल पूछने पर भागे BDO साहब “उत्तर प्रदेश के बहराइच से एक बार फिर भ्रष्टाचार की बड़ी खबर सामने आ रही है… जहां विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी भुगतान का आरोप लगा है। मामला ग्राम पंचायत का है… जहां कागजों में काम, और जमीन पर सच्चाई कुछ और ही दिखाई दे रही है।” “बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत में कई विकास कार्यों के नाम पर भारी अनियमितताएं की गई हैं। खुर्शीद के घर से मस्जिद तक नाली निर्माण… जमील के घर से कोली के घर तक इंटरलॉकिंग… हजारी के घर से माझी मुला की दुकान तक नाली और इंटरलॉकिंग… और डामर रोड से सत्तर के खेत तक खरंजा निर्माण जैसे कार्यों के नाम पर लाखों रुपये निकाले गए…” “लेकिन आरोप है कि इनमें से कई काम या तो अधूरे हैं… या फिर जमीन पर हुए ही नहीं हैं। इसके बावजूद पूरा भुगतान कर दिया गया।” “सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि सहकारी समिति से करीब 6 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकाले जाने का आरोप है… वहीं पंचायत भवन मरम्मत के नाम पर भी लाखों रुपये का गबन बताया जा रहा है।” “ग्राम प्रधान जैनुल आब्दीन पर आरोप है कि वर्ष 2021-22 से लेकर 2024-25 तक करोड़ों रुपये के फर्जी भुगतान किए गए… जिनका अधिकांश पैसा उनकी ही निजी फर्म ‘नूर ट्रेडर्स’ के खाते में ट्रांसफर किया गया।” “इतना ही नहीं… फर्जी मजदूर दिखाकर मजदूरी का पैसा अपने सगे भाई और भतीजे के खातों में डालने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही, एक ही काम के लिए ग्राम निधि और मनरेगा दोनों से भुगतान कराने की बात भी सामने आई है… जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।” “कटेला स्कूल में दिव्यांग शौचालय निर्माण के नाम पर 2022 से 2024 तक लगातार भुगतान निकाले जाने का भी मामला सामने आया है… जबकि काम अभी तक अधूरा बताया जा रहा है। इस पूरे मामले में बीडीओ और फोटो भी साक्ष्य के तौर पर बताए जा रहे हैं।” “जब इस मामले में पत्रकारों ने संबंधित अधिकारियों से बात करने की कोशिश की… तो अधिकारी जवाब देने से बचते नजर आए… और मौके से निकल गए।” “अब बड़ा सवाल ये है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर हुए इस कथित भ्रष्टाचार की जांच कब होगी… और दोषियों पर कार्रवाई कब होगी? फिलहाल… यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।”1
- Post by Saajan art1
- बहराइच के कतर्नियाघाट इलाके में शनिवार शाम दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां शादी में जा रहे 8 साल के मासूम पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। अयोध्यापुरवा गांव के अजमत अली ने बिना अपनी जान की परवाह किए खूंखार तेंदुए से सीधी भिड़ंत कर दी और बेटे को उसके जबड़ों से छीन लाए। इस हमले में मासूम फरजान के गले, सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं, हालत नाजुक बनी हुई है और उसे सीएचसी मिहीपुरवा में भर्ती कराया गया है। घटना के वक्त इलाके में बिजली गुल थी, अंधेरे का फायदा उठाकर तेंदुआ आबादी में घुस आया, जिससे गांव में दहशत फैल गई। गुस्साए ग्रामीणों ने लगातार हो रही बिजली कटौती पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से ठोस समाधान की मांग की है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल के परिजनों को तत्काल सहायता राशि दी गई। यह घटना एक बार फिर इंसान और जंगली जानवरों के बढ़ते संघर्ष की खौफनाक तस्वीर दिखा रही है।1
- बच्चों की सुरक्षा अब सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुकी है। शासन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में स्कूली वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। बहराइच में इस अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बहराइच में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने सड़क पर उतरकर स्कूली बसों की सघन चेकिंग की। इस दौरान कई स्कूल वाहनों में गंभीर खामियां पाई गईं। जांच में सामने आया कि कई बसें बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के चल रही थीं। कुछ के बीमा और परमिट की मियाद समाप्त हो चुकी थी, जबकि कई वाहनों में सुरक्षा उपकरण तक मौजूद नहीं थे। नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई करते हुए 6 स्कूली बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई से स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल वाहन चालकों को तत्काल अपने-अपने थानों से चरित्र सत्यापन कराना होगा। बिना वेरिफिकेशन के वाहन संचालन पर कार्रवाई तय है। परिवहन विभाग का यह अभियान 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक लगातार जारी रहेगा, जिसका मकसद है—स्कूली बच्चों को सुरक्षित सफर सुनिश्चित करना।3
- Post by सकील अहमद1
- प्रशासन की बड़ी कार्यवाही 6 स्कूली वाहन सीज़ बहराइच। बच्चों की सुरक्षा अब सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुकी है। शासन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में स्कूली वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। बहराइच में इस अभियान के तहत बड़ी कार्यवाही सामने आई है। जिसमें परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने सड़क पर उतरकर स्कूली बसों की सघन चेकिंग की। इस दौरान कई स्कूल वाहनों में गंभीर खामियां पाई गईं। जांच में सामने आया कि कई बसें बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के चल रही थीं। कुछ के बीमा और परमिट की मियाद समाप्त हो चुकी थी, जबकि कई वाहनों में सुरक्षा उपकरण तक मौजूद नहीं थे। नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्यवाही करते हुए 6 स्कूली बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। इस कार्यवाही से स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल वाहन चालकों को तत्काल अपने-अपने थानों से चरित्र सत्यापन कराना होगा। बिना वेरिफिकेशन के वाहन संचालन पर कार्रवाई तय है। परिवहन विभाग का यह अभियान 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक लगातार जारी रहेगा, जिसका मकसद है—स्कूली बच्चों को सुरक्षित सफर सुनिश्चित करना। पीटीओ अवध राज गुप्ता ने चेतावनी दी है की अनफिट वाहन चलाने पर FIR होगी, साथ ही ड्राइवरों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य है।3
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- Post by Latest news india1