बख्तियारपुर : अस्थायी बांस के पुल पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़; पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा। पटना के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के लखनपुरा गांव के सामने नैया बाबा मंदिर से उतरकर गंगा चैनल पार करने के लिए ग्रामीणों द्वारा बनाया गया बांस का अस्थायी पुल चैती छठ के दौरान लोगों के लिए सहारा बन गया। चैती छठ पूजा के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा की मुख्य धारा तक जाने के लिए इस पुल का उपयोग कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि यह बांस का पुल आपसी सहयोग से तैयार किया गया है, जिससे किसान खेतों तक जा सकें और लोग गंगा में स्नान कर सकें। छठ पर्व को लेकर अचानक भीड़ बढ़ने पर आसपास के ग्रामीण सक्रिय हो गए और प्रशासन को भी सूचना दी गई, ताकि पुल पर सुरक्षित तरीके से लोगों का आवागमन हो सके। सूचना मिलने पर आयुष श्रीवास्तव, देवानंद शर्मा और उज्ज्वल कांत समेत पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आपदा मित्र टीम, मनरेगा टीम और सैकड़ों ग्रामीणों की मदद से लोगों को धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से पुल पार कराया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस इलाके में गंगा चैनल के कारण खेतों तक पहुंचना कठिन हो गया है और स्थायी पुल नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी होती है। किसानों के अनुसार कृषि कार्य के लिए आने-जाने का एकमात्र सहारा नाव या इसी तरह के अस्थायी पुल ही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों और स्थानीय लोगों को भविष्य में परेशानी न हो। वहीं कुछ ग्रामीणों और महिलाओं ने गंगा को नजदीक लाने के प्रयासों पर भी सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
बख्तियारपुर : अस्थायी बांस के पुल पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़; पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा। पटना के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के लखनपुरा गांव के सामने नैया बाबा मंदिर से उतरकर गंगा चैनल पार करने के लिए ग्रामीणों द्वारा बनाया गया बांस का अस्थायी पुल चैती छठ के दौरान लोगों के लिए सहारा बन गया। चैती छठ पूजा के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा की मुख्य धारा तक जाने के लिए इस पुल का उपयोग कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि यह बांस का पुल आपसी सहयोग से तैयार किया गया है, जिससे किसान खेतों तक जा सकें और लोग गंगा में स्नान कर सकें। छठ पर्व को लेकर अचानक भीड़ बढ़ने पर आसपास के ग्रामीण सक्रिय हो गए और प्रशासन को भी सूचना दी गई, ताकि पुल पर सुरक्षित तरीके से लोगों का आवागमन हो सके। सूचना मिलने पर आयुष श्रीवास्तव, देवानंद शर्मा और उज्ज्वल कांत समेत पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आपदा मित्र टीम, मनरेगा टीम और सैकड़ों ग्रामीणों की मदद से लोगों को धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से पुल पार कराया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस इलाके में गंगा चैनल के कारण खेतों तक पहुंचना कठिन हो गया है और स्थायी पुल नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी होती है। किसानों के अनुसार कृषि कार्य के लिए आने-जाने का एकमात्र सहारा नाव या इसी तरह के अस्थायी पुल ही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों और स्थानीय लोगों को भविष्य में परेशानी न हो। वहीं कुछ ग्रामीणों और महिलाओं ने गंगा को नजदीक लाने के प्रयासों पर भी सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
- पटना के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के लखनपुरा गांव के सामने नैया बाबा मंदिर से उतरकर गंगा चैनल पार करने के लिए ग्रामीणों द्वारा बनाया गया बांस का अस्थायी पुल चैती छठ के दौरान लोगों के लिए सहारा बन गया। चैती छठ पूजा के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा की मुख्य धारा तक जाने के लिए इस पुल का उपयोग कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि यह बांस का पुल आपसी सहयोग से तैयार किया गया है, जिससे किसान खेतों तक जा सकें और लोग गंगा में स्नान कर सकें। छठ पर्व को लेकर अचानक भीड़ बढ़ने पर आसपास के ग्रामीण सक्रिय हो गए और प्रशासन को भी सूचना दी गई, ताकि पुल पर सुरक्षित तरीके से लोगों का आवागमन हो सके। सूचना मिलने पर आयुष श्रीवास्तव, देवानंद शर्मा और उज्ज्वल कांत समेत पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आपदा मित्र टीम, मनरेगा टीम और सैकड़ों ग्रामीणों की मदद से लोगों को धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से पुल पार कराया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस इलाके में गंगा चैनल के कारण खेतों तक पहुंचना कठिन हो गया है और स्थायी पुल नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी होती है। किसानों के अनुसार कृषि कार्य के लिए आने-जाने का एकमात्र सहारा नाव या इसी तरह के अस्थायी पुल ही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों और स्थानीय लोगों को भविष्य में परेशानी न हो। वहीं कुछ ग्रामीणों और महिलाओं ने गंगा को नजदीक लाने के प्रयासों पर भी सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।1
- 🚨 वैशाली में बड़ा सड़क हादसा, भगवानपुर अड्डा चौक के पास कार पलटी1
- Post by JMBNEWS1
- भारत पर क्या असर पड़ेगा? 1. ⛽ पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है भारत Middle East से तेल खरीदता है। अगर वहां युद्ध होता है: Oil supply disturb हो सकती है Petrol, diesel, LPG के दाम बढ़ सकते हैं 👉 इसका असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ेगा1
- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आपके किचन तक पहुंच चुका है। LPG गैस के दामों में भारी बढ़ोतरी, सप्लाई में कमी और लंबी कतारों ने देशभर में संकट खड़ा कर दिया है। मार्च 2026 में घरेलू सिलेंडर ₹60 महंगा हो गया है, वहीं व्यावसायिक सिलेंडर में ₹144 तक की बढ़ोतरी देखी गई है। पटना, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में हालात गंभीर हैं। इस संकट का सबसे ज्यादा असर बिहार के मजदूरों और छात्रों पर पड़ रहा है— 👉 सूरत और मुंबई से मजदूरों का पलायन शुरू 👉 पटना में छात्र गैस के अभाव में भूखे सोने को मजबूर 👉 छोटे उद्योग ठप, रोजगार पर संकट सरकार ने राहत के लिए सब्सिडी बढ़ाई है और कोटा में 20% इजाफा किया है, लेकिन जमीनी हालात अभी भी चिंताजनक हैं। क्या है इस संकट की असली वजह? क्या है सरकार का समाधान? और बिहार पर इसका कितना गहरा असर पड़ रहा है?1
- मोरा तालाब पहुंचा जदयू प्रवक्ता भवानी सिंह, उगते सूर्य को अर्घ्य देकर की सुख-शांति की कामना, एंकर, नालंदा जिला अंतर्गत रहुई प्रखंड के मोरा तालाब देव नागरी पहुंचा जदयू प्रवक्ता भवानी सिंह, जहां उन्होंने उदीयमान सूर्य भास्कर को अर्घ्य देकर जिले में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं नालंदा जिला के सोहसराय सूर्य मंदिर तालाब, अखाड़ा पर सूर्य तालाब, औंगारी धाम सूर्य तालाब, बड़गांव सूर्य तालाब, नूरसराय सूर्य घाट तालाब समेत विभिन्न छठ घाटों पर चार दिवसीय चैती छठ महापर्व 25 मार्च को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न हो गया। इस मौके पर व्रती पूजा कुमारी, सरिता देवी, जुली कुमारी, जयंती देवी, अंशु सिन्हा और दिव्या देवी ने बताया कि 22 मार्च से शुरू हुए इस महापर्व में व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर छठी मैया और भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की। व्रतियों के अनुसार नालंदा, बिहार, झारखंड, बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न छठ घाटों पर भारी भीड़ रही और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चैती छठ महापर्व के अंतिम दिन यानी 25 मार्च को व्रतियों ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया और पारण कर व्रत तोड़ा। इसके साथ ही चार दिवसीय चैती छठ महापर्व सुख-शांति और श्रद्धा के साथ संपन्न हो गया।1
- फतुहा, पटना। चैती छठ महाव्रत के पावन अवसर पर फतुहा स्थित गंगा घाटों पर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अस्तलगामी भगवान भास्कर को प्रथम अर्घ्य अर्पित करने के लिए हजारों व्रतधारी गंगा तट पर एकत्र हुए और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। गंगा तट पर भक्तों ने सूप में नारियल, फल-फूल और ठेकुआ सजाकर भगवान सूर्य और छठी मैया को अर्घ्य अर्पित किया। पूरे वातावरण में छठी मैया के भक्ति गीतों और जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। व्रतधारियों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। दोपहर बाद से ही शहर के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र आस्था के रंग में रंगा नजर आया। घाटों पर साफ-सफाई और सजावट की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरा इलाका उत्सव जैसा प्रतीत हो रहा था। सूर्यास्त के समय जैसे ही भगवान भास्कर जल में समाने लगे, व्रतधारियों ने एक साथ अर्घ्य देकर अपनी गहरी आस्था प्रकट की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए। इस अवसर पर श्री श्री छठ पूजा समिति सेवन स्टार क्लब के तत्वावधान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर परिषद फतुहा के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि टुनटुन यादव ने पूजन सामग्री वितरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने की, जबकि कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। श्रद्धालुओं के बीच पूजन सामग्री का वितरण किया गया और सभी ने एक-दूसरे को छठ पर्व की शुभकामनाएं1
- "पटना की बेऊर जेल से रिहाई के बाद पूर्व विधायक अनंत सिंह का जलवा एक बार फिर सड़कों पर नजर आ रहा है। आज सुबह जब उनका काफिला मोकामा के लिए निकला, तो बख्तियारपुर के सबनीमा गांव में नजारा देखने लायक था। जदयू नेता संजय सिंह के आवास पर समर्थकों का समंदर उमड़ पड़ा। जैसे ही अनंत सिंह अपनी लैंड क्रूजर से उतरे, 'शेरे बिहार' और 'छोटे सरकार' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों के बीच समर्थकों ने अपने नेता का फूल-मालाओं से स्वागत किया। सैकड़ों गाड़ियों के काफिले और भारी सुरक्षा के बीच अनंत सिंह ने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और फिर मोकामा के लिए रवाना हो गए।"1