अनुपपुर जिले की ग्राम पंचायत बदरा में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) का जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह ने इस मिशन को अत्यंत प्रशंसनीय और दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि आज का दिन देश, प्रदेश, जिले और विशेष रूप से ग्रामीण भारत के लिए एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में इतिहास में दर्ज होगा, क्योंकि गाँवों की समृद्धि ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। श्रीमती सिंह ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है, और इस लक्ष्य की प्राप्ति का मार्ग ग्रामीण भारत के समग्र विकास से होकर गुजरता है, जिसमें यह मिशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीबी-जी रामजी मिशन केवल रोजगार प्रदान करने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण आत्मनिर्भरता, सशक्तिकरण और समावेशी विकास का एक सशक्त माध्यम है। इसके तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण को रोजगार के अवसर मिलेंगे, हर परिवार के सम्मान और आर्थिक सुदृढ़ता को बल मिलेगा, तथा ग्राम विकास की प्रक्रिया में ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी ने कहा कि भारत का वास्तविक हृदय उसके ग्रामीण क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों में बसता है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक पात्र हितग्राही को 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। श्रीमती कुमारी ने आगे कहा कि विकसित ग्राम पंचायतें ही विकसित भारत की आधारशिला हैं, और यह मिशन प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगा। श्रीमती अर्चना कुमारी ने ग्रामीणों को मिशन के चार प्रमुख घटकों – जल सुरक्षा, मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन, और मौसमी एवं प्राकृतिक आपदाओं से बचाव – के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन घटकों के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा, और ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनेगी।
अनुपपुर जिले की ग्राम पंचायत बदरा में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) का जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह ने इस मिशन को अत्यंत प्रशंसनीय और दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि आज का दिन देश, प्रदेश, जिले और विशेष रूप से ग्रामीण भारत के लिए एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में इतिहास में दर्ज होगा, क्योंकि गाँवों की समृद्धि ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। श्रीमती सिंह ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है, और इस लक्ष्य की प्राप्ति का मार्ग ग्रामीण भारत के समग्र विकास से होकर गुजरता है, जिसमें यह मिशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीबी-जी रामजी मिशन केवल रोजगार प्रदान करने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण आत्मनिर्भरता, सशक्तिकरण और समावेशी विकास का एक सशक्त माध्यम है। इसके तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण को रोजगार के अवसर मिलेंगे, हर परिवार के सम्मान और आर्थिक सुदृढ़ता को बल मिलेगा, तथा ग्राम विकास की प्रक्रिया में ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी ने कहा कि भारत का वास्तविक हृदय उसके ग्रामीण क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों में बसता है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक पात्र हितग्राही को 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। श्रीमती कुमारी ने आगे कहा कि विकसित ग्राम पंचायतें ही विकसित भारत की आधारशिला हैं, और यह मिशन प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगा। श्रीमती अर्चना कुमारी ने ग्रामीणों को मिशन के चार प्रमुख घटकों – जल सुरक्षा, मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन, और मौसमी एवं प्राकृतिक आपदाओं से बचाव – के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन घटकों के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा, और ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनेगी।
- अनुपपुर जिले की ग्राम पंचायत बदरा में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) का जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह ने इस मिशन को अत्यंत प्रशंसनीय और दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि आज का दिन देश, प्रदेश, जिले और विशेष रूप से ग्रामीण भारत के लिए एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में इतिहास में दर्ज होगा, क्योंकि गाँवों की समृद्धि ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। श्रीमती सिंह ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है, और इस लक्ष्य की प्राप्ति का मार्ग ग्रामीण भारत के समग्र विकास से होकर गुजरता है, जिसमें यह मिशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीबी-जी रामजी मिशन केवल रोजगार प्रदान करने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण आत्मनिर्भरता, सशक्तिकरण और समावेशी विकास का एक सशक्त माध्यम है। इसके तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण को रोजगार के अवसर मिलेंगे, हर परिवार के सम्मान और आर्थिक सुदृढ़ता को बल मिलेगा, तथा ग्राम विकास की प्रक्रिया में ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी ने कहा कि भारत का वास्तविक हृदय उसके ग्रामीण क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों में बसता है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक पात्र हितग्राही को 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। श्रीमती कुमारी ने आगे कहा कि विकसित ग्राम पंचायतें ही विकसित भारत की आधारशिला हैं, और यह मिशन प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगा। श्रीमती अर्चना कुमारी ने ग्रामीणों को मिशन के चार प्रमुख घटकों – जल सुरक्षा, मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन, और मौसमी एवं प्राकृतिक आपदाओं से बचाव – के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन घटकों के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा, और ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनेगी।1
- ग्राम गोंडा बरबसपुर में एक गुमशुदा बैल मिला है। जानकारी के अनुसार, इस बैल की नीलामी सरपंच के माध्यम से की जा चुकी है। बैल के असली मालिक से अनुरोध किया गया है कि वे ग्राम गोंडा बरबसपुर आकर भुगतान करें और अपने बैल को वापस ले जाएं।1
- गुरुवार को लगभग 3 बजे, कांग्रेस कौमी एकता के सदस्य शहडोल स्थित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुँचे। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें यह उल्लेख किया गया कि शहडोल संभाग में इन दिनों अवैध रूप से गौ तस्करी की जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से, कांग्रेस कौमी एकता के लोगों ने इस अवैध गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई कर लगाम लगाने की पुरजोर माँग की है। इस दौरान कांग्रेस कौमी एकता के कई लोग उपस्थित थे।1
- शहडोल जिले में एक वायरल वीडियो को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक वरिष्ठ डॉक्टर की कार ने एक गाय को टक्कर मारकर घायल कर दिया। वायरल वीडियो के आधार पर, यह आरोप लगाया गया है कि डॉक्टर ने गाय को टक्कर मारने के बाद उसे मौके पर ही छोड़ दिया और वहां से चले गए, जिससे घटना के बारे में गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।1
- कोरिया जिले में हुई अत्यधिक वर्षा के कारण एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहाँ लोग सड़कों पर ही मछली पकड़ने लगे। यह स्थिति जिले में हुई अधिक बारिश का सीधा परिणाम रही।1
- गुरुवार को उमरिया के नौरोजाबाद नगर पंचायत क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पानी टंकी चौराहा से इंदिरा पार्क तक हल्ला बोल रैली निकाली, जिसके बाद वे नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान सड़क निर्माण में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए, और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। कांग्रेस का आरोप है कि लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से बन रही करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में टेंडर की शर्तों और तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग हो रहा है और सामग्री का मिश्रण भी निर्धारित अनुपात के अनुसार नहीं किया जा रहा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों के अनुसार सड़क निर्माण कार्य आधुनिक मशीनों से कराया जाना था, लेकिन नगर पंचायत के अधिकारियों और ठेकेदार की कथित मिलीभगत से मशीनों के बजाय मजदूरों से काम कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, रात के समय कराए जा रहे निर्माण कार्य से भी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की जांच नहीं कराई गई, तो भविष्य में यह सड़क आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनेगी। उन्होंने मांग की है कि सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों तथा ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय कॉल, संगठन महामंत्री पुष्पराज सिंह, जिला पंचायत सदस्य सावित्री सिंह, संजय अग्रवाल, रमेश सिंह परस्ते, अशोक मिश्रा, वीरेंद्र सिंह सेंगर, मिथलेश राय, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अम्बुज सिंह, विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।4
- उमरिया जिले के नौरोजाबाद में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनसमस्याओं और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में एक बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और नगर परिषद नौरोजाबाद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जनहित के विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था से आम नागरिक परेशान हैं। उनका कहना था कि सरकार जनता की मूलभूत आवश्यकताओं और समस्याओं के समाधान में गंभीरता नहीं दिखा रही है। विशेष रूप से नगर परिषद नौरोजाबाद की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए, नेताओं ने पेयजल संकट, जर्जर सड़कें, साफ-सफाई की कमी, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और नालियों की नियमित सफाई न होने से नागरिकों को हो रही परेशानी को उजागर किया। उनका यह भी आरोप था कि इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी जोड़ा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों तक पूरी तरह नहीं पहुँच रहा है। धरना-प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में नगर परिषद नौरोजाबाद की मूलभूत समस्याओं के शीघ्र समाधान, किसानों को राहत, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, महंगाई पर नियंत्रण और कथित भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी और जनहित के मुद्दों को लेकर व्यापक स्तर पर संघर्ष करेगी। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन द्वारा पुलिस बल तैनात किया गया था, और यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।4
- अनूपपुर जिले में वर्षा ऋतु की शुरुआत के साथ ही सांपों का अपने आवास स्थानों से भोजन की तलाश में बाहर निकलना बढ़ गया है, जिसके परिणामस्वरूप सर्पदंश की घटनाओं में भी तेजी आई है। पिछले एक माह के दौरान जिले में सर्पदंश के 50 से अधिक पीड़ितों को जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी, कोतमा, पुष्पराजगढ़ और अन्य प्राथमिक चिकित्सालयों में उपचार के बाद स्वस्थ किया गया है, जबकि पांच लोगों की जान चली गई है। मृतकों में तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, जिनकी मृत्यु अत्यंत जहरीले करैत (डंडा करायल) सांप के नाजुक अंगों पर काटने और अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण हुई। वन्यजीव संरक्षक एवं सर्पप्रहरी शशिधर अग्रवाल ने अपने सहयोगी छोटेलाल यादव, मनोज यादव, धर्मेंद्र यादव और लालदास सिंह के साथ मिलकर पिछले दो दिनों में अनूपपुर नगर और आसपास के ग्रामीण अंचलों से 20 से अधिक सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर वनांचल क्षेत्र में स्वतंत्र विचरण हेतु छोड़ दिया है। इसी क्रम में, सर्पप्रहरियों ने सांपों की पहचान और बचाव से संबंधित जन जागरूकता अभियान चलाते हुए जिला चिकित्सालय अनूपपुर की पुलिस चौकी में डॉ. आरके वर्मा, डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. प्रवीण भगत, डॉ. एमडी औजेर और नर्सिंग स्टाफ के समक्ष 9 कोबरा नाग, रसल वाईपर, धामन और बैडेड कुकरी सहित कुल 12 सांपों का प्रदर्शन किया। इस दौरान सांपों की पहचान, उनके स्वभाव, सर्पदंश से बचाव के तरीके और पीड़ित व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने की जानकारी दी गई। डॉ. प्रवीण शर्मा ने सर्पदंश पीड़ितों को दी जाने वाली औषधि के संबंध में बताया और आम जनता से अपील की कि सर्पदंश होने पर पीड़ित व्यक्ति को समय पर शासकीय चिकित्सालय में उपचार के लिए पहुंचाया जाए।1