चतरा के हंटरगंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है, जहां महज नौ दिनों के भीतर दो महिलाओं के बैंक खातों से बिना किसी ओटीपी, कॉल या लिंक पर क्लिक किए कुल 15 हजार रुपये की रहस्यमयी निकासी हो गई। ताजा मामला नावाडीह पंचायत के खूंटीकेवालकला गांव की रहने वाली आशा देवी का है। आशा देवी के भाई प्रमोद यादव ने 14 जुलाई को गूगल पे के माध्यम से उनके खाते में 11 हजार रुपये भेजे थे। जब वे राशि निकालने बैंक ऑफ इंडिया की हंटरगंज शाखा पहुंचीं, तो उन्हें पता चला कि खाते में केवल 1,880 रुपये बचे हैं। बैंक की जांच में सामने आया कि उसी दिन किसी प्राइवेट बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) संचालक के माध्यम से खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़िता के पास न तो एटीएम कार्ड है और न ही उन्होंने कोई ओटीपी या लिंक साझा किया था। इस घटना के बाद पीड़िता ने हंटरगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और बैंक ने सुरक्षा के लिहाज से उनका खाता ब्लॉक कर दिया है। इससे पहले 9 जुलाई को भी हंटरगंज थाना क्षेत्र के कोसमाही गांव की एक महिला के खाते से साइबर ठगों ने 5 हजार रुपये उड़ा लिए थे। बिना किसी सुरक्षा चूक के सीधे खातों से पैसे गायब होने की इन वारदातों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। आशंका जताई जा रही है कि साइबर अपराधी आधार आधारित भुगतान प्रणाली (AEPS) या बायोमेट्रिक क्लोनिंग जैसी तकनीकों का दुरुपयोग कर रहे हैं, हालांकि इसका वास्तविक खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। लगातार हो रही इन घटनाओं से बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और ग्रामीणों ने प्रशासन, पुलिस व बैंक अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
चतरा के हंटरगंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है, जहां महज नौ दिनों के भीतर दो महिलाओं के बैंक खातों से बिना किसी ओटीपी, कॉल या लिंक पर क्लिक किए कुल 15 हजार रुपये की रहस्यमयी निकासी हो गई। ताजा मामला नावाडीह पंचायत के खूंटीकेवालकला गांव की रहने वाली आशा देवी का है। आशा देवी के भाई प्रमोद यादव ने 14 जुलाई को गूगल पे के माध्यम से उनके खाते में 11 हजार रुपये भेजे थे। जब वे राशि निकालने बैंक ऑफ इंडिया की हंटरगंज शाखा पहुंचीं, तो उन्हें पता चला कि खाते में केवल 1,880 रुपये बचे हैं। बैंक की जांच में सामने आया कि उसी दिन किसी प्राइवेट बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) संचालक के माध्यम से खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़िता के पास न तो एटीएम कार्ड है और न ही उन्होंने कोई ओटीपी या लिंक साझा किया था। इस घटना के बाद पीड़िता ने हंटरगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और बैंक ने सुरक्षा के लिहाज से उनका खाता ब्लॉक कर दिया है। इससे पहले 9 जुलाई को भी हंटरगंज थाना क्षेत्र के कोसमाही गांव की एक महिला के खाते से साइबर ठगों ने 5 हजार रुपये उड़ा लिए थे। बिना किसी सुरक्षा चूक के सीधे खातों से पैसे गायब होने की इन वारदातों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। आशंका जताई जा रही है कि साइबर अपराधी आधार आधारित भुगतान प्रणाली (AEPS) या बायोमेट्रिक क्लोनिंग जैसी तकनीकों का दुरुपयोग कर रहे हैं, हालांकि इसका वास्तविक खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। लगातार हो रही इन घटनाओं से बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और ग्रामीणों ने प्रशासन, पुलिस व बैंक अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
- Birendra Yadavशालिग्राम राम नारायणपुर (हंटरगंज), चतरा, झारखंडthane wale ko saja honi chahia1 hr ago
- चतरा के इटखोरी बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी दिलीप सोनी की बाइक की डिक्की से करीब 60 लाख रुपये के जेवरात चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में उड़ीसा के जाखापुर थाना क्षेत्र के दशमनिया गांव निवासी दीपक प्रधान को गिरफ्तार किया है, जो कुख्यात गुलगुलिया गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपी कोई साधारण चोर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित अपराधी है। चतरा जिले के पत्थलगड़ा और जोरी में भी ज्वेलरी कारोबारियों को निशाना बनाने में इसकी संलिप्तता सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने वारदात से पहले व्यवसायी की दुकान और दिनचर्या की रेकी की थी। उसने ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश किया और आधा किलो चोरी का सोना सस्ते दाम पर बेचने का झांसा देकर व्यवसायी का विश्वास जीता। इसके बाद मौका मिलते ही वह डिक्की से जेवरात लेकर फरार हो गया। एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों को हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था, जहां उन्हें बिना नुकसान पहुंचाए बाइक और कार की डिक्की खोलने, भीड़ में पहचान छिपाने, रेकी करने और वारदात के बाद चंद मिनटों में फरार होने की तकनीक सिखाई जाती थी। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का संचालन उड़ीसा से गिरोह का सरगना आकाश प्रधान करता है। वह गिरोह के सदस्यों को अपराध करने के एवज में एक लाख रुपये प्रतिमाह तक का भुगतान करता था। गिरोह में दर्जनों युवक शामिल हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न राज्यों में भेजा जाता था। चतरा पुलिस इसे अपनी बड़ी सफलता मानते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और चोरी गए जेवरात की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।1
- बिहार के गया जिले में शेरघाटी के योगापुर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ खेत में काम करने के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के चार बच्चों के सिर से उनके पिता का साया उठ गया है।1
- चतरा पुलिस ने इटखोरी बाजार के एक स्वर्ण व्यवसायी से हुई लूट का खुलासा करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी दीपक प्रधान को ओडिशा के जाजपुर जिले से दबोचा है। आरोपी के पास से लूटे गए जेवरात, दो मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह घटना 12 जुलाई 2026 को हुई थी, जब इटखोरी चौक के रहने वाले व्यवसायी दिलीप कुमार सोनी से कलाली रोड पर बैग लूटा गया था। लूट की इस घटना के बाद एसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसने तकनीकी अनुसंधान की मदद से आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि इस गिरोह के सदस्य हैदराबाद में ताला खोलने और गाड़ी चलाने की ट्रेनिंग लेते हैं। वारदात को अंजाम देने से पहले वे इलाके की रेकी करते हैं और लूट के बाद सारा सामान अपने मुख्य सरगना को सौंप देते हैं। आरोपी ने गिद्धौर और पत्थलगड़ा में हुई लूट की घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। फिलहाल पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना आकाश की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है, जो अभी फरार है।1
- गया जी के वार्ड 38 में जन वितरण प्रणाली (PDS) पर कालाबाज़ारी के आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन की कार्यशैली और रुख पर सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर प्रशासन इस गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कब करेगा।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि यदि समय-समय पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, डिजिटल मीडिया, विजुअल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से आपदा से सावधानी और सतर्कता को एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान से जोड़ा जाए, तो इसका प्रभाव और अधिक व्यापक होगा।1
- गया के नीमचक बथानी स्थित सरस्वती विद्या निकेतन, बंडी को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किए जाने पर उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि मोहम्मद औरंगज़ेब ने कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूल बनने से पूरे क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी। मोहम्मद औरंगज़ेब ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि सभी को मिलकर इस विद्यालय को उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र बनाना होगा। इस उद्घाटन समारोह में प्रखंड प्रमुख अजय यादव, विधायक प्रतिनिधि मनोज कुशवाहा और मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद परवेज सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- चतरा के हंटरगंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है, जहां महज नौ दिनों के भीतर दो महिलाओं के बैंक खातों से बिना किसी ओटीपी, कॉल या लिंक पर क्लिक किए कुल 15 हजार रुपये की रहस्यमयी निकासी हो गई। ताजा मामला नावाडीह पंचायत के खूंटीकेवालकला गांव की रहने वाली आशा देवी का है। आशा देवी के भाई प्रमोद यादव ने 14 जुलाई को गूगल पे के माध्यम से उनके खाते में 11 हजार रुपये भेजे थे। जब वे राशि निकालने बैंक ऑफ इंडिया की हंटरगंज शाखा पहुंचीं, तो उन्हें पता चला कि खाते में केवल 1,880 रुपये बचे हैं। बैंक की जांच में सामने आया कि उसी दिन किसी प्राइवेट बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) संचालक के माध्यम से खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़िता के पास न तो एटीएम कार्ड है और न ही उन्होंने कोई ओटीपी या लिंक साझा किया था। इस घटना के बाद पीड़िता ने हंटरगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और बैंक ने सुरक्षा के लिहाज से उनका खाता ब्लॉक कर दिया है। इससे पहले 9 जुलाई को भी हंटरगंज थाना क्षेत्र के कोसमाही गांव की एक महिला के खाते से साइबर ठगों ने 5 हजार रुपये उड़ा लिए थे। बिना किसी सुरक्षा चूक के सीधे खातों से पैसे गायब होने की इन वारदातों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। आशंका जताई जा रही है कि साइबर अपराधी आधार आधारित भुगतान प्रणाली (AEPS) या बायोमेट्रिक क्लोनिंग जैसी तकनीकों का दुरुपयोग कर रहे हैं, हालांकि इसका वास्तविक खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। लगातार हो रही इन घटनाओं से बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और ग्रामीणों ने प्रशासन, पुलिस व बैंक अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।1
- बिहार के नवादा जिला के कौवाकोल में एक पत्नी द्वारा अपने पति की हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पत्नी ने अपने ही पति को मारकर उसके शव को मूंग के खेत में छुपा दिया था।1